पुखराज (Pukhraj) रत्न | Yellow Sapphire की सरल पहचान, फायदे और नुकसान

pukhraj yellow sapphire

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पीला पुखराज (Pukhraj – Yellow Sapphire)  क्या है और इसके बारे में

अगर हम पुखराज (Pukhraj) की बात करें तो पुखराज दो तरीके के होते है ।एक  पीला पुखराज ( yellow sapphire )और दूसरा सफ़ेद पुखराज होता है । ये पुखराज (Pukhraj) हमें जापान , ब्राजील , मेक्सिको , रुस , श्रीलंका जैसे बहुत सारे देशों में मिल जाता है । सबसे ज्यादा बर्मा देश की ख़ानो से निकला हुआ रत्न सर्वोत्तम माना जाता है । ज्यादातर ये पुखराज (Pukhraj) ग्रेनाईट की चट्टानों के नीचे पाया जाता है ।तथा कभी कभी ये ज्वालामुखी के पर्वतों की दरारों में मिलता है । और यह रत्न (Pukhraj) कभी कभी भारत वर्ष के पूर्वी देशों में भी मिल जाता है ।  ये पुखराज बर्मा देश मे ही पीले और सफ़ेद रंग के मिलते है । और यह पुखराज सबसे ज्यादा उनके लिए सर्वोपरी है जो लड़कियाँ अपनी शादी की इच्छा रखती है और उन लड़कियों को यह पुखराज (Pukhraj) पहनने से मनचाहा वर मिल जाता है । यह अपने स्वामी गुरु यानी बृहस्पति का कारक होता है । यह रत्न (Pukhraj) व्यक्ति को सफलता , मन की इच्छा शक्ति , बलशाली और धनधान्य से पूर्ण बनाने के लिए यह  पीला पुखराज ( yellow sapphire )अवश्य पहनना चाहिये । यह  पुखराज रत्न  ( yellow  sapphire )मनुष्य को सभी समस्याओं से निजात देता है ।इसलिए व्यक्ति को यह रत्न अपने जीवन में हो रही समस्याओं के निवारण के लिए अवश्य पहनना चाहिये । दुनियाँ में बहुत से रत्न पाए जाते है और सभी रत्नों का अपना अलग- अलग कार्य होता है । जिस कारण व्यक्ति अपनी समस्याओं को दूर करने के लिए किसी न किसी रत्न को अवश्य धारण करता है । और ये रत्न व्यक्ति को ग्रहों के संकट से भी बचाने में भी मदद करते है । अगर हम पुखराज (Pukhraj) की बात करें तो इसे धारण करने के बाद व्यक्ति के अंदर एक नई ज्योति उत्पन्न होती है । और जो असली पुखराज (Pukhraj) होता है उसकी प्रकृति यह होती है की यह देखने में चिकना तथा बहुत साफ़ होता है । यह पुखराज (Pukhraj) बिलकुल जैसे सरसों का फूल होता है ठीक उसी तरह चटक पीला होता है । अगर इसे हम किसी चीज से दबाने है तो यह उछलकर दूर जाकर गिनता है । असली पुखराज और नकली रत्न में रंग का फर्क होता है असली पुखराज (Pukhraj) चटक पीला तथा नकली पुखराज (Pukhraj) देखने में पीला तथा हल्का हरा सा दिखाई देता है । इसलिए जिस रत्न (Pukhraj) में हल्का हरापन दिखाई दे तो उसे व्यक्ति को कभी नही खरीदना चाहिये । जब भी कोई व्यक्ति  रत्न (Pukhraj- yellow sapphire ) धारण करे उससे पहले व्यक्ति पुखराज के अच्छे और बुरे गुणों को समझ ले उसके बाद ही  पुखराज रत्न  ( yellow sapphire ) धारण करे ।  ताकि उस व्यक्ति को  रत्न के सिर्फ अच्छे गुण ही मिले । यदि व्यक्ति ने ज्योतिष परामर्श नही लिया तो उसे इसके बुरे प्रभाव भी सहने पड सकते है जैसे व्यक्ति को किसी भी काम में सफलता न मिले  और उसके जीवन में कुछ भी अच्छा न हो तो वह व्यक्ति समझ जाए की ये सब रत्न (Pukhraj) के बुरे प्रभाव हैं । अगर कोई व्यक्ति    पुखराज रत्न  ( yellow  sapphire )धारण करता है तो वह इससे पहले ये बात जरुर ध्यान रखे की रत्न(Pukhraj- yellow sapphire ) धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिष से परामर्श अवश्य ले लें जैसे हमारे ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी कहते है की व्यक्ति को ये रत्न जिस प्रकार फायदा पहुँचाते है ठीक उसी प्रकार ये व्यक्ति को फायदे से ज्यादा  नुक्सान भी पहुंचा सकते  है । और इसीलिए  रत्न (Pukhraj- yellow sapphire )व्यक्ति को धारण करने से पहले ज्योतिष परामर्श लेना जरूरी है यह पुखराज रत्न  ( yellow sapphire ) मीन , धनु राशि के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा देता है इसलिए इन राशि के लोगों को रत्न (Pukhraj- yellow  sapphire )अवश्य धारण करना चाहिये । यह पुखराज रत्न ( yellow sapphire )एक ऐसा रत्न है जिसमे काम बनाने तथा बिगाड़ने दोनों की शक्ति है । 


पीला पुखराज (Pukhraj) ( yellow sapphire )रत्न और इसकी तकनिकी विज्ञान 

यह एक ऐसा अनोखा प्रकृति में मिलने वाला रत्न है जिसे हम एक बहुमूल्य रत्न भी कहते है । इस रत्न (Pukhraj) ( yellow sapphire ) का वैज्ञानिक रासायनिक सूत्र Al2SiO4( F,OH )2 है । इस रत्न की पहचान वैज्ञानिक तथ्य के आधार पर यदि हम इस रत्न ( yellow sapphire ) को 24 घंटे तक दूध में रखें तो उस दूध का रंग फीका पड जाए तो समझो यह  पुखराज रत्न ( yellow sapphire ) असली नही है । यह रत्न (Pukhraj) ( yellow sapphire ) देखने में चिकना ,चमकदार ,पानीदार और इस रत्न को हम एक ओर से दूसरी ओर भी देख सकते है या जिसे हम कह सकते है पारदर्शी तथा इसके जो किनारे होते है वे एक व्यवस्थित किनारे होते है । यह  रत्न ( yellow sapphire ) एलूमिनियम और फ्लोरीन साथ साथ सिलिकेट का खनिज होता है । जिसका रासायनिक सूत्र हम आपको उपर बता चुके है । इस प्रकार वैज्ञानिक तथा प्राचीन ग्रंथों में भी इस (Pukhraj) ( yellow sapphire )को कुरंड जाती के स्टोंस में माना गया है । और वैज्ञानिक ब्राजील के गहरे पीले रत्न (Pukhraj) को सबसे उत्तम मानते है । विज्ञान की दृष्टि में भी रत्नों को बहुत महत्ता दी जाती है । 


पीला पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) और इसके फायदे 

पीला रत्न (Pukhraj) ( yellow sapphire ) व्यक्ति के लिए बहुत ही लाभकारी रत्न होता है । अगर व्यक्ति इस रत्न को विधि पूर्वक पहने तो व्यक्ति की किस्मत बदल जाती है । इस रत्न का स्वामी गुरु यानि बृहस्पति है जो व्यक्ति को सकारात्मक फल देता है । तो जानते है इसके सारे फ़ायदों के बारे में नीचे दिए गए बिंदुओं में पढ़े । परन्तु व्यक्ति इन बातों को ध्यान रखे की पुखराज रत्न खुद से नही पहनना चाहिये जब भी कोई व्यक्ति रत्न ( yellow  sapphire ) धारण करे तो उससे पहले व्यक्ति को अपने किसी अनुभवी ज्योतिष से अवश्य पुंछ लें या फिर  आप हमारे ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी से भी पुंछ सकते है  की ये रत्न (Pukhraj)( yellow sapphire ) आपके लिए लाभदायक है या हानिकारक उसके बाद पुखराज रत्न आप पहन सकते है । इसी के साथ साथ व्यक्ति की कुंडली में उसपर इस रत्न (Pukhraj) का क्या फायदा है और क्या नुक्सान ये आप नीचे दिए गए बिंदुओं में पढेगे । क्रपया सभी बिंदुओं को ध्यान पूर्वक पढ़ें  । 

  1. इस पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) के स्वामी गुरु यानी बृहस्पति है । जो व्यक्ति को संतान का सुख देते है और उस व्यक्ति का हर बिगड़ा काम बन जाता है इस रत्न ( yellow sapphire ) के पहनने से । व्यक्ति के जीवन में समस्याओं का निवारण होता है । इसके पहनने से व्यक्ति का भाग्य चमक जाता है उसे धन की प्राप्त होने लगता है तथा उस व्यक्ति को धन प्राप्ति होने लगती है और उसका रुका हुआ पैसा भी उसे मिल जाता है । ऐसे मानो उस व्यक्ति के उपर इस रत्न ( yellow sapphire ) के स्वामी धन की वर्षा कर रहे हों । उसका आत्मविश्वास बढ़ जाता है और उसके जीवन से मानो दुःख चला ही जाता है उसे कभी किसी काम में धोखा नही मिलता । ऐसे व्यक्तियों का अभिमान बढ़ जाता है और जब भी कोई व्यक्ति इस (Pukhraj) रत्न ( yellow  sapphire ) को धारण करता है तो उस व्यक्ति के उपर बृहस्पति ग्रह की दशा अच्छी हो जाती है और वह व्यक्ति यश , कीर्ति तथा वैभव प्राप्त करता है । परन्तु रत्न धारण करने से पहले ज्योतिष परामर्श अवश्य लें । 
  1. पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow  sapphire ) धारण करते ही व्यक्ति के जीवन में सब कुछ अच्छा होने लगता है यानी उस व्यक्ति को अच्छे तथा बुरे को समझने की शक्ति प्राप्त हो जाती है । और वह अपने जीवन में सब कुछ अच्छा करने लगता है ।तथा उसे सही निर्णय लेने की एक अलोकिक शक्ति प्राप्त होती है । इसीलिए कहते है की रत्न ( yellow sapphire ) धारण करने से व्यक्ति के जीवन में चारो तरफ से उन्नति और भाग्य का उदय होता है । इसके पहनने से व्यक्ति को सभी जगह सुख प्राप्त होता है उसका घर धन धान्य से भर पूर्ण हो जाता है उसकी संपत्ति बढ़ने लगती है और इन सब के कारण ऐसे व्यक्ति के चहरे पे एक अलग निखार देखने को मिलता है या   साधारणता हम कह सकते है की वह धरती पर ही स्वर्ग का अनुभव करने लगता  है । परन्तु उस व्यक्ति को रत्न ( yellow sapphire ) किसी ज्योतिष आचार्य से पुंछ कर ही पहनना चाहिये ताकि उसे सिर्फ इसके अच्छे गुण प्राप्त हो सकें ।   
  1. पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) धारण करने से जिस व्यक्ति का विवाह नही होता उसका विवाह हो जाता है और जिनके विवाह में परेशानियाँ आती है  जैसे कम या ज्यादा उम्र के कारण तथा काले या गोरे होने के कारण विवाह में जो दिकत्ते होती है वे सारी दिक्कतें खत्म हो जाती है और उन्हें एक अच्छे जीवन साथी ही ढूढ़ने में मदद करता जिससे उनका विवाह हो जाता है । यह रत्न ( yellow sapphire ) व्यक्ति के लिए इतना लाभकारी है की इसके धारण करने के बाद व्यक्ति को कभी अपने वैवाहिक जीवन में परेशानी नही आती है । और वह अपना पूरा वैवाहिक जीवन सुखमय जी पाता है तथा उसका जीवन भर आनंद ले पाता है लेकिन यह रत्न कभी कभी परेशानी भी देता है जैसे उसके किसी पुर्बज की मृत्यु हो सकती है या किसी को बहुत बड़ी दुर्घटना का सामना कर पद सकता है । ऐसे में उसे फर्जी लोग बहुत मिलेंगे और उसका काम बिगाड़ने का प्रयास करेंगे परन्तु रत्न (Pukhraj) पहने हुए व्यक्ति का कभी कोई नुक्सान नही होता  इसलिए व्यक्ति इसे धारण करने से पहले ज्योतिष परामर्श अवश्य लें । 
  1. यह पुखराज (Pukhraj) एक बहुत अच्छा रत्न भी है । इससे उन व्यक्तियों को सबसे ज्यादा शक्ति मिलती है जो निराश रहते है  और उनके जो निराश होने का कारण है उनसे सामना करने की ताकत मिलती है । इस रत्न को धारण करने के बाद व्यक्ति को घर का सुख प्राप्त होता है । उसके मन स्वस्थ रहता है और ऐसे व्यक्तियों का कोई ज़मीनी विवाद जो वर्षों से चल रहा है वह भी सुलझ जाता है और ऐसे में व्यक्ति की खो गई कोई चीज भी उसे मिल जाती है रत्न  ( yellow sapphire ) धारण करने के बाद और इस रत्न के धारण करने से व्यक्ति को शिक्षा के छेत्र में सबसे ज्यादा सफलता प्राप्त होती है । पुखराज धारण करने के बाद व्यक्ति इतना शिक्षित हो जाता है की लोग उसे अपना गुरु बनाने लगते है । जो व्यक्ति (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) धारण कर लेते है वे या तो अध्यापक बनते है या फिर किसी कॉलेज के प्रधानाध्यापक बन जाते है । इसीलिए शिक्षा के छेत्र में इसे बहुत मान्यता दी जाती है । इस रत्न ( yellow sapphire ) को इसीलिए गुरु का रत्न माना जाता है । लेकिन इसे धारण करने से पहले ज्योतिष परामर्श अवश्य ले लें । 
  1. जब व्यक्ति को कोई शारीरिक परेशानियाँ होती है तब भी व्यक्ति इस रत्न को धारण करता है । यह रत्न इस समस्याओं में बहुत अच्छा परिणाम देता है जैसे- सीने में जलन , श्वांश फूलना , अल्सर , गठिया , नपुंशकता तथा टीवी आदि रोगों में यह रत्न ( yellow sapphire ) धारण करने के बाद फायदा मिलता है और व्यक्ति स्वस्थ हो जाता है । ऐसे व्यक्ति जिनको विवाह के काफी समय हो जाने के बाद भी उन्हें कोई संतान नही होती परन्तु जब वे व्यक्ति इस रत्न  ( yellow  sapphire ) को धारण करते है तो उसके कुछ दिन बाद ही उन्हें शुभ समाचार मिल जाते है । और उस व्यक्ति को संतान का सुख भी प्राप्त हो जाता है । और उन व्यक्तियों को आर्थिक लाभ भी मिलता है । यह रत्न ( yellow sapphire ) कानूनी काम काज में बहुत बड़ा योगदान निभाता है जिस व्यक्ति के वर्षों से कोर्ट कचहरी के चक्कर लग रहे है उन्हें इससे निजात मिलेगी और उनका कानूनी काम भी हो जायगा । जिससे वे राहत की सांस ले पाएंगे । लेकिन व्यक्ति को रत्न ( yellow  sapphire ) धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिष से अवश्य परामर्श लें की यह रत्न आपके लिए अच्छा है या नही ।  
  1. ऐसे व्यक्ति जो धर्म के काम काज जैसे मंदिर में आदि तिर्थ स्थानों पर है उन्हें भी यह (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) फायदा दे सकता है । क्योंकि व्रहस्पति का मार्ग धर्म है और इस रत्न (Pukhraj) के स्वामी गुरु यानी बृहस्पति है इसलिए ऐसे लोगों को इस रत्न का बड़ा लाभ प्राप्त होता है । कोई ऐसा व्यक्ति जिसका किसी के साथ झगड़ा चल रहा होगा और वह उसका शत्रु हो यह रत्न ( yellow  sapphire ) धारण करने के बाद उस व्यक्ति का यह शत्रु भी उसका मित्र बन जायगा । यह रत्न धारण करने के बाद उस व्यक्ति को अपने मामा के द्वारा कोई बड़ा तोहफ़ा मिल सकता है जिससे उसे अति प्रसन्नता होगी  । और इस रत्न के धारण करने के बाद व्यक्ति के पास  धन ही धन आएगा जिससे उसके घर में नौकर चाकर काम-काज करने के लिए आया करेंगे । और वह व्यक्ति सुख का आनंद लेगा । लेकिन ये रत्न आपको फायदे की जगह नुक्सान भी पहुंचा सकता है यदि आपने इसे विधि पूर्वक किसी ज्योतिष आचार्य के परामर्श से न धारण किया । 
  1. कई लोग ये कहते है की ये पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) कोई भी पहन सकता है परन्तु हमारे ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा इसका समर्थन नही करते क्योंकि किसी भी व्यक्ति की जन्म कुंडली का परीछण किय बिना वह    (Pukhraj) रत्न ( yellow  sapphire ) धारण नही कर सकता अगर उसने कर भी लिया तो उसे बहुत सी शारीरिक परेशानियाँ होंगी । ऐसे व्यक्तियों को शादी करने का बहुत सौक होता है । और जब व्यक्ति पुखराज रत्न धारण कर लेते है तब उनका व्यक्तियों के प्रति आकर्षण बहुत ज्यादा बढ़ जाता है । और वे बुरे व्यक्तियों से दूर तथा अच्छे व्यक्तिओं के पास बैठने लगते है ।  और हमारे ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी बताते है की जिन व्यक्तियों की कुंडली में बृहस्पति कमजोर होता है उन्हें तो इस पीले रत्न (Pukhraj) को अवश्य पहनना चाहिये । लेकिन सब इस पीले पुखराज को धारण नही कर सकते है क्युकि यदि आप ज्योतिष परामर्श नही लेंगे तो इस रत्न (Pukhraj) के फायदे ही नही बल्कि इसके नुकसान बहुत ज्यादा हो सकते है । 
  1. यह पीला पुखराज (Pukhraj) ( yellow sapphire ) व्यक्ति के लिए बहुत ही ज्यादा फ़ायदेमंद है अगर व्यक्ति इस रत्न  ( yellow  sapphire ) को विधि पूर्वक पहन ले तो उस व्यक्ति के अंदर सोचने समझने की शक्ति बढती है । उस व्यक्ति के मन में बुरे विचारों का नास होता है लेकिन कभी कभी ऐसे में व्यक्ति को बहुत दुःख होता है क्योंकि उसके किसी बड़े बुजुर्ग की अचानक मृत्यु हो जाती है । इस पुखराज रत्न ( yellow sapphire ) को धारण करने के बाद व्यक्ति को भ्रष्टाचार से बचना चाहिये ताकि उसकी कोई आर्थिक समस्या न उत्पन्न हो । ऐसे व्यक्ति जो पुखराज (Pukhraj) को विधि पूर्वक नही पहनते है उन्हें कोई बहुत बड़ा आर्थिक संकट भी आ सकता है और वे किसी न किसी कारणवस नपुंसक भी हो सकते है इसलिए यह पुखराज रत्न ( yellow sapphire ) व्यक्ति को विधी पूर्वक किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से परामर्श लेकर ही पहनना चाहिये । ताकि व्यक्ति के ऊपर सिर्फ इस    पुखराज (Pukhraj) रत्न  ( yellow  sapphire ) के अच्छे प्रभाव ही पड़े । 
  1. इस बृहस्पति रत्न पुखराज (Pukhraj) को पहनने से व्यक्ति बुरी आदतों को छोड़ कर धर्म के मार्ग पर चलने लगता है । इसलिए ये पुखराज रत्न ( yellow sapphire ) सबसे ज्यादा पवित्र माना जाता है । और इस रत्न को बहुत महत्ता दी जाती है । हमारे ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी यह बताते है की व्यक्ति जब इस रत्न को धारण कर लेता है तब बह दुर्गति से दूर तथा प्रगति की और अपने कदम बढाने लगता है वह सारी अच्छी बातों को ग्रहण करता है और बुरी बातों का त्याग कर देता है इसे पहनने के बाद उसके मन में भागती की एक नई लहर उठती है और वह तिर्थ स्थानों पर जाता है । और इस पुखराज रत्न ( yellow sapphire ) के अच्छे प्रभाव के कारण उस व्यक्ति का भ्ग्योदय हो जाता है । और वह अपने जीवन का भर पूर्ण आनंद ले पाता है । इसे पहनने के बाद व्यक्ति को परदेश तथा तिर्थ स्थान पर जाने के लिए सबसे शुभ अवसर मिलता है । परन्तु हमारे ज्योतिष आचार्य ये भी कहते है की जब भी कोई व्यक्ति इस पुखराज रत्न ( yellow sapphire ) को धारण करे तो उससे पहले किसी भी अनुभवी ज्योतिष से अवश्य ये पुंछ ले की ये रत्न उस व्यक्ति के लिए शुभ है या अशुभ और फिर इसके बाद व्यक्ति इस रत्न को धारण कर सकता है ।
  1. यह पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) व्यक्ति के जीवन में इतना महत्वपूर्ण है जैसे मानो की यह व्यक्ति का जीवन ही बदल देता है जैसे – जिस व्यक्ति के पिता उससे हमेशा नाराज़ रहते हो या फिर उससे कभी बात न करते हो जिससे उस व्यक्ति को लगता हो की उसके पिता प्यार नही करते यदि व्यक्ति इस पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) को पहनता है तो उसके पिता उससे इतना ज्यादा प्यार करने लगते है की उस व्यक्ति को हम कह सकते है की पिता का सुख प्राप्त हो गया हो । इस पुखराज (Pukhraj) रत्न  ( yellow  sapphire ) के धारण करने के बाद उसकी कार्य छमता बढ़ जाती है और उस व्यक्ति की जॉब भी लग जाती है जिससे वह लोगो को इतना सम्मान देता है की हर व्यक्ति उससे ही अपना काम कराना चाहता है । इस के धारण करने से व्यक्ति के उधोग धंधे , व्यवसाय इतना अच्छा चलने लगता है की उसका धन दो गुना हो जाता है । लेकिन हमारे ज्योतिष आचार्य ये कहते है की  किसी भी व्यक्ति को पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिष से परामर्श अवश्य ले लेना चाहिये ।
  1. यह पुखराज (Pukhraj) इतना अच्छा प्रभावशाली रत्न है जो भी व्यक्ति  इस पुखराज (Pukhraj) को धारण करता है तो उसके ऊपर आने वाले हर खतरे से आगाह कर देता है यह रत्न । इस रत्न के अंदर तमाम सारे अच्छे गुण है जैसे की जो भी व्यक्ति इसे धारण करता है यदि वह कभी जहर के करीब जायगा तो इस पुखराज (Pukhraj) का रंग फीका पढ जाता है और उस व्यक्ति को पता चल जाता है की उसके ऊपर कोई खतरा है । इस के पहनने से उस व्यक्ति के मित्र उसके साथ कभी दगा नही करते । और ये व्यक्ति बहुत अच्छा काम करने लगते है जिससे इन्हें किसी के द्वारा बहुत बढ़ी चीज भेंट में प्राप्त होती है । और वो व्यक्ति सदैव अच्छे काम ही करता है ।इस पुखराज (Pukhraj) के प्रभाव से व्यक्ति का लड़कियों के प्रति आकर्षण बढ़ जाता है । और वे अपनी मनपसंद का रिश्ता किसी अच्छे घर में कर पाते है परन्तु इस रत्न को धारण करने से जितने इसके फायदे है उससे कई ज्यादा नुक्सान इसलिए किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से परामर्श लेकर इस रत्न को पहनें ।
  1. जो व्यक्ति अपने जीवन में बहुत ज्यादा परेशान है उन्हें यह पुखराज (Pukhraj) रत्न  ( yellow sapphire ) अवश्य पहनना चाहिये ताकि उनके जीवन में हो रहीं समस्याओं का निवारण हो सके । जिन व्यक्तियों का हर काम असफल हो रहा है वे इस रत्न को अवश्य पहनें ताकि उनके हर बिगड़े काम आसानी से बन सकें । जो व्यक्ति कर्जे से नही उभर पाते है उनका सारा कर्ज आसानी से निकल जायगा और उन्हें पता ही नही चलेगा । उनके जो भी नुकसान हो रहे है वे सब वे भी नही होंगें इसे धारण करने के बाद ।  ऐसे अवस्था में कभी -कभी व्यक्ति अपनी नौकरी छोड़ने का फैसला ले लेते है पर जब आप इस रत्न को धारण करोगे तब आपकी सोच इतनी बदल जाएगी की आप कभी सोंचोगे भी नही की जॉब छोड़ दूँ यह रत्न आपको हर चीज में सफल बनाएगा इसलिए यह रत्न अवश्य पहने लेकिन किसी अनुभवी ज्योतिष से परामर्श लेकर ।  

पीले पुखराज (Pukhraj) के नुक्सान

आप जानते हैं की इस पूरे संसार में जितने भी रत्न हमें मिलते है उन सभी रत्नों के जितने फायदे होते है उससे कई गुना ज्यादा नुक्सान होते है ऐसे ही हम आपको पीले पुखराज (Pukhraj) के नुक्सान बतायंगे ।  नीचे कुछ बिंदु दिए गए है जिनमे पुखराज (Pukhraj) के नुक्सान बताए गए है इन बिंदुओं को ध्यान से पढ़ें । 

  1. जो पुखराज (Pukhraj) दिखने में चिकने व चमकदार नही होते उन्हें पहनने से आपको कई तरह की शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हो जाती है जिससे आपका स्वस्थ्य ठीक नही रहता और आप बीमार कह लाए जाने लगते हो । 
  1. इन पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) के बुरे प्रभाव से बचने के लिए सभी ज्योतिष आचार्य कुछ न कुछ सलाह अवश्य देते है ताकि व्यक्ति को सिर्फ पुखराज (Pukhraj) के अच्छे प्रभाव  ही सहने पड़ें । 
  1. कुछ पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) ऐसे होते है जिनमे बारीक़ परत ( जाल ) जैसी होती है वे पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) व्यक्ति को नही खरीदने चाहिए । यदि आप उस पुखराज (Pukhraj) को ख़रीद लेते है और उसे धारण भी कर लेते है तो उस व्यक्ति की कोई  संतान नही होती है इसलिए पुखराज (Pukhraj) को जान समझ कर खरीदे । 
  1. आपने देखा होगा कि कुछ पुखराज (Pukhraj) ऐसे भी होते है जिनमे कहीं न कहीं गड्डा से दिखाई देता है यदि आप उस पुखराज (Pukhraj) को ख़रीद कर पहन लेते है ती आपके घर से लक्ष्मी चली जाएगी तथा कभी वापस नही आएगी इसलिए जब भी पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow  sapphire ) लें उससे पहले अच्छे से परख लें ।
  1. जो पुखराज (Pukhraj) चिकने तथा साफ़ नही होते है उनमे कुछ काले धब्बे से दिखाई देते है ऐसे पुखराज (Pukhraj) को भी नही खरीदना चाहिये यदि आप खरीदते हो तो आपके घर में सुख शांति कभी नही आएगी हमेशा कलेश मचा रहगा । इसी कारण आपने सुना होगा की कुछ लोग कहते है की ये पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) फायदा नही करता जो रत्न फायदा न करे उस रत्न में कुछ न कुछ ज़रुर कमी होगी इसी कारण वह आपको परेशानी देता है ।  
  1. यदि कोई भी व्यक्ति कभी पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) खरीदता है तो वह ये ज़रुर देख ले की उस पुखराज (Pukhraj) में कोई सीधी खड़ी लकीर तो नही है यदि है तो उसे न खरीदे क्योंकि वह पुखराज (Pukhraj) आपके घर को तार तार कर देता है यानी बर्बाद कर देगा जिस कारण आपके घर का कोई भी सदस्य स्वस्थ नही रहेगा उसे किसी का किसी तरह की शारीरिक परेशानियाँ होती रहेंगी । 
  1. यदि आप पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) धारण करना कहते है तो आप एक बात हमेशा याद रखें की यह पुखराज (Pukhraj) धारण करने से पहले अपनी कुंडली को किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य को अवश्य दिखाय उसके बाद ही पुखराज (Pukhraj) रत्न  ( yellow sapphire ) धारण करे नही तो आपको इसके बुरे प्रभाव सहने पड़ सकते है । 

पीला पुखराज (Pukhraj) ( yellow sapphire ) कितने रत्ती का पहनना चाहिये और विधि 

अनुभवी ज्योतिष आचार्य के द्वारा बताए गए तत्वों के आधार पर व्यक्ति इस    पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) को व्यक्ति कम से कम 3 से 4  रत्ती का पहन सकता है यदि व्यक्ति 3 रत्ती से कम का पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) धारण करता है तो उसे इस पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) का कोई ज्यादा फायदा नही होगा यदि व्यक्ति 4 से 5 रत्ती तक पहनता है तो उस व्यक्ति को इस पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire )के सारे अच्छे प्रभाव ही मिलेंगे । लेकिन इस पुखराज (Pukhraj) को सोने या चाँदी की धातु से बनी अंगूठी में जड़बाकर ही पहने क्योंकि यह पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow  sapphire ) सोना तथा चाँदी की धातु में ज्यादा शक्तिशाली होता है । इस रत्न को गुरूवार के दिन सूर्योदय के बाद धातु से बनी अंगूठी को दूध , शहद , गंगा जल , शक्कर आदि से बने मिश्रण में डाल दें ।उसके बाद बृहस्पति देव के सामने 5 अगरबत्ती जला कर आराधना कीजिये की हे भगवान मैं आपके प्रिय पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow  sapphire ) को पहनने जा रहा हु इसलिए मुझे आपका आशीर्वाद चाहिये हे क्रपानिधान मुझे आशीर्वाद दो और मेरी सदैव रक्षा करना । इसके बाद उस अंगूठी का हाथ में रख कर 108 बार ॐ ब्रह्म ब्रह्स्पतिये नमः का मंत्र उच्चारण करें और उसके बाद विष्णु भगवान के चरणों अंगूठी को स्पर्श करके ही धारण करें । यदि आप    पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) का अच्छा प्रभाव चाहते हो तो ऊँचे स्तर का ही सिलोनी पुखराज (Pukhraj) धारण करें । लेकिन यह अंगूठी सिर्फ सीधे हाँथ की अनामिका उंगली में ही पहनी जाएगी । यदि किसी व्यक्ति को अंगूठी पहनने में कुछ परेशानी हो रही है तो वे इस पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) को किसी सोने के लाकेट के जडबाकर कर गुरु यंत्र के साथ इस पुखराज (Pukhraj) रत्न को पहन सकता है । इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए व्यक्ति पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow  sapphire )पहन सकता है । 


पीला पुखराज (Pukhraj) ( yellow sapphire ) रत्न और उसका 12 राशियों पर प्रभाव 

सभी राशियों पर  पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow  sapphire ) का प्रभाव कुछ इस प्रकार है ।

मेष राशि के लिए पुखराज (Yellow Sapphire for Aries )

पुखराज

इस मेष राशि का स्वामी मंगल होता है और पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) के स्वामी गुरु यानी बृहस्पति का मेष राशि के स्वामी के साथ हमेशा मित्रता का भाव रहता है । इस कारण व्यक्ति का हर काम सफल होता है और व्यक्ति उन्नति प्राप्त करता है । और इसे धारण करने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ जाता है और उसके साथ कभी धोखा नही होता और उनकी शारीरिक समस्याएं भी सही हो जाती है । ऐसे व्यक्तियों को अपनी बाड़ी में ग्रोथ करने में सहायता मिलती है । इस वजह से मेष राशि के जातकों के लिए यह पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) बहुत ज्यादा लाभदायक माना जाता है । परन्तु यदि व्यक्ति बिना किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य के परामर्श से यह पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) धारण करता है तो उसे इसके बुरे प्रभाव भी सहने पड़ते है ।


वृषभ राशि के लिए पुखराज (Yellow Sapphire for Taurus )

पुखराज

 पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) के स्वामी बृहस्पति वृषभ राशि के स्वामी शुक्र के साथ शत्रु का भाव रखते है इस कारण वृषभ राशि के व्यक्तियों के लिए ये पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) हानिकारक होता है लेकिन यदि व्यक्ति इस पुखराज (Pukhraj) रत्न को किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य के परामर्श से पहनता है तो उसकी आर्थिक स्थिति  सुधर जाती है और उसे धन की प्राप्ति होती है । और उसे परिवार का सुख प्राप्त होता है तथा उसके मान सम्मान में वृद्धि होती है वह अपने जीवन का भर पूर्ण आनंद ले पाता है ।और ऐसे व्यक्तियों की वाणी में भी मधुरता आती है ।


 मिथुन राशि  के लिए पुखराज (Yellow Sapphire for Gemini )

पुखराज

मिथुन राशि का स्वामी बुध होता है और बुध बृहस्पति से कभी बैर नही रखता इसलिए इस राशि के लोगों के लिए ये पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) अत्यधिक लाभकारी होता है । जब व्यक्ति इसे धारण करता है तब उसे हर धंधे में सफलता मिलती है तथा उसे अपने किसी पूर्वजों से संपत्ति मिल सकती है तथा उस व्यक्ति को सबका साथ मिलेगा किसी भी काम को करने के लिए । ऐसे व्यक्ति जो इस रत्न को धारण कर लेते है उसके बाद वे ज्यादातर लोगो के संपर्क में रहते है लेकिन इसे धारण करने से पहले व्यक्ति को ज्योतिष परामर्श अवश्य लेना चाहिये ।


कर्क राशि  के लिए पुखराज (Yellow Sapphire for Cancer )

पुखराज

इस राशि का स्वामी चन्द्र होता है और चन्द्र हमेशा गुरु के साथ बहुत अच्छा व्यवहार रखता है इसलिए कर्क राशि के जातको को इस पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) के बहुत सारे लाभ मिलते है । जैसे वह अपना कोई भी मन चाहा काम कर सकता है । जो व्यक्ति अपना खुद का घर नही ख़रीद पाते है उन्हें इससे बहुत सहायता मिलेगी जिससे वे अपना घर आसानी से ख़रीद पाएंगे । यदि वे काफी समय से वाहन खरीदना चाहते है तो उन्हें इसमें भी सहायता मिलेगी यदि उनका कोई ज़मीनी विवाद काफी समय से चल रहा है तो उन्हें अपनी ज़मीन वापस मिल सकेगी और यदि आप इस    पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) को मूँगा या फिर मोती के साथ पहनते है तो इस पुखराज (Pukhraj) के आपको सारे पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे यानी सब कुछ बहुत अच्छा होगा आपकी लाइफ में लेकिन इस रत्न को धारण करने से पहले एक बार किसी अनुभवी ज्योतिष से परामर्श ज़रुर ले लें ।


सिंह राशि  के लिए पुखराज (Yellow Sapphire for Leo )

पुखराज

सिंह राशि के स्वामी सूर्य का बृहस्पति के साथ बहुत अच्छे सम्बन्ध रहते है  इस कारण ये पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) सिंह राशि के जातकों के लिए बहुत शुभ माना जाता है । सिंह राशि के जातक इसे अवश्य धारण करें क्योंकि इस रत्न के पहनने से आपको शिक्षा में सफलता प्राप्त होती है और ज्ञान की बढ़ोतरी होती है । इसके पहनने के बाद व्यक्ति का प्यार उन्हें मिल जाता है और ऐसे व्यक्ति जिनकी संतान नही होती उन्हें  संतान का सुख भी प्राप्त होता है जिससे उसके भविष्य में उजाला हो जाता है लेकिन अपने जीवन में उन्नति पाने के लिए इस रत्न को धारण करने से पहले एक बार किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से अवश्य पुंछ लें ।


कन्या राशि के लिए पुखराज ( Yellow Sapphire for Virgo )

पुखराज

पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) का स्वामी बृहस्पति कन्या राशि के स्वामी बुध के साथ एक जैसा व्यवहार रखते है लेकिन बृहस्पति और बुध एक दूसरे से शत्रु का भाव रखते है । ऐसे में व्यक्ति के लिए यह रत्न हानिकारक होता है लेकिन व्यक्ति अगर किसी ज्योतिष आचार्य से परामर्श लेकर धारण करता है तो उसे अपने ही शत्रुओं से फायदा होने लगता  है ऐसे शत्रु जो व्यक्ति के उपर हमेशा से छुप कर वार करते थे अब वे सामने आयंगे । और उस व्यक्ति का मानसिक कलह ख़त्म हो जायगा । उसे अपने ही नौकर चाकरों से भी लाभ होने लगेगा तथा उसकी सारी शारीरिक पीड़ा दूर हो जाएगी वह अपने जीवन में सुख का अनुभव कर पाएगा ।


तुला राशि के लिए पुखराज ( Yellow Sapphire for Libra )

पुखराज

तुला राशि के जातकों को पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) जरुर पहनना चाहिये क्योंकि पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) का स्वामी बृहस्पति तुला राशि के जातकों की कुंडली में तीसरे और छठे भाव का स्वामी होता है इसलिए इस राशि के जातकों को इसका लाभ बहुत ज्यादा मिलता है इसके पहनने से खासकर व्यक्ति का स्वास्थ एक दम ठीक रहता है और रिश्तों में मधुरता आती है और यह रत्न व्यक्ति को रोग मुक्त बनता है । ऐसे व्यक्ति जिनका विवाह नही होता उन व्यक्तियों को विवाह का सुख प्राप्त होगा । लेकिन कभी कभी इसके बुरे असर भी देखने को मिलते है इसलिए व्यक्ति को किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से परामर्श अवश्य ले लेना चाहिये ।


वृश्चिक राशि के लिए पुखराज ( Yellow Sapphire for Scorpio )

पुखराज

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) बहुत लाभदायक है क्योंकि बृहस्पति व्यक्ति की कुंडली में द्वातिये व पंचम भाव में रहता है इसलिए व्यक्ति को पुखराज (Pukhraj) के साथ मूँगा भी पहन लेना चाहिये क्योंकि जब व्यक्ति मूँगा और पुखराज (Pukhraj) दोनों एक साथ पहनते है तब ये रत्न आपको तेज दिमाग पाने में बहुत सहायता देता है । धन का भी लाभ मिलता है इस रत्न के धारण करने से आपके परिवार के सदस्यों के साथ बहुत  अच्छे सम्बन्ध बन जाते है और व्यक्ति दुःख को त्याग सुख का आनंद ले पाता है परन्तु इसका उल्टा भी हो सकता है यदि आपने ज्योतिष परामर्श नही लिया ।


धनु राशि के लिए पुखराज ( Yellow Sapphire for Saggitarius )

पुखराज

इस धनु राशि का स्वामी खुद बृहस्पति ही है और पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) का स्वामी भी बृहस्पति है तो इस राशि के जातको को यह रत्न अवश्य पहनना चाहिये क्योंकि धनु राशि का  भाग्य रत्न पुखराज (Pukhraj) ही माना जाता है इसे पहनने से व्यक्ति को हर काम में सफलता मिलती है इस रत्न के धारण करने से मानो व्यक्ति का भाग्योदय हो जाता है जिससे वह अपने जीवन में हर काम में सकारात्मक परिणाम ही पाता है । इसे पहनने के बाद व्यक्ति कहीं परदेश घूमने जा सकता है । और इस राशि के व्यक्तियों की सेहत बहुत अच्छी रहती है जिससे वे रोग मुक्त हो जाते है । 


मकर राशि के लिए पुखराज ( Yellow Sapphire for Capricon )

पुखराज

मकर राशिं के जातकों को पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) नही पहनना चाहिये क्योंकि यदि व्यक्ति इसे पहन भी लेता है तो पुखराज (Pukhraj) के स्वामी बृहस्पति का व्यक्ति के ऊपर बहुत बुरा असर पड़ेगा ।लेकिन बृहस्पति और इस राशि के स्वामी शनि एक जैसी समानता तो रखते है लेकिन शत्रु भाव रखते है । ऐसे में व्यक्ति यदि    पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) धारण करना चाहता है तो वह किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से परामर्श ले और  फिर उसके बाद ज्योतिष आचार्य के द्वारा बाताय गए उपायों के अनुसार इसे धारण कर सकता है । 


कुंभ राशि के लिए पुखराज (Yellow Sapphire for Aquarius )

पुखराज

इस राशि का भी स्वामी मकर राशि की तरह शनि है ऐसे में व्यक्ति को (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) न पहनने की सलाह दी जाती है । व्यक्ति इस रत्न को जब धारण कर सकता है जब वह अपनी कुंडली किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य को दिखा देता है और यदि व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति दूसरे , दसवें या ग्यारहवें भाव में है या फिर बृहस्पति की महादशा  या अन्तर्दशा चल रही है तो कुंभ राशि के जातकों के लिए (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) लाभकारी माना जाता है । इस रत्न के धारण करने से व्यक्ति की आमदनी का स्रोत बढ जाता है । और उन्हें बहुत अच्छे मित्र मिल जाते है पर ऐसे व्यक्तियों का मित्र स्त्रियों की तरफ आकर्षण बढ़ जाता है ।


मीन राशि के लिए पुखराज (Yellow Sapphire for Pisces )

पुखराज

इस राशि के लिए यह पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) सबसे ज्यादा लाभकारी है । यह (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) मीन राशि के जातकों के लिए भगवान के वरदान से कम नही है । इस रत्न के धारण करने से मीन राशि के जातकों को एक नई शक्ति मिलती है । और यह रत्न धारण करने के बाद व्यक्ति का सभी कामों के प्रति रुझान बढ़ जाता है । और वे कर्ज मुक्त हो जाते है तथा उनका किसी भी काम में नुक्सान नही होता है और इनका ध्यान सिर्फ अपने काम में ही रहता है फ़ालतू के कामों में नही । 


( एक विशेष जानकारी – मैं हर व्यक्ति से यही कहना चाहूँगा की जब भी कोई व्यक्ति (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) को धारण करे तो उससे पहले किसी भी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से ज़रुर पुंछ ले की यह रत्न आपके लिए शुभ है या अशुभ । )

यदि कोई व्यक्ति (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) धारण करने से पहले अपनी कुंडली दिखबाना चाहता है तो वह Dsk Astrology के अनुभवी ज्योतिष आचार्य श्री दीपांशु सिंह कुशवाहा जी से  परामर्श ले सकते है ।


रत्न का असली या नकली होना 

  • पीले पुखराज (Pukhraj) को पहचानने का सबसे आसान तरीका यह है यदि आप पुखराज (Pukhraj) को  एक दिन तक दूध में डालकर रखें और फिर भी अगर (Pukhraj) का रंग हल्का न पड़े और उसकी चमक वैसी ही बनी रहे तो समझो वह रत्न (Pukhraj) असली है। 
  • पुखराज (Pukhraj) इतना शक्तिशाली रत्न है अगर (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) असली है तो यह व्यक्ति को किसी जहरीले कीड़े के काटने पर यदि आप उस जगह पर रत्न (Pukhraj) को रगड़ते है तो उस व्यक्ति के अंदर जहर ख़त्म हो जाता है।
  • जो असली पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) होता है उसे हम एक ओर से दूसरी ओर आसानी से देख सकते है जिसे हम पारदर्शी कहते है । और इसके साथ साथ इस रत्न को जब आप हाथ में रखते हो तो यह काफी वजनदार महसूस होता है ।
  • अगर पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) नकली है तो गोबर से रगड़ने पर इसका रंग फीका पड़ जाता है और यदि असली पुखराज (Pukhraj) है तो गोबर के रगड़ने पर उसकी चमक ठीक दो गुनी हो जाती है ।
  • जो असली पुखराज (Pukhraj) होता है उनमे से किरणें निकलती प्रतीत होती है लेकिन नकली पुखराज (Pukhraj) में कोई किरण निकलती  नही महसूस होती है । 
  • असली पुखराज (Pukhraj) देखने में चमकदार ,साफ़ होता है और उसमे एक छोटा सा कोई न कोई रेशा सा अवश्य दिखाई देता है लेकिन नकली पुखराज (Pukhraj) में ऐसा नही होता है । 
  • यदि हम असली पुखराज (Pukhraj) को आग में रख दें तो  न तो वह तडकेगा और साथ ही उसका रंग बदलकर एक दम सफ़ेद हो जायगा लेकिन नकली पुखराज (Pukhraj) में ऐसा नही होता है । 

यदि आप लैब द्वारा प्रमाणित पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) खरीदना चाहते है तो यह आपको Dsk Astrology पे आसानी से मिल जायगा ।


पीले पुखराज (Pukhraj) का विकल्प उपरत्न 

पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) एक ऐसा रत्न है जो की बहुत कीमती मूल्यों का है बहुत से व्यक्ति असली पुखराज (Pukhraj) को खरीद कर नही पहन पाते तो वे इस पीले पुखराज (Pukhraj) के उपरत्नो को धारण कर सकते है ।

  1. धिया –  यह हल्का पीला होता है ।
  2. केसरी – यह हल्की चमक का तथा वजन में भारी होता है ।
  3. केरु – यह पीतल के रंग का होता है ।
  4. सोनल – यह सफ़ेद होता है और इसमें पीली किरण निकलती है ।
  5. सुनैला – यह भी सफ़ेद रंग का तथा चमकदार होता है ।

ये उपरत्न उन व्यक्तियों के लिए होते है जो व्यक्ति पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) नही खरीद पाते है तो वे इन उपरत्नो को खरीद कर धारण कर सकते है ।


पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) से साबधानियाँ

इस पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) को धारण करने से पहले तथा बाद में बहुत सी साबधानियाँ वर्तनी होती हैं । जैसे व्यक्ति को इस पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow  sapphire )के साथ पन्ना तथा हीरे को नहीं पहनना चाहिये इस पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) को अकेले ही धारण करना चाहिये । कई बार ऐसा होता है की व्यक्ति जब रोगों से ग्रसित होता है तो वह पुखराज (Pukhraj) धारण करता है लेकिन इससे पहले व्यक्ति को किसी डॉक्टर या वैध से अवश्य सलाह ले लेनी चाहिये । इस पुखराज (Pukhraj) को 2 , 7 , 10 लग्न वाले व्यक्ति तो बिलकुल ही न पहने क्योंकि यह उनके लिए घातक हो सकता है । व्यक्ति को हमेशा निर्दोष पुखराज (Pukhraj) ही पहनना चाहिये । व्यक्ति को    पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिष आचार्य से अपनी कुंडली ज़रुर दिखबा लेनी चाहिये । व्यक्ति को हमेशा अपनी कुंडली के हिसाब से ही पुखराज (Pukhraj) रत्न धारण करना चाहिये । जिससे व्यक्ति को इस पुखराज (Pukhraj) रत्न ( yellow sapphire ) का लाभ मिल सके ।