धन प्राप्ति और अमीर बनने के उपाय टोटके

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धन प्राप्ति के टोटके | अमीर बनने के उपाय

धन प्राप्ति

धन प्राप्त करने की इच्छा आज के समय में हर किसी की होती है परंतु जातक धन प्राप्त करने में असमर्थ रहता है। जातक धन कमाने के जरीय खोजता है परंतु उसे सफलता नही मिलती या हम कह सकते हैं माता लक्ष्मी की कृपा नही होती है। धन जिसे हम पैसा और रुपया कहते हैं।

आज के समय में जितना महत्व धन का है उतना महत्व इंसान का भी नही है। जातक धन प्राप्त करने की चाह में अच्छे बुरे  सभी कार्य करने लगता है। परंतु जातक सही और अच्छे कार्य करके भी पैसा उससे ज्यादा कमा सकता है जितना गलत कार्यों से कमाते हैं लेकिन फर्क इतना होगा की मेहनत से कमाया गया पैसा धीरे-धीरे बढ़ेगा और गलत कार्यों से कमाया गया पैसा एक दम आ जाता है।

इसीलिए ज्योतिष शास्त्र की मदद से हम आप सभी के लिए धन प्राप्त करने के उपाय [ लक्ष्मी प्राप्त करने के उपाय ] और धन प्राप्त करने के टोटके लेकर आएँ हैं जिनकी मदद से आप अपने जीवन में बेहतर और सुख का अनुभव कर पाएंगे। इन उपायों की मदद से जातक के ऊपर माँ लक्ष्मी की खूब कृपा बरसेगी।



धन प्राप्त करने के उपाय । लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के मतानुसार धन प्राप्त करने के लिए माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करना सबसे उत्तम उपाय बताया गया है। लेकिन जातक अगर महालक्ष्मी पूजन करता है तो उसके ऊपर माता लक्ष्मी की कृपा अवश्य होती है। 

महालक्ष्मी पूजन 

धन प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले आज के समय में सभी हैं परंतु माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करना सबके बस की बात भी नही है। जैसा की आप सबको पता है माता लक्ष्मी की कृपा के बिना धन कमाना और धन प्राप्त करना असंभव है। इसी के साथ महालक्ष्मी पूजन की विधि बता रहा हु जो कुछ इस प्रकार है- महालक्ष्मी का पूजन शुक्रवार के दिन बेहद शुभ और प्रभावकारी माना जाता है।

माता लक्ष्मी की एक फोटो या मूर्ति रखें और फिर उसके सामने तिल के तेल या शुद्ध घी का दीपक जलाकर रखें। उसके बाद माता लक्ष्मी को हल्दी और कुमकुम का तिलक करें। एक गुलाब का फूल माता के चरणों में अर्पित करें और उसके बाद धूप जलाकर पूजा प्रारम्भ करें।

माता लक्ष्मी को दूध व गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाएँ और अपने जीवन में धन प्राप्ति, सुख -समृद्धि और माता लक्ष्मी अपनी कृपा सदैव मेरे ऊपर बनाए रखना ऐसी कामना करते हुए माता के चरण छूएँ और सर झुकाकर छमा मांग लें की हे माँ यदि मुझसे किसी प्रकार की कोई भूल हुई हो तो छमा करना और फिर वहाँ से उठ जाएँ और भोग लगाए हुए प्रसाद को कन्याओं में बांट दें।


धन प्राप्त करने के लिए यंत्र पूजा

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जातक धन प्राप्त करने के लिए कई यंत्रों का पूजन करता है और उन्हे अपने घर में लाकर धन का आगमन भी करता है। लेकिन आज के समय में जातक अपना सुख और धन देखने के कारण गरीब और असहाय लोगों को परेशान करता है और धन प्राप्त करने की इच्छा को पूर्ण करता है।

इसी लिए धन प्राप्ति के लिए यंत्रों की पूजा को सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना गया है। जिसमें महालक्ष्मी यंत्र, श्री यंत्र, धन वर्षा यंत्र, बिजनेस बढ़ोत्तरी यंत्र और लक्ष्मी-कुबेर यंत्र को बेहद लाभकारी और कारगर माना गया है। इन यंत्रो की मदद से जातक अपने व्यापार में बढ़ोत्तरी कर पाता है और धन प्राप्ति की इच्छा पूर्ण कर पाता है इसके साथ-साथ घर-परिवार में सुख समृद्धि आती है। धन प्राप्त करने के लिए यंत्र कुछ इस प्रकार हैं- 

नवग्रह यंत्र 

इस यंत्र को नवग्रह यंत्र इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह यंत्र सभी नौ ग्रह [ सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु ] को अपनी शक्ति से मजबूत बनाने में सक्रिय माना जाता है। इस यंत्र की आकृति ज्यामितिक होती है। नवग्रह यंत्र के प्रभाव से सभी ग्रहों के अशुभ प्रभावों को कम किया जा सकता है और उनकी अशुभता को दूर करके शुभ परिणाम प्राप्त किए जा सकता है।

यदि जातक नवग्रह यंत्र का पूजन शुद्ध मन और पवित्र हृदय के साथ करता है तो इसके प्रभाव से जातक को धन प्राप्त होगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी जिससे वह खुशहाल जीवन जी पाएगा।


महालक्ष्मी यंत्र 

इस यंत्र को महालक्ष्मी माता की प्रसन्नता के लिए स्थापित किया जाता है। इस यंत्र की मदद से जातक के ऊपर महालक्ष्मी की खूब कृपा बरसती है। महालक्ष्मी यंत्र का पूजन करने से जीवन में सकारात्मक परिणाम, घर-परिवार में सुख-समृद्धि और धन-दौलत के भंडार भरते है।

इस यंत्र के प्रभाव से जातक के जीवन में दरिद्रता और निर्धनता दूर होती है। जातक की आर्थिक स्थिति मजबूत हो जाती है जिससे जातक अपने जीवन में सब अच्छा कर पाता है।


श्री धन वर्षा यंत्र

ज्योतिष शास्त्र के मतानुसार इस यंत्र का नाम ही धन वर्षा यंत्र है जिससे साफ दिखाई देता है की इस यंत्र की पूजा करने से धन-दौलत के भंडार भरेंगे। धन की देवी माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद और कृपा पाने के लिए इस यंत्र का उपयोग किया जाता है क्योंकि इस यंत्र के पूजन से माता लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं और अशुभता को दूर करती हैं।

माता लक्ष्मी के आशीर्वाद से जातक अच्छा धन प्राप्त करता है और जीवन में अच्छे परिणामों को प्राप्त करते हुए आगे बढ़ता है। धन प्राप्ति में आने वाली रुकावटों में यह यंत्र बेहद कारगर साबित होता है जिससे रुकावटें दूर होती हैं। इस यंत्र को धन प्राप्ति के लिए सबसे लाभकारी और सही यंत्र माना जाता है।


श्री यंत्र

इस यंत्र के पूजन से जातक के जीवन में सुख-शांति, प्रेम और धन में बृद्धि होती है। श्री यंत्र की मदद से माता लक्ष्मी की कृपा बरसती है और सब अच्छा होता है। श्री यंत्र के प्रभाव से नकारात्मकता दूर होती है और सकरतमकता बढ़ती है जिससे जातक अपने जीवन में धन और सुख का अनुभव कर पाता है।

वैवाहिक जीवन में मधुरता बनाए रखने के लिए इस यंत्र को सबसे ज्यादा प्रभावकारी यंत्र माना गया है। श्री यंत्र कुकर्म करने वाले व्यक्तियों को अच्छे मार्ग पर ले जाता है और सुख-समृद्ध बनाता है।


कुबेर पूजन 

पौराणिकता के अनुसार कुबेर महाराज को स्थायी धन का अधिपति माना जाता है। क्योंकि कुबेर देव धन को स्थायी रखने का कार्य करते हैं और माता लक्ष्मी धन को गतिमान बनाए रखती हैं। कुबेर महाराज को खजाने के रूप में स्थायी धन का देवता भी कहा जाता है इसलिए माता लक्ष्मी के समान कुबेर जी का भी पूजन किया जाता है।

कुबेर जी को पूरे ब्रह्मांड में धन के देवता के नाम से जाना जाता है मान्यताओं के अनुसार कुबेर एक मात्र ऐसे देवता हैं जो धन को स्थायी रखते हैं और धन के देवता कहे जाते हैं। कुबेर जी का पूजन और मंत्र करके आप अपने धन को । इसी कारण कुबेर यंत्र और पूजन को धन प्राप्ति का सबसे अच्छा उपाय माना जाता है।स्थायी बना सकते हैं। और धन के देवता कुबेर जी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते है


श्री सूक्त पाठ  

धन प्राप्ति के लिए श्री सूक्त पाठ का उपाय सबसे बेहतर माना जाता है। इसके पाठ से जातक माता लक्ष्मी को प्रसन्न कर सकता है और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है। ऋगुवेद में लक्ष्मी जी की आराधना करने के लिए श्री सूक्त के प्रभावकारी मंत्रों का उल्लेख किया गया है।

यदि जातक शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी का पूजन करता है और पूजन के बाद श्री सूक्त का पाठ करता है तो इससे माता लक्ष्मी की कृपा आपके ऊपर खूब बरसेगी। श्री सूक्त पाठ से माता लक्ष्मी खुश होती हैं जिससे जातक को सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।


धन प्राप्ति के लिए स्तोत्र व श्लोक

प्राचीन मतों के अनुसार स्तोत्र व श्लोक का उच्चारण करने से जातक के जीवन में सभी दुखों का निवारण होता है। जब जातक स्तोत्र व श्लोक का पाठ करता हैं तो उसके जीवन में सुख-समृद्धि, आर्थिक स्थिति में मजबूती आदि में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। धन प्राप्ति के लिए स्तोत्र व श्लोक कुछ इस प्रकार हैं- 

महालक्ष्मी अष्टकम 

इस अष्टकम का पाठ प्रतिदिन करने से जातक को धन-यश और वैभव की प्राप्ति होती है। महालक्ष्मी अष्टकम जातक को उसके दुश्मनों से बचाता है और किसी भी परेशानी के लिए पहले ही आगाह करने का कार्य करता है। इसके जाप से जातक के गलत कार्यों के कारण हुए पाप कम होते हैं और मन को शांति मिलती है।


महालक्ष्मी कवच 

इस स्तोत्र का जाप करने से जातक की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और मजबूती प्राप्त होती है। इसके शुभ प्रभाव से जातक की सेहत अच्छी रहती है और लंबी उम्र जीने का सौभाग्य प्राप्त होता है।


कनकधारा स्त्रोत 

जब जातक धन प्राप्त करने की इच्छा रखता है और धन बचाने की कोशिश करता है लेकिन उसके पास धन नही रुकता है तो इसके लिए जातक को कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए इसके प्रभाव से धन लाभ होता है और धन बचाने में मदद मिलती है।


नारायण कवच

इस कवच को भागवत पुराण के 8वे अध्याय में बताया गया है। यह सबसे अधिक ताकतबर और प्रभावकारी मंत्र माना जाता है क्योंकि यह मंत्र भगवान विष्णु को समर्पित है। इस मंत्र के उच्चारण से जातक के घर परिवार में सुख-शांति और धन का आगमन बना रहता है। इस मंत्र को प्रतिदिन स्नान करने के जाप करने से सारे कष्ट दूर होते हैं।

यह कवच जातक की बुरे लोगों और बुरी शक्तियों से रक्षा करता है। विष्णु भगवान के इस मंत्र के जाप करने से माता लक्ष्मी भी अति प्रसन्न हो जाती है जिसके कारण यह मंत्र और अधिक प्रभावशाली हो जाता है। जिससे धन की माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।


लिंगाष्टकम 

भगवान शिव को प्रसन्न और उनका आशीर्वाद पाने के लिए इस मंत्र का उच्चारण करना चाहिए। इस मंत्र के शुभ प्रभाव से जातक के जीवन में आठ प्रकार के बुरे दोषों का नाश होता है। जिससे जातक के जीवन में शुभ फलो का आगमन होता है। लिंगाष्टकम मंत्र कुछ इस प्रकार है-

अष्टदलोपरिवेष्टित लिंगं, सर्वसमुद्भवकारण लिंगं।

अष्टदरिद्रविनाशित लिंगं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगं॥


धन लाभ के उपाय 

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जातक की जन्म कुंडली में दूसरा, आठवा और ग्यारवा भाव धन से संबंध रखने वाले होते हैं। यदि जातक अपनी कुंडली में इन भावों को मजबूत बना ले तो उससे जातक के जीवन में होने वाली आर्थिक तंगी खतम हो सकती है। गुरु ग्रह को धन का कारक ग्रह भी कहा जाता है।

आप धन प्राप्ति के उपाय करके अपनी कुंडली में गुरु ग्रह को अच्छा कर सकते हैं जिससे आपके जीवन में धन-दौलत का आगमन होगा और सुख-शांति बनी रहेगी। गुरु ग्रह को अच्छा करने के लिए इस मंत्र का जाप करें जो इस प्रकार है- 

देवानां च ऋषिणां च गुरुं काञ्चनसन्निभम्। बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्।।

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः। ह्रीं गुरवे नमः। बृं बृहस्पतये नमः।

गुरु ग्रह के समान शुक्र ग्रह को भी सुख-सुविधा का कारक ग्रह माना जाता है इसलिए जातक यदि शुक्र ग्रह के उपाय और मंत्र करके अपनी कुंडली में शुक्र की स्थिति को अच्छा कर लेता है तो जातक को शुभ परिणाम प्राप्त होंगे। शुक्र को शक्तिशाली बनाने के लिए मंत्र कुछ इस प्रकार है-

हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम। सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम।।

ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः। ह्रीं शुक्राय नमः। शुं शुक्राय नमः।

गुरु और शुक्र ग्रह के साथ-साथ शनि और राहु ग्रह के बुरे प्रभाव के कारण धन आगमन या सुख-सुविधाओं में रुकावट पैदा होती है तो जातक को शनि और राहु ग्रह से संबंध रखने वाले मंत्रों अथवा उपायों को करना चाहिए।


पैसा बढ़ाने के टोटके । वास्तु शास्त्र के अनुसार धन प्राप्त करने के उपाय 

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार धन प्राप्त करने के कई सारे उपाय और टोटके बाते गए हैं। फेंग्शुई के मतानुसार यदि दक्षिण पूर्व दिशा धन का प्रतिनिधित्व करने वाली दिशा होती है। इसीलिए इस दिशा को धन का कोना कहा जाता है। इस दिशा में छोटी लकड़ी कहते हैं और हारा रंग इसका प्रतिनिधित्व करने वाला होता है।

इस दिशा में हरे रंग की चीजॉन का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना चाहिए। ऐसा करने से जातक के जीवन में और घर परिवार में धन-दौलत में बढ़ोत्तरी होगी और सुख-समृद्धि आएगी। जिससे जातक की आर्थिक स्थिति बेहद महबूत हो जाएगी।

वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा को कुबेर जी का स्थान माना जाता है जैसा की आपस अभी जानते हैं की भगवान कुबेर यदि प्रसन्न हो जाएँ तो घर परिवार में धन की कमी नही हो सकती है। क्योंकि कुबेर जी धन को स्थित बनाए रखने का कार्य करते हैं। यदि जातक उत्तर दिशा में धन, आभूषण, जरूरी कागजात, प्रापर्टी के कागज अथवा तिजोरी उत्तर दिशा में रखता है तो जातक के घर में कभी धन की कमी नही होगी।

उत्तर दुशा को साफ-सुथरा रखें और वह पर धन से संबन्धित वस्तुएँ रखने से सब कुछ अच्छा होता है। जातक यदि ऐसा करता है तो उसके परिवार में सुख-समृद्धि आएगी और आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत होगी। ऐसा संभव न हो तो जातक यदि भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की फोटो या मूर्ति उत्तर दिशा में लगाएँ अथवा कुबेर यंत्र को उत्तर दिशा की ओर रखे इससे आपको आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।

नोट- यदि जातक नीचे दीय गए उपायों पर अमल करता है तो उसके जीवन में सभी दुखों का नाश होगा और जातक धन-दौलत प्राप्त करते हुए खुश रहेगा। 


धन प्राप्त करने के अन्य मुख्य उपाय 

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज के समय में अधिकतर जातक-जातिका धन को लेकर परेशान रहते हैं क्योंकि वे यदि धन कमाते हैं तो बचता नही और यदि बचाता है तो धन कमा नही पाते हैं। ऐसे में जातक रोजमर्रा की जिंदगी में कई ऐसी गलतियाँ करता है जिसके कारण जातक को अपने जीवन में इन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसीलिए हम आज उन समस्याओं और उन गलतियों से आगाह करने आए हैं।

गृह कलेश 

यदि आपके घर में लड़ाई-झगड़े होते हैं और आपस में किसी की बनती नही है तो यह धन न होने और गरीबी की ओर ले जाने का सबसे बड़ा कारण हैं क्योंकि जिस घर में कलेश होता है उस घर मीन माँ लक्ष्मी की कृपा नही होती है। इसलिए लड़ाई होने का कारण जाने और उसका समाधान करें। इसके साथ-साथ अपनी माता और पत्नी का सम्मान करें और उन्हे खुश रखें। जिस घर में दरिद्रता और कलेश रहता है उस घर में माता लक्ष्मी कभी नही जाती हैं इसलिए कलेश को खत्म करें और शांति बनाए रखें माता लक्ष्मी की कृपा अवश्य होगी।


तुलसी पूजा 

मान्यताओं के अनुसार तुलसी की पूजा करना और घर में तुलसी होने बेहद लाभकारी और शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है की जिस घर में तुलसी नही होती उस घर में दरिद्रता रहती है। इसलिए घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाएँ और उसकी प्रतिदिन पूजा करें। तुलसी के पेड़ के पास प्रतिदिन शाम के समय घी का दीपक जलाएँ, इससे माता लक्ष्मी की दया आप पर होगी। 


घर में पूजा पाठ 

जिस घर में प्रतिदिन पूजा पाठ होता है उस घर में माता लक्ष्मी की कृपा खूब बरसती है। सुबह स्नान करने के बाद पूजा करें और उसके बाद भगवान को भोग लगाएँ और फिर स्वंम भोजन करें ऐसा प्रतिदिन करने से आपके घर में खुशहाली आएगी और सुख-शांति बनी रहेगी।


पूजा स्थल

घर में पूजा स्थान सदैव अलग होना चाहिए इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। जब पूजा का स्थान अलग होग तो वह पर सफाई भी रहेगी और शुद्धता भी रहेगी। जिससे माता लक्ष्मी खुश होगी और आपके घर पर धन की वर्षा करेंगी। परंतु एक विशेष बात का ध्यान रखें पूजा स्थान में अशुद्ध, चप्पल पहनकर और गंदे वस्त्र पहनकर न जाएँ अथवा घर में अशुद्धता फैलेगी और माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाएंगी।


सफाई का ध्यान रखें 

जिस घर में सफाई नही होती है उस घर में माता लक्ष्मी का वास नही होता है। इसीलिए घर में सफाई रखना बेहद जरूरी माना जाता है। सुबह सारे कार्य बाद में करें सबसे पहले पूरे घर में झाड़ू लगाएँ और पूजा स्थल को साफ करें और स्नान के बाद पूजा करें उसके बाद घर के अन्य कार्यों में व्यस्त हों। याद रखें शाम के समय झाड़ू न लगाएँ क्योंकि ऐसा माना जाता है की शाम को लगाई गई झाड़ू माता लक्ष्मी को घर से बाहर निकाल देती है। रात में जूठे बर्तन न रखें उन्हे धोएँ और सफाई करने के बाद ही सोएँ।


दान-पुण्य 

ऐसा माना जाता है जातक जो भी धन कमाता है और वह उस धन से कुछ धार्मिक कार्यों अथवा गरीबों की मदद के लिए दान करता है तो उसके कारोबार और धन प्राप्ति में बढ़ोत्तरी होती है। क्योंकि ऐसे में माता लक्ष्मी प्रसन्न हो जाती है और अपनी कृपा जातक पर खूब बरसाती हैं। किसी की मेहनत का पैसा न लें और यदि लें तो उसका समय रहते वापस कर दें।


हम आशा करते हैं इस लेख में आपको धन प्राप्त करने के उपाय और टोटके समझ आ गए होंगे जिनकी मदद से आप अपने जीवन में धन प्राप्ति कर सकते हैं। माता लक्ष्मी आपके ऊपर अपनी कृपा सदैव बनाए रखें।