मूंगा रत्न के फायदे नुकसान और सरल पहचान | Red Coral Benefits and Demerits

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मूंगा रत्न

मूंगा रत्न क्या है इसके बारे में | Red Coral – Moonga

यह मूंगा रत्न सभी रत्नों में सबसे उच्च कोटि का माना जाता है। इस मूंगा रत्न को हम इंग्लिश में कोरल कहते है। यह रत्न समुद्र में अन्दर कई फीट नीचे गहरी चट्टानों के अन्दर पाया जाता है। ज्यादातर इस रत्न को 6 से 7 सौ फीट नीचे पाया जाता है और यह रत्न एक विशेष प्रकार के जन्तुओं के माध्यम से बनाया जाता है। इस रत्न को बनाने वाले जन्तुओं के घरों को आइसिस नोबाइल्स या मूंगा रत्न की बेल भी कहते हैं। यह रत्न मंगल गृह का प्रतिरूप माना जाता है। सुमुद्र में पाया जाने वाला यह मूंगा रत्न जिसकी लम्बाई 2 से 3 फीट तथा चौड़ाई 0.5 से 1 इंच तक होती है। समुद्र के अंदर उगने वाली इस वनस्पति को बहार निकालकर तथा काट कर मूंगा रत्न ( Red Coral ) की रचना की जाती है।

यह मूंगा रत्न किसी भी रत्न कमी तरह रासायनिक पधार्थो से मिलकर नही बना है। जब यह मूंगा रत्न अच्छी तरह पक जाता है तब इस मूंगा रत्न (Red Coral)को मनचाह रूप यानी आकार दिया जा सकता है। इस रत्न का रंग लाल होता है और इस रत्न का स्वामी मंगल जो की पुलिस , सेना , प्रशासन , मकान , भूमि , भवन निर्माण आदि का कारक होता है। क्यूंकि यह मूंगा रत्न एक ऐसा रत्न है जिसके व्यक्ति को धारण करने के बाद अनेको प्रकार के फायदे मिलते है। लेकिन विशेष बात यह है की इस मूंगा को समुद्र की सबसे अधिक गहराई में पाया जाता है तो इसका रंग हल्का होगा और यदि यह कम गहराई में पाया जाता है तो इसका रंग चटक होता है।

इस मूंगा रत्न को ज्यादातर इटली जापान , हिन्द महासागर के सिवा भू मध्य सागर के तटवर्ती छेत्र जैसे अल्जीरिया , सिग्ली के कोरल सागर तथा ईरान की खाड़ी में पाया जाता है। यहाँ अलग अलग जगहों पर मिलने वाले मूंगा रत्न का रंग भी कभी कभी अलग होता है जैसे – गेरुआ , सफ़ेद अथवा सिंदूरी काले रंग का भी होता है तथा जब यह मूंगा रत्न समुद्र के पानी से बाहर निकलता है तब यह बाहर की हवा के संपर्क में आता है जिससे इसकी कठोरता बहुत अधिक बढ़ जाती हैं। इस रत्न को व्यक्ति जभी धारण करे जब उसके जीवन में मंगल गृह की दशा उसकी कुंडली में ख़राब चल रही हो।

अगर आप तब इसे धारण कर लेते है तो आपके निजी जीवन में हो रही सभी समस्यां खत्म हो जायगी और आप अपने जीवन में ख़ुशी का अनुभव कर पायंगे। लेकिन सबसे जरुरी बात तो यह है की इसे धारण करने से अपनी कुंडली को किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से अवश्य दिखवा लें की आप यह मूंगा पहन सकते है या नही।


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इस लेख में आपको इन सबके उत्तर मिलेंगे

  • मूंगा रत्न के नुकसान
  • तिकोना मूंगा के फायदे
  • सफेद मूंगा के फायदे
  • मूंगा रत्न की कीमत क्या है
  • मूंगा रत्न किस राशि के लिए
  • रत्न पहनने के नुकसान
  • मूंगा किस उंगली में पहने
  • मूंगा और पुखराज एक साथ पहनने के लाभ
  • मूंगा रत्न पहनने की विधि

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मूंगा रत्न का तकनीकी विज्ञान | Structure of Red Coral – Moonga

यह मूंगा समुद्र की गहराई पर चट्टानों के नीचे पाया जाता है। यह मूंगा रत्न एक प्रकार से कैल्शियम कार्बोनेट है। इस रत्न का रासायनिक सूत्र ( CaCO3 ) है। इस रत्न कि कठोरता मोहस स्केल के द्वारा नापने पर 3.5 से 4 तक होती है। इस मूंगा रत्न कि जो अपवर्तन सूचकांक की सीमा होती है वो 1.486 से 1.658 तक के बीच में होती है तथा इस रत्न का घनत्व 2.65 होता है। इस रत्न कि जो ख़ास पहचान है वो है इसका लाल रंग। इस रत्न का उपयोग महंगे जवाहरात बनाने में किया जाता है। रत्नों में भी क्वालिटी होती है वैसे ही यह मूंगा रत्न श्रीलंका में अपनी सबसे अच्छी क्यालिटी के लिए मशहूर है। इस कारण इस रत्न कि बाजार में बहुत ज्यादा डिमांड होती है। और यह अमेरिका , ब्राजील तथा भारत में भी पाया जाता है। 


मूंगा रत्न के फायदे | Benefits of Red Coral Moonga

मूंगा रत्न का स्वामी मंगल है और इस रत्न को मंगल ग्रह का प्रति रूप भी कहा जाता है। इस मूंगा रत्न को कार्यों को पूरा तथा उर्जा प्राप्त करने के लिए भी जाना जाता है। जब भी कोई व्यक्ति इस रत्न को पहने उससे पहले अपनी कुंडली किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य को दिखवा ले की यह आपके लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक उसके बाद ही इसे धारण करे। और इस रत्न के फायदे भी आपको जभी मिलेंगे जब आप इसे विधि पूर्वक धारण करेंगे।

मूंगा जातक के मांगलिक दोष के निवारण के लिए भी काम आता है पर आपको यह जान लेना बहुत ज़रूरी है कि आपकी कुंडली में मांगलिक दोष है या योग। इस पुरे संसार में पाए जाने वाले सभी रत्नों के बहुत से फायदे होते है तथा बहुत से नुक्सान भी होते है ऐसे ही हम आपको इसके फायदों के बारे में नीचे दिए गए बिंदुओं में बतायंगे। कृपया नीचे दिए गए बिंदुओं को ध्यान से पढ़े। 


प्रथन भाव के लिए मूंगा रत्न के फायदे | Benefit of Red Coral Moonga for first house

जब मूंगा के स्वामी मंगल किसी व्यक्ति की कुंडली में प्रथम भाव या हम कह सकते है की लग्न भाव में होते है तब व्यक्ति को सबसे ज्यादा शारीरिक परेशानियाँ होती है। जैसे- व्यक्ति के चहरे में कोई समस्या हो सकती है , खून की कमी, अस्थिमज्जा, पीलिया, मिर्गी, पईल्स, अल्सर यानी फेफड़े से जुडी कोई परेशानी तथा सर से सम्बन्धित बीमारियां व्यक्ति को कमजोर बना देती हैं। जिससे व्यक्ति बहुत अहंकारी हो जाता है उसे गुस्सा आने लगता है।

ऐसे में व्यक्ति कभी भी कोई काम करता है तो व्यक्ति के अहंकार तथा गुस्से के कारण उसका कोई भी काम सफल नही होता है। उसे हर काम में नुक्सान होता है तथा लोग उसके साथ धोखा करने लगते है। और वह हर स्थिति में कमजोर पड़ जाता है। इस परिस्थिति के कारण व्यक्ति अपना आत्मविश्वाश खो देते हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को मूंगा अवश्य पहनना चाहिये जिससे उसके जीवन में हो रहीं शारीरिक तथा काम काज से जुडी समस्याओं का निवारण हो सके। लेकिन इसको धारण करने से पहले एक बार किसी भी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से परामर्श जरुर ले लें।


द्वितीय भाव के लिए मूंगा रत्न के फायदे | Benefit of Red Coral Moonga for Second house

मंगल जब व्यक्ति के धन्स्थान यानी द्वर्तिये स्थान में होता है तो उस व्यक्ति के जीवन में हो रहे हर काम काज में धन से जुडी समस्यां उत्पन्न होंगी। लेकिन जब व्यक्ति ऐसी स्थति में मूंगा धारण कर लेता है। तब उसे हर काम में लाभ होने लगता है। यह व्यक्ति की शारीरिक छमता बढाता है। तथा हड्डियों को मजबूत बनाता है। लेकिन बहुत से व्यक्ति ऐसे होते है जिन्हें बहुत बड़ी धन हानि हो चुकी होती है तथा वो कर्जदार होते है ऐसे में व्यक्ति मूंगा रत्न अवश्य धारण करें।

यह रत्न इतना शक्तिशाली तथा प्रभावशाली होता है की व्यक्ति को हुई बड़ी से बड़ी धन हानि तथा कर्ज सब से मुक्त हो जाता है। लेकिन व्यक्ति को बिना किसी ज्योतिष परामर्श के यह रत्न नही पहनना चाहिये जब व्यक्ति ज्योतिष परामर्श से पहने गा तब वह व्यक्ति अपने जीवन में सुख का अनुभव कर पायगा। 


तृतीय भाव के लिए मूंगा रत्न के फायदे| Benefit of Red Coral Moonga for third house

जब  व्यक्ति की कुंडली में मंगल का बुरा प्रभाव होगा तथा वह सहज भाव में होगा तब व्यक्ति के जीवन में हर वो काम जिससे उसकी उनत्ति होगी वे सब काम असफल हो जायगें। उसे सारे धन्दों में नुक्सान होगा तथा उसके साथ कोई भी काम नही करेगा। ऐसे व्यक्ति को इस परिस्थिति में कोई भी नया काम सुरु नही करना चाहिये। यदि वह करेगा तो सिर्फ नाकामियाब होगा जिससे उस व्यक्ति के ऊपर चिंताओं का पहाड़ टूट पड़ेगा।

वह जातक हमेशा उदास रहेगा या तो फिर वह डिप्रेसन का सिकार हो सकता है। जिससे वह अपने काबू को खो देता है। ऐसे में वह किसी का समर्थन नही करता और किसी के संपर्क में भी नही आता है वह सिर्फ अकेला रहना पसंद करने लगता है। यदि व्यक्ति इन सभी परेशानियों से मुक्ति पाना चाहते है तो किसी अनुभवी ज्योतिष से परामर्श लेके मूंगा रत्न धारण कर लें क्यूंकि इसके धारण करने के बाद व्यक्ति की सारी समस्याओं का हल मिल जाता है, और वह अपने जीवन के सभी क्षेत्रों में उन्नति करता है व कार्यों में सफलता प्राप्त करता है।


चतुर्थ भाव के लिए मूंगा रत्न के फायदे| Benefit of Red Coral Moonga for fourth house

यदि  कोई ऐसा व्यक्ति जों अपनी जिंदगी में बहुत कुछ करना चाहता है पर कर नही पाता या तो फिर वह मेहनत नही करता यदि महनत भी करता है तो वह असफल हो जाता है। और इन व्यक्तियों को वहन खरीदने का बहुत सौक होता है। ऐसे लोग वाहन खरीदते है लेकिन इन्हें वहन फलते है तथा ऐसे लोग जो अपने जीवन में कठिन परिस्थितिओं का सामना कर रहे है उन्हें मूंगा रत्न पहनना चाहिये। लेकिन कभी कभी ऐसा होता है जब व्यक्ति की कुंडली में मंगल गृह बंधू भाव या हम कह सकते है सुख भाव में होता है तब व्यक्ति के सामने ऐसी स्थिति होती है ऐसे में व्यक्ति को हर काम साबधानी से करना चाहिए किसी भी काम को करने में जल्दबाजी नही करनी चाहिए।

खासकर इन व्यक्तियों को जो आर्मी में है, पुलिसकर्मी, जो हथियार बनाने का काम करते है, सफ्टवेर इन्जिनीअर है, डॉक्टर, जो प्रॉपर्टी का काम करते है और जो कंप्यूटर सॉफ्टवेर का काम करते है इन लोगों को बहुत साबधानी वर्तनी चाहिए। ऐसे में व्यक्ति को किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से परामर्श के बाद मूंगा धारण कर लेना चाहिये और यदि ये लोग मूंगा धारण करते है तो इन्हें हर काम में लाभ होगा। ये हमेशा सफलता ही ओर बढते रहेंगे।


पंचम भाव के लिए मूंगा रत्न के फायदे | Benefit of Red Coral Moonga for fifth house

जब जातक की कुंडली में मंगल पंचम भाव या हम कह सकते है संतान भाव में होता है तो व्यक्ति को इन सब परिस्थितों से जूझना पड़ता है जैसे – ज्यदातर व्यक्तियों को संतान से जुडी समस्यां होती है क्यूंकि यह संतान भाव होता है इसलिए कभी कभी व्यक्ति बहुत कोशिश करता है। परन्तु उसे संतान नही होती है और कभी कभी ऐसा होता है की गर्भवती महिला का 2 से 3 महीने के अन्दर गर्भपात हो जाता है तो ऐसे में उस महिला तथा व्यक्ति को मूंगा रत्न धारण करना चाहिए क्यूंकि यह मूंगा रत्न इतना शक्तिशाली होता है की इसके प्रभाव से व्यक्ति को संतान सुख प्राप्त हो जायगा और इसके पहनने के बाद जो व्यक्ति काफी समय से रिलेशन में हैं उनके  परिवार के लोग भी उन्हें स्वीकार कर लेते है जिससे व्यक्ति प्यार करता है उससे उसकी शादी भी हो जाती है।

यदि जातक बुरे कर्म करता है तथा उसकी किसी सट्टेबाजी, शराब या जुया की लत लग गई है तो ऐसे लोगों को भी मूंगा पहनना चाहिए क्यूंकि यह मूंगा रत्न आपको बुरी आदतों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। जबकि यह मंगल गृह उस व्यक्ति के काल भाव का होता है जिसकी राशि सिंह होती है। अगर इस राशि के जातक धारण करते है तो उन्हें सभी कार्यों में शुभ फल मिलेगा। लेकिन व्यक्ति को किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से परामर्श लेके ही मूंगा रत्न धराण करें।


छठे भाव के लिए मूंगा रत्न के फायदे | Benefit of Red Coral Moonga for sixth house

मंगल गृह जब व्यक्ति की कुंडली में अपना प्रभाव छठे भाव यानी शत्रु भाव में दिखाता है तो इस स्थिति में व्यक्ति को गुप्त शत्रुओं से बहुत डर रहता है क्यूंकि मंगल की बुरी दशा शत्रुओं को व्यक्ति के उपर बार करने की ताकत देता है। इस कारण व्यक्ति को तरह तरह के नुक्सान झेलने पड़ते है। ऐसे जब मंगल की बुरी दशा व्यक्ति के उपर चल रही होती है तब व्यक्ति की एक तो जॉब नही लगती यदि लग भी जाती है तो वह व्यक्ति ज्यादा दिन तक कर नही पाता यानी उस  व्यक्ति की जॉब छूट जाती है ऐसे में व्यक्ति का मत ख़राब हो जाता है  ऐसे में व्यक्ति की किसी न किसी के साथ अनबन होती ही रहती है।

इस कारण वह कभी किसी के साथ मारपीट , लड़ाई वस् यही करता रहता हगे जिससे उसके बहुत से नय शत्रु बन जाते है और ऐसे उस व्यक्ति को सबसे ज्यादा अपनी जान का खतरा होता है इस कारण वे जो अपना थोडा बहुत काम कर रहे होते है उस पर भी ध्यान नही दे पाते है। इस कारण उस व्यक्ति को बहुत सी परेशानियों से जूझना पड़ता है जिस कारण ऐसे व्यक्तियों को दिन पे दिन दिक्कत बढती ही रहती है।

ऐसे में हमारे अनुभवी ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी बताते है की जब व्यक्ति को ऐसी परेशानियाँ हो तो वह अपने किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से अंपनी कुंडली दिखवा ले और उनके द्वारा बताई गई बात का पालन करें लेकिन हमारे ज्योतिष आचार्य जी का कहना है की जब व्यक्ति को इस तरह की परेशानियाँ हो तो वह मूंगा रत्न धारण कर ले क्यूंकि मूंगा खुद मंगल का रत्न है जिससे मंगल ग्रह से होने बाले सभी बुरे प्रभाव खत्म हो जायंगे और व्यक्ति सभी समस्याओं से मुक्ति पा सकेगा।


सप्तम भाव के लिए मूंगा रत्न के फायदे | Benefit of Red Coral Moonga for Seventh house

जब व्यक्ति की कुंडली में मंगल विवाह भाव में या हम कह सकते है सप्तम भाव में हो तो व्यक्ति को वैवाहिक जीवन में समस्य्याँ उत्पन्न होती है।जिस व्यक्ति को विवाह का सौक होता है उसका वह सौक पूरा नहीं हो पाता है और यदि यह सौक पूरा हो भी जाता है तो वह अपने वैवाहिक जीवन में खूश नहीं रह पाता है क्यूंकि जब मंगल की बुरी दशा होती है तब व्यक्ति को तमाम सारी समस्याओं का अपने निजी जीवन में सामना करना पड़ता है। कभी-कभी ऐसा होता है आपकी अपने जीवनसाथी के साथ कभी पटरी नहीं खाती तथा उसका स्वभाव आपके स्वभाव से एक दम अलग होता है ।

ऐसी स्थिति में एक दूसरे के साथ रहना ही नहीं चाहते है और वे कोर्ट कचहरी के चक्कर काटते रहते है और कुछ नहीं कर पाते तथा इस कारण आप कोई भी व्यापार करते है तो उसमे आपके जीवनसाथी का सहयोग नहीं होता है इस कारण आपको अपने व्यापार में भारी नुकसान हो जाता है। अगर आप व्यापार किसी पटनर के साथ मिल कर करना चाहते है तो ऐसी स्थिति में भी आपको कोई प्रॉफिट नहीं होगा।

इन सभी मंगल के बुरे प्रभावों से बचने के लिए मूंगा पहने वो भी किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से परामर्श लेके। जब आप इस मूंगा रत्न को धारण कर लेते है तब आपको हर व्यापार में फायदा तथा सफलता प्राप्त होगी जिन व्यक्तियों के विवाह में कोई बाधा आ रही है उनकी सारी बधाएं टल जाएंगी और व्यक्ति अपना जीवन सुखमय जी पाएगा।


अष्टम भाव के लिए मूंगा रत्न के फायदे | Benefit of Red Coral Moonga for Eighth house

जब व्यक्ति की कुंडली में मंगल का बुरा प्रभाव मृत्यु स्थान में पड़ता है तब व्यक्ति को कई प्रकार के दुखो का सामना करना पड़ता है । ऐसे में जब मंगल अपना बुरा प्रभाव दिखाता है तब व्यक्ति को मानसिक कलेश , उस व्यक्ति का कोई आयु निर्धारित नहीं होती इसलिए उन्हें अपने निजी जीवन में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए । ताकि उनके उपर आने वाले हर खतरे से बच पाए । ऐसे में व्यक्ति की आर्थिक स्थिति  इतनी खराब हो जाती है कि व्यक्ति को समझ नहीं आता कि मय अपने जीवन में क्या करू  या क्या ना करूं ।

ऐसे में व्यक्ति को अपने किसी अनुभवी ज्योतिष से परामर्श लेके मूंगा रत्न धारण कर लें। हमारे ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी कहते हैं कि जब व्यक्ति इस मूंगा रत्न को धारण कर लेता है तब व्यक्ति के जीवन में आने वाले सभी खतरों से पहले ही आगाह कर देता है यह रत्न इतना प्रभावशाली तथा शाक्तिशाली होता है कि जब भी किसी व्यक्ति के उपर कोई खतरा आता है तब यह मूंगा रत्न अपना रंग बदलकर उस व्यक्ति को यह संकेत दे देता है कि आप साबधान हो जाओ आपके उपर कोई बहुत बड़ा कोई खतरा आने वाला है।

इसलिए जातक को यह रत्न अवश्य धारण करना चाहिए ताकि जातक को अपने जीवन में आने वाली सभी समस्याओं से लड़ने की शक्ति मिल सके। लेकिन सबसे विशेष बात हमारे ज्योतिष आचार्य जी यह बताते है कि जब भी मूंगा रत्न धारण करें उससे पहले किसी भी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से अपनी कुंडली दिखवा के ही मूंगा रत्न धारण करें।


नवम भाव के लिए मूंगा रत्न के फायदे | Benefit of Red Coral Moonga for ninth house

व्यक्ति की कुंडली में जब मंगल का बुरा प्रभाव भाग्य स्थान में पड़ता है तब व्यक्ति के जीवन में बहुत सी समस्याओं, तथा हानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए व्यक्ति को अपने जीवन में होने वाली सभी समस्याएं जैसे व्यक्ति की प्रगति में रुकावट आती है व्यक्ति उन्नति की ओर बढ़ते हुए भी पीछे हो जाता है। यदि जातक को अपने किसी भी क्षेत्र में सफलता हांथ नहीं लगती है तो ऐसी स्थिति में मूंगा रत्न धारण करना सबसे ज्यादा लाभकारी माना जाता है। क्योंकि इस रत्न के पहनने से आध्यात्मिक प्रगति में बढ़ोतरी होती है। इस रत्न के शुभ प्रभाव से मानो जातक का भाग्योदय हो जाता है ।

इस रत्न के प्रभाव से उसकी बुद्धि का विकास होता है। उस अपने है गुरु से ज्ञान प्राप्त करने का एक अच्छा अवसर मिलता है तथा ऐसी स्थिति में आपके गुरु आपसे बहुत अधिक प्रसन्न रहते है। इस धारण करने के बाद व्यक्ति कहीं विदेश घूमने जा सकता है या फिर कहीं तीर्थ यात्रा पे जाने के शुभ अवसर मिलते है। व्यक्ति यदि एक बार विवाह कर चुका है और यदि वह दूसरा विवाह करना चाहता है तो उसके लिए ऐसे में दूसरा विवाह करना शुभ होगा। लेकिन यदि आप मूंगा रत्न धरण करना चाहते है तो उससे पहले एक बार किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से अवश्य पुंछ लें। ताकि उसके सिर्फ शुभ प्रभाव देखने को मिलें न की अशुभ!


दसम भाव के लिए मूंगा रत्न के फायदे | Benefit of Red Coral Moonga for Tenth house

जब व्यक्ति की कुंडली में मंगल उसके कर्म स्थान में बैठ जाता है तो वह व्यक्ति कितने भी अच्छे कर्म करे लेकिन उसे उसके बुरे परिणाम ही सहने पड़ते है। ऐसे में व्यक्ति को किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य के पास जाके मूंगा रत्न धारण करने की साख लें। ऐसे में हमरे ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी बताते है यदि जब व्यक्ति को ऐसी स्थितियों से गुजरना पड़ जाय तो उसे अवश्य धारण कर लेना चाहिए क्यूंकि यह मूंगा रत्न मंगल ग्रह का कारक होता है। इसलिए जब व्यक्ति मूंगा रत्न धारण कर लेता है तब उसे पद प्रतिष्ठा प्राप्त हो जाती है। उसका नौकरी व्यवसाय बहुत अच्छा चलने लगता है।

उसके सामाजिक सम्मान में वृद्धि होती है। उस व्यक्ति कि जो कार्य करने की क्षमता होती है वह बढ़ जाती है। उस व्यक्ति को अपने ही पिता से कोई बहुत बड़ा उपहार मिल सकता है तथा हम कह सकते है इस मूंगा रत्न धारण करने के बाद व्यक्ति को अपने पिता का सुख प्राप्त हो जाता है। ऐसे में जिन व्यक्तियों कि उम्र ज्यादा हो जाती हैं तथा उनके घुटनों में दर्द होने लगता यदि वो व्यक्ति इस मूंगा रत्न को धारण कर लेता है तो उसे  घुटनों के दर्द में भी फायदा मिलता है।

कभी कभी ऐसा होता है व्यक्ति की सास का व्यवहार देखने में बहुत अच्छा होता है परन्तु असली व्यवहार तो इसके धारण करने के बाद पता चलता है। इसलिए इसे व्यक्ति जरूर धारण करे लेकिन उससे पहले ज्योतिष परामर्श अती आवश्यक है क्यूंकि यह रत्न कभी-कभी फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचाता है यदि विधि पूर्वक ना पहना जाए। 


एकादश भाव के लिए मूंगा रत्न के फायदे | Benefit of Red Coral Moonga for Eleventh house

व्यक्ति की कुंडली में यदि मंगल ग्रह लाभ भाव में यदि शुभ है तो व्यक्ति को बहुत लाभ मिलेगा और यदि अशुभ है तो व्यक्ति को हानि ही हानि होगी। ऐसे में व्यक्ति को क्या करना चाहिए जब व्यक्ति के सामने ऐसी स्थिति आय की उस अपने हर धंधे में हानि हो तो वह समझ जाय की मंगल की बुरी दशा आपके उपर चल रही है। ऐसे में व्यक्ति अगर चाहता है कि इसके उपर मंगल ग्रह की बुरी दशा खत्म हो जाए तो वह किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से अपनी कुंडली दिखवलें और धारण कर लें।

ऐसे में हमारे ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी कहते है की जब व्यक्ति मूंगा रत्न धारण कर लेता है तब उसे सभी प्रकार के लाभ मिलते है जैसे-मित्रों के साथ अच्छा व्यवहार हो जाता है। किसी खास व्यक्ति के द्वारा आपको कोई उपहार मिल सकता है तथा आपका जो आय का तरीका होगा वह बदल जाएगा और आप बहुत तरक्की करेंगे। और इस रत्न को धारण करने के पिंडली ( घुटनों के पीछे का जो मांश वाला भाग होता है ) के बारे में भी जाना जाता है। 


द्वादश भाव के लिए मूंगा रत्न के फायदे | Benefit of Red Coral Moonga for Twelth house

जातक जब बहुत अधिक धन खर्च करने लगता है तब उस व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह व्यय स्थान ( खर्च का स्थान ) में बैठ जाता है ऐसे में जातक चाहे जितना भी धन कमा ले लेकिन उसके पास धन रुकेगा नहीं क्यूंकि मंगल ग्रह का उस व्यक्ति के उपर बुरा प्रभाव पड़ रहा है । जैसे- जातक के उपर इतना कर्ज हो जाएगा कि वह कभी नहीं चुका पाएगा , उसका सभी कामों में नुकसान होगा , ऐसे में वह पैसे खर्च करने के लिए परदेश जा सकता है क्यूंकि ऐसे में व्यक्ति पैसे कमाने की नहीं खर्च करने की सोचता है । ऐसे में वह अपनी नौकरी में स्थिफा भी से सकता है । ऐसे में जो व्यक्ति के गुप्त शत्रु होते है वे भी उससे दोस्ती करने की सोचते रहते है क्यूंकि वे उस व्यक्ति को बर्बाद करना चाहते है ।

ऐसे में जब मंगल की बुरी दशा व्यक्ति पे पड़ती है तब व्यक्ति को किसी ना किसी कारण जेल भी जाना पड़ सकता है । व्यक्ति को मुकदमे भी लडने पड़  सकते है  अगर व्यक्ति इन सबसे बचना चाहते है तो व्यक्ति को अवश्य पहन लेना चाहिए क्यूंकि यह मूंगा रत्न इतना शक्तिशाली व प्रभावशाली है कि व्यक्ति के ऊपर मंगल ग्रह के सभी बुरे दोषों को टाल देता है तथा व्यक्ति के उपर आने वाले सभी संकट के बारे में पहले ही आगाह कर देता है | 


मूंगा रत्न के नुकसान | Demerits of Red Coral Moonga

 इस ब्रह्माण्ड में पाए जाने वाले सभी रत्नों के कुछ ना कुछ फायदे तथा नुकसान जरूर होते है ऐसे में कभी कभी क्या होता है कि व्यक्ति जब रत्न धारण करता है तब वह उस रत्न के फायदों के लिए पहनता है लेकिन कभी कभी इसका ठीक उल्टा हो जाता है जब व्यक्ति रत्न को विधि पूर्वक नहीं पहनता है। तब व्यक्ति को इं रत्नों के बारे प्रभावों से सामना करना पड़ता है इसलिए जब भी कोई सा भी रत्न धारण करे उससे पहले किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से परामर्श जरूर ले लें अगर आप ज्योतिष परामर्श नहीं लेते है तो आपको इस मूंगा रत्न के नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकते है। इसी के साथ मैं आपको मूंगा के नुकसान के बारे में बताता हूं। कृपया नीचे दिए गए बिंदुओं को ध्यानपर्वक पढ़ें। 

  • जब कोई व्यक्ति इस रत्नको बिना किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य के परामरशानुसार पहनता है तो उस व्यक्ति को सबसे ज्यादा उसके स्वास्थ्य बिगड़ने की संभावना होती है। ऐसे में व्यक्ति को उसकी आंख में समस्या हो सकती है या फिर व्यक्ति को किसी भी शारीरिक परेशानियों से जूझना पड सकता है। इसलिए यह मूंगा रत्न बिना किसी ज्योतिष आचार्य के परामर्श  से न पहनें। 
  • यदि जातक मूंगा रत्न धारण कर लेता है बिना किसी ज्योतिष परामर्श के तो उस व्यक्ति को उसकी जान का सबसे ज्यादा खतरा होता है और ऐसे में जो व्यक्ति मूंगा रत्न धारण करता है उसका सारा भार उसके जीवनसाथी को उठाना पड़ता है क्यूंकि जो व्यक्ति इसे धारण करता है वह किसी काम को करने के लायक नहीं रह जाता उस व्यक्ति का रक्त विकार हो जाता है इसलिए इस मूंगा रत्न को जान समझ कर, अपनी कुंडली दिखवाकर तथा ज्योतिष परामर्श लेके ही मूंगा रत्न पहने क्यूंकि व्यक्ति तो इसे अपने फायदे के लिए पहने गा लेकिन उस व्यक्ति को इसके नुक्सानो से लड़ना पड़ सकता है।
  • इस रत्न के बुरे प्रभाव के कारण जातक के वैवाहिक जीवन में तमाम सारी परेशानियां आ सकती है जैसे परिवार में कलह, एक दूसरे से मनमुटाव और व्यक्ति की वोलचाल में भी बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में व्यक्ति के रिश्ते टूट सकते है चाहे वह कितना भी मजबूत रिश्ता क्यों न हो क्यूंकि यह मूंगा रत्न मंगल ग्रह का कारक है इसलिए व्यक्ति के उपर मंगल की बुरी दशा और ज्यादा बढ़ जाती है। 
  • मंगल ग्रह की बुरी दशा को कम करने के लिए पहना जाता है लेकिन कभी-कभी उल्टा हो जाता है व्यक्ति को मंगल ग्रह तथा मूंगा रत्न दोनों के बुरे प्रभाव सहने पड़ जाते है इसलिए व्यक्ति जब भी मूंगा रत्न ( Red Coral ) धारण करे उससे पहले अपनी कुंडली में मंगल दोष जरूर दिखवा ले उसके बाद ही मूंगा रत्न पहने यदि आपने ऐसा नहीं किया तो आपको जीवन में सिर्फ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • मूंगा रत्न के बुरे प्रभाव के कारण जातक का स्वभाव एक दम बदल जाता है और उसकी वाणी में भी मधुरता खत्म हो जाती है। वह व्यक्ति इतनी कठोरता पूर्वक बाते करता है कि उसकी किसी भी व्यक्ति के साथ अन बन हो जाती है। उस जातक का लोगों के प्रति व्यवहार में कड़वाहट आ जाती है। जातक का लोगों के प्रति व्यवहार बड़ा निराला हो जाता है क्योंकि इसके बुरे प्रभाव से जातक के स्वभाव में क्रोध की स्थिति ज्यादा बढ़ जाती है।

मूंगा रत्न कितने रत्ती का पहनना चाहिए और इसकी विधि | Right Weight of Red Coral Process

जातक को यह मूंगा कम से कम 5 कैरेट तथा ज्यादा से ज्यादा 9 कैरेट का ही धारण करना चाहिए। यह मूंगा रत्न सबसे ज्यादा तब फायदा करता है जब व्यक्ति इस मूंगा रत्न को सोने या चांदी की किसी धातु में ढलवाकर पहनता है क्यूंकि यह रत्न मंगल का रत्न है और सोना तथा चांदी मंगल ग्रह से सम्बन्धित धातुएं हैं। यह मूंगा रत्न मंगलवार के दिन ही पहनना शुभ माना जाता है और इस रत्न को धारण करने के 9 दिन बाद से ही इसके अच्छे बुरे प्रभाव देखने को मिल जाते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की यह मूंगा सिर्फ 3 वर्ष तक ही शुभ प्रभाव देते हुए कारगर रहता है उसके बाद इसके प्रभाव कम होने लगते हैं और कुछ समय बाद यह अपने शुभ प्रभाव देना बंद कर देता है। इसलिए आप धारण किए गए मूँगे को उतार दें और दूसरा मूंगा विधि विधान से धारण कर लें। लेकिन जब जातक मूंगा रत्न बदले तथा नया धारण करे उससे पहले ज्योतिष आचार्य से अवश्य पूंछ लें उसके बाद ही धारण करें । 

विधि– इस मूंगा रत्न को धारण करने से पहले इसे किसी सोने या चांदी की धातु में जरूर मढ़वा ले और याद रखें मूंगा रत्न 5 कैरेट से कम तथा 9 कैरेट से ज्यादा ना हो। इस मूंगा रत्न को कैसे धारण करे इसकी विधि नीचे दिए गए बिंदुओं में बताई गई है कृपया इन बिंदुओं को ध्यान से पढे ताकि किसी भी प्रकार की गलती ना हो। 

  1. इस मूंगा रत्न को सबसे पहले गाय के कच्चे दूध में या गंगाजल से धोकर पूरी रात उसी में डूबा रहने दें क्यूंकि जब इसे पूरी रात व्यक्ति गंगाजल या दूध में डुबोकर रखेगा तो इस मूंगा रत्न में जो अशुद्धियां होंगी बो सारी खत्म हो जाएंगी और मूंगा रत्न पूर्ण रूप से शुद्ध हो जाएगा। 
  1. जब भी व्यक्ति मूंगा रत्न धारण करे तो वह ये जानले की मंगलवार के अलावा और कोई दिन तो नहीं है  क्यूंकि मंगलवार के दिन इस रत्न को धारण करना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है वो इसलिए क्यूंकि यह मूंगा रत्न मंगल ग्रह का रत्न है और मंगलवार को इस रत्न को धारण करने से इसके व्यक्ति को सारे अच्छे प्रभाव मिलते है।
  1. जब व्यक्ति इस मूंगा रत्न को पहने तब व्यक्ति को किसी लाल रंग के कपड़े के ऊपर अपना आसन ग्रहण करना चाहिए। और उसे धातु से बनी अंगूठी को भी लाल कपड़े के ऊपर रखना चाहिए। और फिर उस कपड़े के ऊपर कुछ पुष्प रखकर अगरबत्ती जलाए। 
  1. इसके बाद व्यक्ति को ” ॐ भौं भौमाय नमः ” मंत्र का 108 बार जाप करें इसके बाद व्यक्ति इस अंगूठी को अपने दाएं हांथ कि अनामिका अंगुली में धारण कर ले और इस अंगूठी को गन्दा ना होने दे इस रोज साफ करते रहें ताकि आपको इस मूंगा रत्न के अच्छे परिणाम ही मिलें। 

यदि जातक बताई गई विधि के अनुसार मूंगा धारण कर लेता है तो उसे इसके शुभ प्रभाव जल्द ही देखने को मिलेंगे और वह अपने जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करेगा।  


मूंगा रत्न का 12 राशियों पर प्रभाव | Impact of Red Coral Moonga on 12 Signs

इस ब्रह्माण्ड में पाए जाने वाले सभी रत्नों का राशियों पर अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलता है ऐसे ही मूंगा रत्न का सभी राशियों पर प्रभाव कुछ इस प्रकार है। 

मेष राशि 

मूंगा रत्न

मेष राशि का स्वामी मंगल होता है और इस राशि का जातक यदि मूंगा धारण कर लेता है तो यह मूंगा व्यक्ति को फायदा देगा। क्यूंकि यह रत्न मंगल का रत्न होता है। इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह रत्न अत्यधिक फायदेमंद होगा ऐसे में  इस राशि के जातक इस रत्न को अवश्य धारण कर सकते है। 

वृषभ राशि 

मूंगा रत्न

इस राशि के जातकों के लिए यह मूंगा शुभ नहीं होता इसलिए इस राशि के लोग यह रत्न ना पहने क्यूंकि यदि इस राशि का व्यक्ति इसे धारण भी कर लेता है तो उसे इसके कुछ भी फायदे नहीं होंगे तथा व्यक्ति का बहुत लॉस हो जाएगा। 

मिथुन राशि 

मूंगा रत्न

जब भी इस राशि का जातक मूंगा धारण करे तो उससे पहले वह व्यक्ति किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से परामर्श ले की व्यक्ति यह रत्न पहन सकता है या नही। हमारे ज्योतिष आचार्य के हिसाब से इस राशि के लोग मूंगा नही पहन सकते। 

कर्क राशि 

मूंगा रत्न

इस राशि के लोग इस मूंगा को आसानी से धारण कर सकते है क्यूंकि इस राशि के स्वामी चन्द्र का मूंगा के स्वामी मंगल के साथ अच्छा व्यवहार रखते है इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह मूंगा अत्यधिक फायदेमंद होगा तथा इस राशि के जातक यह रत्न धारण कर सकते है। 

सिंह राशि 

मूंगा रत्न

इस राशि के लोगो के लिए यह रत्न काफी योग कारक यानी लाभदायक है क्यूंकि इस राशि के लोगो के उपर मूंगा के स्वामी मंगल गृह योग का कारक होता है। इसलिए इस राशि के लोग यह रत्न अवश्य धारण कर सकते है।

कन्या राशि 

मूंगा रत्न

इस राशि के जातक मूंगा नही धारण कर सकते क्यूंकि यह मूंगा इस राशि के जातकों के लिए लाभदायक नही होता। इसलिए ऐसे में इस राशि के जातक यह रत्न पहनने की गलती न करें।

तुला राशि 

मूंगा रत्न

इस राशि के लोगों को भी मूंगा नही पहनना चाहिये क्यूंकि यह रत्न इस राशि के व्यक्तियों को बर्वादी की ओर ले जाता है  इसलिए इस राशि के जातक यह रत्न न धारण करें। 

वृश्चिक राशि 

मूंगा रत्न

इस राशि के जातक मूंगा धारण कर सकते है। लेकिन कुछ विशेष परिस्थिति में क्यूंकि यह मूंगा व्यक्ति को किसी विशेष परेशानी से बचने में साहयता कर सकता है। लेकिन इस राशि के व्यक्ति इस मूंगा को धन संपत्ति आदि को बढ़ाने के लिए धारण करेंगे तो उन्हें  लॉस होगा इसलिए इस राशि के जातक मूंगा किसी विशेष परिस्थिति में ही पहनें। 

धनु राशि 

मूंगा रत्न

इस राशि के जातक मूंगा नही पहन सकते है हाँ पहन सकते हैं केवल वे लोग जो उच्च रक्त चाप बिमारी से ग्रषित है क्यूंकि यह मूंगा उन व्यक्तियों  को इस बिमारी से लड़ने में साहयता देगा परन्तु इस बीमारी के अलावा और कोई व्यक्ति इसे ना पहने अन्यथा उस नुकसान हो सकता है। 

मकर राशि 

मूंगा रत्न

इस राशि के व्यक्तियों को तो मूंगा बिलकुल भी नही पहनना चाहिये। क्यूंकि अगर इस राशि के लोग मूंगा रत्न पहनते है तो उन्हें हर काम में नुकसान होगा इसलिए इस राशि के लोगों को मूंगा नहीं पहनना चाहिए।  

कुंभ राशि 

मूंगा रत्न

इस राशि के लोगों को भी इस मूंगा को किसी विशेष परिस्थिति में धारण करना चाहिये अन्यथा नही करना चाहिये। यदि इस राह के व्यक्ति मूंगा धारण भी करते है तो उन्हें उसके फायदे नहीं मिलेंगे इसलिए इस राशि के लोग मूंगा ना धारण करें। 

मीन राशि 

मूंगा रत्न

इस राशि के लोगों के लिए मूंगा बहुत फायदेमंद होता है इसलिए इस राशि के जातक मूंगा धारण कर सकते है और अपने जीवन में हो रहीं सभी समस्याओं को खत्म कर सकते है। 

एक विशेष सूचना– हम आशा करते हैं की सभी पाठकों को मूंगा रत्न का राशियों पर क्या प्रभाव रहेगा यह पता चल गया होगा तो एक बात हमेशा याद रखें मूंगा या कोई अन्य रत्न किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य के पूछे बिना नही पहनना चाहिए।


मूंगा रत्न की पहचान | मूंगा रत्न का असली या नकली होना | How to identify Real Red Coral  

आज के समय में पाए जाने वाले रत्न असली बहुत कम मिलते है क्यूंकि आज के युग में नकली एवम् डुप्लीकेट रत्न ज्यादा मिलते हैं इसी कारण व्यक्ति को रत्न के फायदे नहीं होते है। इसलिए मूंगा व्यक्ति जब भी खरीदे तो वह इसकी पहचान कर ले ताकि उसे रत्न के फायदे मिल सकें। मैं आपको नीचे दिए गए बिंदुओं में बताऊंगा कि आप मूंगा को कैसे पहचानें की रत्न असली है या नकली।

  • जब व्यक्ति मूंगा ले तो वह असली या नकली की पहचान करने के लिए इस मूंगा को दूध में डाल दें और यदि रंग लाल हो जाय तो समझो मूंगा असली है । और अगर किसी और रंग का होता है या सफ़ेद ही रहता है तो वह मूंगा रत्न नकली होगा।
  • मूंगा को दूध में डालने पर रत्न के अन्दर से निकलने वाली विकिरण किरने दूध में मिल जाती है। जिससे दूध का रंग लाल दिखाई देने लगता है लेकिन जब मूंगा दूध से बहार निकालोगे तो उसका रंग फिर से सफ़ेद हो जायगा।
  • जब मूंगा असली होता है तो हम उसे अगर किसी काँच के टुकड़े पर रगड़ते है तो उसमे बिलकुल आवाज नही होती लेकिन यदि रत्न नकली है तो उसे शीशे पर रगड़ने से बहुत तेज आवाज होती है।
  • मूंगा को किसी सफ़ेद कपडे के उपर रखें और फिर उसपर कोई एक प्रकाश किरण डालें प्रकाश किरण डालने के बाद आवर्धन लेंश की साहयता से इसकी जांच करें  अगर रत्न असली है तो उसकी सतह एक सामान दिखाई देगी लेकिन यदि रत्न नकली है तो उसकी सतह पर दाने से निकले हुए दिखाई देंगे।
  • मूंगा को पहचानने का सबसे आसान तरीका यह है की एक हल्दी की गांठ ले और उसके उपर रत्न को कस के रगड़ें रगड़ने के पश्चात यदि हल्दी का रंग लाल हो जाता है तो यह असली मूंगा होगा और अगर हल्दी के रंग में कोई परिवेर्तन नही होता है तो वह नकली मूंगा रत्न होगा।

मूंगा रत्न के विकल्प उपरत्न | Substitute Of Red Coral Moonga

इस पूरी दुनिया में पाय जाने वाले हर एक रत्न का उपरत्न पाया जाता है इसी के साथ इस मूंगा रत्न के भी उपरत्न हम आपको नीचे दिए गय बिन्दुओं में बतायंगे।

  1. मूंगा का उपरत्न ठीक मूंगा की तरह दिखता है इस उपरत्न  में मूंगा की तरह एक विशेष चमक होती है जिसका नाम लाल हकीक होता है इस उपरत्न को भी धरण करने से व्यक्ति को सफलता प्राप्त होती है क्यूंकि यह उपरत्न भी मूंगा की तरह काम करता है।
  1. इस रत्न का दूसरा उपरत्न जिसका नाम तामडा तथा जिसे संग सितारा भी  कहा जाता है यह भी एक ऐसा उपरत्न है जो की मूंगा के सामान अपना प्रभाव दिखाता है  जो की मूंगा रत्न  से कम कीमत का भी होता है जिसे व्यक्ति आसानी से खरीदा जा सकता है।

मूंगा रत्न से साबधानियाँ | Cautions of Red Coral Moonga

जब भी व्यक्तीं मूंगा धारण करे तो उसे इससे बहुत सब्धानियाँ बर्तनी चाहिये क्यूंकि यदि व्यक्ति रत्न से सबधानियाँ नही बरतेगा तो उसे तमाम तरह की परेशानियों से सामना करना पड़ेगा इसलिए व्यक्ति को मूंगा रत्न से सबधानियाँ तथा धारण करने से पहले किसी ज्योतिष आचार्य से भी पुंछ लेना चाहिये नही तो व्यक्ति को मूंगा रत्न के फायदों की जगह नुक्सान का सामना करना होगा।