कृत्तिका नक्षत्र उपाय और मंत्र | सरल एवं प्रभावी

कृत्तिका नक्षत्र उपाय

कृत्तिका नक्षत्र उपाय:

  1. सूर्य देव की पूजा: रोज सुबह सूर्य देव को अर्घ्य दें और “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें।
  2. गायत्री मंत्र का जाप: रोज गायत्री मंत्र का जाप करें।
  3. रुद्राक्ष धारण करें: रुद्राक्ष धारण करें।
  4. तांबे के बर्तन में जल दान करें: रोज सूर्योदय के समय तांबे के बर्तन में जल दान करें।
  5. पीपल के पेड़ की पूजा करें: रोज पीपल के पेड़ की पूजा करें।
  6. गायों को भोजन खिलाएं: गायों को भोजन खिलाएं।
  7. दान करें: दान करें, विशेष रूप से गेहूं, घी और तांबा।
  8. सूर्य नमस्कार करें: रोज सूर्य नमस्कार करें।
  9. सूर्य देव से संबंधित वस्तुओं का दान करें: सूर्य देव से संबंधित वस्तुओं का दान करें, जैसे कि सूर्य यंत्र, सूर्य माला इत्याधि.
  10. ॐ ऐं ह्रीं सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें: “ॐ ऐं ह्रीं सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें।
  11. महा मृत्युंजय मंत्र का जाप करें: महा मृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
  12. विशेष धूप उपाय : आप अपने ग्रह के अनुसार हमसे विशेष धूप बनवा सकतें हैं और आसानी से उपाय कर सकतें हैं

कृत्तिका नक्षत्र के मंत्र उपाय :

  1. ॐ सूर्याय नमः
  2. ॐ गायत्री देविये नमः
  3. ॐ नमो भगवते रुद्राय
  4. ॐ ऐं ह्रीं सूर्याय नमः
  5. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगंधिं पुष्टि‍वर्धनं नर्गस्ये निवृत्ते शिवो नाऽऽस्मरु शिवो नाऽऽस्मरु

नक्षत्र ज्योतिष में 27 मुख्य तारामंडलों का समूह होता है, जो राशि चक्र को 27 भागों में विभाजित करता है। इन नक्षत्रों का महत्व ग्रहों के प्रभाव को समझने और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर उनके प्रभाव का अनुमान लगाने में होता है। कृतिका नक्षत्र, 27 नक्षत्रों में सूर्य का प्रथम नक्षत्र होने के कारण, विशेष महत्व रखता है। कृत्तिका नक्षत्र प्रभाव और विशेषताएँ पढ़ने के लिए क्लिक करें

ज्योतिषीय वैभव:

  • राशि: मेष (26 अंश 40 मिनट) से वृषभ (10 अंश) राशि
  • स्वामी: सूर्य देव – शक्ति और तेज के प्रतीक
  • देवता: अग्निदेव, ब्रह्मा जी, कार्तिकेय जी – दिव्य और पवित्र शक्तियों का समावेश
  • प्रतीक: अग्निशिखा, तारा, शंख, कमल का फूल – उज्ज्वलता, सौंदर्य, पवित्रता, समृद्धि के प्रतीक
  • गुण: राजसी, नेतृत्व क्षमता, पराक्रमी, धनवान, विद्वान, रचनात्मक, कलात्मक, आत्मविश्वासी, साहसी, उदार, परोपकारी – एक आदर्श व्यक्तित्व का चित्रण
  • वृत्ति: राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, कला, संगीत, अभिनय, व्यवसाय – सफलता के अनेक द्वार
  • शारीरिक विशेषताएं: आकर्षक व्यक्तित्व, तेजस्वी आंखें, मध्यम कद, गठीला शरीर – एक प्रभावशाली छवि

कृतिका नक्षत्र के जातक जीवन में विशेष होते हैं। सूर्य की असीम ऊर्जा से प्रेरित होकर, ये जीवन के हर क्षेत्र में सफलता हासिल करते हैं। नेतृत्व की अद्भुत क्षमता रखते हुए, ये समाज में प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त करते हैं। कला और संगीत के प्रति इनका अभिरुचि उन्हें विशेष बनाता है। दान और परोपकार में यकीन रखते हुए, ये समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं।

कृत्तिका नक्षत्र के देवता:

इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव हैं।

कृत्तिका नक्षत्र के गुण:

  • राजसी: कृतिका नक्षत्र के जातक राजसी स्वभाव के होते हैं।
  • नेतृत्व: इनमें नेतृत्व क्षमता होती है।
  • पराक्रमी: ये पराक्रमी और साहसी होते हैं।
  • धनवान: ये धनवान और समृद्ध होते हैं।
  • विद्वान: ये विद्वान और बुद्धिमान होते हैं।

कृतिका नक्षत्र के तथ्य:

प्रसिद्ध जातक: महात्मा गांधी, अब्दुल कलाम, सचिन तेंदुलकर, लता मंगेशकर

शुभ रत्न: माणिक्य, मूंगा

शुभ रंग: लाल, सुनहरा

अनुकूल जीवनसाथी: मेष, सिंह, धनु, कुंभ राशि के जातक

कृतिका नक्षत्र के जातक जीवन में चुनौतियों का सामना भी करते हैं, लेकिन सूर्य की शक्ति से प्रेरित होकर, वे हर मुश्किल को आसानी से पार कर लेते हैं।

कृत्तिका नक्षत्र का प्रतीक:

  • अग्निशिखा: कृतिका नक्षत्र को अग्निशिखा का प्रतीक माना जाता है, जो ऊर्जा, प्रेरणा और सफलता का प्रतीक है।
  • तारा: कृतिका नक्षत्र को तारा का प्रतीक भी माना जाता है, जो ज्ञान, दिशा और आशा का प्रतीक है।
  • शंख: कृतिका नक्षत्र को शंख का प्रतीक भी माना जाता है, जो पवित्रता, शुभता और समृद्धि का प्रतीक है।
  • कमल का फूल: कृतिका नक्षत्र को कमल का फूल का प्रतीक भी माना जाता है, जो सुंदरता, पवित्रता और आध्यात्मिकता का प्रतीक है।
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