केतु गोचर 2020 – Ketu Gochar 2020

Table of Contents

Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 ka Raashifal 

ज्योतिष के माध्यम से केतु गृह के शुभ परिणाम 

इस  केतु ग्रह को  एक छाया ग्रह कहा जाता है । ज्योतिष के अनुसार इस केतु गृह को अशुभ गृह माना जाता है । परंतु ये नही है की यह केतु गृह अशुभ है तो यह व्यक्ति को सदैव बुरे फल ही देता हो । इस केतु गृह के द्वारा व्यक्तियों को अच्छे फल भी प्राप्त होते हैं । यह केतु ग्रह  आध्यात्म, वैराग्य, मोक्ष, तांत्रिक आदि का कारक भी माना जाता है । परंतु इस केतु ग्रह को ज्योतिष मे किसी भी राशि का स्वामी नही बनाया गया क्यूंकी यह एक अशुभ ग्रह है । लेकिन इस केतु ग्रह की उच्च राशि धनु है , जबकि केतु ग्रह मिथुन राशि के नीच भाव मे होता है ।इसी के साथ यह केतु ग्रह 27 रुद्राक्षों मे यह अश्विनी, मघा और मूल नक्षत्र का स्वामी होता है। इस केतु ग्रह को ज्योतिष के अनुसार छाया ग्रह बताया गया है । यानि यह ग्रह एक छाया ग्रह है ।इस केतु ग्रह को वैदिक शास्त्रो के अनुसार एक  स्वरभानु राक्षस का धड़ बताया जाता  है , जबकि इस राक्षस का जो सिर का भाग है वह राहु कहलाता है । भारतीय ज्योतिषों के अनुसार यह केतु ग्रह इस पूरी सृष्टि को तथा मानव जीवन के सभी छेत्रों को प्रभावित करता है । इसी के साथ साथ ये दोनों  राहु और केतु व्यक्ति की जन्म कुण्डली में काल सर्प दोष का निर्माण करते हैं । इसी के साथ आकाश मण्डल मे भी इस केतु ग्रह का प्रभाव उत्तरी तथा पश्चिमी दिशाओं के कोण में देखा जाता है । कुछ ज्योतिषाचार्यों का ऐसा मानना भी है कि केतु की कुछ विशेष परिस्थितियों के कारण व्यक्ति यश के शिखर तक पहुँच सकता है । जबकि इन  राहु और केतु के कारण सूर्य और चंद्र ग्रहण होते है ।  ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 ) ।   


मनुष्य के जीवन पर ज्योतिष के आधार पर केतु ग्रह का प्रभाव 

1. मनुष्य का स्वभाव एवं शारीरिक संरचना

ज्योतिष के अनुसार इस केतु ग्रह कोई निश्चित राशि नही है ।  इसलिए कहा जाता है की यह केतु ग्रह जिस राशि मे बैठ जाता है तो यह उसीके फलस्वरूप अपने परिणाम देता है । इस कारण यह केतु ग्रह लग्न भाव अथवा प्रथम भाव मे फल को वह स्थित राशि को प्रभावित करती है । यहाँ तक की कुछ ज्योतिष विद्वानो का यह भी मानना है की यह लग्न मे स्थित केतु व्यक्ति को व्रह्म्चारी      ( साधू ) बना देता है । ज्योतिष के अनुसार यह केतु ग्रह व्यक्तियों को सांसरिक सुखों से बहुत दूर ले जाता है । यह केतु लग्न के प्रभाव से व्यक्ति को ज्यादातर अकेले रहना पसंद होता है । लेकिन यदि यह केतु  लग्न भाव में वृश्चिक राशि मे हो तो व्यक्ति को इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )


2. उत्तम केतु

अगर यह केतु किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली मे तृतीय, पंचम, षष्टम, नवम एवं द्वादश भाव में होता है तो व्यक्ति को यह केतु काफी अच्छे परिणाम देता है तथा यह केतु व्यक्ति पर सकारात्मक प्रभाव डालता है । अगर या केतु गुरु ग्रह के साथ योग बनाता है तो व्यक्ति की जन्म कुंडली मे इसके प्रभाव से राजयोग का निर्माण होगा । और अगर यह केतु ग्रह बालसाली हो तो यह व्यक्ति के पैरों को बहुत ज्यादा मजबूत बनाता है । जिससे व्यक्ति को कभी किसी भी प्रकार का पैरों मे रोग नही होता है । और यह केतु शुभ मंगल के साथ योग बनाता है तो व्यक्ति को प्रचंडता प्राप्त होतीं है । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )


 3. दोष युक्त केतु 

यदि यह केतु व्यक्ति की कुंडली मे पीड़ित है तो इससे  व्यक्ति को कई प्रकार की परेशानियों से जूझना पड़ सकता है । ऐसे मे व्यक्ति के सामने कोई न कोई बाधा जरूर आ जाती है । ऐसे समय मे व्यक्ति यदि किसी कार्य का फैसला लेता है तो उसे उस कार्य मे असफलता भी प्राप्त हो सकती है ।  और यदि यह केतु व्यक्ति की कुंडली मे कमजोर है तो व्यक्ति को पैरों से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है । जेब व्यक्ति की कुंडली मे यह केतु पीड़ित होता है तो व्यक्ति को अपने मामा और नाना का प्यार नही मिल पाता है । व्यक्ति की कुंडली मे राहू केतु की स्थिति कालसर्प दोष का निर्माण करती है , जोकि व्यक्ति के लिए बहुत खतरनाक होता है । व्यक्ति को केतु के बुरे प्रभाव से बचने के लिए इस केतु ग्रह की शांति के उपाय अवस्य करने चाहिए ।   ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )  ।


4. केतु ग्रह से संबन्धित तकलीफ़ें और बीमारियाँ

व्यक्ति को इन अंगो मे परेशानी हो सकती है जैसे – पैर, कान, रीढ़ की हड्डी, घुटने, लिंग, किडनी, जोड़ों के दर्द आदि रोगों को ज्योतिष में केतु ग्रह के द्वारा बताया जाता है ।  ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )


5. केतु ग्रह से संबन्धित कार्यक्षेत्र

इस केतु ग्रह के द्वारा ज्योतिष मे व्यक्ति के कार्यक्षेत्र जैसे  समाज सेवा, कम्प्युटर आईटी , ज्योतिष शास्त्र एवं आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े सभी कार्यों को दिखाया जाता है । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )


6. केतु ग्रह से संबन्धित वस्तुएँ

इस केतू ग्रह से सम्बंध रखने वाले उत्पाद निम्न है जैसे – काले रंग के  पुष्प, काला कंबल, काले तिल, लहसुनिया पत्थर आदि ।  ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )


7.  केतु ग्रह से संबन्धित स्थान  

इस केतू ग्रह से सम्बंध रखने वाले स्थान जैसे सेवाश्रम आध्यात्मिक एवं धार्मिक आदि स्थान हैं ।  ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )


8. केतु ग्रह से संबन्धित जीव जन्तु

इस केतु ग्रह मे  ज़हरीले जीव एवं काले अथवा भूरे रंग के पशु पक्षियों आदि को राहु के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )


9. केतु ग्रह से संबन्धित औषधि

अश्वगंधा की जड़ । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )


10. केतु ग्रह से संबन्धित राशि रत्न

लहसुनिया । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )


11. केतु ग्रह से संबन्धित रुद्राक्ष

नौ मुखी रुद्राक्ष । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )


12. केतु ग्रह से संबन्धित यंत्र

केतु यंत्र । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 ) 


13. केतु ग्रह से संबन्धित रंग  

भूरा । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )


14. केतु ग्रह से संबन्धित मंत्र       

                                     केतु ग्रह का वैदिक मंत्र

                         ॐ केतुं कृण्वन्नकेतवे पेशो मर्या अपेशसे।

                                         सुमुषद्भिरजायथा:।।

                                        केतु ग्रह का तांत्रिक मंत्र

                                             ॐ कें केतवे नमः

                                            केतुगृह का बीज मंत्र

                                      ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः                           


केतु ग्रह का आध्यात्मिक महत्व            

पौराणिक कथा के अनुसार, जब समुद्र मंथन हुआ था तब समुद्र से एक अमृत का कलश निकला तभी अमृतपान के लिए देवताओं और असुरों के बीच झगड़ा होने लगा। तब भगवान विष्णु ने अपना मोहिनी रूप धारण किया और फिर  देवताओं और असुरों की दो अलग-अलग हिस्सों में बिठाया। तब  असुर भगवान विष्णु के इस  मोहिनी रूप की सुंदर काया के मोह में आकर सबकुछ भूल गए और उधर, मोहिनी ने चालाकी दिखाई और वह देवताओं को अमृतपान कराने लगी। तभी देवताओं के बीच मे एक स्वर्भानु नामक असुर अपना वेश बदलकर देवताओं के साथ बैठकर अमृत के घूंट पीने लगा । तब सूर्य और चंद्रमा को पता चला की यह असुर देवताओं के साथ अमृतपान कर रहा है तभी सूर्य और चंद्रमा दोनों लोग भगवान विष्णु के पास गय और उन्हे यह बताया जैसे ही  भगवान विष्णु को यह पता चला तो उन्होने अपने सुदर्शन चक्र से उस असुर का सर धड़ से अगल कर दिया जिससे वह दो भागों मे बिभाजित हो गया । ज्योतिष मे इनइन्हीं दो भागों को राहु ( सिर ) और केतु ( धड़ ) नामक ग्रह से जाना जाता है । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )

इस केतु के बारे में एक प्रसिद्ध कहावत है कि केट छूडावे खेत इयानी इसका मतलब है कि जिस भाव में यह केतु  होता है उस भाव से सम्बंधित व्यक्ति के अंदर अलगाव पैदा कर देता है ।  ज्योतिष में अन्य सभी ग्रहों की तरह केतु की भी बहुत अहम भूमिका होती है । केतु गणेश जी , बेटा , भांजा , ब्याज , सलाहकार , दरवेस , दोहता , कुता , सुवर, छिपकली , कान , पैर , पेशाब , रीड की हड्डी , काले सफेद तिल , खटाई ,इमली , केला , कम्बल ,दहेज़ में मिली हुई खाट, लहसुनिया , भिखारी , मामा , दूरदर्शी , चल चलन , खरगोस , कुली , चूहा आदि का कारक केतु माना गया है । इस केतु के शत्रु गृह चन्द्र और मंगल होते हैं तथा इसके शुक्र और राहु ग्रह मित्र ग्रह माने जाते है । और जो अन्य बाकी ग्रह होते है बे इसके समान होते हैं । इस केतु का समय रविवार को उषकाम का होता है । इसलिए अगर इससे सम्बंधित उपाय यदि इस समय में किया जाय तो इसके व्यक्ति को कुछ विशेष लाभ मिलता है । इस केतु ग्रह को ज्योतिष में मोक्ष का कारक ग्रह माना जाता है । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )

केतु को लाल किताब में कुल को तारने वाला , दुनिया की आवाज़ को मन्दिर तक पहुचाने वाला साधू ,मौत की निशानी यानी मौत आने का समय बताने वाला , गोली की जगह आकर मरने वाला सुवर ,रंग बिरंगा जिसमे लाल रंग न हो ,पुत्र को केतु माना गया है | इस केतु ग्रह को छल करने वाला ग्रह माना गया है इसीलिए कहा जाता है पापी चाहें कैसा भी हो उस बुरा ही माना जाता है । चूंकि इस केतु की पाप ग्रह में तुलना की जाती है । इस कारण इसे बुरा ग्रह माना जाता है । व्यक्ति को सांसारिक जीवन में दी प्रकार के केतु मिलते है एक वो जो हमे देते है , और दूसरे बो जो हमसे लिए है । जैसे मामा , भांजे , बहनोई और साला । भांजे को अपने मामा की तरह से कुछ ना कुछ मिलता ही रहता है इसलिए मामा को भी अपने भांजे को कुछ न कुछ देते रहना होता है । और जो साला होता है उसकी तरफ से व्यक्ति को एक पत्नी मिलती है जो हमारे वंश को आगे बढ़ाती है जिससे साला भी अपने बहनोई को कुछ ना कुछ देता रहता है । जबकि साले को भी अपने बहनोई को हमेशा कुछ ना कुछ  देते रहना होता है । साले को सबसे पहले तो अपनी बहन को ही अपने बहनोई को सौपनी पड़ती है । और वो उसकी बहन को अपने साथ ले जाता है जबकि व्यक्ति अपने साले की बहन को उसके घर से बुला लाता है । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )

घरों में हम चूहे के रूप में केतु को देखते है । और जो हमारे घर की रखवाली करता है वह कुत्ता लेकिन चूहा हमेशा हमारे घर का नुकसान करता है । इस प्रकार ये हमे हमारे दैनिक जीवन की मत्वता को बताते हैं । यह केतू हमारे एक अच्छे सलहाकार के रूप मे भी काम करता है । तथा यह हमे हानि भी पहुंचा देता है । जैसे की यदि आप की कुंडली मे केतु शुभ है और तब आप किसी दूसरे से सलाह ले रहें हैं तब तो यह आपको लाभ देगा परंतु यदि आप की कुंडली मे केतु अशुभ है और तब आप किसी दूसरे से सलाह ले रहे हैं तो यह केतु आपको बहुत हानि पहुंचाएगा जिससे यह  आपकी वर्बादी का करण बन जायगा । यह केतु हमारी एक संकेतांक के रूप मे भी सहायता कर देता है । जैसे की जब हम कोई वाहन चला रहे होते हैं तो अचानक से कोई जानवर या बिल्ली हमारा रास्ता काट देती है तो इससे भी हमे केतु यह संकेतांक देता है की आगे खतरा है । इसी कारण यह केतु एक सहायक के रूप मे सिद्ध होता है । इस केतु ग्रह का महत्व आप इन सब बातों से भी समझ सकते है तथा लाल किताब कहती है की जब आपका राहु आपको अशुभ फल दे रहा होता है तब यदि आप केतु के उपाय करते है तो आपको इससे राहत मिलती है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )   ।


केतु ग्रह का अन्य ग्रहों के साथ क्या सम्बंध है

 जब केतु ग्रह चन्द्र के साथ मिलता है तब चन्द्र ग्रहण होता है , और इस चन्द्र ग्रहण का अर्थ है मनुष्य की मानशिक शांति भंग होना । यदि दूध मे खटाई डाली जाय तो दूध फट जाता है वैसे ही यहाँ चन्द्र दूध का काम करता है और केतु खटाई का यानि यह होने के बाद अच्छा दूध खराब हो जाता है । वस यही कारण है की दूध का फट जाना अशुभ माना जाता है । लेकिन जब कोई पशु बच्चे को जन्म देता है तो उसके कुछ दिन बाद तक वह फटा हुआ दूध देता है जिसे खीस कहा जाता है उसे खाना शुभ माना जाता था परंतु आज कल लोग खुद ही दूध फाड़ कर मिठाइयाँ बनाते हैं । वो यह नही जानते है की वो स्वम चन्द्र को खराब कर रहे हैं । प्राचीन समय मे जब चन्द्र ग्रहण होता था तब अपाहिज लोग बहुत तेज चिल्लाकर लोगों को यह बताते थे की आज चन्द्र ग्रहण है कुछ दान पुण्य करो यह हमारे लिए संकट का समय है । वो इसलिए क्यूंकी चन्द्र ग्रहण को अशुभ माना जाता था । परंतु आज के समय मे लोग स्वम चन्द्र को पीड़ित कर रहे हैं । ऐसे ही बुद्ध व्यापार केतु ब्याज । यानि की जो व्यक्ति अपने व्यापार मे ब्याज की चिंता करने लगता है वह अपने व्यापार मे सफलता प्राप्त नही कर सकता । इसीलिए इस दोनों का साथ अच्छा नही होता है । इसी प्रकार कुत्ता केतु को उसकी दुम यानि बुद्ध को कटवाने के बाद उसके हड्काने का खतरा नही रहता है । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )

मंगल ग्रह शेर होता हैऔर केतु ग्रह कुत्ता होता है ठीक इसी प्रकार शेर के सामने कुत्ते की कोई औकात नही होती है । शेर को देखकर कुत्ते का खून खुश्क हो जाय ऐसे ही दोनों का साथ होना दोषपूर्ण हो जाता है । यदि सूर्य के साथ केतु है तो यह सूर्य के प्रभाव को कम कर देता है । सूर्य नमक होता है और केतु खटाई जैसा की आप सबको पता होता है की किसी चीज मे खटाई दाल देने पर नमक का प्रभाव कम हो जाता है ठीक उसी तरह केतु सूर्य के प्रभाव को कम कर देता है । पनतु यह केतु शनि के साथ होने पर किसी को बुरा फल नही देता परंतु जब इन दो ग्रहों के साथ कोई तीसरा ग्रह भी हो तो इन तीनों का प्रभाव कम हो जाता है । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )

यह केतु गुरु के साथ अति उत्तम फल देता है क्योंकि गुरु का सम्बन्ध अध्यात्म से है और केतु दरवेस फकीर होता है । इसीलिए जो साधु आध्यात्मिक रूप से पूर्ण होगा वी इन दोनों युति को को प्रदर्शित करेगा । यह केतु जब बुद्ध के साथ होता है तो यह बुद्ध को बहुत बुरे फल देता है जबकि यदि यह शुक्र के साथ होता है तो यह शुक्र की सहायता करता है । क्योंकि केतु ग्रह संतान का कारक होता है और चन्द्र माता का इसलिए जब कभी भी केतु चन्द्र के साथ हो या फिर चन्द्र के चौथे नंबर खाने मे हो तो व्यक्ति को संतान से संबन्धित परेशानी और माता को भी परेशानी तथा व्यक्ति को मासिक परेशानी का भी सामना करना पद सकता है ।  केतु के बारे मे एक यह कथन हमारे जीवन मे होने वाली सभी परेशानियों के लिए सत्य है । कहा जाता है की न तो चारपाई टूटे और न ही बुढ़िया मरे और न ही कोई बीमारी मालूम पड़े और न ही कुछ ठीक हो यानि धीरे धीरे कमजोर होते जाना तड़पते जाना और मौत भी न आना यह सब केतु का ही करा धारा होता है ।  जैसा की आपने देखा होगा की कोई उम्र दराज इन्सान चारपाई में काफी समय तक रहता है और दुःख पाता रहता है लेकिन उसे मौत भी नशीब नही होती और ऐसी मौत केवल केतु देता है । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )

केतु को अला बला यानी भुत प्रेत का कारक भी माना गया है ऐसे में मकान यदि किसी गली में आखरी कोने का हो या मकान केतु का हो यानी जिस मकान में तिन दरवाजे हो या तिन तरफ से खुला हो और केतु कुंडली में खराब हो तो ऐसी बला का उस मकान पर ज्यादा असर होगा| इस मकान के आसपास को कोई मकान गिरा हुआ यानी बर्बाद और खंडर हालत का होगा और कुतों का वहाँ आवागमन होगा या कोई खाली मैदान भी हो सकता है ।  पेशाब की बिमारी होना ,,संतान  से सम्बन्धित परेशानी  होना , पांव मे उँगलियों के  नाख़ून खराब हो जाना ,सुनने की छमता  कम हो जाना अदि यह सब  केतु खराब होने की निशानी होती है ।  हाथ के अंगूठे के नाख़ून वाला हिस्सा छोटा हो तो केतु दुश्मनों के साथ या उनके घर में होगा तथा व्यक्ति को अशुभ फल देगा इसी तरह अगर ये हिस्सा छोटा हो तो भी केतु बुरा फल देगा । जिस व्यक्ति के लिए केतू अशुभ होता है वे यदि कान मे छेद करवा के सोना पहनते है तो उन्हे हमेशा लाभ देगा यह केतू । और व्यक्ति यदि धारी वाले कुत्ते की सेवा करता है तो भी उसे लाभ होगा । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )

भगवान गणेश की पुजा करना , अपाहिज व्यक्ति की सेवा करना तथा उसी हमेशा मदद करना यह सब इस केतू के मुख्य उपाय हैं ।जब व्यक्ति की  कुंडली में केतु अशुभ हो तो उसके बुनियादी ग्रह शुक्र को भी आराम नही मिलता है । जैसे की सबको पता होता है की केतु  ( पुत्र ) और शुक्र ( रज , वीर्य , पत्नी ) का ही फल होता है । इसी कारण इसका बुनियादी ग्रह शुक्र कहा गया है । अगर कभी शुक्र को उसके साथी ग्रह बुध की मदद न मिले या तो फिर व्यक्ति की कुंडली मे मंगल बद्ध हो तो केतु के उपाय से शुक्र को भी सहायता मिलेगी । हम कह सकते हैं की शुक्र और शनि की गाड़ी केतु के बिना आगे नही बढ़ सकती है । ( आप पढ़ रहे हैं Ketu Gochar 2020 | केतु गोचर 2020 )

यहाँ तक की लाल किताब मे केतु ग्रह को व्रहस्पति ग्रह के बराबर माना गया है । इसी कारण केतु को व्रहस्पति का चेला बताया गया है । ऐसे समय मे जब शुक्र की सहायता करने वाला केतु ढीला हो तब व्यक्ति को व्रहस्पति का उपाय करना चाहिए । और फिर इसके बाद केतु शुक्र की सहायता करने लगेगा । केतु जब भी बुध के साथ उसके तीसरे या छठे भाव मे होगा तो यह व्यक्ति को अशुभ फल देता है । इसीलिए यह केतु पीठ का कारक भी माना गया है । कहा जाता है की उभरी हुई पीठ अमीरी का संकेत देती है और जबकि चोटी पीठ गुलामी का सांकेट देती है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।    


केतु ग्रह का 12 भाव में प्रभाव – भविष्यवाणी

1. प्रथम भाव मे केतु ग्रह के परिणाम( Ketu in 1st House) 

इस भाव मे स्थित केतु ज़्यादातर किसी भी घटना मे शुभ फल नही देता है । लेकिन फिर भी व्यक्ति को इसके अच्छे फल मिलते तो हैं ही । इसके शुभ फल के कारण आप कठिन परिश्रम करने वाले एक परिश्रमी व्यक्ति हैं । यदि व्यक्ति अपने जीवन मे परिश्रम करता रहा तो वह बहुत जल्द धनवान बन सकता है । जब परिश्रमी व्यक्तियों को उनके बड़े भाई बंधुओं का साथ एवं सहयोग मिलता है तब उन्हे बहुत ज्यादा प्रसन्नता होती है जिससे वे बहुत खुस रहते हैं । परंतु यदि इस केतु के व्यक्ति पर बुरे प्रभाव पड़ते है तो व्यक्ति चंचल स्वभाव का हो जाता है । तथा एक परिश्रमी व्यक्ति इसके बुरे प्रभाव के कारण डरपोक हो जाता है । यदि ऐसे व्यक्ति पर कोई भी परिश्रम का काम पड़ जाता है तो वह उस काम से अपना मुह मोड लेता है । व्यक्ति इसके प्रभाव से बहुत आलसी हो जाता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )  ।  

इसके प्रभाव से व्यक्ति बहुत व्याकुल हो जाता है तथा उसे हमेशा किसी न किसी की चिंता रहने लगती है । यह केतु अपने प्रभाव से व्यक्ति के मन मे घबराहट भी पैदा कर देता है । जिससे व्यक्ति किसी भ्रम मे पड़ सकता है और उसे मनशिक परेशानी भी हो सकती है । ऐसे समय मे व्यक्ति गलत संगति का साथ पकड़ता है । व्यक्ति को झूठ बोलना ज्यादा पसंद हो जाता है जिससे उसे सच से नफरत होने लगती है । ऐसे समय मे व्यक्ति का मन पढ़ाई मे बिल्कुल नही लगेगा अथवा व्यक्ति की पढ़ाई मे किसी तरह की परेशानी आ सकती है । परंतु व्यक्ति के द्वारा जानबूझ कर पढ़ाई मे की गई गलतियाँ उन्हे आगेचलकर बहुत पश्चाताप देंगी । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) । 

 ऐसे समय मे व्यक्ति को उनके भाइयों के द्वारा कष्ट मिलेगा । जिसे व्यक्ति बिना कुछ कहे सहन करेगा । इस कारण व्यक्ति के जीवनसाथी को कई तरह के कष्टों का सामना करना पड़ सकता है । ऐसे मे व्यक्ति को अपने जीवनसाथी और अपनी संतान को लेकर बहुत चिंताय हो सकती है । व्यक्ति को बुरे लोगों से दर बहुत ज्यादा रहेगा । लेकिन ऐसे समय मे व्यक्ति को अपनी संगति अच्छी रखने का परामर्श दिया जाता है । व्यक्ति को किसी शारीरिक परेशानी के करण पीड़ा साहनी पड़ सकती है । या तो फिर व्यक्ति को उसे पेट मे किसी प्रकार का दर्द सहना पड़ सकता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )  ।


2.  द्वतीय भाव मे केतु ग्रह के परिणाम( Ketu in 2th House)  

इस भाव मे स्थित केतु व्यक्ति को रूप वाला बनाता है । यह केतु व्यक्ति को सुफलों की श्रेणी मे बहुत सम्पन्न और सुखी बनाता है । ज्योतिष साहित्य मे कहा जाता है की यहा स्थित केतु व्यक्ति को बहुत कष्ट देता है । परंतु यह केतु व्यक्ति को सुख के साथ धन लाभ भी प्राप्त करता है । यह केतु व्यक्ति को कभी कभी अच्छे वचन बोलने वाला वक्ता भी बना सकता है । परंतु इस भाव मे स्थित केतु ज़्यादातर अशुभ फल देने वाला ही माना गया है । यह कुछ हद तक व्यक्ति का मन एक डिकाने नही रहने देता है । कभी कभी व्यक्ति को किसी अच्छे परिणामो मे भ्रमित भी देखा जाता है । ऐसे समय मे व्यक्ति कभी कभी यह सोंचेगा की उसका भाग्य उसके किसी भी काम मे साथ नही से रहा है । लेकिन ऐसे मे व्यक्ति का मन संतप्त रहता है ।  ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )   ।

ऐसे समय मे व्यक्ति के कार्यों मे बाधा आ सकती है । इन सभी कारणो के कारण कभी कभी व्यक्ति अपने धर्म के विरुद्ध खड़ा होने पर मजबूर हो जायगा । ऐसे मे व्यक्ति बुर लोगों की संगति पकड़ेगा , उस व्यक्ति को इन नीच लोगों के साथ रहना बहुत अच्छा लगने लगेगा । ऐसे समय मे व्यक्ति को ज्ञान प्राप्त करने मे बहुत समस्यान उत्पन्न होंगी । व्यक्ति को आर्थिक परेशानियाँ बहुत ज्यादा परेशान कर सकती हैं । व्यक्ति खर्चे बहुत ज्यादा करने लगेगा । उस व्यक्ति को सरकार से बहुत ज्यादा डर रहेगा । तथा व्यक्ति को अपने पिता की संपत्ति मिलने मे बड़ी कठिनाइयाँ आ सकती हैं । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )  ।

 ऐसे समय मे व्यक्ति के मुह मे कोई रोग हो सकता है । जिससे उसकी बोली मे बहुत फर्क पड़ जायगा । ऐसे व्यक्ति अपने से बड़ों का आदर सम्मान करने मे पीछे हट जाते हैं । व्यक्ति की इन बुरी आदतों के कारण घर परिवार मे कलह मचा रहेगा । इन सब कारणो की वजह से व्यक्ति का अपने मित्रों से झगड़ा हो सकता है तथा व्यवसाय मे बड़ी धन हानि हो सकती है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )  ।  


3. तृ्तीय भाव मे केतु ग्रह का परिणाम( Ketu in 3th House)

इस भाव मे स्थित केतु व्यक्ति को एक जैसे मिलते – झूलते परिणाम देता है । यह केतु व्यक्ति को धैर्यवान बनाने के साथ – साथ बलवान भी बना देता है । ऐसे व्यक्ति दान पुण्य करने वाले होते है तथा भगवान पर पूर्ण विश्वश रखते है । इसका यही कारण है की ऐसे व्यक्ति ज़्यादातर  दानशील पुरुषों की संगति में रहते हैं । व्यक्ति बहुत ही बलशाली और धनवान होंगा । ऐसे व्यक्ति बहुत ही यशस्वी बनेंगे । इसीलिए ऐसे व्यक्तियों को स्त्री और अच्छे खान-पान का सुख भी बहुत मिलता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।   

 ऐसे व्यक्ति अपने शत्रुओं का खात्मा करने वाले होते है इसलिए इनके शत्रु इनके भय से इनके सामने नही आते हैं । इस भाव मे स्थित केतु व्यक्ति को कई प्रकार के अशुभ फल भी दे सकता है । इस कारण व्यक्ति फालतू की चिंताओं से घिरा रह सकता है । ऐसे मे व्यक्ति के मन मे कोई बहुत बड़ा डर बैठ सकता है । ऐसे मे कभी कभी व्यक्ति का चित्त भ्रम मे और चिंता मे रह सकता है । ऐसे व्यक्तियों का विश्वास भूत प्रेतों मे बहुत ज्यादा बढ़ सकता है । ऐसी स्थिति मे व्यक्ति देवताओं की जगह भूत प्रेतों को दे सकता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।   

 व्यक्ति को किसी बात के कारण समाज से बहुत ज्यादा डर बना रह सकता है । ऐसे व्यक्तियों के भाइयों को किसी न किसी तरह की परेशानी हो सकती है । इस केतु का प्रभाव व्यक्ति के मित्रों पर भी पड़ सकता है जिससे उसके मित्रों को कोई बड़ी हानि होने का डर बना रहेगा । व्यक्ति को उसकी भुजाओं मे किसी कारण से बहुत ज्यादा दर्द हो सकता है । अगर व्यक्ति अपना समय फालतू के वाद विवादों मे लगायगा तो इससे उसे बहुत ज्यादा परेशानी बढ़ सकती है । यहाँ तक की आपको यह परिस्थिति आपके शत्रुओं से बचाने मे मदद करेगी । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )   ।


4. चतुर्थ भाव मे केतु ग्रह का परिणाम( Ketu in 4th House)

इस केतु का इस भाव मे स्थित होना व्यक्ति के लिए शुभ बताया गया है । इसी केतु के कारण व्यक्ति शूरवीर और बरिष्ठ हो सकते है । व्यक्ति सच पर विश्वास रखने वाला होगा । ऐसे व्यति ज्यादा समय तक अच्छी वाणी को बोलने वाले बने रहते हैं । व्यक्ति के पास धन दौलत सब कुछ होगा । ऐसे समय मे व्यक्ति को अपने सगे भाइयों से और मित्रों से बहुत ज्यादा खुशी मिलेगी । परंतु यहीं पर स्थित केतु व्यक्ति को अशुभ फल देने वाला बताया गया है । जो की व्यक्ति को चंचल और बहुत ज्यादा बोलने वाला व्यक्ति बना सकता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।   

 ऐसे व्यक्ति अपने कर्म को करने मे बहुत लापरवाही करने लगते है वो चाहते हैं की मुझे कुछ कर्म भी न करना पड़े और फल भी मिल जाय । इसके प्रभाव से व्यक्ति के अंदर उत्साह की कमी हो जाती है । ऐसे समय मे व्यक्ति अपने आप को न देख कर दूसरों की बुराई करते रहते है । अतः ऐसे मे व्यक्ति आपको निंदित व्यक्ति समझने लगते हैं । ऐसे व्यक्तियों को अपनी माता का सुख नही प्राप्त हो पाता है । अर्थात व्यक्ति की माता अस्वस्थ हो सकती हैं । व्यक्ति को अपने दोस्तों से भी दुख मिल सकता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )  ।  

  इस केतु के बुरे प्रभाव के कारण व्यक्ति के पिता की संपत्ति का नाश हो सकता है । जिस कारण व्यक्ति को अपने पिता की संपत्ति से वछित रहना पड़ सकता है । ऐसे मे यह भी हो सकता है की इस केतु के बुरे प्रभाव से नही वल्कि आपके सगे संबंधी या दोस्तों का हांथ हो आपके पिता की संपत्ति का नाश करने मे । ऐसे मे पिता की संपत्ति नष्ट हो जाने के कारण व्यक्ति को देश विदेश भटकना भी पढ़ सकता है पुनः धन को इकट्ठा करने के लिए इनता सब होने के बाद भी आपके मित्र आपसे मुह मोड लेते हैं । यदि ऐसे समय मे व्यक्ति अपने घर मे रहेगा तो उसे अपने जीएचआर के सदस्यों से सुख कम मिलेगा । ऐसे मे व्यक्ति को विषबाधा का भी डर रह सकता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।   


5. पंचम भाव मे केतु ग्रह का परिणाम( Ketu in 5th House)  

इस भाव मे स्थिति केतु व्यक्ति को ऊर्जावान और बलवान बनाता है । अर्थात इस भाव मे स्थित केतु व्यक्ति की संतानों की संख्या को कम कर देता है । ऐसे मे व्यक्ति की लड़कियां ज्यादा लड़के कम होते हैं । ऐसे मे व्यक्ति की संतानों को उनके भाई बंधुओं से बहुत ज्यादा लगाव होगा । यदि व्यक्ति गाय या आँय कोई जानबर पालता है तो उसे पशु धन की प्राप्ति पर्याप्त मात्रा में होगी । ऐसे व्यक्तियों को विदेश जाना और तीर्थ यात्रा पर जाना बहुत अधिक पसंद होता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )   ।

ऐसे व्यक्ति बहुत अधिक पराक्रमी होने के बाद भी दूसरों की नौकरी करना अच्छा लगता है । ऐसे व्यक्तियों के यहा भी नौकर चकार काम करते होंगे परंतु व्यक्ति दूसरों की नौकरी फिर भी करता है क्योंकि वह वहाँ से छल कपट करके पैसे कमा लेता है । ऐसे व्यक्तियों के भाई बंधु अपने जीवन मे बहुत खुश रहते हैं । यदि ये व्यक्ति प्रवचन देते है तो वह लोगों पर अपना खूब प्रभाव डालते है । ऐसे व्यक्तियों की विदेश जाने की इच्छा कुछ ज्यादा होती है । परंतु यहाँ स्थित केतु व्यक्ति पर अपने कुछ प्रभाव भी डालता है । जिसके कारण व्यक्ति के अंदर धैर्य की कमी हो जाती है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )  ।  

 जिससे व्यक्ति के दिमाग मे सिर्फ गलत बातें और गंदे विचार बहुत ज्यादा आने लगते हैं । जिससे व्यक्ति को अपने ही द्वारा लिए गय निर्णय का बाद पे पश्चाताप करना पड़ सकता है । व्यक्ति की इनहि गलतियों के कारण किसी बहुत बड़ी शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है । अर्थात व्यक्ति का अपने सगे भाइयों से भी झगड़ा हो सकता है । व्यक्ति को तांत्रिक के द्वारा किए गाय तंत्र मंत्र से भी परेशानी  मिल सकती है । व्यक्ति को इसी कारण से पुत्र के द्वारा सुख नही मिल पायगा । व्यक्ति को कहीं चोट लगने के कारण या फिर इसके बुरे कर्मों के कारण बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है ।  ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )


6. छठे भाव मे केतु ग्रह का परिणाम ( Ketu in 6th House) 

इस भाव मे स्थित केतु व्यक्ति को सभी रोगों से मुक्त कर देता है । यदि व्यक्ति को किसी भी प्रकार का कोई रोग होता भी है तो वह बहुत जल्दी ठीक हो जाता है । ऐसे व्यक्तियों के भाई बड़े ही अच्छे स्वभाव के तथा उदार चरित्र के होते हैं। व्यक्ति सभी गुणो से परिपूर्ण तथा वह द्रण प्रतिज्ञ वाले व्यक्ति भी होते हैं । व्यक्ति अपने ज्ञान के कारण यश प्राप्त करेगा । व्यक्ति इष्टसिद्धि प्राप्त कर सकते हैं।व्यक्ति अपने जीवन मे सबसे श्रेस्ठ पड़ प्राप्ति करेगा ।  ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )  ।

 ऐसे व्यक्तियों को पशुओं से बहुत अधिक लगाव हो सकता है । इसके फलस्वरूप व्यक्ति के पशु धन से परिपूर्ण होगा । ऐसे व्यक्ति अपने शत्रुओं का विनाश करने वाले तथा  किसी भी तरह के विवादों मे अपनी विजय को परप्त करने वाले व्यक्ति होते हैं । आपको पशुओं से लगाव हो सकता है फल स्वरूप आपके पास पशु धन खूब होगा। आप अपने शत्रुओं को नष्ट करने वाले और विभिन्न विवादों में विजय पाने वाले व्यक्ति हैं। व्यक्ति को  द्रव्य लाभ होता रहेगा । ऐसे व्यक्ति बहुत कंजूस होते है क्यूंकी वे अपने धन को फालतू मे खर्च नही करते है और हमेशा उसे बचाने की सोंचते रहते हैं । परंतु यहाँ स्थित केतु व्यक्ति को कई प्रकार के अशुभ फल भी देता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )   ।

व्यक्ति को भूत प्रेत जैसी समास्यों से जूझना पड़ सकता है । व्यक्ति को अपने मामा के यहाँ से कोई बड़ी हानि हो सकती है । व्यक्ति को मामा के द्वारा प्यार बहुत कम मिलेगा । व्यक्ति का अपने मामा के साथ किसी कारण से मतभेद हो जाने के कारण व्यक्ति को ननिहाल मे मिलने वाला आदर समान बहुत कम हो जायगा ।  व्यक्ति के होठों मे कोई परेशानी या फिर दाँतो का कोई भयानक रोग हो सकता है जिससे व्यक्ति को बहुत पीड़ा भी साहनी पड़ सकती है ।इसके बावजूद भी व्यक्ति सभी परीक्षाओं मे और विवादों मे सफलता को प्राप्त करेगा । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।    


7. सप्तम भाव मे केतु का परिणाम ( Ketu in 7th House)                      

इस भाव मे स्थित केतु व्यक्ति को सिर्फ आर्थिक मामलों मे कुछ हद तक अच्छा माना गाया है । ऐसे मे व्यक्ति को धन का सुख प्राप्त हो सकता है । अतः व्यक्ति के पास लौटा हुआ धन स्थिर रहेगा । परंतु ज़्यादातर यहाँ स्थित केतु व्यक्ति को अपने अशुभ फल ही देता है । कहा जाता है की यहा स्थित केतु व्यक्ति को मंद बुद्धि और मुरक बना देता है । जिससे व्यक्ति अच्छे इंशान को बुरा और बुरे इंशान को अच्छा समझने लगता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।   

व्यक्ति अपने चरित्र को नही देखता है की वह कैसा है परंतु वह दूसरों के चरित्र को बुरा भला कहता है । और उनके चरित्र पर संदेह करता है । ऐसी स्थिति मे केतु व्यक्ति का भरी समाज मे अपमान करा सकता है । ऐसे व्यक्तियों को वैवाहिक सुख बहुत कम मिल पाता है । क्योंकि ऐसे व्यक्ति बुरे लोगों की संगति करते है  जिससे उन्हे अपने ही दोस्तो से कष्ट मिलता है । व्यक्ति अगर कहीं यात्रा पर जायगा तो उसे उस यात्रा पर बहुत कष्ट  हो सकता है या तो फिर उसकी यात्रा असफल हो जाती है । जिससे ऐसे मे व्यक्ति को मार्ग से संबन्धित बहुत अधिक चिंता रहती है । और व्यक्ति का धन बहुत अधिक खर्च हो जाता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।    

कभी कभी ऐसा होता है व्यक्ति किसी केश मे बहुत पैसा खर्च करता है की वह केश जीत जायगा परंतु उसमे उसका पैसा बर्वाद  हो जाता है ।जिससे व्यक्ति को आर्थिक व्चिनता बहुत ज्यादा रहेगी । पिता के द्वारा दिया गया धन व्यक्ति से बहुत जल्दी खर्च हो जायगा । ऐसे व्यक्तियों को अपने शत्रुओं का बहुत डर रहता है क्यूंकी उन्हे आइस लगता है की उनके शत्रुओं से उन्हे कोई बड़ी धन हानि हो सकती है । व्यक्ति को सरकार से भी बहुत अधिक डर रहता है । व्यक्ति वाट रोग या वीर्य सम्बंधी किसी रोग का शिकार हो सकता है । व्यक्ति को भरे हुए जल से भी बहुत डर लगता है ।   ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )   ।


8. अष्टम भाव मे केतु का परिणाम ( Ketu in 8th House)

इस भाव मे स्थित केतु के कुछ फल ही शुब बताय गाय हैं ।अत: आप पराक्रमी और सदैव उद्यम करने वाले व्यक्ति हो सकतें हैं । ऐसे व्यक्ति अपने कामों को बहुत गंभीरता से करते हैं । ऐसे व्यक्तियों का खेल कूद मे भी बहुत ज्यादा लगाव होता है । ऐसे मे व्यक्ति बहुत सुखी रहता है । ऐसे व्यक्ति बड़े ही शीलबान व्यक्ति होते हैं । व्यक्ति को खूब धन लाभ भी होगा । व्यक्ति को सरकार की तरफ से भी धन लाभ हो सकता है ।  ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )

 परंतु ज़्यादातर यहाँ स्थित केतु व्यक्ति को अशुभ परिणाम ही देने वाला माना गया है । जिससे व्यक्ति को बुरे लोगो के साथ रहना बहुत अधिक प्रिय होगा । व्यक्ति कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति को परेशानी देने मे हिचकता नही है । व्यक्ति जाने अंजाने मे कुछ ऐसा काम भी कर सकता है जिससे वह पाप का भागीदार हो सकता है । कभी कभी व्यक्ति के द्वारा किए गय कार्यों से  विवेकहीनता परिलक्षित हो सकती है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020)

ऐसी स्थिति मे केतु व्यक्ति को मुखरोग , दंतरोग  या तो फिर गुह्यरोग जैसी बीमारी हो सकती है । यह स्थिति व्यक्ति के आर्थिक मामलों के लिए बहुत बेकार होती है । व्यक्ति के द्वारा किसी दूसरे को दी हुई कोई वस्तु वो ऐसे मे मिलने से किसी न किसी तरह की रुकावट पैदा कर सकता है । धन मिलने मे भी किसी तरह की रुकावट आ सकती है । दूसरों के धन और जन के प्रति आशक्ति हो सकती है । व्यक्ति को वाहन आदि से भी परेशानी मिल सकती है । ऐसे मे किसी खाश मित्र से अनबन भी हो सकती है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।


9. नवम  भाव मे केतु ग्रह के परिणाम ( Ketu in 9th House)

इस भाव मे स्थित केतु व्यक्ति को पराक्रमी बनाता है । ऐसे व्यक्ति अपने साथ मे कोई हथियार या तो फिर किसी तरह का अस्त्र सस्त्र लेकर चलना बहुत अधिक पसंद करते है । ऐसे व्यक्तियों का स्वभाव बड़ा ही दयालु होता है । और ये बड़े ही ईमानदार व्यक्ति होते हैं । व्यक्ति धर्म को बहुत ज्यादा महत्व देने वाला होता है । ऐसे व्यक्तियों का दान धर्म और तपस्या मे भी बहुत अधिक लगाव होता है । ऐसे व्यक्तियों के जीवन मे दुख बहुत कम होता है । ऐसे व्यक्तियों को नीची जाती के लोगों को बहुत अधिक फाइदा होता है और वे व्यक्ति की सभी प्रकार से सहायता करता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

ऐसे व्यक्तियों को विदेश से आय हुए लोगों से बहुत अधिक लाभ होता है । इसी के द्वारा व्यक्ति का भाग्योदय हो जाता है । ऐसे व्यक्ति समाज मे ज्यादा विशेष आदरणीय तो नही होंगे परंतु सुखी और भाग्यवान व्यक्ति हो सकते हैं । लेकिन ऐसे व्यक्ति की दोस्ती बुरे काम करने वाले से भी हो सकती है जो की हमेशा गलत अचरणों पर चलने वाला होगा । जिससे व्यक्ति उन लोगों के साथ कुछ नीति के विरुद्ध काम करके भी पैसे कामायगा । ऐसे मे व्यक्ति को बेटे का सुख और धन से जुड़े लाभ होंगे । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

 इस भाव मे स्थित केतु सरकार के द्वारा भी व्यक्ति को लाभ देता है । परंतु यह केतु पिता के सुख मे कमी लाता है । ऐसे मे कभी कभी ऐसा होता है की व्यक्ति धार्मिक से जुड़े काम करता है परंतु उसके वो काम लोगों को दिखावा लगते हैं । व्यक्ति के सगे संबंधियों और  भाइयों को इसके द्वारा दुख मिलता है । लेकिन ऐसा भी हो सकता है की आपके अपने भाई आपको बहुत दुख पहुंचा सकते है । व्यक्ति को अपनी संतान से जुड़ी चिंताय हो सकती है । ऐसे लोगों की इच्छा होती है की वे विदेश के लोगों और दूसरे धर्म के लोगों से पैसे कामाय । ऐसे मे व्यक्ति को उसकी भुजाओं मे किसी तरह की दिक्कत आ सकती है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।


10. दशम भाव मे केतु ग्रह का परिणाम ( Ketu in 10th House)

इस भाव मे स्थित केतु व्यक्ति को तेजस्वी और बल प्राप्त कराता है । ऐसे व्यक्ति बड़े ही ज्ञानी और विभिन्न शास्त्रो को जानने वाले व्यक्ति होते हैं । ऐसे व्यक्ति आत्मज्ञानी और दस्तकारी का कौशल जानने वाले भी होते हैं । ऐसा व्यक्ति सभी घटनाओं मे विजय हांसील करने वाला होता है । जिस कारण वे बड़े प्रशिद्ध व्यक्ति होते हैं । ऐसे व्यक्ति किसी से बुराई नही करते हमेशा सबसे अच्छा व्यवहार करते है । ये व्यक्ति एक प्रभावशाली व्यक्ति होते हैं , जिससे इनके प्रभाव की तुलना नही की जा सकती  हैं ।  ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

ऐसे व्यक्तियों के जो लोग विरोध मे होते है वे भी इनकी प्रसंशा करते हैं । ऐसे व्यक्तियों को घूमने का बहुत सौक होता है । ऐसे व्यक्ति अपने शत्रुओं को पराजित करने वाले होते हैं । परंतु यहाँ पर स्थित केतु व्यक्ति को कुछ हद तक अशुभ फल भी देता है । जिससे व्यक्ति अपने समय को और मेहनत को किसी बेकार के काम मे लगा देता हैं । जिससे उसे कुछ हासिल नही होता है । व्यक्ति घमंडी भी हो सकता है । जिस कारण व्यक्ति को अपने माता पिता दोनों मे से किसी एक का सुख ही मिल पायगा । व्यक्ति अपने पिता को लेकर कुछ चिंतित रह सकता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

व्यक्ति जब भी किसी अच्छे काम को करने का इच्छुक होगा , तो उसके काम मे बाधा आ सकती है । व्यक्ति जेब भी कोई वाहन चालय तो बड़ी साबधानी वर्ते क्यूंकी उससे भी कुछ खतरा हो सकता है । व्यक्ति अगर पशुओं का पालन करता है तो उसे उनकी तरफ से भी कुछ परेशानी हो सकती है । व्यक्ति अपने संबंधियों से कम तथा दूसरे संबंधियों से ज्यादा लगाव रखने लगता है । व्यक्ति मानसिक रूप से संतुष्ट नही रह पाता है । व्यक्ति को चोरो की माध्यम से बहुत नुकसान हो सकता है । लेकिन यहाँ स्थित केतु व्यक्ति को पांव ,वात ,गुदा आदि रोगों से पीड़ित कर सकता है ।( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) । 


11. एकादश भाव मे केतु ग्रह का परिणाम ( Ketu in 11th House)

इस भाव मे स्थित केतु व्यक्ति को बहुत से शुभ फल देता है । इसके प्रभाव से व्यक्ति देखने मे बड़ा ही आकर्षक हो जाता है । जिससे व्यक्ति अपनी सुंदरता से दूसरों के मन हो हर लेता है । ऐसे व्यक्ति को साफ सुथरे और अच्छे कपड़े पहनने का बहुत सौक होता है ।आप बड़े ही दयालु स्वभाव के होते हैं । आप बड़े ही परोपकारी होते है तथा हमेशा संतुष्ट रहने वाली व्यक्ति होंगे । आप सबसे उच्च कोटी की सिक्षा प्राप्त करेंगे । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

ऐसे व्यक्ति हमेशा मुसकुराते रहने वाले व्यक्ति होते हैं । व्यक्ति को शास्त्रो का ज्ञान होता है । ऐसे व्यक्ति बड़े ही रसदार और मधुर वाणी का प्रयोग करने वाले होते हैं । ऐसे व्यक्ति बड़े ही वीर , सम्मान प्राप्त करने वाले होते हैं ।  ऐसे व्यक्तियों की दूसरे लोगों के द्वारा बहुत प्रसंशा की जाती है । ऐसे मे व्यक्ति सरकार के द्वारा सम्मान प्राप्त करेगा । ऐसे व्यक्ति अनेक प्रकार के जवाहरात और ईश्वरता से भी सम्मान प्राप्त करेंगे । ऐसे व्यक्तियों के पास पैसे कमाने के कई बड़े श्रोत होते हैं । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

  ऐसे व्यक्ति भाग्य के बड़े ही तेज होते हैं , इनका घर बहुत सुंदर बना होता है । ऐसे मे आपके शत्रु आपकी कामियावी को देख कर भौचक्का रह जाते हैं । परंतु यहा स्थित केतु व्यक्ति को अपने कुछ अशुभ परिणाम भी देता है । जिससे व्यक्ति बड़ा ही चिंतित रहने लगता है । ऐसे मे व्यक्ति अपना नुक्सान अपने आप कर लेते हैं । व्यक्ति अपनी संतान को लेके बहुत चिंतित रह सकता है । और ऐसे मे इसके प्रभाव से व्यक्ति को पेट मे किसी तरह का कोई रोग हो सकता है ।  ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।


12. द्वादश भाव मे केतु ग्रह का परिणाम ( Ketu in 12th House)

इस भाव मे स्थित केतु व्यक्ति को बहुत ज्यादा शुभ फल देता है जिससे व्यक्ति राजा के समान सुख प्राप्त कर सकता है ।राजा की तरह दिखने मे खूबसूरत हो सकता है । ऐसे मे व्यक्ति उच्च शिक्षा की प्राप्ति करता है । व्यक्ति को विभिन्न शास्त्रो का ज्ञान होता है । ऐसे व्यक्ति अपने शत्रुओं का विनाश करने वाले तथा उन्हे पराजित करके उनका सब कुछ नष्ट करने वाले व्यक्ति होते हैं । ऐसे मे व्यक्ति किसी भी मामले मे फशा हो वो उसमे विजय प्राप्त करता है ।  ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

ऐसे व्यक्ति धर्म के कामो मे खूब धन खर्च करते है । ये व्यक्ति हमेशा अपना धन किसी  न किसी अच्छे काम मे ही खर्च करते है ये अपना धन व्यर्थ के कामो मे नही लगाते हैं । परंतु फिर भी यहा स्थित केतु व्यक्ति को कुछ न कुछ अशुभ परिणाम देता है । जिसके कारण आपका स्वभाव पहले जैसा नही रहता है । आपका लोगों के ऊपर से विश्वास उठ जाता है । ऐसे मे व्यक्ति लोगों को भ्रम मे दाल सकता है । इसके प्रभाव से व्यक्ति कायर भी हो सकता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

 ऐसे  मे व्यक्ति का मन एक जगह स्थित नही रहता है । जिसके कारण व्यक्ति के पुरखों की संपत्ति का नाश हो सकता है । व्यक्ति को आंखो मे कुछ समस्या हो सकती है , और पेट के आस पास या तो फिर पेट मे ही किसी तरह का रोग हो सकता है जिससे व्यक्ति को बहुत पीड़ा साहनी पड  सकती है । व्यक्ति को गुह्यभाग में भी  रोग हो सकता है । ऐसे मे व्यक्ति को अपने मामा से किसी तरह का प्यार नही मिलता है । ऐसे मे हो सकता है व्यक्ति को बहुत सी यात्राओं पर जाना पड़े ।  ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।


केतु गोचर 2020 की तारीख और समय | कब होगा केतु गोचर 2020

इस साल 2020 की सुरुवात होते ही यह केतु का गोचर धनु राशि मे स्थित रहेगा ।

परंतु

केतु गोचर 2020 – Ketu Gochar 2020

23 सितंबर 2020 की सुबह 8 : 20 मिनट पर केतु का राशि परिवर्तन होगा जिसमे केतुधनु राशि से व्रश्चिक राशि मे जाएगा ।

और यह केतु का गोचर 2022 साल तक इस राशि मे बना रहेगा । यह केतु भी राहू के समान हमेशा वक्रि चाल चलता है ।

आइये अब मैं आपको बताता हु की अनेक रूप से माया रचने वाला यह केतु इस गोचर के दौरान लोगों की राशियों पर क्या प्रभाव डालता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।


केतु गोचर 2020 राशिफल | Ketu Gochar 2020 Rashifal

केतु गोचर 2020 | ketu Gochar 2020 का मेष राशि (Aries) के लिए 2020 से 2022 तक का राशिफल– Rashifal 

Rahu Gochar 2020

केतु गोचर 2020 मेष राशि वालों के लिए नवम  भाव से आठवे भाव मे होगा । कुंडली मे नवम भाव भाग्य भाव होता है और आठवा भाव आयुर भाव होता है ।यह नवम भाव इस राशि के व्यक्तियों की कुंडली का धन भाव यानि भाग्य भाव होता है । यहाँ पर केतु के गोचर करने से इस राशि के लोगों के लिए धार्मिक यात्राओं का योग बना रहेगा और व्यक्ति का धर्म के कामो मे लगाव भी बहुत ज्यादा बना रहेगा । इस साल कुछ फालतू की यात्राओं की वजह से व्यक्ति का मन तनाव पूर्ण रह सकता है । और यदि व्यक्ति का अपने पिता के साथ कोई मत की भिन्नता बनी हुई है तो आपको बहुत साबधानी वर्तनी होगी । क्योंकि इस मतभेद के कारण आपके पिता की संपत्ति का भी नुकसान हो सकता है । अगर ऐसे समय मे व्यक्ति किसी जमीन को खरीदने की सोंच रहा है तो वो ऐसे मे किसी भी जमीन को न खरीदे । क्योंकि सितंबर महीने से यही केतु नवम भाव से अष्टम भाव मे गोचर करेगा , जिससे व्यक्ति का मन यदि किसी गहरी रिसर्च मे लगा है तो वो इस समय अपनी रिसर्च मे आगे बढ़ सकेगा । और यदि व्यक्ति किसी विदेश यात्रा की सोंच रहा है तो यह गोचर इसमे उसकी सहायता करेगा । ऐसे समय मे व्यक्ति किसी भी नय काम की सुरुवात कर सकता है क्योंकि यह समय उसके लिए अच्छा होगा । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।  

इसके उपाय – किसी मंदिर में जाकर मंगलवार के दिन लाल रंग का झंडा लगाएँ और कुत्तों को रोटी खिलाएं। ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।


केतु गोचर 2020 | ketu Gochar 2020 का व्रषभ राशि के लिए 2020 से 2022 तक का राशिफल-Rashifal 

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केतु गोचर 2020 व्रषभ राशि वालों के लिए आठवे भाव से सातवे  भाव मे होगा । कुंडली मे आठवा भाव आयुर   भाव होता है और सातवा भाव विवाह भाव होता है । यह समय व्यक्ति के लिए आत्मा और परमात्मा से संबंध रखने वाला समय है । इस समय मे धार्मिक कामों के साथ साथ किसी गहरी खोज मे समय देने के लिए भी बड़ा ही अनुकूल समय है । अगर इस समय मे व्यक्ति पहले से ही किसी खोज से जूड़ी पढ़ाई कर रहा है तो वह इस साल मनचाही सफलता हांसिल कर सकता है । परंतु यह गोचर परिवार के सुख के लिए अच्छा नही होता है । ऐसे मे परिवार मे बिना किसी बात के आपसी मतभेद हो सकते हैं । इस साल व्यक्ति का फालतू खर्चा बहुत ज्यादा होगा जिससे वह मानसिक तनाव मे भी रह सकता है ।  व्यक्ति के पैरों मे अचानक दर्द होने के कारण उसके कार्यों मे बाधा आयगी । इस केतु का गोचर सितंबर महीने मे सप्तम भाव मे होगा । इस समय व्यक्ति को अपने वैवाहिक जीवन मे बहुत साबधानी वर्तनी होगी । व्यक्ति को किसी तरह से खास फैसले को लेने से बचाव करना चाहिए क्यूंकी ऐसे मे व्यक्ति किसी भी समस्या मे पड़ सकता है जिससे वह अपने आप मे तनाव का अनुभव करेगा । व्यक्ति को ऐसे समय मे किसी भी तरह का कर्ज उधार नहीं लेना चाहिए और न ही ऐसे मे किसी को धन वापस करने के लिए वादा करें क्योंकि इस समय मे व्यक्ति को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

इसका उपाय – व्यक्ति को श्री गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना चाहिए और ग़रीबों मे मिलावटी रंगो वाले कंबल दान करने चाहिए । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )


केतु गोचर 2020 | ketu Gochar 2020 का मिथुन राशि के लिए 2020 से 2022 तक का राशिफल-Rashifal 

Ketu Gochar 2020

केतु गोचर 2020 मिथुन राशि वालों के लिए सातवे भाव से छठे भाव मे होगा । कुंडली मे सातवा भाव विवाह   भाव होता है और छठा भाव शत्रु भाव होता है । इसके गोचर के  पश्चात व्यक्ति का अपने जीवनसाथी के साथ किसी न किसी वजह से आपसी विवाद हो सकता है । और यदि व्यक्ति सादी- सुदा नही है तो वह ऐसे समय मे अपने साथी को न खोजे क्योंकि यह समय उसके लिए उत्तम नही होगा । ऐसे मे व्यक्ति यदि अपने साथी की खोज करता है तो उसे मिलने वाला साथी देखने मे कुछ और तथा हकीकत मे कुछ और ही होगा ।  यह गोचर व्यक्ति को किसी भी तरह के धोखे से साबधान करने के लिए कहेगा । यह समय व्यक्ति को नय कार्यों की सुरुवात करने के लिए अच्छा नही है । ऐसे मे किसी भी काम को बहुत सोंच समझ कर ही करना चाहिए । और ऐसे मे व्यक्ति किसी पर आँख बंद करके भरोषा ना करे । इस साल व्यक्ति को एक नया दोस्त मिलेगा जिससे व्यक्ति का अकेलापन दूर हो जायगा । सितंबर महीने से यह गोचर मिथुन राशि से छठे भाव मे होगा । ऐसे समय मे व्यक्ति को अपने काम पर विशेष ध्यान देना होगा , और नौकरी के छेत्र मे भी मेहनत से काम करना होगा । यदि व्यक्ति मेहनत से काम नही करेगा तो उसको एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जा सकता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) । 

इसका उपाय –  ऐसे मे व्यक्ति को असगंध अथवा अश्वगंधा की जड़ पहननी चाहिए और नित्य श्री गणेश जी की उपासना करनी चाहिए । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।


केतु गोचर 2020 | ketu Gochar 2020 का कर्क राशि के लिए 2020 से 2022 तक का राशिफल-Rashifal 

ketu gochar 2020

केतु गोचर 2020 कर्क राशि वालों के लिए छठे भाव से पंचम भाव मे होगा । कुंडली मे छठा भाव शत्रु भाव होता है और पंचवा भाव संतान भाव होता है  इस समय व्यक्ति को बहुत संघर्ष करना पड़ सकता है और व्यक्ति को ऐसे समय मे अपने कार्यों मे तमाम सारी रुकावटों का सामना भी करना पड़ सकता है । ऐसे समय मे व्यक्ति के विरोधी उसके सामने सर उठाने की कोशिश कर सकते हैं । अगर कोई विध्यार्थी प्रतियोगिता मे मनचाहा परिणाम चाहता है तो उसे अपनी पढ़ाई मे बहुत ध्यान रखना होगा तथा ऐसे मे बहुत मेहनत करने की आवश्यकता है । व्यक्ति को ऐसे मे किसी भी तरह के वाहकावे मे आने से बचना चाहिए । ऐसे मे व्यक्ति का वैवाहिक जीवन तो सामान्य बना रहेगा और इसी समय मे आपके अपने साथी से पुराने मतभेद खत्म हो जायगे , जिससे व्यक्ति अपने वैवाहिक जीवन मे आगे बाढ  सकेगा । परंतु सितंबर महीने के बाद व्यक्ति के अपनी संतान से मतभेद हो सकते हैं । जिस कारण आपकी संतान का मन पढ़ाई ने नही लगेगा । व्यक्ति का कोई पुराना साथी जिसे आप पहले प्यार करते होंगे वह भी इसी समय आपके जीवन मे वापस आ सकता है । ऐसे समय मे व्यक्ति अपने पेट से जुड़ी किसी भी समस्या को लपरबाही से ना देखे उसका तुरंत इलाज कराय । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

इसका उपाय –  व्यक्ति को 9 मुखी रुद्राक्ष पहनना चाहिए और इस रुद्राक्ष को पहनने करने के बाद ॐ ह्रीं हूं नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। इसके साथ साथ व्यक्ति को  प्रतिदिन शाॅवर में नहाना चाहिए और यदि मौका मिले तो किसी झरने में जाकर भी नहाना चाहिए । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।


केतु गोचर 2020 | ketu Gochar 2020 का सिंह राशि के लिए 2020 से 2022 तक का राशिफल-Rashifal

ketu gochar 2020

केतु गोचर 2020 सिंह राशि वालों के लिए पांचवे भाव से चौथे भाव मे होगा । कुंडली मे पांचवा भाव संतान भाव होता है और चौथा भाव सुख भाव होता है। जब यह केतु पंचम भाव मे गोचर करेगा तो व्यक्ति को मानसिक तनाव बना रहेगा और व्यक्ति अपने किसी भी फैसले को सही तरीके से लेने मे समर्थवान् नही होगा । ऐसे समय मे व्यक्ति को घुटन सी महसूस होगी और व्यक्ति अपने आपको किसी तरह के भ्रम का अनुभव कर सकता है । ऐसे मे व्यक्ति जिससे प्यार करता होगा उससे भी किसी तरह का मन मुटाव हो सकता है । ऐसे मे बहुत दूरियाँ भी बन सकती हैं क्योंकि इन दूरियों का कारण सिर्फ गलतफहमी होगी । इसलिए ऐसे लोग किसी दूसरे व्यक्ति पर आँख बंद करके भरोषा न करें । लेकिन छात्रों को इन सबसे बहुत बचाव करना चाहिए क्यूंकी यदि वे इस चक्कर मे पड़ गय तो उनकी पढ़ाई मे बहुत नुकसान होगा । इसलिए उन्हे  शिक्षा के छेत्र मे विशेष साबधानी वर्तने की आवश्यकता है । ऐसे मे किसी तरह का वदलाव करने की न सोंचे । ऐसे समय मे व्यक्ति को अपने जीवनसाथी से बहुत सहयोग मिलेगा जिससे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति सुधर जायगी। जिसकी वजह से व्यक्ति के रुके हुए काम होने लगेंगे । ऐसे मे व्यक्ति को मधुर वाणी बोलने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि अगर ऐसे मे व्यक्ति यदि कड़वी वाणी का उपयोग करेगा तो उसके लिए हानिकारक हो सकता है । सितंबर महीने से यह केतु चतुर्थ भाव मे गोचर करेगा । ऐसे समय मे व्यक्ति को नई जमीन नही खरीदनी चाहिए । और न ही घर की सजावट मे कोई पैसा लगाना चाहिए । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

इसका उपाय –  ऐसे मे व्यक्ति को मंगलवार के दिन चार केले हनुमानजी को अर्पित करने चाहिए तथा मंगलवार का व्रत रखना भी व्यक्ति के लिए काफी अच्छा साबित होगा । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।


केतु गोचर 2020 | ketu Gochar 2020 का कन्या राशि के लिए 2020 से 2022 तक का राशिफल-Rashifal 

ketu gochar 2020

केतु गोचर 2020 कन्या राशि वालों के लिए चौथे भाव से तीसरे भाव मे होगा । कुंडली में चौथा भाव सुख भाव होता है और तीसरा भाव सहज भाव होता है । इस गोचर के दौरान व्यक्ति को मानसिक परेशानी नही होती और यह व्यक्ति की माता को प्रसन्न रखता है । परंतु व्यक्ति किसी बात के कारण तनाव मे रहेगा जिससे वह अपने जीवन मे सुख का अनुभव नही कर पायगा । जिस कारण व्यक्ति के घर मे कलेश मचा रहेगा । ऐसे समय मे व्यक्ति को वाहन चलाते समय बहुत साबधानी वर्तने की जरूरत है क्योंकि ऐसे मे दुर्घटना घटने का डर ज्यादा है । ऐसे मे व्यक्ति को धोखा मिल सकता है इसलिए घर या किसी जमीन को खरीदने के लिए किसी अंजान व्यक्ति पर भरोषा न करे । ऐसे मे व्यक्ति को अपने व्यवसाय को लेकर भी चिंता बनी रहेगी । ऐसे समय मे व्यक्ति किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले अपने किसी सीनियर से अवश्य पुंछ लें । व्यक्ति को ऐसे समय मे अपनी नौकरी को नही छोड़ना चाहिए क्योंकि अगर ऐसे मे नौकरी छोड़ दी तो जल्दी नही मिलेगी । यह केतु सितंबर महीने से चतुर्थ भाव से तृतीय भाव में होगा । इस समय मे व्यक्ति नय कार्यों को करने के लिए बहुत उत्साहित रहेगा । व्यक्ति छोटी छोटी यात्राओं पर जाता रहेगा । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

इसके उपाय –  व्यक्ति को भगवान विष्णु के मत्स्य स्वरूप की पूजा करनी चाहिए और मछलियों को दाना डालना चाहिए । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।


केतु गोचर 2020 | ketu Gochar 2020 का तुला राशि के लिए 2020 से 2022 तक का राशिफल-Rashifal 

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केतु गोचर 2020 तुला राशि वालों के लिए तीसरे भाव से दूसरे भाव मे होगा । कुंडली में  तीसरा भाव सहज भाव होता है और दूसरा भाव धन भाव होता है । ऐसे मे व्यक्ति फालतू की यात्राओं के कारण परेशान रहेगा । व्यक्ति के भाई बहनों के साथ किसी बात के कारण आपसी मतभेद हो सकता है । ऐसे मे व्यक्ति के परिवार मे कोई न कोई बीमार रहेगा जिससे व्यक्ति का धन ज्यादा खर्च हो सकता है । व्यक्ति को अपने व्यापार मे लाभ हानि होती रहेंगी । जिससे व्यक्ति धन को लेकर बहुत ज्यादा चिंता मे बना रहेगा । ऐसे मे व्यक्ति को अपनी आय से जुड़ी चिंताय भी बनी रहेगी । परंतु ऐसे मे व्यक्ति के जीवन साथी को एक नई उपलब्धि मिलेगी जिस कारण घर मे खुसी का महोल बना रहेगा । इसलिए ऐसे मे व्यक्ति अपना कुछ समय अपने जीवन साथी को भी दे और उसके स्वस्थय का भी बहुत ख्याल रखें । इस समय व्यक्ति यदि खेल से इन्टरेस्ट रखता है तो वह किसी ऊंची लेवल पर जाके खेल सकता है । ऐसे व्यक्ति की धर्म के काम काजों मे ज्यादा रुचि रहेगी । परंतु व्यक्ति को अपने किसी खास मित्र से धोखा मिल सकता है । ऐसे मे व्यक्ति बिना किसी कारण के किसी दूसरे व्यक्ति को परेशान न करे । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

इसका उपाय – व्यक्ति को गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना चाहिए और गणेश जी को दूर्वांकुर अर्थात दूब घास भी बुधवार के दिन अर्पित करनी चाहिए । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।


केतु गोचर 2020 | ketu Gochar 2020 का व्रश्चिक राशि के लिए 2020 से 2022 तक का राशिफल-Rashifal 

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केतु गोचर 2020 व्रश्चिक राशि वालों के लिए दूसरे भाव से प्रथम भाव मे होगा । कुंडली में दूसरा भाव धन भाव होता है और प्रथम भाव  लग्न भाव होता है । इस गोचर के दौरान व्यक्ति को अपनी वाणी पर कंट्रोल रखना चाहिए और बिना कुछ सोंचे समझे किसी से वादा न करें । अगर ऐसे समय मे व्यक्ति अपनी वाणी पर कंट्रोल नही करेगा तो उसके रिश्तों मे भी दरार आ सकती है । मार्च के महीने के बाद व्यक्ति को किसी उन्हे पद का या सरकार के द्वारा सम्मान मिल सकता है । अगर व्यक्ति का सपना है की वह किसी खेल को ऊंचे लेवल पर जाकर खेले तो यह सपना इस समय पूरा हो सकता है । यदि व्यक्ति ऐसे मे किसी नय काम की सुरुवात करना चाहता है तो वह अपने किसी सीनियर से एक बार अवश्य पुंछ ले । व्यक्ति किसी के वाहकावे मे आकर अपने धन को न फसाय अन्यथा आपका ही नुकसान होगा । सितंबर महीने से यह केतू का गोचर व्रश्चिक राशि मे ही रहेगा जिससे भटकाव की स्थिति बन सकती है । ऐसे समय मे किसी भी निर्णय को लेने से पहले सोंच समझ ले उसके बाद ही फैसला लें । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 )

इसका उपाय – व्यक्ति को हर दिन अपने माथे पर केसरी तिलक लगाना चाहिए और केतु ग्रह के मंत्र ॐ कें केतवे नमः का जाप करें । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020| Ketu Gochar 2020 )


केतु गोचर 2020 | ketu Gochar 2020 का धनु राशि के लिए 2020 से 2022 तक का राशिफल-Rashifal 

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केतु गोचर 2020 धनु राशि वालों के लिए प्रथम से द्वादश भाव मे रहेगा । कुंडली में प्रथन भाव  तनु भाव होता हैं और द्वादश भाव हानि भाव होता हैं । जिससे व्यक्ति को ऐसे समय मे किसी तरह का भ्रम या फिर डर बना रहेगा । अगर व्यक्ति के साथ ऐसा हो तो व्यक्ति अपना ज्यादा समय धर्म और धर्म की यात्राओं पर जाने के लिए लगाय । इस केतु के द्वारा व्यक्ति  पूर्वाभास की एक नई शक्ति प्राप्त होगी और यह व्यक्ति की काल्पनिक शक्ति को भी बढ़ा देता है । ऐसे समय मे व्यक्ति अपने पिता के साथ किसी भी तरह का झगड़ा न करे नही तो उसे अपने ही पिता की जायदात लेने मे बहुत परेशानी हो सकती है ।  व्यक्ति ऐसे समय मे अपने काम काज मे किसी भी साझेदार से किसी तरह का झगड़ा न करे और न ही किसी तरह का महत्वपूर्ण निर्णय ले नही तो इसमे व्यक्ति का बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है । इसलिए अपने साझेदार के साथ किसी भी तरह की गलतफहमी न रखें । व्यक्ति के अपने जीवन साथी के साथ भी मतभेद हो सकते है जिससे आपस मे तनाव की स्थिति बन सकती है । व्यक्ति को ऐसे समय मे नई नौकरी मिलने के अवसर बने हुए हैं तथा व्यक्ति को ऐसे मे इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए । इस साल के आखीर मे व्यक्ति को विदेश यात्रा पर जाना पड़ सकता है क्योंकि इसके योग बहुत ज्यादा बना हुआ है । इसलिए ऐसे मे फायदे की जगह अधिक नुकसान होगा । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

इसका उपाय –  व्यक्ति को अपने घर में अश्वगंधा का पौधा लगाना चाहिए और प्रतिदिन जल से उसको सिंचित करना चाहिए। इसके अलावा  ग़रीबों को कंबल दान करना भी उत्तम रहेगा। ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।


केतु गोचर 2020 | ketu Gochar 2020 का मकर राशि के लिए 2020 से 2022 तक का राशिफल-Rashifal 

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केतु गोचर 2020 मकर राशि वालों के लिए द्वादश भाव से एकादश भाव में रहेगा । कुंडली मे द्वादश भाव हानि भाव होता है और एकादश भाव लाभ भाव होता है । इस समय व्यक्ति लम्बी विदेश यात्राओं पर जा सकता है जिससे व्यक्ति का खर्चा बहुत अधिक होगा । व्यक्ति के कुछ खर्चे ऐसे भी हो सकती हैं जिसकी व्यक्ति को कभी उम्मीद भी न हो । ऐसे मे व्यक्ति के लिए धार्मिक यात्राओं पर जाने के लिए भी योग बने हुए हैं , जेबी व्यक्ति धार्मिक यात्राओं पर जागे तो उसे सबसे अधिक मानसिक सुकून मिलेगा । इस गोचर के दौरान व्यक्ति का स्वभाव पहले जैसा नही रहेगा जिससे व्यक्ति अपने मन की बात किसी को भी नही बताएगा । ऐसे मे व्यक्ति को नौकरी के अवसर भी मिलेंगे और नय काम काज मे भी बढ़ोतरी मिलेगी तथा ऐसे मे व्यक्ति को नय प्रोजेक्ट पर भी काम करने का मौका मिलेगा । यह केतु सितंबर महीने से एकादश भाव मे होगा । इस समय व्यक्ति को अपनी आय को लेकर कुछ मानसिक तनाव बना रहेगा । व्यक्ति को अपनी संतान की तरफ से भी कुछ चिंताय मिल सकती हैं । जिससे व्यक्ति की संतान का शिक्षा के छेत्र मे भी पढ़ाई मे मन नही लगेगा । ऐसे समय मे व्यक्ति अपने खाने पीने का बहुत अच्छे से ध्यान रखे अन्यथा उसे पेट से जुड़ी कोई समस्या हो सकता है । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

इसका उपाय  व्यक्ति को नियमित रूप से दुर्गा चालीसा का पाठ करना चाहिए और दुर्गा माता के मंत्र ॐ दुं दुर्गायै नमः का जाप अवश्य करना चाहिए । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।


केतु गोचर 2020 | ketu Gochar 2020 का कुम्भ राशि के लिए 2020 से 2022 तक का राशिफल-Rashifal 

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केतु गोचर 2020 कुम्भ राशि वालों के लिए एकादश भाव से दसम भाव मे रहेगा । कुंडली मे एकादश भाव लाभ भाव होता है और दसम भाव व्यक्ति इस वर्ष किसी महंगे वाहन को खरीदने मे अपना धन खर्च कर सकता है । व्यक्ति को अपने व्यवसाय मे बढ़ोत्तरी के साथ साथ बहुत कुछ नया सीखने को भी मिलेगा । जिससे व्यक्ति की समाज मे एक नई पहंचान मिलेगी । व्यक्ति ऐसे समय मे समाज की सेवा करने के लिए सबसे आगे रहेगा । ऐसे समय मे व्यक्ति का अपने जीवन साथी के साथ किसी बात को लेकर आपसी मतभेद हो सकता है । ऐसे समय मे व्यक्ति किसी जमीन को खरीदने की सोंच सकता है और अपने घर की डेंटिंग पेंटिंग मे पैसा खर्च कर सकता है । ऐसे मे व्यक्ति अपने व्यवसाय मे धन निवेश न करें और न ही अपने साझेदार से भी किसी तरह का मतभेद करें । व्यक्ति का अपनी माता के साथ भी आपसी मतभेद हो सकता है जिससे मासिक तनाव बना रहेगा । ऐसे समय मे व्यक्ति को अपने खान पान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

इसका उपाय – व्यक्ति को 9 मुखी रुद्राक्ष पहनना चाहिए और माँ महालक्ष्मी जी और गणपति जी की एक साथ आराधना करनी चाहिए । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।  


केतु गोचर 2020 | ketu Gochar 2020 का मीन राशि के लिए 2020 से 2022 तक का राशिफल-Rashifal 

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केतु गोचर 2020 मीन राशि वालों के लिए दसम भाव मे होगा । इस गोचर के दौरान व्यक्ति को अपने व्यापार को लेकर चिंता रहेगी । जिससे व्यक्ति अपने व्यापार से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने मे असमर्थ रहेगा । ऐसे समय मे व्यक्ति कुछ भी नय काम की सुरुवात न करें , और न ही कहीं नई जगह पैसा लगाय । व्यक्ति अपने व्यापार मे भी नय काम की सुरुवात किसी भी तरह का बदलाव करने से बचें । व्यक्ति को ऐसे समय मे अपने काम को लेकर यात्राय भी करनी पड़ सकती हैं । यदि व्यक्ति सेल्स और मार्केटिंग मे काम करता है तो उसे इस काम मे सफलता मिलेगी । व्यक्ति अपनी माता के साथ किसी भी तरह का मतभेद न करे । यदि व्यक्ति को मानसिक तनाव हो तो वह अपनी माता के साथ धार्मिक स्थानो पर जाय । व्यक्ति को अपने वैवाहिक जीवन मे अचानक खुसी मिलेगी जिससे व्यक्ति के  परिवार मे किसी नय महमान आने की वजह से व्यक्ति का परिवार पूर्ण होगा । या फिर आपके जीवनसाथी की तरफ से मिलेगी । इस वर्ष सितंबर महीने से केतू का गोचर नवम भाव यानि आपके भाग्य भाव मे होगा जिससे व्यक्ति को धार्मिक यात्राओं , विदेश जाने का अवसर मिलेगा । परंतु ऐसे समय मे व्यक्ति को अपने पिता की सेहत का खास ध्यान रखना होगा और उनके साथ किसी भी तरह का मतभेद भी न करें । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।

इसका उपाय व्यक्ति को  केतु ग्रह के बीज मंत्र ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः का जाप करना चाहिए और केतु के नक्षत्रों अश्विनी, मघा अथवा मूल में केतु संबंधित वस्तुओं जैसे कि तिल, केला या कंबल का दान करना चाहिए । ( आप पढ़ रहे हैं केतु गोचर 2020 | Ketu Gochar 2020 ) ।


मैं आशा करता हु इस वर्ष केतु गोचर 2020 – Ketu Gochar 2020 व्यक्ति के जीवन को खुशाली से भर दे और उसके सभी कार्यों को पूरा करने मे उसकी सहायता करे ।