नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) की सरल पहचान , फायदे और नुकसान

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नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न क्या है और इसके बारे में 

अगर हम इस नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न की बात करें तो यह नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न बहुत पहले यूनानी लोग इस नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न को अपने पुज्यनिए देवी-देवताओं को सौगात के रूप में उन्हें समर्पित करते थे । और हम इस नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न को हिमालय , बर्मा , बेंकोक , महानदी , जम्मू कश्मीर , श्रीलंका , थाईलैंड , आस्ट्रेलिया , रोड़ेसियिया , जावा , मोंटाना तथा ब्रह्मपुत्र जैसे देशों से खोज कर लाते  है ।  अगर हम नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न की बात करें तो यह रत्न सभी रत्नों में श्रेस्ठ है और यहाँ तक कि व्यक्तियों को अपने जीवन में हो रही समस्याओं को ख़तम करने के लिए वे बहुत से रत्नों को पहनते है ।  ( शनि गोचर 2020-2023 का राशिफल पढ़े )

ये रत्न तो हमें भगबान के द्वारा वरदान के रूप में मिले है ।  बहुत वर्षों पहले से ही मानव का रत्नों के प्रति लगाव बना रहा है ।  जैसे पुराने जमाने में मनुष्य रत्नों को मानता था वैसे ही आज भी मानता है वह अपने जीवन में हो रहे सकंट के निवारण , उसके स्वास्थ से जुडी समस्यओं को दूर करने तथा इस ब्रह्माण्ड में बहुत से ग्रहों के प्रकोप से बचने के लिए मनुष्य रत्न पहनते है ।  और इसी के साथ अगर हम नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न की बात करें तो यह सभी रत्नों में सबसे ज्यादा तकत्बर है ।   इस नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न का उपरत्न नीली है ।   इस नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न का रंग गहरा नीला ,  हल्का  नीले रंग का एक ओर से दूसरी ओर दिखाई देने वाला तथा अत्यधिक चमकने वाला लोचयुक्त रत्न है । 

आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी हमे यह बताते है की अगर मनुष्य को शनिदेव के बुरे असर से बचना है तो उस मनुष्य को नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न अवश्य पहनना चाहिये ।  यह एक ऐसा रत्न है जो किसी भी मनुष्य पर उसके बुरे प्रभाव को खत्म करके अच्छे प्रभाव को बहुत जल्द दिखता है ।  और इस नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न को धारण के बाद बहुत से मनुष्यों को इस रत्न के बुरे प्रभाव भी बर्दास्त करने पड़ सकते है ।  ज्योतिष गुरु आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी  ने यह बताया है की कन्या , मिथुन और वृश्चिक राशि के लोगो को इस नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न को अवश्य धारण करना चाहिये ।

  इन राशि के लोगो के लिए यह नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है ।  यदि आप लोगों में से कोई भी व्यक्ति नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न पहनता है तो इससे जुडी कुछ बातों पर अवश्य ध्यान दें की जब भी कोई व्यक्ति नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करे तो उससे पहले वो व्यक्ति जानकार ज्योतिष आचार्य से परामर्श अवश्य लें ।  जैसे हमारे अनुभवी ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी का कहना हैं जिस प्रकार रत्न हमरे लिए फायदेमंद है ठीक उसी प्रकार ये रत्न हमारे लिए नुक्सान देह भी है ।

 इसलिए नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करने से पहले आचार्य जी से अवश्य पूंछ लें ।  नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न का स्वामी शनि है ।  और अगर देखा जय तो शनि का गृह एक ऐसा गृह है जो की जिस व्यक्ति की कुंडली में बैठ जाता है तो वह उस व्यक्ति की कुंडली पर बहुत लम्बे समय तक रहता है ठीक उसी प्रकार यह नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न भी बहुत लम्बे समय तक अपना असर दिखाता है ।  यह नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न बहुत अदभुत रत्न है । 

आचार्य जी श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी बताते है की इस नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न में जितनी शक्ति काम बनाने की होती है उतनी ही शक्ति काम बिगाड़ने की होती है ।  यह नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न ही एक ऐसा रत्न है जिसमे काम बनाने और बिगाड़ने  दोनों की सकती होती है ।  इस रत्न के बारे में साधारणता ये भी कह सकते है की अगर यह रत्न किसी व्यक्ति को फल गया तो यह उस व्यक्ति को राजा बना देगा ।  और यदि अगर किसी व्यक्ति पर इसका बुरा असर पड़ जय तो यह रत्न उसे राजा से भिखारी बनाने में ज्यादा समय नही लगता  है ।  


नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न और इसकी तकनिकी विज्ञान 

नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न एक प्रकृति में मिलने वाला खनिज है ।  यह रत्न वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर एक एल्युमिनियम आक्साइड ( Al2O3 ) का मिश्रण है ।  अगर देखा जाय तो यह रत्न लाल रंग के अलाबा अन्य वर्ण ( किसी मनुष्य के रंग के आधार पर किया गया एक भाग ) का भी हो जाता है ।  इस नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न की उत्पत्ति प्रकृति में होती है ।  और विज्ञान ने तो इस रत्न को जैसा प्रकृति से हमे प्राप्त होता है ठीक बैसा ही नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न खुद बनाकर तैयार कर लिया है ।   विज्ञानिकों के आधार पर माणिक तथा नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न की बनाबट एक जेसी है ।  इस रत्न में जो वैज्ञानिकों ने फार्मूला एल्युमिनियम आक्साइड में आयरन , टैटेनियम , क्रोमियम , कॉपर , और मैग्निसियम के अच्छे गुण मिले होते है ।  इन सभी गुणों की शुद्धियों के कारण  नीला , पीला , बैंगनी , नारंगी , और हरा रंग इस रत्न में आ जाता है ।  इन्ही अच्छे गुणों के कारण इसे नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न कहा जाता है ।  अगर इस नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न में क्रोमियम हो तो यह नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न क्रिस्टल को लाल रंग प्रदान करता है जिसे हम माणिक या रूबी रत्न कहते है ।  


नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न और इसके फायदे

नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न का स्वामी शनि है ।  यदि  किसी भी व्यक्ति की कुंडली में अगर शनि दोष देखा जाता है तो उस व्यक्ति को नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न  पहनने से शनि का प्रभाव उसकी कुंडली यानि उस व्यक्ति पर शनि का प्रभाव कम हो जाता है ।  और कभी भी व्यक्ति को यह नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न खुद से  धारण नहीं  करना चाहीये इस रत्न को धारण करने से पहले उस व्यक्ति को किसी अनुभवी ज्योतिषाचार्य से या हमारे अनुभवी ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी से यह परामर्श अवश्य ले लेना चाहिये की यह रत्न आपके लिए हानिकारक है या लाभदायक उसके बाद ही नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करें ।  इसी के साथ व्यक्ति के जीवन में उसकी कुंडली के हिसाब से उसपर नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न पहनने से क्या फायदे तथा क्या नुक्सान हो सकते है ।  यह आपको नीचे दिए गय बिन्दुओं में बताया गया है ।  कृपया इन बिन्दुओं को ध्यान से पढ़े ।  


  1. यदि व्यक्ति की कुंडली में शनि प्रथम भाव में है तो उस व्यक्ति का मत खराब रहता है ।  और उस व्यक्ति को उसके रूप रंग से जुडी कोई समस्या हो सकती है जैसे या तो फिर उस व्यक्ति के चहरे पर कील मुहासे होना आदि इससे जुडी समस्यां हो सकती है ।   या तो फिर ऐसे व्यक्ति को कोई न कोई शारीरिक परेशानी होगी जैसे उस व्यक्ति को चोट , हाँथ पैर टूट सकते है इसलिए ऐसे व्यक्तियों को बहुत साबधान रहना चाहिये ।  जिस व्यक्ति की कुंडली शनि बैठ जाता है उस व्यक्ति के पूर्वज ज्यादा दिन तक जीवित नहीं रह पाते है और उसके जीवन में सुख – दुःख कभी स्थाई नही रहता है यानी वह व्यक्ति कभी  सुखी नही रह पाता है ।  ऐसे व्यक्तियों के बनते हुए काम भी बिगड़ जाते है उन्हें हर जगह धोखा मिलता है उनका अहंकार खत्म हो जाता है  और ऐसे व्यक्ति अपना आत्मविस्वास खो देते है इसलिए ऐसे व्यक्तियों को नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न अवश्य पहनना चाहिये ।  जिससे उनके जीवन में शनि के दुष्प्रभाव के कारण  हो रही समस्यओं का निवारण हो सके । 

  1. शनि अगर मनुष्य के धनस्थान ( दृतीय स्थान ) में है तो उस व्यक्ति के जीवन में  सबसे ज्यादा धन से जुडी समस्यां उत्पन्न होती है ।  ऐसे व्यक्तियों की सारी संपत्ति का नाश हो जाता है ।  ऐसे व्यक्तियों की आर्थिक स्थिति यानी आपके जीवन में पैसे की कमी तथा जीवन यापन करने के जो साधन है उन सब में आपको हानि होती है ।  और इसके साथ साथ ऐसे व्यक्ति अपनी  मान प्रतिस्था को भी खो देते है ।  उनकी वाणी बहुत बुरी हो जाती है जिससे बे किसी भी व्यक्ति को बुरा बोलते रहते है ।  इसलिए ऐसे व्यक्तिओं को नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न अवश्य धारण करना चाहिये । 

  1. शनि का व्यक्ति की कुंडली में तीसरे भाव में होना ।  उस के जीवन में वह कार्य जो उसके जीवन में कोई उद्देश्य सिद्ध करने के लिए किया जा रहा हो वो असफल हो जाता है और यदि ऐसे समय में वह किसी का समर्थन भी करेगा तो भी वह असफल हो जायगा ।  और उस व्यक्ति का अपने विचार प्रकट करने का तरीका बदल जायगा  जिससे उसकी जीवन शैली ख़राब हो जायगी और फिर उस व्यक्ति का कोई साथ नही देगा ।  जिससे उसके सारे धंदे चौपट हो जायंगे और ऐसे व्यक्ति ज्यादातर दुखी ही रहते है ।  ऐसे व्यक्ति का किसी भी काम करने का दिन सुभ नही माना जाता है ।  इसलिए ऐसे व्यक्तिओं को कोई भी अपने काम में सामिल नही करता और उनका हर जगह अपमान होता है ।  इसीलिए कहा जाता है की नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करने से  उस व्यक्ति कि सारी समस्यां दूर हो जाती है ।  और ऐसे व्यक्तियों को नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न अवश्य पहनना चाहिये  । 

  1. जब किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि चौथे भाव में होता है तो उस व्यक्ति का मनचाहा कोई भी काम नही बन पाता है ।  और उस व्यक्ति को कभी भी घर का सुख नही मिलता ।  जब भी वह व्यक्ति कोई भी काम करेगा तो उसका हर काम असफल हो जायगा तब उसके ही घर के लोग उससे नफरत करने लगेंगे ।  और उस व्यक्ति को कभी वाहन नही फलेगा जब भी वह किसी वाहन को खरीदेगा तो वह वाहन उस व्यक्ति के पास ज्यादा दिन तक नही रह पायगा  या तो फिर एक्सीडेंट भी हो सकता है ।  उस व्यक्ति को ऐसे समय में किसी भी प्रकार का सुख प्राप्त नही होगा उसे शारीरिक समस्यां जैसे परुषों को उनकी छाती में  तथा महिलाओं को उनके स्तनों में परेशानी हो सकती है ।  उस व्यक्ति को राजकीय आदि सेवाओं में ऊँचा पद नही मिल पायगा ।  ऐसे व्यक्तियों का मन कभी स्थिर नही रहता अतः उनके मन में तरह तरह के सवाल आते रहते है जिससे वे बहुत चिंतित रहते है ।   इसलिए ऐसे व्यक्तियों को किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से परामर्श लेके नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न अवश्य धारण कर लेना चाहिये ।  जिसके धारण करने से उनके जीवन में हो रहीं समस्यां कम हो सके ।  

  1. जब पंचम भाव में शनि बिराजमान होता है  तो उस व्यक्ति की कुंडली में ये सारी समस्यां आती है ।  जैसे उस व्यक्ति को संतान का सुख नही मिल पाता यानी उस व्यक्ति की कोई संतान नही होती है और यदि होती भी है तो वह ज्यादा दिन तक जीवित नही रह पाती है ।  उस व्यक्ति के जीवन में उसे रोमांस से जुडी परेशानियाँ होती रहती है ।  जैसे उस व्यक्ति को प्यार तो सच्चा मिलता है परन्तु ज्यादा दिन तक नही और उसे धोखा मिल जाता है ।  ऐसे व्यक्ति बुद्धिमान होते हुए भी वे बुद्धिहीन लोगों की तरह काम करते है  ।  पंचम भाव में शनि सिंह राशि में हो जैसा फल देता है क्योकि पंचम भाव काल पुरुष की कुंडली में सिंह राशि का होता है ।  इन  लोगो को उनके पिछले जन्म के पाप पुन्य के हिसाब से शनि अपना प्रभाव दिखाता है अगर उस व्यक्ति के कर्म अच्छे है तो उस पर शनि का अच्छा प्रभाव होता है और यदि बुरे कर्म है तो शनि का बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है ।  जिससे वह अपने जीवन में तमाम सारी परेशानियों से घिरा रहता है ।  जिस कारण वस उसका भविष्य खतरे में पड़ जाता है ।  जिससे वह अपने जीवन का आनंद नही ले पाता ।  और उस व्यक्ति की सेविंग यानि उसके द्वारा जमा किये गय सारे पैसे खर्च हो जाते है ।  इसलिए ऐसे व्यक्तियों को तो अवश्य किसी किसी जानकार ज्योतिष के परामर्श से नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण कर लेना चाहिये ।  और जब वह व्यक्ति नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण कर लेगा तब उसके जीवन में हो रही सारी समस्याओं से निजात मिल जायगा ।  इसलिए आप सभी सिंह राशि के जातको से मेरा अनुरोध है की नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न पहनकर अपने जीवन में हो रहीं समस्याओं से छुटकारा पाओ ।  

  1. छठे भाव में शनि अपना प्रभाव इस तरह से दिखता है की जिस भी व्यक्ति की कुंडली में यह है उसको सबसे ज्यादा शारीरिक बिमारिओं से जूझना पडता है  जैसे इन लोगों को लोगों को शारीरिक समस्याओं से जल्द निजात नही मिलता है ।  ऐसे लोगो की एक तो जल्दी जॉब नही लगती और यदि लग भी जाती है तो ज्यादा दिन तक वे जॉब कर नही पाते ।  इसी कारण  उनका पूरा जीवन तनाव पूर्ण रहता है ।  ऐसे व्यक्ति कितना भी कठिन परिश्रम करें परन्तु उन्हें सफलता प्राप्त नही होती है ।  इस राशि के व्यक्तियों का स्वास्थ्य ठीक नही रहता वे किसी न किसी शारीरिक परेशानी के सिकार होते है ।  ऐसे व्यक्तियों कि जैसे जैसे उम्र बढती है उनकी उतनी ही ज्यादा परेशानियाँ बढती रहती है ।  ऐसे व्यक्तिओं को ये शारीरिक प्रेसानियाँ हो सकती है जैसे किसी चोट का घाव , रक्तस्राव , सर्जरी तथा  डीप्रेसन जैसी बीमारियों से ग्रसित हो सकता है ।   इसीलिए इस भाव को कन्या राशि के जातकों के लिए रोग का घर भी कहते है ।  और इस राशि के लोगो को उनके किसी  बहुत पुराने शत्रु से भी नुक्सान हो सकता है ।  इसीलिए हमारे अनुभवी ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी बताते है की इस राशि के जातकों को नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न जरुर पहनना चाहिये जिससे व्यक्ति के जीवन में उसे रोगों से निजात मिल सके और सनी का प्रभाव कम हो सके । 

  1.  यदि सप्तम भाव में शनि व्यक्ति की कुंडली में है तो  व्यक्ति को सबसे ज्यादा वैवाहिक जीवन में दिक्कत उत्पन्न करता है इसीलिए इस भाव को विवाह भाव भी कहते है ।  ऐसे लोगो को विवाह से जुडी समस्याएं जैसे व्यक्ति की बहुत उम्र तक उसका विवाह नही होता और यदि होता भी है तो वह अपने वैवाहिक जीवन का आनंद नही ले पाते है ।  और उनकी अपने ही पार्टनर से लड़ाई- झगडा होता रहता है  इस कारण बस ऐसे व्यक्तिओं को कोर्ट कचहरी के चक्कर भी काटने पड सकते है ।  जिससे उनके बीच तलाक की स्थिति भी बन सकती है ।  इस बजह से ऐसे व्यक्तियों का विवाह का सौक खत्म हो जाता है ।   और ऐसे व्यक्तिओं का बिजनेस भी ठप हो जाता है ।  जिससे उन्हें बहुत बड़ी धन हानि हो सकती है ।  सप्तम भाव में तुला राशि के व्यक्तियों को  जीवन में परेशानियाँ बहुत ज्यादा देखने को मिलती है ।  ऐसे व्यक्तिओं का जो लोगो के प्रति व्यवहार होता है वह एकदम बदल जाता है ।  और उनका दुसरे व्यक्तिओं के प्रति लगाव भी खत्म हो जाता है ।  और ऐसे लोगों को सेक्सुअल समस्यां भी बहुत ज्यादा होती है ।  जिससे उनका जीवन तनाव पूर्ण व्यतीत होने लगता है और ऐसे लोग अपने जीवन में सुख का अनुभव नही कर पाते है ।  और ऐसे व्यक्ति अगर अपने जीवन में सुख संपत्ति चाहते है तो नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न अवश्य पहने वो भी किसी अनुभवी ज्योतिष के परामर्श से जिससे आपके जीवन में हो रहीं दिक्कतों का निवारण हो सके ।  

  1. किसी व्यक्ति की  कुंडली में यदि शनि अष्टम भाव यानी आयु भाव में बैठ जाय तो व्यक्ति को बहुत सारी समस्याओं से सामना करना पडता है ।  जैसे उस व्यक्ति को सबसे ज्यादा खतरा उसकी जान का होता है जैसे उन्हें अचानक से कोई ऐसी खबर मिलती है जिससे उन्हें हार्ट अटैक भी पड सकता है जिससे उनकी मृतु हो जाती है ।  ऐसी स्थिति में व्यक्ति को दुःख चारो ओर से घेरे रहता है और उस पर आर्थिक संकट बना रहता है ऐसे व्यक्तिओं को साबधान रहना चाहिये वाहन चलाते समय , रोड पार करते समय लड़ाई झगड़ो से और अपने किसी भी काम को सबधानिपुर्वक करना चाहिए ।  उनके जीवन में उतार- चड़ाव बना रहता है ।  इस भाव में व्यक्ति को किसी गुप्त अंग में परेशानी हो सकती है ।  जैसे की उसकी सम्भोग करने की छमता खत्म होना या फिर वह नपुंशक हो जाता है ।  ऐसे व्यक्तियों को अनीति , भ्रष्टाचार जैसे मामलों से बचना चाहिये ।  और बहुत साबधानी बरतनी चाहिये ।  ऐसे व्यक्तियों को तो नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न अवश्य धारण करना चाहिये जिससे उन्हें हो रहीं समस्याओं से छुटकारा मिल सके  ।  परन्तु व्यक्ति नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिष से परामर्श जरुर ले ले  उसके बाद ही नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करे । 

  1. किसी जातक की कुंडली में शनि यदि नवम भाव यानी भाग्य भाव में हो तो ऐसे  लोगो पर शनि का अच्छा प्रभाव पड़ता है ।   जब शनि किसी व्यक्ति की कुंडली  में प्रवेश करता है तो ऐसे लोगों को किसी लम्बी तीर्थ यात्रा पे जाने के शुभ अवसर मिलते है ।  इनका भाग्य जगमगा उठता है जब शनि नवम भाव में होता है तो ऐसे व्यक्ति ज्यादातर धर्म के मार्ग पे चलते है और सिद्धांतो का पालन करते है ।  और अपना मन किसी अध्यात्मिक प्रगति में लगाते है ।  ऐसे लोग बहुत बुद्धिमान होते है ।  ऐसे लोगो को नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करने से उनके जीवन में और ज्यादा उजाला होता है  इसलिए ऐसे व्यक्तियों को भी किसी अनुभवी ज्योतिष से परामर्श लेके नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण कर लेना चाहिये और अपने भविष्य को और भी चमकीला बनायं ।

  1. जब जातक की कुंडली में यदि शनि दसम भाव यानी करम भाव में है तो उस व्यक्ति के उपर जैसा उसका कर्म होगा ठीक बैसा ही शनि का प्रभाव देखने को मिलेगा ।  अगर उस व्यक्ति के अच्छे कर्म है तो उस व्यक्ति के जीवन में सब अच्छा होगा और यदि बुरे कर्म हों तो सब बुरा होगा जैसे ऐसे लोगों को पिता का सुख नही प्राप्त होता  उसका कैरिअर उसके कर्मों पर निर्भर करता है ।  यदि वह व्यक्ति अपना कैरिअर बनाना चाहता है  तो उसे अच्छे कर्म करने होंगे और यदि नही चाहता तो जैसा चाहे बैसा करे ।  इस राशि के लोग ज्यादातर राजनीति में होते है ।  और ऐसे लोग अपने बुरे कर्मों के कारण प्रत प्रतिष्ठा खो देते है ।  जिससे उन्हें कहीं सम्मान नही मिलता ।  और यदि ये लोग अच्छे कर्म करते है तो इन्हें सम्मान भी मिलता है और सफलता भी मिलती है ।  तो ऐसे लोगो को किसी जानकार ज्योतिष आचार्य से परामर्श लेके नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न अवश्य धारण कर लेना चाहिए ।  जिससे उनके कुछ बुरे कर्मो से के कर्ण जो समस्यां उत्पन्न हो रही है उनसे छुटकारा मिल सके । 

  1. जब लोगो की कुंडली में शनि यदि लाभ भाव या कह सकते है एकादश भाव में हो तो उस व्यक्ति को हर जगह से लाभ मिलेगा परन्तु जब शनि का बुरा प्रभाव पड़ेगा तब उस व्यक्ति हो हानि होगी जैसे उस व्यक्ति की उसके किसी खास दोस्त से अनबन हो सकती है ।  उस व्यक्ति को किसी बड़े नागरिक या जिसे हम कह सकते बहुत पैसे वाले व्यक्ति से दोस्ती नहीं सकती है ।  जब उस व्यक्ति के उपर शनि का बुरा असर पड़ता है  तो उस व्यक्ति को सफलता और लाभ कभी नही मिल पाता ।  वह शनि के बुरे प्रभाव के कारण किसी लक्ष्य को नही पा सकता है ।  इसलिए ऐसे व्यक्ति को नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न जरुर पहनना चाहिये परन्तु किसी अनुभवी ज्योतिष से परामर्श लेने के बाद ही आप नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण कर सकते है अगर बिना ज्योतिष परामर्श के आप नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करेंगे तो इसके जितने फायदे है उससे दोगुने नुक्सान भी है इसलिए किसी ज्योतिष आचार्य से अवश्य पुंछ ले । 

  1. अगर किसी जातक पर शनि का प्रभाव अगर द्वादश भाव में पड़ता तो उस व्यक्ति को बहुत सी समस्याओं से सामना करना पडता है ।  जैसे उस व्यक्ति का कोई भी काम सफल नही होगा उसे हर कम में नुक्सान होगा और उस व्यक्ति के उपर बहुत सारा कर्ज उधार हो जायगा जिससे वह लोगों का ऋणी हो जायगा ।  उसका स्वाभाव बिलकुल बदल जायगा ।   उसे सुख प्राप्त नही होगा और उसका हर काम में घाटा होगा ।  उस व्यक्ति की सोंच बहुत बुरी हो जायगी जिससे वह सोंचेगा चोरी चकारी के बारे में या तो फिर वह आत्महत्या करने की सोंचेगा ।  उन्हें ये समझ नही आयगा की मैं क्या करू इसलिए उनका कीमती समय व्यर्थ चला जायगा ।  जिससे वे भविष्य में कुछ नही कर पायंगे इन सब के निवारण के लिए ऐसे जातकों को नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न जरुर पहनना चाहिये ।   परन्तु नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न पहनने से पहले व्यक्ति को किसी अनुभवी ज्योतिष से परामर्श जरुर ले लेना चाहिये ।  ज्योतिष आचार्य के द्वरा जो बिधि बताई जाय उस विधि के अनुसार आप नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण कर सकते है और आपने जीवन में हो रहीं समस्याओं का निवारण कर सकते है ।  

नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न के नुक्सान 

इस पूरी प्रकृति में हमें बहुत से तरह के रत्न देखने को मिलते है ज्यादातर सभी रत्नों का प्रभाव अलग अलग तरह का होता है और इन रत्नों के जितने ज्यादा फायदे है उससे कई गुना ज्यादा नुक्सान अगर रत्न सही विधि अनुसार धारण नही किया जाय तो उसके बहुत बुरे प्रभाव देखने को मिलते है ।  इसी प्रकार नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न के नुक्सान आपको नीचे लिखे कुछ बिन्दुओं में पढने को मिलेंगे ।  कृपया नीचे दिए गई बिन्दुओं को ध्यान पूर्वक पढ़े ।  

  1. यह नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न एक ऐसा रत्न है जो की जातक पर इसका प्रभाव बहुत तेजी से देखने को मिलता  है ।  अगर यह रत्न आपके  माफिक नही है तो आपकी आँखों में परेशानी होने लगती है ।  अगर यह रत्न आपके बिरुद्ध है तो यह आपको शारीरिक परेशानियाँ दे सकता या तो फिर दुर्घटना घट सकती है ।  
  1. अगर नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न व्यक्ति के लिए असुभ है तो व्यक्ति को रत्न धारण करते ही तमाम सारी आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ता है ।  और यदि यह व्यक्ति के लिए शुभ नही है तो ऐसे व्यक्तियों को बहुत भयंकर डराबने सपने आने लगते हैं इसीलिए कहते है नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न को बिना किसी ज्योतिष परामर्श से न पहने ।  
  1. अगर व्यक्ति के नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करने के तुरंत बाद कोई अशुभ घटना घट जाय तो वह व्यक्ति समझ जाय की यह नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न उसके लिए शुभ नही है ।  यदि व्यक्ति की कुंडली में शनि है और उस व्यक्ति के लिए नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न भी शुभ नही है तो उस व्यक्ति के उपर शनि का प्रकोप और ज्यादा बाढ जाता है  । 
  1. यदि नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न अशुभ है तो व्यक्ति के मन की एकाग्रता कम हो जाती है और उस व्यक्ति की सफलता दर भी कम हो जाती है ।  इसीलिए नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करने से पहले उसका प्रेक्टिकल करके देख लिया जाता है की यह नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न व्यक्ति के लिए शुभ है या नही ।  यदि व्यक्ति नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न को विधिपूर्वक शनिवार के दिन पहनता है तो उसे यह गौर करना चाहिये की नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न का उसके उपर कैसा प्रभाव पड रहा है अच्छा पड रहा है या बुरा ।  
  1. अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में है और उसने नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण कर लिया है तो उसपर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा ।  जिससे व्यक्ति और भी ज्यादा परेशानियाँ बढ़ सकती हैं ।  इसीलिए हमारे ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी कहते है की अपनी मर्जी से नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण नही करना चाहिये जिससे उसपर इसके बुरे प्रभाव पड़ें ।  

नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न कितने रत्ती का पहनना चाहिये और उसकी विधि

अगर हम नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न की बात करें तो व्यक्ति को किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य के द्वारा बताय गय तत्वों के अनुसार नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न कम से कम तीन रत्ती का या छ: रत्ती का पहनना चाहिये और अगर व्यक्ति चाहता है तो वह किसी ज्योतिष आचार्य से पूंछ कर सात या दस रत्ती तक का नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न भी पहन सकता है । 

हमारे ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी बताते है की व्यक्ति को नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न शनिवार के दिन पहनना शुभ माना जाता है और यह रत्न रात्रि के समय पांच धातुओं से बनी किसी अंगुठी में जड़बाकर बीच की उंगली में पहनना बहुत ज्यादा शुभ माना जाता है ।  अगर व्यक्ति इस शनि रत्न नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) को विधि पूर्वक पहनता है तो यह रत्न व्यक्ति को धनबान बना देता और यदि इस नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न को विधि पूर्वक न पहना तो यह व्यक्ति को कंगाल बना देता है ।  और कभी कभी ऐसा भी होता है की इस रत्न को व्यक्ति विधि पूर्वक पहनता है लेकिन उसे इसका कोई फायदा नही होता है ।  इसके भी कई कारण हो सकते है जैसे –

  • नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न पहनने के बाद व्यक्ति को हर शनिवार और शनि रात्रि में व्यक्ति को गरिबों में अन्न दान करना चाहिये ।  
  • यदि व्यक्ति मांश मदिरा का सेवन करता है तो उस व्यक्ति को शनिवार के दिन बिलकुल भी इसका सेवन नहीं करना चाहिये ।  
  • इस रत्न को धारण करने के बाद घर के सभी बड़े बुजुर्गों का सम्मान करें तभी इसके फायदे होंगे ।  
  • व्यक्ति को प्रति महीने शुक्ल पछ में हर दुसरे शनिवार के दिन नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न को दूध , गंगाजल तथा घी से अवश्य भिगोकर पवित्र करना चाहिये ।  
  • इस नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न को धारण करने के बाद कभी किसी व्यक्ति को धोखा , झूठा विश्वाश न दिलायं नही तो इसका परिणाम उल्टा आपको ही भोगना होगा ।   

अगर व्यक्ति इन सब बातों पर अमल कर लिया तो उस व्यक्ति पर इस शनि रत्न नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) का बहुत अच्छा प्रभाव देखा जायगा ।  


नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न और उसका 12 राशियों पर प्रभाव

सभी राशियों पर नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न का अलग अलग प्रभाव देखने को मिलता है ।  ये प्रभाव इस प्रकार है ।  


मेष राशि के लिए नीलम Blue Sapphire for Aries

नीलम

इस राशि का स्वामी मंगल है और यह नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न शनि का रत्न है ।  मंगल और शनि एक दुसरे के वैरी होते है इसलिए यह नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न मेष राशि के जातकों के लिए अच्छा नही है ।  इस स्थिति में मेष राशि के जातकों को निलम रत्न नही धारण करना चाहिये ।  क्युकी इसके कारण व्यक्ति को तकलीफ और ज्यादा होती है ऐसे व्यक्तियों के काम काज में रुकबट आती है और उनके आगे बढ़ने का मौका कम हो जाता है ।  


वृषभ राशि के लिए नीलम Blue Sapphire for Taurus

नीलम

इस राशि के जातकों को नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करने के लिए ज्यादा चिंता करने की जरुरत नही है ।  क्युकी इस राशि के स्वामी शुक्र है और शक्र की शनि के साथ हमेशा मित्रता रहती है ।  ऐसी स्थिति में नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न का प्रभाव व्यक्ति के उपर बहुत ही अच्छा होता है और उस व्यक्ति को हर काम में सफलता प्राप्त होती है । क्यूंकि शनि  आपके लिये एक योगकारक गृह होता है ।  


मिथुन राशि के लिए नीलम Blue Sapphire for Gemini

नीलम

इस राशि का स्वामी बुध होता है और नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न एक शनि रत्न है ।  इस राशि के स्वामी यानि बुध हमेशा शनि के साथ मित्रता का भाव रखते है ।  ऐसी स्थिति में भी व्यक्ति को किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से राय अवश्य ले लेनी चाहिये उसके बाद ही नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करें ।   


कर्क राशि के लिए नीलम Blue Sapphire for Cancer

नीलम

इस राशि का स्वामी चन्द्र है और शनि हमेशा चन्द्र के साथ शत्रु का सम्बन्ध रखता है इस कारण कर्क राशि के लोगों को ज्योतिष परामर्श लेने की सक्त जरुरत है ।  ऐसे व्यक्तियों को ज्योतिष परामर्श लेने के बाद ही  नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करना चाहिये ।   


सिंह राशि के लिए नीलम Blue Sapphire for Leo

नीलम

इस राशि का स्वामी सूर्य होता है और सूर्य की शनि के साथ कभी मित्रता नही हो सकती इस कारण सिंह राशि के जातक नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न न धारण करें और यदि कर लिया तो उन्हें बहुत बड़ा घटा हो सकता है ।  


कन्या राशि के लिए नीलम Blue Sapphire for Virgo

नीलम

इस राशि का स्वामी बुध है और बुध हमेशा शनि के निकट रहता है तो ऐसी स्तिथि में नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करने से न तो कोई लाभ होता है और न ही कोई हानि होती है और यदि आप शनि की दशा सुधारने के लिए तथा अपनी आर्थिक स्तिथि को मजबूत करने के लिए नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न पहनना कहते हिया तो  किसी अनुभवी ज्योतिष से परामर्श लेके नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण कर सकते है  ।  


तुला राशि के लिए नीलम Blue Sapphire for Libra

नीलम

तुला राशि का स्वामी शुक्र होता है ।  और शुक्र हमेशा सहनी के साथ सोहार्दपूर्ण भाव बना के रखता है तो ऐसी स्थिति में तुला राशि के जातको को अपने जीवन में सब कुछ अच्छा , ज्यादा फायदा उठाने के लिए नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न अवश्य पहनना चाहिये ।  


वृश्चिक राशिके लिए नीलम Blue Sapphire for Scorpio

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इस राशि के जातक नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न नही धारण कर सकते है क्युकी मंगल और शनि हमेशा एक दुसरे से वैर  मनाते है ।   इस राशि के जातक सिर्फ अपनी कुंडली में शनि की दशा के हिसाब से ही नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धरण करें । 


धनु राशि के लिए नीलम Blue Sapphire for Sagittarius

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इस राशि का स्वामी वृहस्पति है और शनि व्रश्पति के साथ एक जैसा होता है इस राशि के लोग भी नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) धारण करने से पहले अपनी कुंडली में शनि की दशा अवश देख लें और शनि की दशा के हिसाब से नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न पहन सकते है ।  और नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) धारण करने से पहले किसी ज्योतिष आचार्य से अवश्य पूंछ लें ।  


मकर राशि के लिए नीलम Blue Sapphire for Capricorn

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इस राशि के स्वामी खुद शनि है जिससे जातकों को नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) और भी ज्यादा लाभ देगा लेकिन नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) धारण करने से पहले शनि की दशा को किसी ज्योतिष आचार्य से अवश्य पता कर ले उसके बाद ही नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) धारण करें । 


कुंभ राशि के लिए नीलम Blue Sapphire for Aquarius

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 इस राशि के जातकों के जीवन में नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न बहुत बदलाव लाता है क्यूंकि इस राशि के जातकों के लिए शनि वाही करता है जो उसके लिए सर्बोत्तम होगा ।  और आप इस रत्न को बिना किसी समस्या के धारण कर सकते है ।   


मीन राशि के लिए नीलम Blue Sapphire for Pisces

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मीन राशि के स्वामी गुरु यानी वृहस्पति है और गुरु तथा शनि हमेशा एक दुसरे के सामान होते है ।  इसलिए इस राशि के लोगों को नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न नही पहनना चाहिये क्युकी इसे पहनने से व्यक्ति को तमाम सारी परेसानियाँ होने लगती है ।  


नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न का असली या नकली होना

यदि आप इस नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न को पहनने की सोंच रहे है तो यह ध्यान रखे की नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न असली है या नकली उसे कैसे पहचाने यह माय आपको बताता हूँ ध्यान से पड़े नीचे दिए हुए बिन्दुओं को ।  

  • नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न को पहचानने का सबसे अच्छा तरीका यह है की नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न जब भी ख़रीदे तो उसे दूध में रख दें यदि दूध का रंग नीला हो जाता है तो समझ जाइये की यह नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न असली है ।  
  • इसकी दूसरी पहचान यह है की नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न देखने में सबसे ज्यादा चमकीला तथा चिकना होता है ।  
  • अगर हम नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न को किसी पानी से भरे बर्तन में रखेंगे तो हमें पानी के ऊपर  एक नीली किरण दिखाई देती है ।  
  • इसका रंग एक दम मोर के पंख की तरह होते है । 
  • यह रत्न ऐसा रत्न हैं जिसके एक ओर से दूसरी ओर देखा जा सकता है ।  

नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न के विकल्प उपरत्न 

नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न के उपरत्न दो होते हैं ज्यादातर ऐसा होता है की नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न की कीमत ज्यादा होने के कारण कुछ व्यक्ति इसे नही करीद पाते है तो वे व्यक्ति नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न के उपरत्न को खरीद कर पहन सकते है इसके उपरत्न जिन्हें लीलिया और जमुनिया कहते है ।  और व्यक्ति को इन उपरत्नों  को पहनने से भी व्यक्ति दोष मुक्त हो जाता है 


लीलिया

 यह उपरत्न नीले रंग का ह्ल्के रक्तिम ललाई बाला होता है ।  और इस उपरत्न में नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) की तरह चमक भी होती है ।  यह उपरत्न लीलिया गंगा तथा यमुना के किनारों पर मिलता है ।  


जमुनिया

इस उपरत्न का रंग पके जामुन के जैसा होता है ।  तथा इसका रंग गुलाबी या ह्ल्के सफ़ेद रंग का भी होता है ।  यह उपरत्न चिकना तथा एक ओर से दूसरी ओर देखा जा सकता है ।  यह उपरत्न जमुनिया हिमालय छेत्र में पाया जाता है ।   

व्यक्ति जब भी किसी रत्न को धारण करे तो उससे पहले ज्योतिष आचार्य से परामर्श अवश्य ले लेना चाहिए की ये रत्न आपके लिये लाभदायक है या हानिकारक इन सबके बारे में जानकारी अवश्य लें । 


नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न से साबधानी

नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करने से पहले व्यक्ति को बहुत सी साबधानी बरतनी चाहिये ।  अगर नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) को धारण करने से पहले या बाद में यदि व्यक्ति ने सब्धानियाँ न बरती तो जितने इस नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न के फायदे होते है उससे ज्यादा इसके नुक्सान भी होते है इसलिए इस नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न को धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से अवश्य पूंछ ले ।  उसके बाद ही नीलम (Neelam) ( Blue Sapphire) रत्न धारण करें और यदि विधि पूर्वक नही पहना तो यह आपको राजा से भिखारी बना देगा ।