यंत्र/Yantra, कवच/Kavach के लाभ उपाय प्रभाव

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यंत्र ( कवच ) का परिचय एवं महत्व

यंत्र-Yantra के फायदे लाभ उपाय

यंत्र या कवच – दैनिक जीवन में हम पाते हैं कि कुछ लोग बहुत धनी, आध्यात्मिक या संतुष्ट हैं। वे ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें भगवान शिव की कृपा प्राप्त हुई है और वे अपने पिछले अच्छे कर्मों के फलों को महसूस कर रहे हैं। दूसरी ओर ऐसे व्यक्ति हैं जो संतुष्ट नहीं हैं, गरीब हैं और औसत या दयनीय जीवन जी रहे हैं। ऐसे व्यक्ति अपनी वस्तु की प्राप्ति के लिए दर-दर भटकते रहते हैं। लेकिन वास्तविक व्यवहार में उन्हें वास्तव में चाहने से कुछ और ही मिलता है।

इसलिए वे अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए शॉर्टकट तरीके खोजने की कोशिश करते हैं। परंतु यह बिना किसी संदेह के किया जा सकता है लेकिन सक्षम गुरु के मार्गदर्शन के बिना नहीं जो आजकल इस भौतिक संसार में प्राप्त करना बहुत कठिन है। ऐसे उपदेशकों में संत, गॉडफादर ये व्यक्ति शामिल हैं जो भगवान के निकट हैं। वे मंत्र, तंत्र और कवच के माध्यम से रास्ता बताते हैं।

यंत्र कवच को हमेशा 27000 जप या 54000 जप या 100008 जप से ही बनाना चाहिए।

विशेष स्तिथि में ही जप की क्षमता बड़ाई जाती है।

कवच जादू नहीं है बल्कि एक सात्त्विक उपचार, मार्ग या वैदिक तकनीक है जिसके माध्यम से आप सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं और अपनी इच्छाओं को प्राप्त कर सकते हैं और यह सबसे छोटा तरीका है बशर्ते निर्देशों का पालन किया जाए। इसकी शक्ति बहुत व्यापक है और हमारे महाऋषियों ने इसका अभ्यास किया है और इसे पूर्णता प्राप्त की है। उन्होंने हमें रास्ता दिखाया है। अब यह हमारे ऊपर है कि हम उनका कौन सा तरीका अपनाते हैं। किसी का कुछ गलत मत करो। अच्छा करो और अच्छा पाओ।

हमारे विभिन्न शास्त्रों में कवच को उच्च सम्मान में रखा गया है क्योंकि यह ईश्वर और इच्छाओं की प्राप्ति का मार्ग है। कहा जाता है कि इनमें देवों का वास होता है और कवच की पूजा किए बिना आप देवों को प्रसन्न नहीं कर सकते हैं और न ही आप यंत्रों के वांछित परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। 


पंच तत्वों के आधार पर कवच

पंच तत्व ( अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल और आकाश ) किसी भी कवच के आधार हैं और सही प्रक्रिया के साथ तैयार होने और समर्पण के साथ प्रार्थना करने पर मन वांछित परिणाम देते हैं।

पृथ्वी यंत्र

यह संतोष, आराम, महत्वाकांक्षा और सफलता प्रदान कराता है।

जल यंत्र  

यह जातक को सम्मान व आशीर्वाद प्राप्त कराता है। इसके प्रभाव से प्रेम और बुद्धि में बढ़ोत्तरी होती है। जातक के जीवन में अशान्ति दूर होती है। 

अग्नि यंत्र

यह मान-सम्मान और सफलता दिलाने वाला, परेशानियों को टालने ( दूर करने ) आदि में सहायक होता है।

वायु यंत्र 

यह कठिनाइयों, अनादर, नासमझी आदि का प्रतिनिधित्व करता है। वे ऐसी वृत्ति को बढ़ाते हैं और उपयोगकर्ताओं को दोषों की ओर आकर्षित करते हैं।

आकाश यंत्र 

यह स्नेह पैदा करने और शिक्षा के लिए उपयोगी होता है। सबके प्रति प्रेम, चिंता दूर करना और एकांत में साधना में सफलता प्राप्त कराता है।


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यंत्र के प्रकार 

शास्त्रों के अनुसार यंत्र सात प्रकार के होते हैं। जिनका उपयोग उसी के अनुसार किया जाता है। शरीर में छह चक्र होते हैं, जिनसे कुंडलिनी जाग्रत होती है। ये प्रत्येक चक्र के लिए विशिष्ट कवच है जो पहने या उपयोग किए जाते हैं। सभी कवचों के अलग-अलग मंत्र होते हैं जिन्हें अगर पढ़ा जाए तो अलग-अलग लाभ का संकेत मिलता है। इन्हें साधारणतया शरीर कवच भी कहते हैं। जो कुछ इस प्रकार हैं- 

धारण यंत्र  

जैसा कि नाम से पता चलता है कि यह कवच शरीर के किसी भी भाग पर धारण कर सकते हैं जिससे हमे शारीरिक और मानसिक परेशानियों से लड़ने में मदद मिलती है। 

आसन यंत्र 

इस कवच को किसी पूजा अथवा ईश्वर भक्ति के दौरान लगाया जाने वाले आसन के नीचे स्थापित किया जाता है जिससे पूजा और इसके प्रभाव से जातक को शुभ फल प्राप्त होते हैं। 

मंडल यंत्र 

इस यंत्र में 9 लोग भाग लेते हैं और जब इसको धारण किया जाता है तो वह व्यक्ति मध्य में बैठता है और वाकि के 8 लोग उस जातक के आसपास बैठते हैं जिससे आसुरी शक्तियाँ उस जातक के आस-पास नही आ पाती है। इस कवच के प्रभाव से जातक के जीवन में सकारात्मक्ता का प्रसार होता है। 

पूजा यंत्र

यह एक ऐसा कवच है जो पूजा स्थलों ( मंदिर अथवा घर का मंदिर ) पर स्थापित किया जाता है। क्योंकि यह पूजा स्थल पर सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है और जातक के जीवन पर ईश्वर कृपा बरसाने में मदद करता है। 

छतर यंत्र

यह पगड़ी, टोपी, रुमाल आदि में धारण किया जाता है क्योंकि इसके प्रभाव से जातक को मानसिक तनाव, गुस्सा और भूतिया बाधाओं से बचाव मिलता है।    

दर्शन यंत्र

यह ऐसी जगह पर स्थापित ( अपने बेडरूम की दीवार पर, गाड़ी में, घर के दरबाजे पर, दफ्तर आदि में ) किया जाता है जहां स्थापित करने वाले व्यक्ति कि सीधी नज़र इस कवच पर पड़े तो यह जातक को सफलता का आशीर्वाद देता है। इसकी पूजा करने से जातक को परेशानियों और बुराइयों से लड़ने कि शक्ति प्रदान होती है। 

श्री यंत्र  

श्री यंत्र ( Shree Yantra ) सबसे शुभ और उत्तम फल देने वाला होता है। यह सभी सांसारिक इच्छाओं को प्राप्त करने और इच्छा से ऊपर रहने का स्रोत माना जाता है। यह जातक को उन्नति कि ओर ले जाने में मदद करता है। 


नवग्रह यंत्र लाभ उपाय – Navgraha Yantra Upay

नवग्रह यंत्र - Navgrah Yantra के फायदे लाभ उपाय

वैदिक ज्योतिषशास्त्र में नवग्रहों को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है। क्योंकि जातक कि कुंडली और जातक का जीवन इन्ही नवग्रहों पर आधारित होता है। यानि जातक के जीवन में अच्छा बुरा सब कुछ ग्रहों कि स्थिति पर निर्भर करता है। जातक के बनते काम बिगड़ने लगते हैं वो भी ग्रहों कि स्थिति पर निर्भर करता है। जातक कि जन्म कुंडली में नवग्रह के नौ देवता होते हैं। जो जातक के जीवन में सभी क्षेत्रों को अपनी स्थिति के अनुसार फल देते हैं। नवग्रह कवच ( Navgrah Yantra ) की स्थापना करने से जातक कि कुंडली में अशांत ग्रह शांत हो जाते हैं और उनके बुरे प्रभाव कम होने लगते हैं। 

यह कवच जातक के जीवन में सुख-समृद्धि, प्रसन्नता और सफलता के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। नवग्रह कवच जातक को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और कर्ज मुक्ति से राहत दिलाता है। इसको अपने घर या दफ्तर या कार्यक्षेत्र में स्थापित करने से अशुभ ग्रहों के प्रभाव से जो समस्याएँ उत्पन्न होती हैं वे कम होती है। नवग्रह कवच जातक के घर में शांति बढ़ाता है और आसुरी शक्तियों से लड़ने में मदद करते हैं।


सूर्य यंत्र लाभ उपाय – Surya Yantra Upay

सूर्य यंत्र- Surya Yantra के फायदे लाभ उपाय

जब किसी जातक की जन्म कुंडली में या उसके नाम पर आधारित राशि के अनुसार सूर्य अशुभ होता है तो ग्रह अशुभ प्रभाव का संकेत देता है। यह सूर्य ( Surya Yantra ) बहुत उपयोगी है। यह मन की शांति को बढ़ाता है, वरिष्ठ अधिकारियों और सरकार से अनुग्रह प्राप्त करता है। शत्रुओं का दमन होता है और सूर्य के अशुभ प्रभाव समाप्त होते हैं। इसकी साधना-पूजा करने से कभी असफलता का मुह नही देखना पड़ता है। इसके प्रभाव से कानूनी विवादों में सफलता मिलती है। 

हृदय अथवा नेत्र रोग से पीड़ित जातक को इसकी पूजा करने से लाभ होता है। ऐसे जातक जिनकी अपने पिता से हमेशा अनबन रहती है तो उनके लिए यह बेहद लाभदायक होता है। यदि जातक अपमानजनक परिस्थितियों से बचना चाहता है तो वह इससे बनी अंगूठी या पेंडेंट धारण करें। मान्यताओं के अनुसार यदि जातक की जन्म कुंडली में सूर्य ग्रह खराब है तो जातक की कुंडली में अन्य सभी ग्रह भी अपना पूर्ण प्रभाव नहीं दिखा पाते। ऐसे में सूर्य कवच अच्छे लाभ देता है।

सूर्य यंत्र से सावधानियाँ

इसके प्रभाव से जातक को अच्छे परिणाम मिलते हैं लेकिन यदि आप इस सामान्य लेख को पढ़कर इस कवच को धारण करते हैं तो आपको अच्छे की जगह बुरे परिणाम देखने को मिल सकते हैं जिससे बचने के लिए आपको अपने किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य ( हमारे अनुभवी ज्योतिष आचार्य ) से संपर्क करने की जरूरत होगी। 


चन्द्र यंत्र लाभ उपाय – Chandra Yantra Upay

चन्द्र यंत्र - Chandra Yantra के फायदे लाभ उपाय

जातक की जन्म कुंडली में या उसके नाम पर आधारित राशि के अनुसार चन्द्र अशुभ होता है तो ग्रह अशुभ प्रभाव का संकेत देता है। इसे धारण करने से कुंडली में चन्द्र ग्रह की अशुभता दूर होती है और उसके शुभ परिणाम प्राप्त होते है। इस कवच को ( Chandra Yantra ) पहनने से जातक को धन कमाने में मदद मिलती है और व्यापार में अच्छे फल प्राप्त होते हैं। इसके प्रभाव से जातक मानसिक शांति प्राप्त होती है। 

इसके प्रभाव से जातक को अपने प्रेम जीवन और वैवाहिक जीवन में मधुरता प्राप्त होती है। इसके पूजन करने से आपको मनचाहा जीवनसाथी भी मिल सकता है। जातक को इसके प्रभाव से नौकरी और व्यापार में बढ़ोत्तरी तथा सफलता प्राप्त होती है। इसके प्रभाव से जातक का मनोबल बढ़ता है और मासिक संतुलन बना रहता है। यह Yantra जातक को सर्दी-जुकाम, गले आदि की समस्या से निजात दिलाता है।  

चन्द्र यंत्र से सावधानियाँ

चंद्र कवच का यह सामान्य लेख है लेकिन यदि आप इसको धारण करना चाहते हैं तो याद रखें बिना किसी ज्योतिष परामर्श के धारण करना आपके लिए कष्टकारक हो सकता है। इसलिए बिना ज्योतिष परामर्श इसे धारण न करें। 


मंगल यंत्र लाभ उपाय – Mangal Yantra Upay

मंगल यंत्र - Mangal Yantra के फायदे लाभ उपाय

जब मंगल अशुभ हो या जातक उग्र स्वभाव का हो तब इसको शुभ माना जाता है। जातक अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करता है और विषैली वस्तुओं के प्रभाव से उनकी रक्षा करता है। यह चोट, दुर्घटना आदि जैसे मंगल ग्रह के बुरे प्रभावों को दूर करता है।

जातक की जन्मकुंडली में मंगल ग्रह को बल प्रदान करने के लिए धारण किया जाता है। मंगल ग्रह के अशुभ होने से जातक को उसके अशुभ प्रभाव प्राप्त होते हैं जिनसे बचने के लिए जातक को इसे धारण करना चाहिए।

जातक की कुंडली में उत्पन्न मांगलिक दोष के कारण जातक को अपने वैवाहिक जीवन में तमाम सारे कष्ट सहने पढ़ते हैं जिसके निवारण के लिए इसका विशेष महत्व माना गया है। इसके शुभ प्रभाव से जातक के बल और पराक्रम में वृद्धि होती है। इसके प्रभाव से जातक मानसिक रूप से मजबूत होता है तथा पहले की अपेक्षा सभी कार्यों में पूर्णतया निपुण हो जाता है। 

Mangal Yantra के शुभ प्रभाव से भाइयों और मित्रों के साथ संबंध अच्छे रहते हैं और जीवन में उन्नति प्राप्त होती है। इसके अतिरिक्त इसका इस्तेमाल जादू-टोने को दूर करने के लिए भी किया जाता है। इसके शुभ प्रभाव से जातक के मान- सम्मान और प्रतिष्ठा में बढ़ोत्तरी होती है। यह गर्भपात की समस्या से दिलाता है छुटकारा। इसके प्रभाव से जातक को रक्त दोष, ज्वर, खुजली, मासिक धर्म संबंधी समस्या और अल्सर जैसे रोगों छुटकारा मिलता है। 

मंगल यंत्र से सावधानियाँ

यदि आप यह लेख पढ़कर या किसी अन्य जगह से सिर्फ पढ़कर इसे धारण करते हैं तो वह आपके लिए गलत हो सकता है क्योंकि यह लेख सामान्य है। इसलिए अपनी कुंडली के अनुसार इसे धारण करें और किसी अनुभवी ज्योतिष या हमारे ज्योतिष आचार्य से कुंडली का विश्लेषण करवा कर पता करलें की यह आपके लिए उचित है या नही।  


बुध यंत्र लाभ उपाय – Budh Yantra Upay

बुध यंत्र - Budh Yantra के फायदे लाभ उपाय

जब जातक की जन्मकुंडली में बुध अशुभ स्थिति में हो तब जातक को यह बुध कवच धारण करना चाहिए क्योंकि इसके प्रभाव से बुध ग्रह को मजबूती प्रदान होगी और इसके अशुभ प्रभावों से बचने में जातक को मदद प्राप्त होती है। यह जातक को शत्रुओं से बचाता है, याददाश्त को बढ़ाता है, साथ ही आग और बिजली के नुकसान आदि से भी बचाता है।

यह गर्भवती महिला के लिए गर्भपात के खिलाफ और बच्चे के सुरक्षित प्रसव के लिए विशेष रूप से अनुकूल है। Budh Yantra के प्रभाव से जातक के आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होती है। यह बुध ग्रह से उतप्न्न दोषों को कम करने में मदद करता है। इसके प्रभाव से विद्यार्थियों का मन पढ़ने- लिखने में लगता है और पढ़ाई को लेकर उत्पन्न होने वाला मानसिक तनाव दूर होता है। इसके प्रभाव से जातक को अपने व्यापार में अच्छा लाभ प्राप्त होता है और उन्नति के अवसर बढ़ते हैं। 

यह कवच ऐसे जातकों के लिए लाभदायक साबित होता है जो संगीत, एक्टिंग, डायरेक्शन, राइटिंग आदि के क्षेत्रों से जुड़े हैं। जिन जातकों को अस्थमा या श्वसन सम्बंधी परेशानी होने पर, बदहजमी, कान से सम्बंधित रोग, तुतलाना, याददाशत कमजोर होना तथा चर्म रोग आदि से संबन्धित रोगों से निजात पाने के लिए इसे धारण करना चाहिए। 

बुध यंत्र से सावधानियाँ

यदि आप इस लेख के अनुसार Budh Yantra के पेडेंट को बटुए या गले में धारण करते हैं तो यह आपके लिए परेशानी का कारण बन सकता है क्योंकि इसको धारण करने से पहले आपकी कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति तथा कुंडली का पूरी तरह से विश्लेषण करवाना बेहद जरूरी होगा। यदि आप अपनी मर्जी से इसे  धारण करते हैं तो आपको आर्थिक तथा मानसिक संकटों का सामना करना पड़ सकता है। 


गुरु यंत्र लाभ उपाय – Guru Yantra Upay

गुरु यंत्र - Guru Yantra के फायदे लाभ उपाय

जब बृहस्पति ( गुरु ) जातक की जन्म कुंडली में किसी भी तरह से अशुभ हो और जातक वायु आदि से पीड़ित हो तो इसको धारण करना चाहिए। क्योंकि यह जातक को उपयोग शक्ति, पद और अधिकार प्रदान करता है। बृहस्पति कवच व्यापार से जुड़े सभी क्षेत्रों के लिए सर्वोत्तम है।

गुरु ( Guru Yantra ) की पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मक शक्ति का संचार होता है। वे विध्यार्थी जो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए यह बेहद लाभकारी साबित होता है। 

इसके प्रभाव से जातक को समाज तथा घर-परिवार में मान-सम्मान प्राप्त होता है। गुरु कवच से जातक को धनलाभ और जीवन में सुख-शांति आदि प्राप्त होती है। वैवाहिक जीवन में समस्याएं उत्पन्न हो रही है तो आपको इसकी पूजा करने से लाभ प्राप्त होता है। इस यंत्र को स्थापित करने से व्यक्ति में आध्यात्मिक रुचि बढ़ती है। इसके प्रभाव से शीघ्र ही आपको शादी के प्रस्ताव मिलने लगेंगे। 

गुरु यंत्र से सावधानियाँ

गुरु यंत्र जो आपकी किस्मत बादल सकता है लेकिन इस लेख में सामान्य लाभ दिये गए हैं जिसके लिए हम आपको इस लेख के माध्यम से बिना किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य के परामर्श से गुरु ( Guru Yantra ) धारण करने की सलाह नही देते हैं। 


शुक्र यंत्र लाभ उपाय – Shukra Yantra Upay

शुक्र यंत्र - Shukra Yantra के फायदे लाभ उपाय

जब जातक के लिए शुक्र अशुभ हो तो इसका प्रयोग सबसे अधिक लाभकारी साबित होता है। यह विपरीत लिंग के प्रति सम्मान, प्रेम और मन की शांति प्रदान कराता है। शुक्र को पति-पत्नी, प्रेम संबंध, भोग-विलास, ऐश्वर्य और आनंद का कारक माना जाता है।

यदि किसी जातक की कुंडली में शुक्र शुभ हो तो जातक का जीवन सुखमय व्यतीत होता है। शुक्र के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को मकान और वाहन का भी सुख प्राप्त हो सकता है। वहीं शुक्र के अशुभ होने पर जातक को गुप्त रोगों का सामना करना पड़ सकता है। 

जिनकी कुंडली में शुक्र कमजोर होता है उनके वैवाहिक और प्रेम जीवन में समस्याएं उत्पन्न होती रहती हैं। ऐसे में यदि आप शुक्र के अशुभ प्रभाव को कम करना चाहते हैं तो आपके लिए शुक्र ( Shukra Yantra ) बेहद अच्छा साबित होगा। घर में इसको रखने से परिवार में मधुरता बनी रहती है। शुक्र कवच धारण करने से जातक को मान-सम्मान, प्रेम मानसिक, शांति और कलात्मक कलाओं में सफलता प्राप्त होती है। इसको कार्यक्षेत्र में रखने से व्यापार और सही निर्णय लेने में भी मदद मिलती है। 

ऐसी स्त्री जिसे संभोग के दौरान परेशानियाँ महसूस होती है तो वह इसको धारण करे या अपने घर में स्थापित करें। आप डिजाइनर, कलाकार, अदाकार या किसी रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े हुए हैं तो इसकी पूजा करने से आपको सफलता प्राप्त हो सकती है। ऐसे जातक जिन्हे गले, गुप्त रोग, या गर्भाशय में समस्या है तो उन्हे यह कवच धारण करना चाहिए इसके प्रभाव से सभी समस्याएँ दूर हो सकती है। शुक्र ( Shukra Yantra ) के प्रभाव से जातक किसी भी नशे से मुक्ति पा सकता है। 

शुक्र यंत्र से सावधानी 

शुक्र कवच का यह सामान्य लेख है लेकिन यदि आप इसको धारण करना चाहते हैं तो याद रखें बिना किसी ज्योतिष परामर्श के यह धारण करना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। क्योंकि यह आपकी कुंडली के अनुसार उचित है या नही यह पता करना बेहद जरूरी है। जिसके लिए आप हमारे ज्योतिष आचार्य से भी संपर्क कर सकते हैं। 


शनि यंत्र लाभ उपाय – Shani Yantra Upay

शनि यंत्र - Shani Yantra के फायदे लाभ उपाय

जब शनि किसी कुंडली में अशुभ हो, गोचर में हो या साढेसाती का कारक हो तो इसका प्रयोग काफी लाभकारी होता है। यह तब भी उपयोगी होता है जब कोई उदास महसूस करता है। यह जातक को सांसारिक मामलों में सफलता, व्यापार में सफलता और व्यक्ति को बुलंदियों को छूने का संकेत देता है।

शनि यंत्र के प्रभाव से आपके मान- सम्मान और प्रतिष्ठा में बढ़ोत्तरी होती है। यदि आपको व्यापार के क्षेत्र में परेशानियाँ देखने को मिल रही है या फिर आमदनी कम हो रही है तो आप शनि यंत्र को अपनी गुल्लक या कार्यक्षेत्र में स्थापित कर सकते हैं, इससे आपको लाभ प्राप्त होगा। शनि यंत्र ( Shani Yantra ) को घर में स्थापित करने से नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

इस यंत्र के प्रभाव से आपके परिवार में खुशियाँ और घर में वाहन आदि आने का संकेत मिल सकता है। ऐसे जातक जो लंबे समय से किसी पुरानी बीमारी से परेशान हैं जैसे- दांत, हड्डियों, त्वचा और जोड़ों के दर्द आदि तो उन्हे यह शनि यंत्र धारण करना चाहिए इससे शुभ फल प्राप्त होंगे। शनि यंत्र को लॉकेट या मढ़वा कर घर में रखने से सभी समस्याओं से निजात मिल सकता है।  

शनि यंत्र से सावधानियाँ

जैसा की आप सभी जानते हैं शनि क्रूर ग्रह है इसलिए आप शनि से संबन्धित किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। शनि यंत्र का यह लेख सामन्या तौर पर दिया गया है इस लेख के अनुसार आपको शनि यंत्र धारण करने की सलाह नही दी जाती है, उसके लिए आप किसी या हमारे अनुभवी ज्योतिष आचार्य से परामर्श लें।  


राहु-केतु यंत्र लाभ उपाय – Rahu-Ketu Yantra Upay

राहु यंत्र - केतु यंत्र के फायदे लाभ उपाय

जब राहु या केतु किसी जातक के लिए अशुभ तरीके से कार्य करता है, तो इसका प्रयोग अनुकूल होता है। यह राहु-केतु यंत्र व्यवसाय में सफलता का संकेत देता है। यह शत्रुओं पर विजय, चौतरफा सफलता का भी कारक माना जाता है। राहु यंत्र अनुसंधान, गोला बारूद से संबंधित कारोबार में लाभदायक साबित होता है।

जिन व्यक्तियों को स्किन संबंधी समस्याएं, मानसिक पीड़ा, स्वप्न में मृत व्यक्तियों का दिखाई देना और मन का दुर्व्यसन की ओर भागना आदि समस्याओं से यह यंत्र निजात दिलाने में सक्षम होता है। 

इस यंत्र के प्रभाव से जातक को अपने कारोबार में सफलता प्राप्त होती है। शत्रुओं को परास्त करने की शक्ति प्रदान होती है। इस यंत्र को धारण करने से जातक को अपने कार्यक्षेत्र में उन्नति और होने वाली आर्थिक नुक़सानों से मुक्ति मिलती है। राहु केतु यंत्र ( Rahu Yantra ) का शुभ प्रभाव जातक को देश-विदेश में सफलता प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। ऐसे जातक जो इंजीनियर, वकील, प्रवक्ता, शोधकर्ता, अविष्कारक, खोजकर्ता आदि हैं उनके लिए राहु केतु यंत्र बेहद ही लाभदायक साबित होता है। 

राहु यंत्र धारण करने से जातक के ऊपर राहु अथवा केतु की शुभ दृष्टि रहती है जिससे जातक को उन्नति प्राप्त होती है। ऐसे जातक जो विवाह के बाद अथवा विदेश में रहकर विवाह करना चाहते हैं उनके लिए यह राहु यंत्र बेहद अच्छा हो सकता है क्योंकि इसके प्रभाव से जातक के ये सपने पूरे हो सकते है।

राहु केतु यंत्र से सावधानियाँ

यदि आप राहु-केतु यंत्र धारण करना चाहते हैं तो याद रहे यह राहु केतु यंत्र लेख सामान्यतौर पर है। तथा आपको इस यंत्र को धारण करने के लिए किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य ( हमारे ज्योतिष आचार्य ) से अपनी कुंडली का विश्लेषण करवा लेना चाहिए। जिससे आपको पता चल सके की यह आपके लिए लाभदायक होगा या नही।


श्री गणेश यंत्र लाभ उपाय – Shri Ganesh Yantra Upay

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में किसी भी नय कार्य अथवा नई वस्तु को खरीदने से पहले गणपति जी की आराधना की जाती है ठीक उसी प्रकार श्री गणेश यंत्र का उपयोग सभी नये कार्यों को सफल बनाने और कार्यों में आने वाली सभी रुकावटों को समाप्त करने के लिए किया जाता है। गणेश यंत्र जिस भी घर या जातक के पास होता है उसे सुख, समृद्धि, धन, वैभव प्राप्त होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा माना जाता है की गणपति जी के बिना किसी भी कार्य को सिद्ध नही किया जा सकता है। 

ऐसे में गणेश यंत्र को स्थापित कर गणपति जी की कृपा पाई जा सकती है। ऐसा माना जाता है की श्री गणेश यंत्र ( Ganesh Yantra ) एक चमत्कारी यंत्र है। इस यंत्र की स्थापना से किसी भी कार्य की सभी बाधाएं खत्म हो जाती हैं। इसके प्रभाव से जातक के जीवन में खुशियों के दरवाजे खुलने शुरू हो जाते हैं और ऐसे जातक जिन्हे संतान प्राप्ति नही हुई वे यदि इसे धारण करते हैं तो उन्हे संतान सुख प्राप्त होता है। गणपति जी के पूजन से बुद्धिविकास और जीवन में सकारात्मकता का प्रसार होता है।  

किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले गणेश पूजा अवश्य करनी चाहिए। क्योंकि गणपति जी की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। जातक को अपने कार्य, व्यवसाय, उपक्रम, इच्छाओं आदि में सफलता प्राप्त होती है। स्वास्तिक भगवान गणेश का चिन्ह है। 


श्री महामृत्युंजय यंत्र लाभ उपाय – Shri Mahamritunjay Yantra Upay

इस ब्रह्मांड के रचयिता ब्रह्मा, विष्णु महेश हैं। जिसमें ऐसा माना जाता है की भगवान शिव यदि जातक पर प्रसन्न हो तो जातक को मन वंचित फल मिल सकता है। ऐसे ही भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए जातक महामृत्युंजय Yantra को धारण अथवा घर में स्थापित कर सकता है। जिसके प्रभाव से जातक पर महादेव की कृपा सदैव रहेगी। इसके प्रभाव से जातक को दीर्घायु, स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, आध्यात्मिक विकास की ओर बढ्ने में मदद मिलती है। 

भगवान महामृत्युंजय शिव की उपासना सबसे अच्छी मानी जाती है। यह जातक को विशेष रूप से सभी भयानक बीमारियों से छुटकारा दिलाता है। इसे धारण करने के बाद भगवान शिव की कृपा से जातक सुखी जीवन यापन कर पाता है। भगवान शिव से संबन्धित महामृत्युंजय Yantra सभी प्रकार के भय, दुष्ट ग्रहों के प्रभाव, भूत-प्रेत के भय, आकस्मिक मृत्यु, रोगों आदि को दूर करता है। ऐसे जातक जो मानसिक या शारीरिक पीड़ा से परेशान हैं अथवा कानूनी विवादों में फंसे हुए हैं तो इन सभी समस्याओं से बाहर निकालने के लिए आप इसका उपयोग कर सकते हैं। 


श्री भैरों यंत्र लाभ उपाय – Shri Bhairav Yantra Upay

शास्त्रों के अनुसार भैरव यंत्र का विशेष महत्व माना गया है इस कवच के प्रभाव से जातक अपने जीवन में गलत बाधाओं से खुद को बचा पाने में सफल होता है। इसको शरीर में अथवा अपने घर में स्थापित करने से जीवन में चल रही परेशानियाँ और मानसिक समस्याएँ कम होने लगती है। भैरव कवच ( Bhairav Yantra ) जातक को काला जादू, बुरी शक्तियों या बुरी आत्माओं से भी बचाता है। यह आपके आसपास मौजूद आसुरी शक्तियों को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इसको स्थापित करने से आपके कारोबार में वृद्धि और साथ ही घर-परिवार में सुख समृद्धि आती है।


श्री बगलामुखी यंत्र लाभ उपाय – Shri Baglamukhi Yantra Upay

यह बगलामुखी ( Baglamukhi Yantra ) धारण करने से जातक को शत्रुओं पर विजय, मुकदमों, झगड़ों और प्रतियोगिताओं में सफलता के लिए शक्तिशाली और उपयोगी माना जाता है। इसे घर में स्थापित करने से जातक के जीवन में सभी प्रकार के दोष खत्म होते हैं। इसके प्रभाव से जातक को वाहन दुर्घटनाओं, लंबी बीमारी, पारिवारिक कलेश, प्रजशक्ति, आदि सभी बुराइयों से बचने में मदद मिलती है। 

इसके प्रभाव से जातक के सभी कार्य शीघ्र सिद्ध होने लगते हैं। जातक को इसके प्रभाव से आसुरी शक्तियों से लड़ने की क्षमता प्राप्त होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि यह बगलामुखी अपने प्रभाव से जातक को जीवन में आने वाली सभी परेशानियों से लड़ने कि शक्ति प्रदान करता है ठीक उसी प्रकार पहले के जमाने के राजा शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए इसकी स्थापना करवाते थे। जिससे उन्हे विजय प्राप्त होती थी। इसकी स्थापना से बुरी शक्तियों का भी नाश होता है। 


श्री काली यंत्र लाभ उपाय – Shri Maa Kaali Yantra Upay

पौराणिक कथाओं के अनुसार माता काली ने संसार में शांति और देवताओं की रक्षा के लिए भयानक रूप रखा जिस रूप में आकर उन्होने असुरों का अंत किया था। शास्त्रों के अनुसार माता काली की पूजा आराधना करने से जातक के जीवन में डर और कष्ट कम होते हैं। ऐसा माना जाता है की ज्यातदार साधु-संत और तांत्रिक माता काली की पूजा करते हैं। शमशान साधना के दौरान माता काली का विशेष महत्व माना जाता है। 

वहीं अगर देखा जाए तो माता काली को खुश करने के लिए श्री Kali Yantra या कवच धारण किया जाता है जिसके प्रभाव से जातक को माता काली की कृपा प्राप्त होती है। श्री काली कवच धारण करने से जातक को शत्रुओं अथवा बुरी शक्तियों से लड़ने की ताकत मिलती है। यह जातक को उसकी सभी इच्छाओं, धन और जीवन की सुख-सुविधाओं की पूर्ति के लिए प्रदान कराता है और इसका उपयोग वशीकरण प्रयोजनों के लिए किया जाता है। यह एक परीक्षित शक्तिशाली कवच है।


लक्ष्मी गणेश यंत्र लाभ उपाय – Shri Laxmi Ganesh Yantra Upay

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह लक्ष्मी गणेश यंत्र सबसे चमत्कारी यंत्रों में से एक माना जाता है। इसके प्रभाव से जातक को अपने जीवन में धन, लक्ष्मी, वाहन, कीर्ति, संतान आदि सुखों की प्राप्ति होती है। यही इसे कार्यक्षेत्र जैसे – दुकान या ऑफिस के गुल्लक में रखा जाए तो यह बेहद अच्छे परिणाम देता है। इसके प्रभाव से जातक के बिगड़ते काम बनने लगते हैं। 

यदि लक्ष्मी गणेश कवच को स्थापित करके सच्चे हृदय से इनकी आराधना की जाए तो जातक को अपने जीवन में आर्थिक समस्याओं का मुह नही देखना पड़ता है। यह लक्ष्मी और गणेश का संयुक्त कवच है और इसे महा यंत्र भी कहा जाता है। गणेश से सिद्धि प्राप्त होती है और लक्ष्मी के माध्यम से धन की प्राप्ति होती है। इसका विशेष प्रभाव दिवाली के दिन दिखाई देता है। 


गौरी शंकर यंत्र लाभ उपाय – Shri Gauri Shankar Yantra Upay

यह सभी इच्छाओं, आराम और सांसारिक वस्तुओं में सफलता के लिए सबसे शक्तिशाली कवच माना जाता है। इसके प्रभाव से गौरी-शंकर की विशेष कृपा जातक पर होती है।  


गुड लक विजय यंत्र लाभ उपाय – Good Luck Yantra Upay

यह कवच विशेषकर महिलाओं और पुरुषों के आकर्षण के लिए धारण किया जाता है। इसे जो जातक धारण करता है उसके अंदर महिलाओं को मोहित करने के शक्ति बढ़ती है और वह महिलाओं के संपर्क में रहता है। यदि कोई स्त्री इस कवच को धारण करती है तो वह शारीरिक सुखों को प्राप्त करती है और मानसिक तनाव से मुक्त रहती है। इसके अलावा यह यंत्र सौभाग्य के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है। इसके प्रभाव से जातक को सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 


तारा यंत्र लाभ उपाय – Shri Tara Yantra Upay

भगवती तारा यंत्र की पूजा देश के कई हिस्सों में की जाती है। इसे धारण करने से जातक को विद्या, राजाओं को विजय और बांझ स्त्री को संतान की प्राप्ति होती है। साथ ही व्यक्ति को स्वास्थ्य, धन, सुख और सभी सुखों की प्राप्ति होती है। इसके प्रभाव से जातक जीवन में सही और गलत का फर्क समझने लगता है। इसे शरीर पर धारण कर लें या घर, मंदिर आदि में रख दें।


कामाख्या यंत्र लाभ उपाय – Shri Maa Kamakhya Yantra Upay

पौराणिक कथा के अनुसार ऐसा माना जाता है कि इसका प्रयोग राजघरानों की महिलाओं या उच्च स्थिति से जुड़ी महिलाओं आदि को अपने वश में करने के लिए किया जाता है। कामाख्या कवच की स्थापना करने से आसुरी शक्तियों का नाश होता है और यह जातक के परिवार को बुरी नज़र से दूर रखता है। ऐसा माना जाता है कि यह विद्यार्थियों के लिए सबसे अधिक शुभकारी साबित होता है। 

ऐसे जातक जो व्यापार में नुकसान झेल रहे हैं वे यदि इस कवच को धारण करते हैं तो उन्हे नुकसान कम लाभ ज्यादा मिलते हैं मतलब इसके प्रभाव से लगातार हो रहे घाटे से मुक्ति मिल जाती है। यह आपको जादू-टोना आदि बुरी शक्तियों से भी बचाता है। ऐसे जातक जो लंबे समय से किसी बीमारी से ग्रसित हैं यदि वे इसे धारण करते हैं तो उन्हे स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।


श्री दुर्गा यंत्र सिद्धि लाभ उपाय – Shri Durga Yantra Upay

दुर्गा मां को कई नामों से जाना जाता है जैसे काली, अष्टभुजी, चंडिका, महाकाली, वैष्णो देवी, शेरो वाली, जगदंबा आदि। माँ दुर्गा के प्रत्येक रूप को देवी के रूप में जाना जाता है। जो लोग माता रानी का पाठ करते हैं उन्हे माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त होता है लेकिन ऐसा माना जाता है कि जो माँ दुर्गा कवच धारण करते हैं उनके ऊपर माता रानी कि विशेष कृपा होती है। 

पौराणिक कथाओं के अनुसार ऐसा माना जाता है दुर्गा पूजा हर रूप में सभी को आशीर्वाद देती है। सभी तांत्रिक आदि उसका पाठ करते हैं। जिससे उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वहीं अगर दुर्गा यंत्र कि स्थापना कि जाए तो माता का विशेष प्रभाव जातक पर होता है। 


हनुमान यंत्र सिद्धि लाभ उपाय – Shri Hanuman Yantra Upay

भगवान हनुमान जी को बजरंगबली और महाबीर के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार हनुमान जी सबसे शक्तिशाली देवता माने गए हैं इनकी कृपा से जातक के कार्यों में आने वाली सभी प्रकार की बाधाएँ दूर होती है। हनुमान जी कि कृपा से जातक काला जादू और अन्य प्रकार के जादू टोनों के प्रभाव से मुक्त होता है। यदि आप हनुमान जी कि कृपा पाना चाहते हैं तो हनुमान कवच धारण करें इसके प्रभाव से जीवन में खुशियाँ आती हैं। 

हनुमान जी एक बहुत शक्तिशाली देवता है और सेनापति के रूप में जाने जाते है। हनुमान जी ब्रह्मचारी थे। सभी बुरी आत्माएं उनसे डरती हैं और जब हनुमान जी की पूजा की जाती है तो सभी बुरी आत्माएं दूर रहती हैं। जिस घर में संतान नहीं होती उस घर में प्रतिदिन हनुमान जी की पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। जातक को सभी इच्छाओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सेना के जवान और पहलवान विशेष रूप से हनुमान जी की पूजा और जप करते हैं। ये जातक को अच्छे स्वास्थ्य, सौंदर्य और शक्ति प्रदान कराते है। हनुमान जी जातक को रोगों से दूर रखते है। 


राशि के अनुसार यंत्र – Rashi Yantra

शास्त्रानुसार सभी राशियों पर कवच अपना-अपना कुछ न कुछ प्रभाव डालते हैं। यंत्रों के इस प्रभाव को देखते हुए सभी 12 राशि के अनुसार कौन-कौन से कवच होते हैं वे नीचे सारणी में दिये गए हैं।  

राशि                    राशि ग्रह राशि यंत्र/कवच 
मेष मंगल  श्री हनुमान कवच, श्री मंगल कवच, श्री गणेश कवच 
वृषभशुक्रश्री महालक्ष्मी कवच, श्री यंत्र कवच, श्री शुक्र कवच
मिथुनबुध  श्री गणेश कवच, श्री बुध कवच, श्री महालक्ष्मी कवच 
कर्कचन्द्र            श्री शिव कवच, श्री यंत्र कवच, श्री चन्द्र कवच
सिंहसूर्य            श्री गायत्री कवच, श्री सूर्य कवच, श्री नवग्रह यंत्र
कन्याबुध    श्री महालक्ष्मी कवच, श्री गणेश कवच, श्री बुध कवच
तुलाशुक्रश्री यंत्र कवच, श्री महालक्ष्मी कवच, श्री शुक्र कवच 
वृश्चिकमंगल  श्री हनुमान कवच, श्री गणेश कवच, श्री मंगल कवच
धनुगुरु            श्री विष्णु कवच, श्री गुरु कवच, श्री कुबेर कवच
मकरशनि  श्री शनि कवच, श्री हनुमान कवच, श्री शक्ति कवच
कुम्भशनि  श्री हनुमान कवच, श्री शनि कवच, श्री शक्ति कवच
मीनगुरु            श्री विष्णु कवच, श्री गुरु कवच, श्री कुबेर कवच 

कुबेर यंत्र लाभ उपाय – Shri Kuber Yantra Upay

जैसा की आप सभी जानते हैं कुबेर जी धन के देवता यानि धन के रक्षक हैं। जब जातक कुबेर कवच धारण करता है तो उसके जीवन में धन से संबन्धित किसी भी तरह की कोई परेशानी नही रह जाती है क्योंकि इस कवच के प्रभाव से कुबेर जी जातक पर प्रसन्न रहते हैं। इसके प्रभाव से जातक के घर में लक्ष्मी का वास होता है। जब कुबेर पूजन के साथ माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है तब कुबेर जी बहुत जल्द खुश हो जाते हैं जिससे वे जातक पर अपनी कृपा बरसाते हैं जिससे जातक को धन वैभव और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। 

कुबेर जी को प्रसन्न करने का एक मात्र सबसे अटूट उपाय है कुबेर Kuber Yantra । इसके प्रभाव से दरिद्रता का नाश होता है, धन और मान-सम्मान यश की प्राप्ति होती है। वहीं जो जातक व्यापार के क्षेत्र से जुड़े हैं उनके लिए यह कवच बेहद कारगर सिद्ध होता है। यह कवच जातक को बुरी नज़र से बचाता है और धनदौलत से परिपूर्ण बनाता है। इस कवच को तिजोरी, गुल्लक आदि में रखने से धन की कमी नही आती है। व्यापार के क्षेत्र में उन्नति होती है और धन लाभ के अवसर बनते हैं। कार्यक्षेत्र में स्थापित करने से यह कवच अपना विशेष प्रभाव दिखाता है। 


सर्वकार्य सिद्धि यंत्र लाभ उपाय – Shri Sarv Karya Siddhi Yantra Upay

ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार जातक के पारिवारिक, सामाजिक, आर्थिक, मान- सम्मान और तरक्की में किसी भी तरह की परेशानी ना आए इसके लिए जातक को सर्वकार्य सिद्धि कवच कि स्थापना करनी चाहिए। यह कवच आपके करियर, व्यापार, मनोकामना प्राप्ति, आदि कार्यों में लाभकारी सिद्ध होगा। इसकी स्थापना करने से जातक के जीवन में आने वाली समस्याएँ कम होती हैं और उनसे लड़ने कि शक्ति प्राप्त होती है। सर्वकार्य सिद्धि कवच के प्रभाव से जातक को जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता मिलती है। 

यह आपके करियर और बिजनेस, व्यापार में चल रही परेशानियों को दूर करता है। इसके प्रभाव से कार्यक्षेत्र में धन लाभ के अवसर बढ़ जाते हैं और जातक उन्नति कि ओर जाता है। जिस घर अथवा कार्यक्षेत्र में इस कवच कि स्थापना होती है उस जगह बुरी शक्तियाँ आस-पास नही आ पाती हैं। इसके प्रभाव से जातक नकारात्मक ऊर्जा से दूर सकारात्मक्ता कि ओर बढ़ता है।  

सर्वकार्य सिद्धि कवच से सावधानियाँ

इस कवच को धारण करने से जातक को तमाम सारे लाभ प्राप्त होते हैं लेकिन ऐसा तभी होता है जब जातक इसे किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य ( हमारे ज्योतिष आचार्य से संपर्क कर सकते हैं ) कि मदद से पहनता है। अन्यथा आपको कष्ट सहने पड़ सकते हैं।