मूंगा रत्न के फायदे नुकसान और सरल पहचान । Red Coral Benefits and Demerits

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मूंगा रत्न क्या है इसके बारे में । Red Coral – Moonga

मूंगा रत्न

यह मूंगा रत्न सभी रत्नों में सबसे उच्च कोटि का माना जाता है। इस मूंगा रत्न को हम इंग्लिश में कोरल कहते है। यह रत्न समुद्र में अन्दर कई फीट नीचे गहरी चट्टानों के अन्दर पाया जाता है। ज्यादातर इस रत्न को 6 से 7 सौ फीट नीचे पाया जाता है और यह रत्न एक विशेष प्रकार के जन्तुओं के माध्यम से बनाया जाता है। इस रत्न को बनाने वाले जन्तुओं के घरों को आइसिस नोबाइल्स या मूंगा रत्न की बेल भी कहते हैं। यह रत्न मंगल गृह का प्रतिरूप माना जाता है। सुमुद्र में पाया जाने वाला यह मूंगा रत्न जिसकी लम्बाई 2 से 3 फीट तथा चौड़ाई 0.5 से 1 इंच तक होती है।

समुद्र के अंदर उगने वाली इस वनस्पति को बहार निकालकर तथा काट कर मूंगा रत्न ( Red Coral ) की रचना की जाती है। यह मूंगा रत्न किसी भी रत्न कमी तरह रासायनिक पधार्थो से मिलकर नही बना है। जब यह मूंगा रत्न अच्छी तरह पक जाता है तब इस मूंगा रत्न को मनचाह रूप यानी आकार दिया जा सकता है। इस रत्न का रंग लाल होता है और इस रत्न का स्वामी मंगल जो की पुलिस, सेना, प्रशासन, मकान, भूमि, भवन निर्माण आदि का कारक होता है। क्यूंकि यह मूंगा रत्न एक ऐसा रत्न है जिसके व्यक्ति को धारण करने के बाद अनेको प्रकार के फायदे मिलते है।

लेकिन विशेष बात यह है की इस मूंगा को समुद्र की सबसे अधिक गहराई में पाया जाता है तो इसका रंग हल्का होगा और यदि यह कम गहराई में पाया जाता है तो इसका रंग चटक होता है। इस मूंगा रत्न को ज्यादातर इटली जापान , हिन्द महासागर के सिवा भू मध्य सागर के तटवर्ती छेत्र जैसे अल्जीरिया , सिग्ली के कोरल सागर तथा ईरान की खाड़ी में पाया जाता है। यहाँ अलग अलग जगहों पर मिलने वाले मूंगा रत्न का रंग भी कभी कभी अलग होता है जैसे – गेरुआ , सफ़ेद अथवा सिंदूरी काले रंग का भी होता है तथा जब यह मूंगा रत्न समुद्र के पानी से बाहर निकलता है तब यह बाहर की हवा के संपर्क में आता है।

जिससे इसकी कठोरता बहुत अधिक बढ़ जाती हैं। इस रत्न को व्यक्ति जभी धारण करे जब उसके जीवन में मंगल गृह की दशा उसकी कुंडली में ख़राब चल रही हो। अगर आप तब इसे धारण कर लेते है तो आपके निजी जीवन में हो रही सभी समस्यां खत्म हो जायगी और आप अपने जीवन में ख़ुशी का अनुभव कर पायंगे। लेकिन सबसे जरुरी बात तो यह है की इसे धारण करने से अपनी कुंडली को किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से अवश्य दिखवा लें की आप यह मूंगा पहन सकते है या नही।


इस लेख में आपको इन सबके उत्तर मिलेंगे

  • मूंगा रत्न के नुकसान
  • तिकोना मूंगा के फायदे
  • सफेद मूंगा के फायदे
  • मूंगा रत्न की कीमत क्या है
  • मूंगा रत्न किस राशि के लिए
  • रत्न पहनने के नुकसान
  • मूंगा किस उंगली में पहने
  • मूंगा और पुखराज एक साथ पहनने के लाभ
  • मूंगा रत्न पहनने की विधि

भिन्न रत्नों के बारे में पढ़े


मूंगा रत्न का तकनीकी विज्ञान । Structure of Red Coral – Moonga

यह मूंगा समुद्र की गहराई पर चट्टानों के नीचे पाया जाता है। यह मूंगा रत्न एक प्रकार से कैल्शियम कार्बोनेट है। इस रत्न का रासायनिक सूत्र ( CaCO3 ) है। इस रत्न कि कठोरता मोहस स्केल के द्वारा नापने पर 3.5 से 4 तक होती है। इस मूंगा रत्न कि जो अपवर्तन सूचकांक की सीमा होती है वो 1.486 से 1.658 तक के बीच में होती है तथा इस रत्न का घनत्व 2.65 होता है।

इस रत्न कि जो ख़ास पहचान है वो है इसका लाल रंग। इस रत्न का उपयोग महंगे जवाहरात बनाने में किया जाता है। रत्नों में भी क्वालिटी होती है वैसे ही यह मूंगा रत्न श्रीलंका में अपनी सबसे अच्छी क्यालिटी के लिए मशहूर है। इस कारण इस रत्न कि बाजार में बहुत ज्यादा डिमांड होती है। और यह अमेरिका , ब्राजील तथा भारत में भी पाया जाता है। 


मूंगा रत्न के फायदे । मूंगा रत्न के लाभ । Benefits of Red Coral Moonga

मूंगा रत्न का स्वामी मंगल है और इस रत्न को मंगल ग्रह का प्रति रूप भी कहा जाता है। इस रत्न को कार्यों को पूरा तथा उर्जा प्राप्त करने के लिए भी जाना जाता है। जब भी कोई व्यक्ति इस रत्न को पहने उससे पहले अपनी कुंडली किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य को दिखवा ले की यह आपके लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक उसके बाद ही इसे धारण करे। और इस रत्न के फायदे भी आपको जभी मिलेंगे जब आप इसे विधि पूर्वक धारण करेंगे।

मूंगा जातक के मांगलिक दोष के निवारण के लिए भी काम आता है पर आपको यह जान लेना बहुत ज़रूरी है कि आपकी कुंडली में मांगलिक दोष है या योग। इस पुरे संसार में पाए जाने वाले सभी रत्नों के बहुत से फायदे होते है तथा बहुत से नुक्सान भी होते है ऐसे ही हम आपको इसके फायदों के बारे में नीचे दिए गए बिंदुओं में बतायंगे। कृपया नीचे दिए गए बिंदुओं को ध्यान से पढ़े। 

  • मूंगा पहनने से जातक के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। 
  • इसके प्रभाव से मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है और शांति प्रदान होती है। 
  • मूंगा जातक को करियर के क्षेत्र में अच्छे परिणाम देता है और उन्नति प्राप्त होती है।
  • इस रत्न को पहनने से दुश्मनों को हराने और उनसे विजय प्राप्त करने में मदद मिलती है।
  • मूंगा रत्न पहनने से शारीरिक परेशानियों जैसे मुहासे, त्वचा रोग आदि में सुधार होता है।
  • इसे धारण करने से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और जातक कर्ज मुक्त हो जाता है। 
  • स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जातकों के लिए मूंगा अधिक लाभकारी साबित होता है। 
  • यदि जातक को डरावने सपने आते हैं तो मूंगा उनके लिए बेहद अच्छा साबित होगा क्योंकि इसके प्रभाव से डरावने सपने आना बंद हो सकते हैं। 
  • मूंगा मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं में जल्दी लाभ देता है। 
  • यह तर्जनी, मध्यमा, अनामिका अंगुली में धारण करने से जल्द और प्रभावकारी लाभ देता है।
  • मंगलवार के दिन मूंगा पहनने से जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता मिलती है। 
  • मूंगा पहनने से जातक को शक्ति और बल प्राप्त होता है। 
  • शुगर रोग से पीड़ित जातकों के लिए मूंगा सबसे अधिक लाभदायक साबित होता है।

मूंगा रत्न के नुकसान । Demerits of Red Coral Moonga

इस ब्रह्माण्ड में पाए जाने वाले सभी रत्नों के कुछ ना कुछ फायदे तथा नुकसान जरूर होते है ऐसे में कभी कभी क्या होता है कि व्यक्ति जब रत्न धारण करता है तब वह उस रत्न के फायदों के लिए पहनता है लेकिन कभी कभी इसका ठीक उल्टा हो जाता है जब व्यक्ति रत्न को विधि पूर्वक नहीं पहनता है।

तब व्यक्ति को इन रत्नों के बारे प्रभावों से सामना करना पड़ता है इसलिए जब भी कोई सा भी रत्न धारण करे उससे पहले किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से परामर्श जरूर ले लें अगर आप ज्योतिष परामर्श नहीं लेते है तो आपको इस मूंगा रत्न के नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकते है। जो नुकसान कुछ इस प्रकार है कृपया नीचे दिए गए बिंदुओं को ध्यानपर्वक पढ़ें। 

  • जब कोई व्यक्ति इस रत्नको बिना किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य के परामरशानुसार पहनता है तो उस व्यक्ति को सबसे ज्यादा उसके स्वास्थ्य बिगड़ने की संभावना होती है। ऐसे में व्यक्ति को उसकी आंख में समस्या हो सकती है या फिर व्यक्ति को किसी भी शारीरिक परेशानियों से जूझना पड सकता है। इसलिए यह मूंगा रत्न बिना किसी ज्योतिष आचार्य के परामर्श  से न पहनें। 
  • यदि जातक मूंगा रत्न धारण कर लेता है बिना किसी ज्योतिष परामर्श के तो उस व्यक्ति को उसकी जान का सबसे ज्यादा खतरा होता है और ऐसे में जो व्यक्ति मूंगा रत्न धारण करता है उसका सारा भार उसके जीवनसाथी को उठाना पड़ता है क्यूंकि जो व्यक्ति इसे धारण करता है वह किसी काम को करने के लायक नहीं रह जाता उस व्यक्ति का रक्त विकार हो जाता है इसलिए इस मूंगा रत्न को जान समझ कर पहने।
  • इस रत्न के बुरे प्रभाव के कारण जातक के वैवाहिक जीवन में तमाम सारी परेशानियां आ सकती है जैसे परिवार में कलह, एक दूसरे से मनमुटाव और व्यक्ति की वोलचाल में भी बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में व्यक्ति के रिश्ते टूट सकते है चाहे वह कितना भी मजबूत रिश्ता क्यों न हो क्यूंकि यह मूंगा रत्न मंगल ग्रह का कारक है इसलिए व्यक्ति के उपर मंगल की बुरी दशा और ज्यादा बढ़ जाती है। 
  • मंगल ग्रह की बुरी दशा को कम करने के लिए पहना जाता है लेकिन कभी-कभी उल्टा हो जाता है व्यक्ति को मंगल ग्रह तथा मूंगा रत्न दोनों के बुरे प्रभाव सहने पड़ जाते है इसलिए व्यक्ति जब भी मूंगा रत्न ( Red Coral ) धारण करे उससे पहले अपनी कुंडली में मंगल दोष जरूर दिखवा ले उसके बाद ही मूंगा रत्न पहने यदि आपने ऐसा नहीं किया तो आपको जीवन में सिर्फ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • मूंगा रत्न के बुरे प्रभाव के कारण जातक का स्वभाव एक दम बदल जाता है और उसकी वाणी में भी मधुरता खत्म हो जाती है। वह व्यक्ति इतनी कठोरता पूर्वक बाते करता है कि उसकी किसी भी व्यक्ति के साथ अन बन हो जाती है। उस जातक का लोगों के प्रति व्यवहार में कड़वाहट आ जाती है। जातक का लोगों के प्रति व्यवहार बड़ा निराला हो जाता है क्योंकि इसके बुरे प्रभाव से जातक के स्वभाव में क्रोध की स्थिति ज्यादा बढ़ जाती है।

मूंगा रत्न कितने रत्ती का पहनना चाहिए और इसकी विधि । Right Weight of Red Coral Process

जातक को यह मूंगा कम से कम 5 कैरेट तथा ज्यादा से ज्यादा 9 कैरेट का ही धारण करना चाहिए। यह रत्न सबसे ज्यादा तब फायदा करता है जब व्यक्ति इस मूंगा रत्न को सोने या चांदी की किसी धातु में ढलवाकर पहनता है क्यूंकि यह रत्न मंगल का रत्न है और सोना तथा चांदी मंगल ग्रह से सम्बन्धित धातुएं हैं। यह रत्न मंगलवार के दिन ही पहनना शुभ माना जाता है और इस रत्न को धारण करने के 9 दिन बाद से ही इसके अच्छे बुरे प्रभाव देखने को मिल जाते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की यह मूंगा सिर्फ 3 वर्ष तक ही शुभ प्रभाव देते हुए कारगर रहता है उसके बाद इसके प्रभाव कम होने लगते हैं और कुछ समय बाद यह अपने शुभ प्रभाव देना बंद कर देता है। इसलिए आप धारण किए गए मूँगे को उतार दें और दूसरा विधि विधान से धारण कर लें। लेकिन जब जातक रत्न बदले तथा नया धारण करे उससे पहले ज्योतिष आचार्य से अवश्य पूंछ लें उसके बाद ही धारण करें । 

विधि– इस मूंगा रत्न को धारण करने से पहले इसे किसी सोने या चांदी की धातु में जरूर मढ़वा ले और याद रखें मूंगा रत्न 5 कैरेट से कम तथा 9 कैरेट से ज्यादा ना हो। इस रत्न को कैसे धारण करे इसकी विधि नीचे दिए गए बिंदुओं में बताई गई है कृपया इन बिंदुओं को ध्यान से पढे ताकि किसी भी प्रकार की गलती ना हो। 

  1. इस मूंगा रत्न को सबसे पहले गाय के कच्चे दूध में या गंगाजल से धोकर पूरी रात उसी में डूबा रहने दें क्यूंकि जब इसे पूरी रात व्यक्ति गंगाजल या दूध में डुबोकर रखेगा तो इस रत्न में जो अशुद्धियां होंगी बो सारी खत्म हो जाएंगी और रत्न पूर्ण रूप से शुद्ध हो जाएगा। 
  1. जब भी व्यक्ति मूंगा रत्न धारण करे तो वह ये जानले की मंगलवार के अलावा और कोई दिन तो नहीं है  क्यूंकि मंगलवार के दिन इस रत्न को धारण करना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है वो इसलिए क्यूंकि यह मूंगा रत्न मंगल ग्रह का रत्न है और मंगलवार को इस रत्न को धारण करने से इसके व्यक्ति को सारे अच्छे प्रभाव मिलते है।
  1. जब व्यक्ति इस मूंगा रत्न को पहने तब व्यक्ति को किसी लाल रंग के कपड़े के ऊपर अपना आसन ग्रहण करना चाहिए। और उसे धातु से बनी अंगूठी को भी लाल कपड़े के ऊपर रखना चाहिए। और फिर उस कपड़े के ऊपर कुछ पुष्प रखकर अगरबत्ती जलाए। 
  1. इसके बाद व्यक्ति को ” ॐ भौं भौमाय नमः ” मंत्र का 108 बार जाप करें इसके बाद व्यक्ति इस अंगूठी को अपने दाएं हांथ कि अनामिका अंगुली में धारण कर ले और इस अंगूठी को गन्दा ना होने दे इस रोज साफ करते रहें ताकि आपको इस मूंगा रत्न के अच्छे परिणाम ही मिलें। 

यदि जातक बताई गई विधि के अनुसार मूंगा धारण कर लेता है तो उसे इसके शुभ प्रभाव जल्द ही देखने को मिलेंगे और वह अपने जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करेगा।  


मूंगा रत्न का 12 राशियों पर प्रभाव । Impact of Red Coral Moonga on 12 Signs

इस ब्रह्माण्ड में पाए जाने वाले सभी रत्नों का राशियों पर अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलता है ऐसे ही मूंगा रत्न का सभी राशियों पर प्रभाव कुछ इस प्रकार है। 


मेष राशि 
मूंगा रत्न

मेष राशि का स्वामी मंगल होता है और इस राशि का जातक यदि मूंगा धारण कर लेता है तो यह मूंगा व्यक्ति को फायदा देगा। क्यूंकि यह रत्न मंगल का रत्न होता है। इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह रत्न अत्यधिक फायदेमंद होगा ऐसे में  इस राशि के जातक इस रत्न को अवश्य धारण कर सकते है। 


वृषभ राशि 
मूंगा रत्न

इस राशि के जातकों के लिए यह मूंगा शुभ नहीं होता इसलिए इस राशि के लोग यह रत्न ना पहने क्यूंकि यदि इस राशि का व्यक्ति इसे धारण भी कर लेता है तो उसे इसके कुछ भी फायदे नहीं होंगे तथा व्यक्ति का बहुत लॉस हो जाएगा। 


मिथुन राशि 
मूंगा रत्न

जब भी इस राशि का जातक मूंगा धारण करे तो उससे पहले वह व्यक्ति किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से परामर्श ले की व्यक्ति यह रत्न पहन सकता है या नही। हमारे ज्योतिष आचार्य के हिसाब से इस राशि के लोग मूंगा नही पहन सकते। 


कर्क राशि 
मूंगा रत्न

इस राशि के लोग इस मूंगा को आसानी से धारण कर सकते है क्यूंकि इस राशि के स्वामी चन्द्र का मूंगा के स्वामी मंगल के साथ अच्छा व्यवहार रखते है इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह मूंगा अत्यधिक फायदेमंद होगा तथा इस राशि के जातक यह रत्न धारण कर सकते है। 


सिंह राशि 
मूंगा रत्न

इस राशि के लोगो के लिए यह रत्न काफी योग कारक यानी लाभदायक है क्यूंकि इस राशि के लोगो के उपर मूंगा के स्वामी मंगल गृह योग का कारक होता है। इसलिए इस राशि के लोग यह रत्न अवश्य धारण कर सकते है।


कन्या राशि 
मूंगा रत्न

इस राशि के जातक मूंगा नही धारण कर सकते क्यूंकि यह मूंगा इस राशि के जातकों के लिए लाभदायक नही होता। इसलिए ऐसे में इस राशि के जातक यह रत्न पहनने की गलती न करें।


तुला राशि 
मूंगा रत्न

इस राशि के लोगों को भी मूंगा नही पहनना चाहिये क्यूंकि यह रत्न इस राशि के व्यक्तियों को बर्वादी की ओर ले जाता है  इसलिए इस राशि के जातक यह रत्न न धारण करें। 


वृश्चिक राशि 
मूंगा रत्न

इस राशि के जातक मूंगा धारण कर सकते है। लेकिन कुछ विशेष परिस्थिति में क्यूंकि यह मूंगा व्यक्ति को किसी विशेष परेशानी से बचने में साहयता कर सकता है। लेकिन इस राशि के व्यक्ति इस मूंगा को धन संपत्ति आदि को बढ़ाने के लिए धारण करेंगे तो उन्हें  लॉस होगा इसलिए इस राशि के जातक मूंगा किसी विशेष परिस्थिति में ही पहनें। 


धनु राशि 
मूंगा रत्न

इस राशि के जातक मूंगा नही पहन सकते है हाँ पहन सकते हैं केवल वे लोग जो उच्च रक्त चाप बिमारी से ग्रषित है क्यूंकि यह मूंगा उन व्यक्तियों  को इस बिमारी से लड़ने में साहयता देगा परन्तु इस बीमारी के अलावा और कोई व्यक्ति इसे ना पहने अन्यथा उस नुकसान हो सकता है। 


मकर राशि 
मूंगा रत्न

इस राशि के व्यक्तियों को तो मूंगा बिलकुल भी नही पहनना चाहिये। क्यूंकि अगर इस राशि के लोग मूंगा रत्न पहनते है तो उन्हें हर काम में नुकसान होगा इसलिए इस राशि के लोगों को मूंगा नहीं पहनना चाहिए।  


कुंभ राशि 
मूंगा रत्न

इस राशि के लोगों को भी इस मूंगा को किसी विशेष परिस्थिति में धारण करना चाहिये अन्यथा नही करना चाहिये। यदि इस राह के व्यक्ति मूंगा धारण भी करते है तो उन्हें उसके फायदे नहीं मिलेंगे इसलिए इस राशि के लोग मूंगा ना धारण करें। 


मीन राशि 
मूंगा रत्न

इस राशि के लोगों के लिए मूंगा बहुत फायदेमंद होता है इसलिए इस राशि के जातक मूंगा धारण कर सकते है और अपने जीवन में हो रहीं सभी समस्याओं को खत्म कर सकते है। 


एक विशेष सूचना– हम आशा करते हैं की सभी पाठकों को मूंगा रत्न का राशियों पर क्या प्रभाव रहेगा यह पता चल गया होगा तो एक बात हमेशा याद रखें मूंगा या कोई अन्य रत्न किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य के पूछे बिना नही पहनना चाहिए।


मूंगा रत्न की पहचान । मूंगा रत्न का असली या नकली होना । How to identify Real Red Coral  

आज के समय में पाए जाने वाले रत्न असली बहुत कम मिलते है क्यूंकि आज के युग में नकली एवम् डुप्लीकेट रत्न ज्यादा मिलते हैं इसी कारण व्यक्ति को रत्न के फायदे नहीं होते है। इसलिए मूंगा व्यक्ति जब भी खरीदे तो वह इसकी पहचान कर ले ताकि उसे रत्न के फायदे मिल सकें। मैं आपको नीचे दिए गए बिंदुओं में बताऊंगा कि आप मूंगा को कैसे पहचानें की रत्न असली है या नकली।

  • जब व्यक्ति मूंगा ले तो वह असली या नकली की पहचान करने के लिए इस मूंगा को दूध में डाल दें और यदि रंग लाल हो जाय तो समझो मूंगा असली है। और अगर किसी और रंग का होता है या सफ़ेद ही रहता है तो वह मूंगा रत्न नकली होगा।
  • मूंगा को दूध में डालने पर रत्न के अन्दर से निकलने वाली विकिरण किरने दूध में मिल जाती है। जिससे दूध का रंग लाल दिखाई देने लगता है लेकिन जब मूंगा दूध से बहार निकालोगे तो उसका रंग फिर से सफ़ेद हो जायगा।
  • जब मूंगा असली होता है तो हम उसे अगर किसी काँच के टुकड़े पर रगड़ते है तो उसमे बिलकुल आवाज नही होती लेकिन यदि रत्न नकली है तो उसे शीशे पर रगड़ने से बहुत तेज आवाज होती है।
  • मूंगा को किसी सफ़ेद कपडे के उपर रखें और फिर उसपर कोई एक प्रकाश किरण डालें प्रकाश किरण डालने के बाद आवर्धन लेंश की साहयता से इसकी जांच करें  अगर रत्न असली है तो उसकी सतह एक सामान दिखाई देगी लेकिन यदि रत्न नकली है तो उसकी सतह पर दाने से निकले हुए दिखाई देंगे।
  • मूंगा को पहचानने का सबसे आसान तरीका यह है की एक हल्दी की गांठ ले और उसके उपर रत्न को कस के रगड़ें रगड़ने के पश्चात यदि हल्दी का रंग लाल हो जाता है तो यह असली मूंगा होगा और अगर हल्दी के रंग में कोई परिवेर्तन नही होता है तो वह नकली मूंगा रत्न होगा।

मूंगा रत्न के विकल्प उपरत्न । Substitute Of Red Coral Moonga

इस पूरी दुनिया में पाय जाने वाले हर एक रत्न का उपरत्न पाया जाता है इसी के साथ इस मूंगा रत्न के भी उपरत्न हम आपको नीचे दिए गय बिन्दुओं में बतायंगे।

  • मूंगा का उपरत्न ठीक मूंगा की तरह दिखता है इस उपरत्न  में मूंगा की तरह एक विशेष चमक होती है जिसका नाम लाल हकीक होता है इस उपरत्न को भी धरण करने से व्यक्ति को सफलता प्राप्त होती है क्यूंकि यह उपरत्न भी मूंगा की तरह काम करता है।
  • इस रत्न का दूसरा उपरत्न जिसका नाम तामडा तथा जिसे संग सितारा भी  कहा जाता है यह भी एक ऐसा उपरत्न है जो की मूंगा के सामान अपना प्रभाव दिखाता है  जो की मूंगा रत्न  से कम कीमत का भी होता है जिसे व्यक्ति आसानी से खरीदा जा सकता है।

मूंगा रत्न से साबधानियाँ । Cautions of Red Coral Moonga

जब भी व्यक्तीं मूंगा धारण करे तो उसे इससे बहुत सब्धानियाँ बर्तनी चाहिये क्यूंकि यदि व्यक्ति रत्न से सबधानियाँ नही बरतेगा तो उसे तमाम तरह की परेशानियों से सामना करना पड़ेगा इसलिए व्यक्ति को मूंगा रत्न से सबधानियाँ तथा धारण करने से पहले किसी ज्योतिष आचार्य से भी पुंछ लेना चाहिये नही तो व्यक्ति को मूंगा रत्न के फायदों की जगह नुक्सान का सामना करना होगा।