सफ़ेद ( सफेद ) पुखराज के फायदे , नुकसान और सरल पहचान | हीरा रत्न के लाभ और हानी

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सफ़ेद पुखराज और हीरा क्या है | सफ़ेद पुखराज और हीरा की विशेषताएं तथा धारण करने से लाभ

सफ़ेद पुखराज के फायदे

सफ़ेद पुखराज को वैदिक ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से कई तरह से बताया गया है.

इस दुनिया में पाए जाने वाले सभी रत्न भिन्न-भिन्न ग्रहों के प्रतिनिधित्व करने वाले होते हैं। इसी प्रकार हीरा और सफेद पुखराज शुक्र गृह का प्रतिनिधित्व करने वाले रत्न हैं । और ये रत्न शुक्र गृह से ही संबंध रखते हैं। हीरा और सफेद पुखराज व्यक्ति की जन्म कुंडली मे शुक्र गृह की कमजोर स्थिति को मजबूत बनाते है।

इन दोनों रत्नो मे सबसे ज्यादा हीरे को पसंद किया जाता है क्योंकि हीरा एक ऐसा रत्न है जो सबको अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। सफेद पुखराज और हीरे में  सबसे ज्यादा महिलाएं हीरे को लेकर अनुगमन करने वाली होती हैं। वैसे स्त्रियों को हीरा पसंद आने के पीछे एक कारण यह भी है क्योंकि जो शुक्र गृह होता है वह स्त्री का कारक ग्रह होता है।

हीरे का महत्व केवल ज्योतिषी या फिर ख़ूबसूरती के संदर्भ में ही नहीं है बल्कि इस रत्न को स्टेटस सिम्बल के रूप में भी देखा जाता है क्योंकि सफ़ेद पुखराज के मुक़ाबले छोटे से छोटे आकार का हीरा भी बेहद कीमती होता है। इस दोनों रत्नो के गृह शुक्र को प्रेम ,सौंदर्य और वैवाहिक सुख आदि का प्रतीक माना जाता है इसलिए हीरा और सफ़ेद पुखराज पहनने से वैवाहिक संबंध मज़बूत होते हैं ।


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इस रत्नो का गृह शुक्र वैभव और विलासिता का भी स्वामी माना जाता है , इस वजह से इन रत्नों को पहनने से वैभव व सुख की प्राप्ति होती है । स्त्री वर्ग से जुड़ा व्यापार जैसे आभूषण , कपड़े , कॉस्मेटिक्स आदि का काम करने वालों के लिए हीरा लाभदायक सिद्ध होता है । हीरा और सफ़ेद पुखराज व्यक्तियों को अपने जीवन मे पूर्ण संपन्नता और उसका एहसास दिलाते  हैं । इसके साथ ही कलात्मक क्षेत्र से जुड़े लोग जैसे फिल्म व टेलीविजन कलाकार , गायक , लेखक आदि भी हीरा और सफ़ेद पुखराज से शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि शुक्र ग्रह कला का भी कारक होता  है ।

जिन जातकों की जन्म कुंडली में शुक्र ग्रह शुभ प्रभाव दे रहा हो , उन्हें हीरा या सफ़ेद पुखराज अवश्य धारण करना चाहिए । लेकिन क्योंकि हर रत्न के अपने फायदे व नुकसान होते हैं इसलिए हीरा या सफ़ेद पुखराज धारण करने से पहले अपने किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य की सलाह अवश्य ले लें । यदि आप बिना सलाह के हीरा या सफ़ेद पुखराज धारण करते हैं तो आपको इसके बुरे प्रभाव भी सहने पड़ सकते हैं । 

इस लेख में आपको इन सबके जवाब मिल जाएंगे ।

  • सफेद पुखराज रत्न के फायदे
  • सफेद पुखराज रत्न के नुकसान
  • सफेद पुखराज रत्न की कीमत क्या है
  • सफेद पुखराज रत्न किस उंगली में पहनना चाहिए
  • सफेद पुखराज रत्न की कीमत कितनी है
  • सफेद पुखराज रत्न कितने रत्ती का पहनना चाहिए
  • सफेद पुखराज रत्न किस धातु में पहनना चाहिए
  • सफेद पुखराज रत्न किसे पहनना चाहिए
  • सफेद पुखराज रत्न पहनने की विधि

अन्य सभी रत्नों के बारे में पढ़े।


सफ़ेद पुखराज और हीरा की तकनीकी संरचना 

हीरा | Diamond

हीरा रासायनिक रूप से कार्बन का एक अच्छा और शुद्ध रूप है । हीरा एक पारदर्शी रत्न है । यह सभी रत्नो मे सबसे कठोर खनिज रत्न होता है , यह इतना कठोर होता है की इस हीरे को लोग सभी तरह के पदार्थों की सतहों को खरोचने के लिए उपयोग करते हैं । बस यही कारण है की इसका प्रयोग सभी तरह के आभूषण से जुड़े उद्योगों में किया जाता है ।

यह हीरा सिर्फ सफ़ेद रंग का नही होता है इस हीरे मे कई अशुद्धियाँ मिल जाने के कारण इसका रंग नीला , हारा , पीला व काले रंग का हो जाता है । इन रंगों मे भी सबसे दुर्लभ हीरा हरे रंग का होता है । यह हीरा रासायनिक तौर पर बहुत निष्क्रिय होता है इसलिए इसे सभी घोलकों आसानी से घोला जा सकता है ।  इसलिए इसे अघुलनशील रत्न भी कहते है ।

इसका घनत्व 3.51 होता है । इसमे बहुत अधिक चमक होने के कारण हीरे को जेवर आदि के रूप में प्रयोग किया जाता है । यह हीरा उष्मीय किरणों के प्रति बहुत अधिक संवेदनशील होता है , इसलिए इस हीरे का प्रयोग थर्मामीटर बनाने में किया जाता है । इन हीरो मे काले हीरे का उपयोग काँच काटने , दूसरे हीरे के काटने में , हीरे पर पॉलिश करने तथा चट्टानों में छेद करने के लिए इस काले हीरे का प्रयोग किया जाता है । 


सफ़ेद पुखराज | White sapphire

यह एक ऐसा अनोखा प्रकृति में मिलने वाला रत्न है जिसे हम एक बहुमूल्य रत्न भी कहते है । इस सफ़ेद पुखराज रत्न का वैज्ञानिक रासायनिक सूत्र Al2SiO4( F,OH )2 है। यह सफ़ेद पुखराज रत्न देखने में चिकना ,चमकदार ,पानीदार और इस रत्न को हम एक ओर से दूसरी ओर भी देख सकते है या जिसे हम कह सकते है पारदर्शी तथा इसके जो किनारे होते है वे एक व्यवस्थित किनारे होते है। यह सफ़ेद पुखराज रत्न एलूमिनियम और फ्लोरीन साथ साथ सिलिकेट का खनिज होता है। जिसका रासायनिक सूत्र हम आपको उपर बता चुके है। इस प्रकार वैज्ञानिक तथा प्राचीन ग्रंथों में भी इस सफ़ेद पुखराज रत्न को कुरंडम जाती के स्टोंस में माना गया है। और वैज्ञानिक ब्राजील के गहरे सफ़ेद पुखराज को सबसे उत्तम मानते है। विज्ञान की दृष्टि में भी रत्नों को बहुत महत्ता दी जाती है । 


सफ़ेद पुखराज के फायदे | हीरा के फायदे 

इस पूरे ब्रह्मांड मे पाए जाने वाले सभी रत्नो के जीतने फायदे होते हैं उससे कई ज्यादा नुकसान होते हैं। सफ़ेद पुखराज और हीरा एक ही गृह ( शुक्र ) के रत्न होने के कारण इनके फायदे और इनके नुकसान सब एक जैसे ही हैं। सफ़ेद पुखराज और हीरा व्यक्ति के लिए बहुत ही लाभकारी रत्न होता है । अगर व्यक्ति इन रत्नों को विधि पूर्वक पहने तो व्यक्ति की किस्मत बदल जाती है।

इन रत्नों का स्वामी शुक्र होता है जो व्यक्ति को सकारात्मक फल देता है । तो जानते है इसके सारे फ़ायदों के बारे में नीचे दिए गए बिंदुओं में पढ़े। परन्तु व्यक्ति इन बातों को ध्यान रखे की सफ़ेद पुखराज और हीरा खुद से न पहने। जब भी कोई व्यक्ति सफ़ेद पुखराज White sapphire और हीरा Diamond रत्न धारण करे तो उससे पहले व्यक्ति को अपने किसी अनुभवी ज्योतिष से अवश्य पुंछ लेना चाहिए या फिर आप हमारे ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी से भी पुंछ सकते है की ये आपके लिए लाभदायक है या हानिकारक उसके बाद आप हीरा या सफ़ेद पुखराज आप पहन सकते है।  

यह सफेद पुखराज शुक्र ग्रह से संबंध रखता है, इसलिए इस पुखराज को पहनने से प्यार, सुख शांति से भरा जीवन और पैशन आदि सभी सभी में इजाफा होता हैं। यह रत्न आपको संपन्नता और उसका अनुभव कराता है। यह पुखराज उन जातकों को धारण करना चाहिए जो कलाकार, गायक और फैशन इंडस्ट्री आदि या फिर रचतामक्ता से जुड़े हैं।
सफेद पुखराज धारण करने से जातक का जीवन सुख सम्पत्ति से भर जाता है। सफेद पुखराज के शुभ प्रभाव से जातक के जीवन में नौकर चाकर, घर सम्पत्ति, बड़ी गाड़ी और सारे आराम मिलते हैं।
यह सफेद पुखराज स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। यह रत्न सबसे ज्यादा यूरिनरी सिस्टम, रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है।


ये सफेद पुखराज उन जातकों के लिए भी फायदेमंद होता है जिनका विवाह नहीं हो रहा यदि वे इस सफेद पुखराज को धारण करते है तो उनका विवाह शीघ्र संपन्न हो जाता है।जिन जातकों को संतान या पति या पत्नी के सुख या प्यार की कमी है तो ऐसे में वे यदि इसे पहनते है तो सफेद पुखराज इनके लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। इस रत्न के पहनने से जीवन में शांति मिलती है और तमाम शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं दैविक विछेप भी शांत होते हैंइसी के साथ साथ व्यक्ति की कुंडली में उस पर सफ़ेद पुखराज हीरा रत्न का क्या फायदा है और क्या नुक्सान ये आप नीचे दिए गए बिंदुओं में पढेगे। कृपया सभी बिंदुओं को ध्यान पूर्वक पढ़ें।

  1. कलात्मक कार्यों से जुड़े हुए लोग अपने पेशे में सफलता हासिल करने के लिए सफ़ेद पुखराज और हीरा धारण कर सकते हैं । 
  1. सफ़ेद पुखराज और हीरा व्यक्तियों को सुख-सुविधाओं व विलासिता से परिपूर्ण जीवन का आनंद प्रदान करता है । 
  1. सफ़ेद पुखराज और हीरा संबंधों में खासतौर पर वैवाहिक संबंधों में अधिक मधुरता लाता है ।
  1. विवाह में देरी या किसी रुकावट को दूर करने में भी सफ़ेद पुखराज और हीरा धारण करना लाभकारी सिद्ध होता है ।
  1. सफ़ेद पुखराज White sapphire और हीरा Diamond धारण करने से व्यक्ति की आयु में वृद्धि होती है , और व्यक्ति अपने काम को लेकर ज्यादा गंभीर रहने लगता है । 
  1. स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए भी यह रत्न धारण करना अच्छा माना जाता है। इन रत्नों के अच्छे प्रभाव से मधुमेह तथा नेत्र रोगों से मुक्ति मिलती है ।
  1. विधि पूर्वक सफ़ेद पुखराज धारण करने से व्यक्ति के उपर रत्नों  के स्वामी मानो धन की वर्षा कर देते हैं। उसका आत्मविश्वास बढ़ जाता है और उसके जीवन से मानो दुःख चला ही जाता है उसे कभी किसी काम में धोखा नही मिलता।
  1. सफ़ेद पुखराज और हीरा बहुत ही अच्छे रत्न है। इन रत्नो से उन व्यक्तियों को सबसे ज्यादा शक्ति मिलती है जो निराश रहते है , और उनके जो निराश होने का कारण है उससे उन्हे सामना करने की ताकत मिलती है।
  1. इन रत्नो मे से किसी एक रत्न को धारण करने से व्यक्ति को अपने किसी रिश्तेदार से कोई बड़ा धन लाभ हो सकता है ।
  1. हमारे ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी यह बताते है की व्यक्ति जब इन रत्नों में से किसी एक रत्न को धारण कर लेता है तब बह दुर्गति से दूर तथा प्रगति की और अपने कदम बढाने लगता है वह सारी अच्छी बातों को ग्रहण करता है और बुरी बातों का त्याग कर देता है ।
  1. जिन कन्याओं का विवाह न हो पा रहा हो अथवा विवाह में बाधा आ रही हो यदि ऐसी कन्याएं सफ़ेद पुखराज और हीरा धारण करती है तो विवाह जल्द ही संपन्न हो जाता है ।
  1. जिनको सन्तान एवं पति का सुख न मिलता हो वो महिलाएं सफ़ेद पुखराज और हीरा धारण से दोनों सुखों की प्राप्ति होती है । सफ़ेद पुखराज और हीरा धारण करने से अनेक प्रकार के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक परेशानियाँ  शांत होती हैं ।

सफ़ेद पुखराज के नुकसान | हीरा के नुकसान |White sapphire and Diamond Disadvantages

आप जानते हैं की इस पूरे संसार में जितने भी रत्न पाए जाते है उन सभी रत्नों के जितने फायदे होते है उससे कई गुना ज्यादा नुक्सान होते है । ग्रह एवं नक्षत्रों के नाराज़ होने पर जीवन में अचानक कई परेशानियां आना शुरू हो जाती हैं तो ज्योतिष के जानकार ग्रहों की नाराज़गी से बचाव के लिए रत्न पहनने की सलाह देते हैं। कई बार सही रत्न न पहनने की वजह से लाभ की जगह नुकसान होना शुरू हो जाता है ।

इसी के साथ हम आपको सफ़ेद पुखराज और हीरा के नुक्सान के बारे मे बताते हैं । नीचे कुछ बिंदु दिए गए है जिनमे सफ़ेद पुखराज और हीरा के नुक्सान बताए गए है कृपया  इन बिंदुओं को ध्यान से पढ़ें । 

  1. सफ़ेद पुखराज के बुरे प्रभाव से स्वभाव में अहम उत्पन्न होता है व दिखावा करने की भावना जागृत होने लगती है ।
  1. इन रत्नों के बुरे प्रभाव से व्यक्ति विलासिता पूर्ण जीवन जीने के लिए सदैव लालायित रहता है , जिस कारण ख़र्च आसमान को छूने लग जाते हैं और आर्थिक स्थिति कमज़ोर पड़ जाती है ।
  1. वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को मारक गृह भी कहा गया है । शुक्र यदि व्यक्ति की जन्म कुंडली मे किसी अशुभ भाव में स्थित हो तो वो आपके जीवन के लिए घातक होता है । इसके प्रभाव से बीमारियाँ , रिश्तों में दरार या अलगाव की स्थिति भी हो सकती है ।
  1. बेशक सफ़ेद पुखराज बहुत सारे लोगों के लिए भाग्यशाली रत्न होते हैं लेकिन कई बार यदि ये सूट न करें तो दुर्भाग्य भी लेकर आता है , जैसे शादीशुदा जीवन में दूरी या तलाक, आर्थिक तंगी आदि ।
  1. कई बार क्या होता है व्यक्ति सही रत्न नही पहनता है जिसकी वजह से  से लाभ की जगह नुकसान होना शुरू हो जाता है ।

सफ़ेद पुखराज कितने रत्ती का पहनने चाहिये | हीरा कितने रत्ती के पहनने चाहिये | What is Right Weight for | White sapphire What is Right Weight for Diamond

हीरा | Diamond

हमारे अनुभवी ज्योतिष आचार्य दीपांशु सिंह कुशवाहा जी के मतानुसार यदि आप शुक्र की कृपा अपने ऊपर बनाएँ रखना चाहते हैं तो आपको शुक्र देव का रत्न यानि हीरा कम से कम 0.50 से 2 कैरेट तक का पहनना चाहिए । अगर आप इसे अंगूठी मे पहनना चाहते है तो इसे बनवाने के लिए आप चाँदी की धातु का इस्तेमाल कर सकते हैं । शुक्ल पक्ष के शुक्रवार को सुबह स्नान करने के बाद पांच अगरबत्ती जलाकरशुक्र भगवान की पूजा करें और ॐ शं शुक्राय नम: मंत्र का 108 बार जाप करें ।

अंगूठी के ऊपर भी अगरबत्ती घुमाएं फिर मां लक्ष्मी के चरणों से लगाकर उसे अनामिका या मध्यिका उंगली में धारण कर सकते हैं । लेकिन इससे पहले अंगूठी को शुद्ध करने के लिए उसे गंगा जल या फिर दूध में डुबो कर रखें । ऐसा करने से उसकी सारी अशुद्धियां बाहर निकाल ( धूल ) जाएंगी और इसका  नकारात्मक प्रभाव भी ख़त्म हो जायगा । हीरा अपना अच्छा प्रभाव 25 दिन में दिखाना शुरू कर देता है और इसका असर लगभग 7 वर्ष तक व्यक्ति के ऊपर रहता है । 7 वर्ष के बाद दोबारा नया हीरा धारण कर लेना चाहिए । अच्छे प्रभाव प्राप्त करने के लिए हीरे का रंग सफ़ेद होना चाहिए और उस पर कोई दाग नहीं होना चाहिए ।


सफ़ेद पुखराज | White sapphire

हमारे अनुभवी ज्योतिष आचार्य दीपांशु सिंह कुशवाहा के द्वारा बताए गए तत्वों के आधार पर व्यक्ति इस सफ़ेद  पुखराज रत्न को कम से कम 3 से 4  रत्ती का पहन सकता है यदि व्यक्ति 3 रत्ती से कम का रत्न धारण करता है तो उसे इस रत्न का कोई ज्यादा फायदा नही होगा यदि व्यक्ति 4 से 5 रत्ती तक पहनता है तो उस व्यक्ति को सफ़ेद पुखराज के सारे अच्छे प्रभाव ही मिलेंगे। लेकिन इस रत्न को सोने या चाँदी की धातु से बनी अंगूठी में जड़बाकर ही पहने क्योंकि यह सफ़ेद पुखराज रत्न सोना तथा चाँदी की धातु में ज्यादा शक्तिशाली होता है ।

अंगूठी को प्राप्त कर लेने के पश्चात इसे धारण करने से 24 से 48 घंटे पहले किसी कटोरी में गंगा जल अथवा कच्ची लस्सी में डुबो कर रख दें । कच्चे दूध में आधा हिस्सा पानी मिलाने से आप कच्ची लस्सी बना सकते हैं किंतु ध्यान रहे कि दूध कच्चा होना चाहिए अर्थात इस दूध को उबाला न गया हो । रत्न को धारण करने के दिन उठ कर स्नान करने के बाद इसे धारण करना चाहिए । रत्न से संबंधित ग्रह के मूल मंत्र , बीज मंत्र अथवा वेद मंत्र का 108 बार जाप करें । इसके बाद अंगूठी को कटोरी में से निकालें तथा इसे अपनी उंगली में धारण कर लें ।


सफ़ेद पुखराज और हीरा रत्न का 12 राशियों पर प्रभाव 

इस दुनिया में पाए जाने वाले सभी रत्नों के किसी न किसी राशि पर अपने- अपने अलग -अलग प्रभाव देखने को मिलते है। ठीक उसी प्रकार हम आपको सफ़ेद पुखराज और हीरा के 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ते हैं , वो इस प्रकार हैं।  

मेष राशि 
सफ़ेद पुखराज रत्न के फायदे

इस राशि के जातकों को हीरा रत्न और सफ़ेद पुखराज विशेष परिस्थिति व ज्योतिषीय परामर्श के बाद ही पहनना चाहिए क्योंकि इस राशि के लिए शुक्र कारक माना जाता है। 


वृषभ राशि 
पन्ना रत्न के फायदे

वृषभ राशि के जातकों के लिए हीरा रत्न और सफ़ेद पुखराज दोनों ही बहुत अच्छे  होते हैं क्योंकि वृषभ राशि का स्वामी खुद शुक्र होता है , ऐसे में यह ज़ाहिर है कि हीरा और सफ़ेद पुखराज दोनों इस राशि के जातकों के लिए अत्यंत शुभदायी होंगे ।


मिथुन राशि 
पन्ना रत्न के फायदे

इस राशि के जातकों के लिए सफ़ेद पुखराज शुभ माना जाता है क्योंकि इन रत्नों के स्वामी शुक्र बुध ग्रह के साथ मित्रता का भाव रखता है । इसलिए इस राशि के जातक को सफ़ेद पुखराज पहन लेना चाहिए । 


कर्क राशि 
पन्ना रत्न के फायदे

कर्क राशि के लोगों को सफ़ेद पुखराज धारण करने के लिए ज्योतिषीय परामर्श की आवश्यकता होती है । क्योंकि ये दोनों रत्न आपके लिए लाभदायक और हानिकारक हो सकते है इसलिए बिना परामर्श के आप इन्हे नही पहन सकते हैं । 


सिंह राशि 
सफ़ेद पुखराज रत्न के फायदे

सिंह राशि के स्वामी सूर्य का सफेद पुखराज के स्वामी शुक्र के साथ शत्रुता का भाव रहता है , ऐसे में आपको हीरा या सफ़ेद पुखराज नहीं पहनना चाहिए । लेकिन यदि आप धारण करना चाहते हैं तो पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श लें , उसके बाद ही धारण करना चाहिए । 


कन्या राशि 
सफ़ेद पुखराज रत्न के फायदे

कन्या राशि के स्वामी बुध के साथ दोनों रत्नो के स्वामी शुक्र के साथ मित्रता का भाव है। इसलिए ऐसे में आप बिना संकोच के हीरा और सफेद पुखराज रत्न धारण कर सकते हैं। इन दोनों में से किसी एक रत्न को धारण करने से आपके जीवन में एक नई तरक्की देखने को मिलेगी।


तुला राशि 
सफ़ेद पुखराज रत्न के फायदे

आपकी राशि का स्वामी शुक्र है । शुक्र गृह की कृपा पाने के लिए आप बिना किसी विचार-विमर्श के हीरे या सफेद पुखराज की अंगूठी धारण कर सकते हैं , क्योंकि इस राशि का स्वामी भी शुक्र है और दोनों रत्नों के स्वामी भी शुक्र है इसलिए अगर तुला राशि के जातक किसी एक रत्न को धारण करते है तो उन्हें हर काम में सफलता प्राप्त होगी ।


वृश्चिक राशि 
सफ़ेद पुखराज रत्न के फायदे

इस राशि के जातकों के लिए ये दोनों रत्न हानिकारक है इसलिए इन्हे हीरा और सफेद पुखराज धारण करने से बचना चाहिए, और यदि गलती से कोई व्यक्ति इनमें से किसी एक रत्न को धारण कर लेता है तो उसके जीवन में मानो परेशानियों का पहाड़ टूट पड़ेगा ।


धनु राशि 
सफ़ेद पुखराज रत्न के फायदे

धनु राशि के लोगों के लिए भी सफेद पुखराज न पहनने की सलाह दी जाती है  क्योंकि धनु राशि के स्वामी इन दोनों रत्नों के स्वामी शुक्र के साथ शत्रुता का भाव रखते है इसलिए आप गलती से भी इन रत्नों को ना पहने अन्यथा आपको अपने काम में काफी घाटा हो सकता है, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति भी बिगड़ सकती है ।


मकर राशि 
सफ़ेद पुखराज रत्न के फायदे

आपकी राशि का स्वामी शनि और हीरा , सफेद पुखराज के स्वामी शुक्र दोनों योग कारक हैं , इसलिए ऐसे में आप सफेद पुखराज को धारण कर शुक्र की कृपा पा सकते हैं ।


कुंभ राशि 
सफ़ेद पुखराज रत्न के फायदे

कुंभ राशि का भी स्वामी शनि है, और रत्नों के स्वामी शुक्र शनि के साथ अच्छा व्यवहार रखते है इसलिए आप से लाभ प्राप्त करने के लिए सफेद पुखराज को पहन सकते हैं, बिना किसी संकोच के ।


मीन राशि 
सफ़ेद पुखराज रत्न के फायदे

इस राशि के जातकों के लिए सफेद पुखराज दोनों शुभ नहीं है इसलिए इन्हे ये रत्न नहीं पहनने चाहिए और यदि किसी व्यक्ति ने पहन लिया है तो वह तुरंत उतार दे नही तो आपको बड़ी से बड़ी परेशानियों का सामना करना पास सकता है । 


( एक विशेष जानकारी – हम सभी पाठकों से यही कहना चाहूँगा की जब भी कोई जातक सफ़ेद पुखराज या हीरा धारण करे तो उससे पहले किसी भी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से ज़रुर पुंछ ले की यह रत्न आपके लिए लाभदायक है या हानिकारक । )


सफेद पुखराज और हीरा का असली या नकली होना 

हीरा की पहचान 

प्राकृतिक हीरो को बाजार में नकली उत्पादों की वृद्धि के कारण , ख़रीदार अब रत्न ख़रीदने के दौरान अधिक सावधान और सतर्क हो गए हैं। उपभोक्ताओं को बेहद सावधानी वर्तनी चाहिए , क्योंकि महंगी कीमत हमेशा प्रामाणिकता की गारंटी नहीं देती। गुणवत्ता और कीमत के संदर्भ में पत्थरों का एक व्यापक बाज़ार है।

आमतौर पर एक महंगे रत्न को अधिक प्रभावशाली माना जाता है , लेकिन वो लैब द्वारा प्रमाणित ज़रूर होना चाहिए। तभी आप असली व नकली रत्न के बीच अंतर कर सकेंगे । इसके अलावा , उपभोक्ता रत्न खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता का पता भी लगा सकता है। व्यापक रूप से उपलब्ध नकली उत्पादों से सावधान रहें। इस सब बातों के माध्यम से आप असली हीरा की पहचान आसानी से कर पाएंगे। 

  1. इस प्रकृति मे पाए जाने वाले असली हीरे में कुछ न कुछ खांचें होती हैं। इन खाँचो को हम अपनी आँखो से नही देख सकते हैं इन्हे सिर्फ माइक्रोस्कोप की मदद से देखी जा सकता हैं। आप हीरे को अखबार पर रखकर उसके पार से अक्षरों को पढ़ने की कोशिश करें। अगर आपको टेढ़ी लकीरें दिखाई पड़ें तो इसका मतलब है कि आपका हीरा नकली है , और अगर ऐसा नही होता है तो आपका हीरा असली होगा। 
  1. जब भी आप हीरे को ले टीबी उसे परा बैंगनी ( अल्ट्रा वॉयलेट ) किरणों में देखने की कोशिश करें । अगर परा बैंगनी किरणों में हीरा नीली आभा के साथ चमके तो हीरा असली है। लेकिन अगर हीरे से हल्की पीली , हरी या फिर स्लेटी रंग की आभा निकले तो रत्न असली नहीं होगा ।
  1. इस हीरे को परखने का एक और सबसे आसान तरीका है। हीरा पानी में डालते ही अगर डूब जाता है तो हीरा असली होगा वहीं नकली हीरा पानी के ऊपर तैरने लगता है।
  1. हीरे के आर पार देखिए अगर इंद्रधनुष की तरह अलग अलग रंग दिखाई दें तो हीरा असली है , पर अगर कोई रंग ना दिखे और केवल सफेदी दिखे तो समझ लीजिए आप नकली पत्थर थामे हैं।
  1.  हीरा Diamond विधुत का कुचालक होता है इसलिए यह सतह पर रगड़ने से विधुत का आवेश पैदा करता है लेकिन हीरा ताप का सुचालक भी होता है इसलिए यह स्पर्श करने पर शीतल प्रतीत होता है ।

सफेद पुखराज की पहचान 

जब भी आप सफ़ेद पुखराज रत्न खरीदे तो इस बात का खास ध्यान रखें कि इसकी शुद्धता की पूर्ण जांच अवश्य करा लें , आपके लिए अच्छा यह रहेगा कि आप रत्न अपने किसी विश्वसनीय व्यक्ति के संपर्क या डीलर से ही लें। सफ़ेद पुखराज White sapphire रत्न धारण करने से प्राप्त होने वाले फल इस बात पर निर्भर करते हैं कि रत्न सही वजन , मूल्य और शुद्ध हो। सफ़ेद पुखराज की प्रमाणिकता का सर्टिफ़िकेट भी साथ ले लें तो ज्यादा अच्छा रहेगा। आप इस रत्न को हमारी वेवसाइट के माध्यम से भी खरीद सकते हैं। 

  1.  सफेद पुखराज को पहचानने का सबसे आसान तरीका यह है की आप इस रत्न को पूरी रात दूध मे दाल कर रखे यदि इसका रंग फीका पड़ जाए और इसकी चमक भी कम हो जाए तो समझो यह रत्न नकली है।
  1. सफेद पुखराज को हम एक ओर से दूसरी ओर आसानी से देख सकते है जिसे हम पारदर्शी कहते है और इसके साथ-साथ इस रत्न को जब आप हाथ में रखते हो तो यह काफी वजनदार महसूस होता है।
  1. जो असली सफेद पुखराज होता है उसमे से किरणें निकलती प्रतीत होती है लेकिन नकली में कोई किरण निकलती नही महसूस होती है। 
  1. अगर आप सफेद पुखराज खरीदते हैं तो देख ले उसमे कोई खड़ी लकीर न हो क्योंकि खड़ी लकीर नकली रत्न मे होती है असली मे नही होती है। 
  1. यदि सफेद पुखराज मे किसी तरह का धव्वा या काले छींटे के नीसान हो तो समझो वह रत्न नकली है। 

सफेद पुखराज और हीराके विकल्प उपरत्न 

हीरा के उपरत्न 

हीरा इस दुनियाँ में एक बेहद महँगा रत्न माना जाता है इसलिए सभी व्यक्ति इस हीरे को नही खरीद पाते हैं और यदि व्यक्ति हीरा न खरीद पाए तो इसके स्थान पर वह इसके उपरतनों को धारण कर सकता है जो की हीरे के समान व्यक्ति को फल देते हैं । इसके उपरत्न कुछ इस तरह हैं जो की नीचे बिंदुओं मे बताए गाए हैं ।  

  • जरकन 
  • फिरोजा 
  • ओपल
  • सिम्मा
  • कुरंगी
  • दतला
  • कंसला 
  • तंकू हीरा

सफेद पुखराज के उपरत्न 

सफ़ेद पुखराज अगर कोई व्यक्ति नही पहन पाता है तो वह इसके विकल्पी उपरत्न पहन सकता है इसके उपरतनों के भी इसी के समान फल व्यक्ति को मिलते हैं। सफेद पुखराज ( Safed Pukhraj ) के उपरत्न कुछ  इस प्रकार हैं। 

  •  सुनैला
  •  केरु 
  •  घीया
  •  सोनल
  •  केसरी

एक विशेष जानकारी – ये उपरत्न सिर्फ उन लोगों के लिए होते हैं जो हीरा और पुखराज महंगे होने के कारण खरीद नही पाते है लेकिन जो लोग खरीद सकते हैं वे रत्नों को ही धारण करे उपरत्न न पहने। 


सफ़ेद पुखराज और हीरा से साबधानियाँ

याद रहे कभी भी हीरा के साथ या सफ़ेद पुखराज के साथ कोई दूसरा रत्न नही पहनना चाहिए। क्योंकि रत्न सभी अलग अलग ग्रहों के होते हैं इसलिए कभी कभी क्या होता है व्यक्ति एक साथ दो अलग अलग रत्न पहन लेता है फिर उसके जीवन मे काफी परेशानियाँ आ जाती है जिससे वह बहुत परेशान होता है इसका कारण होता है , की वह बिना किसी ज्योतिष की सलाह के रत्न धारण कर लेना।

सफ़ेद पुखराज या हीरा के उपरत्‍न या विकल्प‍ के साथ कभी भी नीलम , गोमेद और लहसुनिया धारण नहीं करना चाहिए। गंदा , टूटा और अजीब सा सफ़ेद पुखराज या हीरा कभी नहीं खरीदना व पहनना चाहिए क्योंकि इससे आपको कोई लाभ नहीं मिलेगा। इससे आपको रत्न के अशुभ प्रभाव सहने पड़ सकते हैं । इसलिए हमेशा उच्च क्वालिटी का ही रत्‍न धारण करना चाहिए ।