सफ़ेद पुखराज के फायदे: धन और वैवाहिक सुख का सरल उपाय

सफ़ेद पुखराज के फायदे। सफेद पुखराज के लाभ। Safed Pukhraj ke Fayde

सफ़ेद पुखराज के फायदे

सही रूप से सही विधि से रत्न जब पहना जाता है तो कामयाबी और तरराकी कदम चूमने लगती है । इसलिए रत्न को ज्योतिषी की सलाह पर हे पहने । सफ़ेद पुखराज के फायदे इस प्रकार हैं-

  • बुद्धि और सोचने की क्षमता: सफेद पुखराज पहनने से व्यक्ति की बुद्धि और समझ को बढ़ावा मिलता है। यह व्यक्ति के विचारधारा को स्पष्ट करता है और निर्णय लेने में मदद करता है।
  • धन संपत्ति: सफेद पुखराज रत्न धन और संपदा को आकर्षित करने में मदद करता है। यह व्यापार और व्यवसाय में सफलता दिलाने में भी सहायक होता है।
  • स्वास्थ्य लाभ: सफेद पुखराज व्यक्ति के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके अलावा, यह नर्वस सिस्टम, श्वसन तंत्र, और पाचन तंत्र की सुधार में भी मदद करता है।
  • शांति और चिंता मुक्ति: सफेद पुखराज पहनने से मानसिक शांति और आत्मिक ऊर्जा में वृद्धि होती है। यह चिंता और तनाव को दूर करने में मदद करता है। साथ में अगर शुक्र शांति धूप भी ज्वलित कर ली जाए तो सोने पे सुहागा होता है ।
  • राशि और ग्रहों का बल: सफेद पुखराज खासकर शुक्र ग्रह को प्रभावित करता है। इसे पहनने से व्यक्ति की राशि और ग्रहों का बल बढ़ता है, जो कि उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
  • सप्तम भाव (विवाह और साझेदारी) में सुधार: ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, सफेद पुखराज विवाहित जीवन को मजबूत करने में मदद कर सकता है। इसका धारण करने से साझेदारी और व्यापारिक संबंधों में सुधार हो सकता है।
  • करियर में उन्नति: सफेद पुखराज पहनने से व्यक्ति के करियर में स्थिरता और सफलता मिल सकती है। यह नई अवसरों को आकर्षित करने में मदद करता है और व्यापारिक निपुणता में वृद्धि करता है।
  • शिक्षा में बेहतरी: सफेद पुखराज का प्रयोग छात्रों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है, यह उनकी अध्ययन क्षमता को बढ़ावा देता है और एकाग्रता में सुधार करता है।
  • राजनीतिक सफलता: राजनेताओं के लिए सफेद पुखराज बेहद लाभदायक हो सकता है। यह उनकी व्यक्तित्व को बल देता है और उन्हें जनता में अधिक स्वीकार्यता और सम्मान प्रदान करता है।
  • भौतिक और मानसिक रोगों से राहत: सफेद पुखराज का प्रयोग विभिन्न भौतिक और मानसिक रोगों, जैसे कि मानसिक तनाव, अवसाद, चिंता, और अनिद्रा से छुटकारा पाने के लिए भी किया जा सकता है।
  • यह सफेद पुखराज शुक्र ग्रह से संबंध रखता है, इसलिए इस पुखराज को पहनने से प्यार, सुख शांति से भरा जीवन और पैशन आदि सभी में इजाफा करता है। सफेद पुखराज आपको संपन्नता का अनुभव कराता है।
  • यह सफ़ेद पुखराज उन जातकों को धारण करना चाहिए जो कलाकार, गायक और फैशन इंडस्ट्री आदि या फिर रचतामक्ता से जुड़े हैं। इस रत्न से आपको सांसरिक ( भौतिक ) सुख संपन्नता मिलती है। इसके प्रभाव से आपके ऐश्वर्य और वैभव को नई उड़ान मिलती है।
  • यह रत्न सबसे ज्यादा यूरिनरी सिस्टम, रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है। ये सफेद पुखराज उन जातकों के लिए भी फायदेमंद होता है जिनका विवाह नहीं हो रहा यदि वे इस सफेद पुखराज को धारण करते है तो उनका विवाह शीघ्र संपन्न हो जाता है।
  • जिन जातकों को संतान या पति/पत्नी के सुख या प्यार की कमी है तो ऐसे में वे यदि इसे पहनते है तो सफेद पुखराज इनके लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।
  • जब जातक सफेद पुखराज रत्न को धारण कर लेता है तब वह दुर्गति से दूर तथा प्रगति की और अपने कदम बढाने लगता है वह सारी अच्छी बातों को ग्रहण करता है और बुरी बातों का त्याग कर देता है।
  • जिन कन्याओं का विवाह न हो पा रहा हो अथवा विवाह में बाधा आ रही हो यदि ऐसी कन्याएं सफ़ेद पुखराज धारण करती है तो विवाह जल्द ही संपन्न हो जाता है।
  • जिनको सन्तान एवं पति का सुख न मिलता हो वो महिलाएं सफ़ेद पुखराज धारण से दोनों सुखों की प्राप्ति होती है। सफ़ेद पुखराज धारण करने से अनेक प्रकार के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक परेशानियाँ शांत होती हैं।


अन्य सभी रत्नों के बारे में पढ़े।


सफ़ेद पुखराज की तकनीकी संरचना 

यह एक ऐसा अनोखा प्रकृति में मिलने वाला रत्न है जिसे हम एक बहुमूल्य रत्न भी कहते है। इस सफ़ेद पुखराज रत्न का वैज्ञानिक रासायनिक सूत्र Al2SiO4(FOH)2 है। यह सफ़ेद पुखराज रत्न देखने में चिकना, चमकदार, पानीदार और इस रत्न को हम एक ओर से दूसरी ओर भी देख सकते है या जिसे हम कह सकते है पारदर्शी तथा इसके जो किनारे होते है वे एक व्यवस्थित किनारे होते है।

यह सफ़ेद पुखराज रत्न एलूमिनियम और फ्लोरीन साथ साथ सिलिकेट का खनिज होता है। जिसका रासायनिक सूत्र हम आपको उपर बता चुके है। इस प्रकार वैज्ञानिक तथा प्राचीन ग्रंथों में भी इस सफ़ेद पुखराज रत्न को कुरंडम जाती के स्टोंस में माना गया है। वैज्ञानिक ब्राजील के गहरे सफ़ेद पुखराज को सबसे उत्तम मानते है। विज्ञान की दृष्टि में भी रत्नों को बहुत महत्ता दी जाती है। 


यह भी पढ़ें- 27 नक्षत्र विस्तृत जानकारी


सफ़ेद पुखराज पहनने की विधि। Right Process of wearing White sapphire

सफ़ेद पुखराज को सोने या चाँदी की धातु से बनी अंगूठी में जड़बाकर ही पहने क्योंकि यह सफेद पुखराज रत्न सोना तथा चाँदी की धातु में ज्यादा शक्तिशाली होता है। अंगूठी को प्राप्त कर लेने के पश्चात इसे धारण करने से 24 से 48 घंटे पहले किसी कटोरी में गंगा जल अथवा कच्ची लस्सी में डुबो कर रख दें।

कच्चे दूध में आधा हिस्सा पानी मिलाने से आप कच्ची लस्सी बना सकते हैं किंतु ध्यान रहे कि दूध कच्चा होना चाहिए अर्थात इस दूध को उबाला न गया हो। रत्न को धारण करने के दिन उठ कर स्नान करने के बाद इसे धारण करना चाहिए। रत्न से संबंधित ग्रह के मूल मंत्र, बीज मंत्र अथवा वेद मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके बाद अंगूठी को कटोरी में से निकालें तथा इसे अपनी उंगली में धारण कर लें।

सामान्य तौर पर जातक सफेद पुखराज रत्न को कम से कम 3 से 4 रत्ती का पहनना चाहिए। लेकिन अगर व्यक्ति 3 रत्ती से कम का रत्न धारण करता है तो उसे इस रत्न का कोई ज्यादा लाभ नही मिलेगा वहीं अगर व्यक्ति 4 से 5 रत्ती तक का पहनता है तो उस व्यक्ति को सफ़ेद पुखराज के सारे अच्छे प्रभाव मिल सकते हैं।