गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter Transit 2020 to 2021 | गुरु गोचर

Table of Contents

वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह या गुरु ग्रह

गुरु गोचर 2020 बहुत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है पर इसको समझने से पहले गुरु अथवा ब्रहस्पति ग्रह को समझना बहुत ज़रूरी है ।

वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह व्यक्ति की कुंडली के 12 भावों पर अपना भिन्न भिन्न प्रकार से प्रभाव डालता है । तो इन प्रभावों का हमारे जीवन पर गेहरा असर पड़ता है । बृहस्पति ग्रह एक बहुत अच्छा और शुभ  ग्रह है । यह ग्रह जब शुभ होता है तो व्यक्तियों को अच्छे फल ही देता है परंतु जब अशुभ हो तो सबसे जादा घातक परिणाम भी यही देता है । तो आइए विस्तार से जानते हैं बृहस्पति ग्रह के विभिन्न भावों पर क्या प्रभाव रहेगा । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


वैदिक ज्योतिष में गुरु ग्रह का महत्व

बृहस्पति ग्रह को वैदिक ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह कहा जाता है । यह ग्रह धनु और मीन राशि का स्वामी होता है । जबकि इस ग्रह की सबसे उच्च राशि कर्क और सबसे नीच राशि मकर मानी जाती है । इस गुरु ग्रह को ज्ञान , शिक्षा , बड़े भाई , संतान , धर्म के कार्य , पवित्र स्थल , धन , दान , पुण्य और बढ़ोत्तरी आदि का कारक होता है । वैदिक ज्योतिष मे बृहस्पति गृह 27 नछत्रों मे पुनर्वसु , विशाखा और पूर्वा भाद्रपद नछत्र का स्वामी होता है । वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति के ऊपर बृहस्पति गृह की क्रपा होती है उस व्यक्ति के अंदर सभी तरह के गुणों का विकास होता है । इस बृहस्पति गृह के प्रभाव से व्यक्ति हमेशा सत्य के मार्ग पर चलने लगता हैं  । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति गृह का गोचर जन्मकालीन ( Natal ) न राशि से दूसरे , पंचम  , सप्तम , नवम  और ग्यारहवें भाव में शुभ फल देता है । जिन जातकों की जन्म कुंडली में बृहस्पति ग्रह  मजबूत स्थिति में होता है तो व्यक्ति के जीवन में उन्नति होती है । इस दौरान व्यक्ति के मोटे होने की भी ज्यादा संभावना बनी रहती है। गुरु  (बृहस्पति ) के आशीर्वाद से व्यक्ति को पेट से जुड़े सभी रोगों से मुक्ति मिल जाती है । यदि व्यक्ति की कुंडली में कोई भाव कमज़ोर स्थिति मे है और अगर उस पर गुरु की निगाह पड़ जाए तो वह भाव बहुत मजबूत हो जाता है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


वैदिक ज्योतिष में गुरु ग्रह का प्रभाव 

शारीरिक रूपरेखा तथा स्वभाव 

जिस किसी व्यक्ति के लग्न भाव में देवताओं के गुरु अपने आप  स्थित हो तो वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है । क्योंकि इसके प्रभाव से व्यक्तियों का व्यक्तित्व बहुत सुंदर और अपनी ओर आकर्षित करने वाला होता है । ऐसे व्यक्ति उच्च शिक्षा को प्राप्त करने वाले , बहुत ज्ञानवान और उदारवाद के विचारों को मानने वाले होते हैं । बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति धर्म के कार्य और दान पुण्य करने वाला होता है । ऐसे व्यक्ति को घूमने मे बहुत ज्यादा आनंद आता है और आध्यात्मिक ज्ञान को पाने के लिए व्यक्ति एक दम जोश मे रहता है ।  यदि व्यक्ति की जन्म कुंडली में गुरु ( बृहस्पति ) प्रथम भाव में स्थित होता है तो  व्यक्ति के जीवन में धन आने लगता है जिससे व्यक्ति रत्न व सोने  को पहनता है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


बली गुरु के प्रभाव 

जैसा की हम जानते हैं कि कर्क राशि बृहस्पति ग्रह की सबसे उच्च राशि होती है । जिस कारण गुरु इस राशि में बलवान होता है । बृहस्पति गृह के प्रभाव से बली व्यक्ति को सभी छेत्रों से लाभ प्राप्त कराता है । ऐसे मे व्यक्ति  शिक्षा के क्षेत्र में सबसे आगे रहेगा । व्यक्ति के जीवन में धन की बढ़ोत्तरी होगी । ऐसे में व्यक्ति का पूजा पाठ में अच्छे से मन लगेगा ।  जिस व्यक्ति की कुंडली मे गुरु बलवान होता है वह ज्ञानी और ईमानदार होता है। ऐसे व्यक्ति सदैव सत्य के मार्ग पर चलना पसंद करते हैं ।  गुरु ( बृहस्पति ) के कारण बली व्यक्ति को संतान सुख प्राप्त कराता है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


पीड़ित गुरु के प्रभाव 

व्यक्ति को बली चंद्रमा के कारण गुरु से शुभ फल प्राप्त कराता हैं । परन्तु इसके विपरीत पीड़ित बृहस्पति जातकों के लिए अच्छा नहीं माना जाता है । इसके कारण व्यक्ति को सभी क्षेत्रों में चुनौतियों का मुक़ाबला करना पड़ सकता है । यदि कोई व्यक्ति शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा है तो उसे इस क्षेत्र में परेशानियाँ आएँगी । पीड़ित गुरु के कारण व्यक्ति की वृद्धि रुक जाती है और उसके मूल्यों का हलास होता है। गुरु पीड़ित होने के कारण व्यक्ति को शारीरिक परेशानियाँ  भी देता है । ऐसे मे व्यक्ति को नौकरी और विवाह आदि में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है । इस स्थिति में व्यक्ति को गुरु के ज्योतिषये उपाय करने चाहिए । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


रोग 

वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह से व्यक्ति को पेट से संबंधित परेशानी , खाना न पचना , पेट में दर्द , गैस की समस्या , कमज़ोर पाचन तंत्र , कैंसर जैसी बीमारी होने का बहुत ज्यादा ख़तरा रहता है ।


कार्यक्षेत्र 

वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह से संबंध रखने वाले कार्य अध्यापन , संपादन कार्य , पनवाड़ी , हल-वाई , सेंट का कार्य , फिल्म निर्माण , पीले वस्तुओं का व्यापार , आभूषण विक्रेता आदि कार्यों से संबंध रखता है । 


उत्पाद 

बृहस्पति गृह से संबंध रखने वाले उत्पाद जैसे- स्टेशनरी से संबंधित वस्तुएँ , खाद्य उत्पाद , मक्खन , घी , मिष्ठान , संतरा , केला , हल्दी , पीले रंग के पुष्प , चना , दान आदि वस्तुओं को बृहस्पति ग्रह से दिखाया जाता है  ।


स्थान 

वैदिक ज्योतिष मे बृहस्पति गृह से संबंध रखने वाले स्थान जैसे- स्टेशनरी की दुकान , अदालत , धार्मिक पूजा स्थल , विद्यालय , कॉलेज , विधानसभा आदि होते हैं ।


जानवर तथा पक्षी 

वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह से संबंध रखने वाले जीव- जन्तु जैसे-  घोड़ा , बैल , हाथी , बाज , पालतू जानवर , मोर , व्हेल मछली , डॉल्फिन आदि जीव- जंतुओं तथा जानवरों को दिखाया जाता है ।


जड़ 

 केले की जड़ होती है । 

रत्न 

पुखराज रत्न होता है । 

रुद्राक्ष 

पाँच मुखी रुद्राक्ष होता है । 

यंत्र 

गुरु यंत्र होता है । 

रंग 

पीला रंग होता है ।


बृहस्पति ग्रह ( गुरु ग्रह ) से संबंध रखने वाले मंत्र

गुरु का वैदिक मंत्र

ॐ बृहस्पते अति यदर्यो अर्हाद् द्युमद्विभाति क्रतुमज्जनेषु।

यद्दीदयच्छवस ऋतप्रजात तदस्मासु द्रविणं धेहि चित्रम्।।

गुरु का तांत्रिक मंत्र

 ॐ बृं बृहस्पतये नमः

बृहस्पति का बीज मंत्र 

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः


धार्मिक दृष्टि से बृहस्पति ग्रह ( गुरु ग्रह ) का महत्व

परंपरानिष्ठ धर्म के माध्यम से बृहस्पति ग्रह को देवताओं का गुरु माना जाता है । महाभारत के अनुसार बृहस्पति महर्षि अंगिरा के बेटे हैं । पुराण संबंधी शास्त्रों के बृहस्पति ग्रह ब्रह्मा जी का भी प्रतिनिधि का कार्य करता है ।हिन्दू पंचांग के हिसाब से सप्ताह में बृहस्पतिवार का दिन गुरु को समर्पित है ।  इस दिन गुरु की आराधना , वंदना की जाती है। हिन्दू धर्म में गुरु की केले के व्रक्ष के रूप मे पूजा की जाती है । बृहस्पति गुरु का वर्ण पीला है । शास्त्रों में गुरु को शील और धर्म का अवतार माना गया है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


खगोल विज्ञान में बृहस्पति ग्रह ( गुरु ग्रह ) का महत्व

वैदिक ज्योतिष में पूरे सौर्य मंडल में सबसे विशाल ग्रह बृहस्पति ग्रह ही माना जाता है । इस बृहस्पति गृह का  द्रव्यमान सूर्य के एक हजारवें भाग के बराबर होता है । इस ग्रह का तापमान भी 145 डिग्री सेल्सियस होता है । इस कारण यह बहुत ही ठंडा ग्रह होता है। बृहस्पति को अंग्रेजी में जुपिटर नाम से जाना जाता है । इसमें हीलियम और हाइड्रोजन गैस पाई जाती है । बृहस्पति ग्रह को सौर मंडल का “वैक्यूम क्लीनर“ भी कहा जाता है । यह पृथ्वी पर आने वाले संकटों से हमें बचाता है । खगोल विज्ञान के अनुसार बृहस्पति गृह के 64 प्राकृतिक उपग्रह भी होते हैं और इसका चुंबकीय क्षेत्र सभी ग्रहों में से सबसे शक्तिशाली है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

खगोलीय और धार्मिक दृष्टि के साथ वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह का महत्व कितना महत्वपूर्ण है । वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा माना जाता है कि किसी व्यक्ति की कुंडली में स्थित 12 भाव उसके संपूर्ण जीवन को दिखाते हैं और जब उन पर बृहस्पति ग्रह का प्रभाव पड़ता है तो व्यक्ति के जीवन में उसके अच्छे प्रभाव भी दिखाई देते  है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


वैदिक ज्योतिष में गुरु ग्रह का प्रत्येक भाव में प्रभाव


बृहस्पति ग्रह ( गुरु ग्रह ) प्रथम भाव में क्या परिणाम रहेगा ( Jupiter In First House )

प्रथम भाव में स्थित बृहस्पति व्यक्ति को ज्यादातर अच्छे फल ही देता है । इसलिए व्यक्ति एक मनोहर व्यक्तित्व का स्वामी होता है । आप बलवान और दीर्घायु व्यक्ति हैं। आप स्पष्ट वक्ता और स्वाभिमानी भी होते हैं । आप स्वभाव से कृपालु और उदार भाव के होते हैं । ऐसे व्यक्ति ब्राह्मणों और देवताओं के प्रति श्रद्धा रखते हैं । दान और धर्म में भी आपकी गहरी आस्था होती है । व्यक्ति विद्या का अच्छा आभाष रखने वाले और विचार पूर्वक काम करने वाले होते हैं । ऐसे व्यक्तियों को घूमने फिरने का बहुत ज्यादा शौक होता है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

आध्यात्म और रहस्य से जुड़ी बातों में व्यक्ति की गहरी रुचि होती है । लेकिन इसके लिए व्यक्ति का स्वभाव एक जगह स्थिर होना चाहिए । ऐसे व्यक्ति उदार , प्रमाणिक , सच बोलने वाले और न्याय के प्रति कार्य करने वाले होते हैं । व्यक्ति को राजा के द्वारा मान-सम्मान और धन की प्राप्ति भी हो सकती है । लेकिन कभी-कभी झूठी अफवाहों के द्वारा व्यक्ति को परेशानी भी सहनी पड़ सकती है । व्यक्ति अपने शत्रुओं का नाश करने वाला होगा । लेकिन व्यक्ति के शरीर में वात और श्लेष्मा जनित रोगों की उत्पत्ति निश्चित है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

अगर व्यक्ति पुलिस , सेना या आबकारी विभाग से जुडे हैं तो लग्न स्थान में स्थित बृहस्पति व्यक्ति के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है । यह हानिकारक तभी होता है जब व्यक्ति घूसखोरी का काम करता हैं । लेकिन व्यक्ति को इनसे बचाव जरूर करना चाहिए । घमंड और व्यभिचार से भी दूर रहने की सलाह आपको दी जाती है । व्यक्ति बहुत से तरीकों से अपना धन खर्च करेगा । ऐसे में व्यक्ति स्त्री और पुत्र दोनों का सुख प्राप्त होगा । ऐसा व्यक्ति का पुत्र लंबी उम्र जिएगा । ऐसे व्यक्ति सोना , चांदी और बहुत से रत्नों को धारण करने वाले होते हैं । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )   


बृहस्पति ग्रह ( गुरु ग्रह ) का द्वितीय भाव में क्या परिणाम रहेगा  ( Jupiter In Second House )

इस भाव में स्थित बृहस्पति व्यक्ति को दिखने में बड़ा ही सुन्दर और सुशील बनाएगा । ऐसे व्यक्ति रूपवान , सुंदर शरीर वाले और आयुष्मान व्यक्ति होते हैं । ऐसे लोग विनम्र और सत्संगी होते हैं । व्यक्ति का साहस और सदाचार प्रसंशा करने योग्य होगा । ऐसे व्यक्ति सदा सच बोलने वाला , मधुरभाषी , सर्वजन प्रिय और सम्मानित व्यक्ति होते हैं । इसलिए व्यक्ति सदैव ही उत्साही बना रहता है और सम्मान को ही सबसे बडा धन समझते हैं । इस कारण सभी लोग आपका आदर और सम्मान करते हैं । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

ऐसे व्यक्ति की  वाणी बहुत ही प्रभावशाली और अच्छी होती है । व्यक्ति हमेशा अच्छा और यथार्थ बोलता है । इसलिए व्यक्ति के द्वारा सभा के बीच किया गया सम्भाषण लोगों को मंत्रमुग्ध करने वाला होगा । व्यक्ति धनवान और सभी प्रकार के अधिकारों को प्राप्त करने वाले होते हैं । व्यक्ति संततिवान और सम्पत्तिवान होते हैं । इसलिए व्यक्ति धन संग्रह और संचय में निपुण होते हैं । लेकिन यहां पर अशुभ प्रभाव या अशुभ दशा की स्थिति में बृहस्पति के विपरीत फल भी मिल सकते हैं । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

ऐसे में व्यक्ति को इस सब जगहों से धन प्राप्त हो सकता है जैसे – चांदी , सरकारी नौकरी , कानूनी काम- काज , बैंक , शिक्षा संस्थान , देवालय , धर्म संस्था आदि । इन सबके अलावा रसायनशास्त्र , भाषाओं का ज्ञान , काव्यशास्त्र , व दण्डाधिकार भी आपको मिल सकता है । ऐसा भी हो सकता है कि व्यक्ति मजिस्ट्रेट , कलेक्टर या न्यायाधीस भी हो सकते हैं । व्यक्ति शत्रु पर विजय पाने वाला और बंधुओं से सुखी तथा सत्ताइसवें वर्ष में राजा या सरकार से आदर पाने वाले व्यक्ति भी बन सकते हो । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


बृहस्पति ग्रह ( गुरु ग्रह ) का तृतीय भाव में क्या परिणाम रहेगा  ( Jupiter In Third  House )

जब व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति गृह तीसरे भाव में होता है तो यह व्यक्ति को साहसी और बलवान बना देता है । ऐसे में व्यक्ति को शस्त्रों का ज्ञान और धर्म के कार्यों में रुचि रखने वाला व्यक्ति होता है । ऐसे में व्यक्ति जीतेन्द्रिय , तेजस्वी और ईश्वर पर आस्था रखने वाला होता है । लेकिन ऐसे में व्यक्ति अपने काम के प्रति बहुत चतुराई दिखाता है । ऐसे व्यक्ति यदि किसी काम को पूरा करने का वादा करते है तो ये किसी भी हाल में इसे पूरा किए बिना नहीं छोड़ते है । बस इसी कारण ऐसे व्यक्ति को अपने काम में और अपने जीवन में सफलता प्राप्त होती है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

ऐसे व्यक्ति तीर्थ स्थानों , प्रवास पर्यटक और धार्मिक स्थानों की यात्राएं करना बहुत अधिक पसंद करते हैं । व्यक्ति को इस समय अपने सगे भाई बहनों से बहुत प्यार मिलता है । इसलिए आप अपने भाइयों को हमेशा अच्छा रास्ता बताते हो और उनका कल्याण करने की सोचते रहते हो जिससे वे अपने जीवन में सुख का अनुभव कर पाएं । इस कारण आपने भाई बड़े ही प्रतिष्ठित व्यक्ति होते हैं । ऐसे व्यक्ति अपने दोस्तों और बुजुर्गों के माध्यम से सुखी और संपन्न होते हैं । ऐसे में व्यक्ति यदि अपने बुजुर्गों कि सेवा करता है तो उसे उनसे लाभ भी होगा । जिससे व्यक्ति का वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

ऐसे समय में व्यक्ति को सरकार या राजा की तरफ से सम्मान मिलेगा । इस कारण व्यक्ति के साथ और उसके करीबी बहुत ज्यादा लोग हो जाएंगे । व्यक्ति बहुत ही विवेकशील और बुद्धि से परिपूर्ण होने के साथ साथ लेखन का भी कार्य कर सकते हैं । परन्तु इस भाव में व्यक्ति अपने खर्चे में कंजूसी बहुत अधिक करेगा क्यूंकि उसे लगेगा की यदि वह धन खर्च करेगा तो उसकी सविंग खरम ही जाएगी । ऐसे में व्यक्ति दुबला पतला भी हो सकता है क्यूंकि व्यक्ति अपने काम में ज्यादा व्यस्त रहने के कारण अपने खान पान पर ध्यान नहीं दे पाता है । लेकिन ऐसे समय में व्यक्ति को अपने भाइयों से अच्छा व्यवहार बनाकर रखना चाहिए । इसके साथ साथ धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में भी रुचि लेनी चाहिए । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


बृहस्पति ग्रह ( गुरु ग्रह ) का चतुर्थ भाव में क्या परिणाम रहेगा  ( Jupiter In Fourth  House )

जब बृहस्पति गृह व्यक्ति की कुंडली में चतुर्थ भाव में होता है तो यह व्यक्ति को दिखने में सुंदर , रूपवान , बुद्धिमान और बलवान बनाता है । व्यक्ति ह्रदय बड़ा ही उत्तम और ऐसे लोग बड़े ही मेधावी व्यक्ति होते हैं । ऐसे व्यक्तियों की लोग बहुत प्रसंशा करते है जिससे हम कह सकते हैं कि ये बड़े ही प्रशंसनीय व्यक्ति होते है । व्यक्ति हमेशा अच्छे काम करने वाला और महत्वाकांक्षी होते हैं । व्यक्ति अपने इन्हीं अच्छे कर्मों के कारण यशस्वी और अपने कुल का मुखिया होता है । व्यक्ति अपने व्यवसाय को बड़ी ही चालाकी से करता है । परन्तु ऐसे व्यक्तियों का सभी बड़ा आदर करते हैं । ऐसे व्यक्तियों को वाहन खरीदने का बहुत सौक होता है । इस कारण व्यक्ति सभी तरह के वाहनों का सुख प्राप्त करता है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

व्यक्ति अपने गुरुजनों और ब्राह्मणों का बहुत आदर सम्मान करने वाले व्यक्ति होते हैं । बस यही कारण है कि आप अपने गुरु की भक्ति को बहुत महत्व देते हैं । ऐसे व्यक्तियों का घर बहुत बड़ा और सभी तरह की सुख सुविधाओं से परिपूर्ण होगा । ऐसे व्यक्ति अगर कहीं सरकारी नौकरी करते है तो उन्हें सरकार की तरफ से घर भी मिलेगा जिसमें उन्हें हर तरह की सुविधा मिलेगी । व्यक्ति अपने इलाके में बहुत ही ज्ञानी और चर्चा युक्त होगा । जिससे आपका घर ज्ञानी लोगों का घर कहा जाएगा । ऐसे समय में व्यक्ति को अपनी माता से बहुत ज्यादा प्यार मिलेगा । जिस कारण व्यक्ति अपने माता पिताA दोनों की बहुत सेवा किया करेंगे । परन्तु ऐसे व्यक्ति को अपने पुरखों कि ज़मीन जायदाद की बहुत अधिक देखभाल और सुरक्षा रखनी चाहिए । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

अगर ऐसे में व्यक्ति व्यापार करता है तो उसे इस समय अपने व्यापार में बहुत कम फायदा होगा । लेकिन व्यक्ति को सरकार की तरफ से धन प्राप्ति हो सकती है । आपको सरकार की तरफ से वस्त्र और पुष्प मालाएं भी भेंट करी जाएंगी । ऐसे व्यक्तियों का बुढ़ापा बड़े ही सुख में व्यतीत होगा । क्योंकि आपके पास ज़मीन जायदाद पर्याप्त मात्रा में होगी । जिस कारण सभी लोग आपकी प्रसंशा करेंगे । आपको ऐसे समय में पशु धन भी प्राप्त हो सकता है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


बृहस्पति ग्रह ( गुरु ग्रह ) का पंचम भाव में क्या परिणाम रहेगा  ( Jupiter In Fifth House )

इस भाव मे ब्रहस्पति गृह की प्रभाव से व्यक्ति सुधचित्त हो जाता है ।  व्यक्ति की ईश्वर के प्रति आस्था बढ़ जाती है । ब्रहस्पति गृह के प्रभाव से व्यक्ति बड़ा ही दयालु और विनम्र हो जाता है । जिस कारण व्यक्ति बुद्धिमान , पवित्र , और श्रेष्ठ व्यक्तियों मे गिना जायगा । व्यक्ति का स्वभाव बड़ा ही अच्छा होगा  । जिससे वह दूसरे व्यक्तियों की मदद करेगा । ऐसे व्यक्तियों की वाणी बड़ी मधुर होती है  । व्यक्ति की कल्पना शक्ति बड़ी ही अच्छी होगी । ऐसे व्यक्ति बड़े ही चतुर स्वभाव के होते है वे अपना हर काम बड़ी ही समझदारी से करते हैं । जिससे उनके सभी कार्य महान कार्य बताय जाते हैं । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

व्यक्ति ब्रहस्पति गृह के प्रभाव से उत्तम वक्ता , धारा प्रवाह बोलने वाले और कुशल व्याख्याता भी हो सकते हैं । ऐसे व्यक्ति  प्रतिभावान और नीतिविशारद होते है । आप उत्तम लेखक या ग्रंथकार हो सकते हैं । व्यक्ति की रुचि ज्योतिष में भी हो सकती है । ऐसे व्यक्ति संघर्षों से मुंह न मोडकर विपत्तियों से लड़के उनका सामना करते हैं ।   जिस कारण आप बड़े ही मेहनती व्यक्ति कहे जाते होगे । बृहस्पति के प्रभाव के कारण आप बड़े ही कुशल और  आपकी संतान सुंदर और सुखी होगी । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

ऐसे व्यक्ति धन से युक्त सदा सुखी रहने वाले और धन को एकत्रित करने वाले व्यक्ति होते  हैं । यदि व्यक्ति मनोरंजक और साहसी खेलों में लगाव रखता है तो उसे ऐसे समय मे विजय प्राप्त होगी । ऐसा भी हो सकता है कि जब व्यक्ति को किसी तरह का धन लाभ होना हो तो किसी प्रकार का विरोध भी खड़ा हो सकता है । अशुभ दशा के समय कुछ अदालती मामले आपको परेशान कर सकते हैं। हांलाकि आपकी आमदनी सामान्य रह सकती है लेकिन व्यक्ति की जीवन यात्रा अच्छी रहेगी । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


बृहस्पति ग्रह ( गुरु ग्रह ) का छठे भाव में क्या परिणाम रहेगा  ( Jupiter In Sixth House )

जब ब्रहस्पति गृह व्यक्ति की कुंडली के छठे भाव मे होता है तब यह व्यक्ति को शारीरिक प्रक्रति से अच्छा बनाता है और व्यक्ति को सभी रोगों से मुक्त करता है । लेकिन इसके बाद भी हो सकता है की व्यक्ति का शरीर  दुबला पतला रहे । ऐसे व्यक्ति बोलने मे मधुरभाषी और शुद्ध विचारों वाले होते हैं । ऐसे व्यक्ति बड़ा ही पराक्रमी और उदारवान होते हैं । ऐसे व्यक्तियों के अच्छे कर्मों के कारण ही लोकमान्य और प्रतापी व्यक्ति माने जाते हैं । व्यक्ति ज्ञानी हो सकता है या तो फिर ज्योतिष इसके साथ साथ व्यक्ति संसार के सभी विषयों से विरक्त भी हो सकते हैं । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

ऐसे व्यक्ति  मारण-उच्चाटन आदि मंत्रों में भी कुशल हो सकते हैं । हो सकता है की लोग इसीलिए आपको संदिग्ध और संशय की नजर से देख सकते हैं । लेकिन व्यक्ति शत्रुहंता और अजात शत्रु होंगे । लेकिन उम्र के चालीसवें साल में व्यक्ति को अपने शत्रुओं से डर रह सकता है। राज काज और विवाद में भी व्यक्ति सबसे आगे रहेगा । सिर्फ बुरी दशा की अवधि में बृहस्पति की यह स्थिति मामा और भाइयों के लिए अच्छी नहीं कही जा सकती है । अन्यथा यह गुरु व्यक्ति को भाई-बहनों और मामा सुख प्राप्त कराता है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

ऐसे व्यक्ति यशस्वी और विख्यात व्यक्ति होते हैं । लेकिन फिर भी व्यक्ति अपने काम को देर से ही पूरा कर पाता है । इसका मतलब व्यक्ति अपने काम को समय से पूरा नहीं करता है । ऐसे व्यक्तियों को पुत्र और नातियों को देखने का भी सुख मिलेगा ।लेकिन व्यक्ति की संगीत में भी रुचि होनी चाहिए । ऐसे व्यक्ति को स्त्री पक्ष से बहुत अधिक सुख मिलेगा । व्यक्ति को अच्छे और ईमानदार नौकर चाकर मिलेंगे । यदि व्यक्ति चिकित्सा से जुडा कोई काम करता है तो आपको उस काम बहुत तरक्की मिलेगी । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


बृहस्पति ग्रह ( गुरु ग्रह ) का सप्तम भाव में क्या परिणाम रहेगा  ( Jupiter In Seventh House )

जब व्यक्ति की कुंडली मे स्थित ब्रहस्पति अपना प्रभाव दिखाता है तबव्यक्ति शारीरिक से सुंदर और आकर्षक व्यक्तित्त्व के मालिक बन जाता है । बस यही कारण है की लोग आपसे मिलकर बहुत प्रसन्न होते हैं अर्थात ऐसे व्यक्ति के आकर्षण के कारण लोग व्यक्ति से मिलकर आपके वशीभूत हो जाते हैं । व्यक्ति की वाणी आकर्षक और प्रभावशाली होगी । ऐसे व्यक्ति कुशाग्र बुद्धि और विद्या सम्पन्न व्यक्ति होते हैं । व्यक्ति ज्योतिष काव्य साहित्य , कला प्रेमी और शास्त्र परिशीलन में आसक्त रहने वाले व्यक्ति होते हैं । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

ऐसे व्यक्ति प्रतापी यशस्वी और प्रसिद्ध व्यक्ति होते हैं । लेकिन यहां स्थित बृहस्पति कभी-कभी विपरीत लिंगी के प्रति अधिक आशक्ति देता है परंतु उनके प्रति लम्बे समय तक समर्पित रहना व्यक्ति को ज्यादा पसंद नहीं होगा । लेकिन इसके बाबजूद व्यक्ति का जीवन साथी कुलीन और धनवान होना चाहिए । जिससे जब व्यक्ति का विवाह होगा उसी समय से समझो आपका भाग्योदय होगा और व्यक्ति के पास धन , सुख , श्रेष्ठ पद और मान्यता सब कुछ प्राप्त होगी । इन सबकी प्राप्ति का कारण आपका जीवन साथी होगा क्योंकि आपका जीवन साथी सभी गुणों से युक्त होगा । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

इस भाव मे स्थित बृहस्पति कामुकता अधिक देता है । यहां स्थित ब्रहस्पति व्यक्ति को कभी-कभी अभिमानी भी बना देता है । लेकिन इन सबपर काबू करना भी आवश्यक होगा । यदि व्यक्ति इसपर काबू करता है तो उसे  शीघ्र ही बडी उन्न्ति और बडा पद प्राप्त होगा । व्यक्ति को  सरकारी कार्यों , कचहरी के कार्य  , मंत्रणा देने का कार्य , सलाहकार का कार्य , चित्रकला आदि के माध्यम से भी लाभ प्राप्त हो सकता है । यदि व्यक्ति  न्याय का कार्य करता है तो वह उससे भी धनोपार्जन कर सकता है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


बृहस्पति ग्रह ( गुरु ग्रह ) का अष्ठम भाव में क्या परिणाम रहेगा  ( Jupiter In Eight House )

इस भाव में बृहस्पति की स्थिति व्यक्ति को दीर्घायु प्रदान कर उसको चिरंजीवी बनाता है ।  व्यक्ति की शारीरिक संरचना कुछ इस प्रकार होती है कि लोग व्यक्ति की ओर आकर्षित हो जाते हैं ।  यह इस बात का भी संकेत है कि व्यक्ति अपने पिता के घर में बहुत दिनो तक नहीं रह पाएगा । व्यक्ति स्वजनों से इतना अधिक लगाव रखेंगे कि उनके लिए अच्छे से अच्छा और बुरे से बुरा काम करने को भी तैयार हो जायंगे । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

व्यक्ति  यदि अपने माता पिता कि सेवा करता है तो उसे अपने पिता की प्रॉपर्टि मिल सकती है जिसमे उसे बहुत धन भी प्राप्त होगा । लेकिन इतनी धन संपत्ति मिलने के बाद यहा स्थित ब्रहस्पति व्यक्ति को लालची और कंजूस बना सकता है । अतः इन सब पर काबू करते हुए व्यक्ति को अपने मन की चंचलता पर भी काबू करना जरूरी होगा । आप एक योगाभ्यासी व्यक्ति होंगे । इस ब्रहस्पति गृह के प्रभाव से व्यक्ति को लंबी से लंबी , दूर से दूर की तीर्थ यात्राओं को करने का अवसर मिलेगा । लेकिन ऐसे व्यक्ति अपने कुल से चली आ रहीं परम्पराओं को बहुत अधिक महत्वता देते हैं । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

यहाँ स्थित ब्रहस्पति व्यक्ति को अस्वस्थ भी बना सकता है । जिससे व्यक्ति की प्रक्रति मे बदलाव आ सकता है । बस यही कारण है की व्यक्ति को शूल रोग होने का अधिक भय हो जाता है । इस गृह के प्रभाव से व्यक्ति को अच्छे दोस्तों की संगति मिलती है । कभी कभी ऐसा होता है की ब्रहस्पति गृह की यह स्थिति व्यक्ति को विवाह के माध्यम से भी अधिक धन पैदा कराती है ।  ऐसे व्यक्ति स्थिर मत वाले और ज्योतिष आचार्यों का आदर करने वाले व्यक्ति होते हैं । यहा स्थित ब्रहस्पति व्यक्ति को मोक्छ का अधिकारी भी बना देता है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


बृहस्पति ग्रह ( गुरु ग्रह ) का नवम भाव में क्या परिणाम रहेगा  ( Jupiter In Ninth House )

जब व्यक्ति की कुंडली मे स्थित नवम भाव मे ब्रहस्पति गृह अपना प्रभाव दिखाता है तब व्यक्ति सच बोलने वाला और धर्म के कार्यों मे अपना ज्यादा समय व्यतीत करने लगता है । ऐसे व्यक्ति नीतिमान , माननीय और विचारशील व्यक्ति होते है । बस इसी कारण व्यक्ति  के ऊपर गुरुजनों , ब्राह्मणो और देवताओं की आप पर सदैव क्रपा बरशती है । व्यक्ति दान पुण्य मे बहुत ज्यादा विश्वास रखने वाला होता है । ऐसे व्यक्ति  भक्त , योगी , वेदान्ती , शास्त्रज्ञ , विद्वान और अपने कुल की परम्परा को मानने और आगे बढाने वाले व्यक्ति होते हैं । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

ऐसे व्यक्ति बड़े ही शांत स्वभाव के , सदाचारी और ऊँचे विचारों वाले होते है । व्यक्ति को सभी शास्त्रो का ज्ञान और कलाओं से परिपूर्ण होता है । ऐसे व्यक्ति व्रती और देवपितभक्त होते है । ऐसे व्यक्ति तीर्थ यात्राओं और धर्म के कार्यों मे बहुत ज्यादा लगाव रखते हैं । ऐसे व्यक्ति  पराक्रमी , यशस्वी  , विख्यात , मनुष्यों में श्रेष्ठ , भाग्यवान और साधु स्वभाव के होते हैं । व्यक्ति भक्ति मे ज्यादा लगाव रखने के कारण अपनी उम्र के पैंतीसवे वर्ष मे देव यज्ञ कर सकता है । बृहस्पति गृह के शुभ परिणाम के कारण व्यक्ति गृह सुख से परिपूर्ण हो जाता है । यानि व्यक्ति को घर का सुख प्राप्त हो जाता है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

व्यक्ति सदैव न्याय के प्रति कार्य करने वाला होगा और वह लेखक भी हो सकता है । व्यक्ति को किसी मंत्री , नेता या तो फिर प्रधान का पद भी प्राप्त हो सकता है । व्यक्ति लोगों की मदद करने के लिए कानूनी काम , क्लर्क का काम , धार्मिक विषयों , वेदान्त और दूर के प्रवास के माध्यम से भी आजीविका चला सकता है । आप सरकार या राजा के बड़े करीबी हो सकते हो । परंतु उसके लिए आपके पास भी राजाओं जैसा ऐश्वर्य होना चाहिए ।  आपको अपने भाइयों , मित्रों और सेवकों से बहुत सुख प्राप्त होगा । परंतु उसके लिए आपको अपने सभी कामों को पूरा करने के बाद ही छोड़ना चाहिए अगर आप अपने काम को अधूरा छोड़ दोगे और आलस्य दिखाओगे तो आप इन सभी सुखों से वांछित रह सकते हो । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


बृहस्पति ग्रह ( गुरु ग्रह ) का दशम भाव में क्या परिणाम रहेगा  ( Jupiter In Tenth House )

जब व्यक्ति की कुंडली मे स्थित दशम भाव मे ब्रहसपति गृह अपना प्रभाव दिखाता है तब यह व्यक्ति को चित्रवान , स्वाधीन विचारक बनाने के साथ साथ यह व्यक्ति को विवेकी और सत्यवादी बनाता है । ब्रहस्पति गृह के प्रभाव से व्यक्ति सत्य के मार्ग पर चलने वाला और साधु संतुओं के समान व्यवहार करने वाला व्यक्ति बन जाता है । ऐसे व्यक्तियों को शास्त्रों का विधि पूर्वक पूरा ज्ञान अवश्य लेना चाहिए और इसके साथ साथ ज्योतिष शास्त्र मे भी रुचि लेनी चाहिए । ऐसे व्यक्तियों को जमीन के माध्यम से बहुत अधिक लाभ मिलता है या जिसे हम कह सकते है व्यक्ति को भूमि सुख प्राप्त हो जाता है । व्यक्ति को वाहन आदि का भी खूब सुख मिलेगा । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

ऐसे व्यक्ति इतने अच्छे कर्म करते हैं जिससे वह अन्य लोगों मे बहुत पूज्यनिए होते हैं । आपका प्रभाव लोगों को अपनी ओर ऐसे आकर्षित करेगा की लोग आपको सर्वत्र सम्मान देने लगेंगे । आपका यश किसी भी व्यक्ति से तुलना करने योग्य नही होगा । ( क्यूंकी आपका यश अतुलनिए है  ) आप अपने पूर्वजों की तरह बहुत अधिक प्रतापी होंगे । आप अपने माता पिता को बहुत आदर , सम्मान और सभी तरह का सुख देने वाले व्यक्ति होगे । वस यही कारण है की आपके पिता आपको सबसे अधिक प्यार करते हैं । आप अपने जीवन मे मेहनत करके और बड़ों के आशीर्वाद से खूब धन कमाकर ,  ऐश्वर्यवान , सुखी और समृद्ध व्यक्ति बनेंगे । आपको अच्छे कपड़े और सभी तरह के आभूषणो को पहनना बहुत अच्छा लगता है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

बृहस्पति गृह के शुभ परिणाम से आपको अपने कार्यों की सुरुवात करते ही सफलता मिलेने लगती है । आपको अपने छोटे बड़े भाइयों से भी धन प्राप्त हो सकता है । आपको अपने जीवन साथी और पुत्र का सुख खूब मिलेगा । इसी कारण आप अपनी संतान को लेकर या उसके भविष्य को लेकर चिंता मे रह सकते हैं । आपका स्वस्थय भी अच्छा रहेगा । आप अपने घर मे खुशी के कारण कोई बड़ी दावत कर सकते हो जिससे आपके घर मे बहुत लोग भोजन करेंगे । आप  प्रवचन कर्ता , भिक्षुक , जज , और आयात-निर्यात करने वाले व्यक्ति भी हो सकते हैं । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


बृहस्पति ग्रह ( गुरु ग्रह ) का एकादश भाव में क्या परिणाम रहेगा  ( Jupiter In Eleventh House )

जब व्यक्ति पर बृहस्पति गृह का प्रभाव पड़ता है तो व्यक्ति निरोगी , सुंदर और दीर्घायु हो जाता है । आप एक अच्छे गुणों वाले , संतोषी , उदार और परोपकारी व्यक्ति होते हो । आप कुश की नोक के समान बुद्धि वाले और अच्छे विचार वान व्यक्ति हो । आपका स्वभाव साधुओं की तरह और हमेशा सत्य बोलने वाले व्यक्ति हो । आप अपनी संगति हमेशा अच्छे लोगों से ही करते हो क्योंकि आप एक सज्जन और श्रेष्ठ व्यक्ति हो । आपको सरकार या राजा की तरफ से सम्मान प्राप्त हो सकता है । आपकी दूसरे लोग बड़ी प्रशंशा करते है और आपको बहुत सम्मान देते है । इसी कारण आपके मित्र श्री मान और कुलीन होते हैं । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )  

आपके मित्रों का स्वभाव बड़ा ही अच्छा होगा । आपके मित्र आपकी महत्वाकांक्षाओं और आशाओं के पूरा करने मे आपकी सहायता करेंगे । आपके मित्र आपको हमेशा अच्छी और उत्तम सलाह देने वाले होंगे । जिससे आपको बहुत अधिक फायदा मिलेगा ।  आपके माध्यम से किए गए उत्तम कार्यों से समाज में आपका नाम होगा , सम्मान मिलेगा और श्रेष्ठा भी बढ़ेगी । जिससे आपको अर्थ लाभ और धन की भी प्राप्ति होगी । आप बड़े ही भाग्यवान और धन धान्य से परिपूर्ण व्यक्ति हैं । परंतु उसके लिए आपके पास आमदनी के कई स्रोत होने चाहिए । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

इस भाव का बृहस्पति व्यक्ति को कभी-कभी कंजूस भी बना देता है और संतान को लेकर कुछ चिंता भी दे सकता है । आपको अपनी उम्र के बत्तीसवें वर्ष में बहुत लाभ होता है। लेकिन आपकी पूर्वाजित सम्पत्ति को कोई दूसरा व्यक्ति ले सकता है या किसी कारण से वह आपके हाथ से निकल जाएगी । आप बड़े पराक्रमी , पिता की सहायता करने वाले  और शत्रुओं को पराजित करने वाले व्यक्ति हैं ।  आप हमेशा राज पूज्य या राज कृपा युक्त बने रहेंगे। ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


बृहस्पति ग्रह ( गुरु ग्रह ) का द्वादश भाव में क्या परिणाम रहेगा  ( Jupiter In Twelvth House )

इस भाव मे स्थित बृहस्पति गृह के कारण आप धार्मिक आचरण करते हुए इस पूरे संसार मे बड़े ही पूज्यनिए होंगे । आप कभी भी किसी से न डरने वाले सुखी व्यक्ति होंगे । आपके अंदर विश्वास की भावना और परोपकार की भावना जागृत रहती है । आप कम बोलने वाले एक उदार व्यक्ति है । परंतु ऐसे समय मे आपको कड़वी बातें और आलस्य से बचाव करना चाहिए । क्योंकि यदि ऐसे समय मे आपने आलस्य दिखाया तो आप अपने काम मे बढ़ोत्तरी नही कर पाओगे । आपका लगाव आध्यात्म और गूढशास्त्रों में भी होना चाहिए । आप पुराने रीति रिवाज़ों को भी बहुत ज्यादा महत्वता देते हैं । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

आप धर्म और दान पुण्य मे बहुत ज्यादा विश्वास रखने वाले व्यक्ति होंगे । बस यही कारण है की आप बड़े से बड़ा दान करने मे पीछे नही हटते हो । लेकिन हाँ आपको फालतू के खर्चे करने बिल्कुल पसंद नही है । लेकिन फिर भी आपको किसी दूसरे व्यक्ति से शत्रुता नही करनी चाहिए । आपको बृहस्पति गृह के आशीर्वाद से विदेश और अन्य बड़ी बड़ी यात्राओं को पूरा करने का मौका मिलेगा । देश त्याग , अज्ञातवास तथा दूर प्रदेशों के प्रवास से आपको लाभ और कीर्ति की प्राप्ति भी होगी । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )

अगर आप , चिकित्सा , लोकसेवक संपादक , वेदज्ञानी , धर्मगुरु या संपादक हैं तो यहां स्थित बृहस्पति आपके लिए बडा अच्छे फलों से युक्त रहेगा । आपके लिए आपकी उम्र का मध्यभाग तथा उत्तरार्ध बहुत अच्छा रहेगा । आपको अन्न से जुड़ी कभी भी कोई समस्या नहीं होगी । व्यक्ति अपने जीवन काल में धन , सम्पत्ति , सोना , वस्त्र आदि पर्याप्त मात्रा में पाएंगे । पिता के द्वारा भी आपको खूब धन मिलेगा । लेकिन संतान की संख्या कम रह सकती है । ( आप पढ़ रहे है गुरु गोचर )


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021)

वैदिक ज्योतिष के माध्यम से ब्रहस्पति ग्रह देवताओं का स्वामी ग्रह माना जाता है । यह बृहस्पति ग्रह 12 राशियों में से धनु और मीन राशि का स्वामी है । यह बृहस्पति ग्रह कर्क राशि में उच्च होता है और मकर राशि मे नीच होता है । ये ग्रह आकाश तत्व के होते हैं । वैदिक ज्योतुष के अनुसार यदि बृहस्पति ग्रह व्यक्ति की कुंडली मे शुभ है तो यह व्यक्ति को धन वान , जज ,मैनेजर ,वकील और आचार्य बना देता है । यदि किसी इंसान की कुण्डली में बृहस्पति ग्रह शुभ है तो उसका वैवाहिक जीवन सुखमय तथा समृद्ध हो जाता है ।और अच्छी संतान की प्राप्ति होती है। और ग्रह शुभ होने के कारण व्यक्ति को अच्छा जीवनसाथी मिलता है । अतः उस इनसान का विवाहित जीवन बहुत ही अच्छा होता है।गुरु ग्रह शुभ होने के कारण ही व्यक्ति उच्च व अच्छी शिक्षा प्राप्त कर पाता है।और इसी वजह से वह एक अच्छा ज्योतिष भी बन सकता है। जिस इंसान की कुंडली मे गुरु का अच्छा प्रभाव होता है वह बहुत ही बुद्धिमान होता है । उसकी बुद्धि तेज होती है। वह इस वजह से अपना कोई भी काम आसानी से पूरा कर लेता है । बड़ी से बड़ी समस्याएं भी आसानी से पार कर लेता है । इसी कारण से गुरु को ज्ञान का कारक कहा जाता है । ( आप पढ़ रहे हैं गुरु गोचर 2020-2021 | Guru Gochar 2020-2021 )


गुरु गोचर 2020-2021 (Jupiter transit 2020 to 2021) किस समय और कब होगा 

गुरु ग्रह 29 मार्च 2020 को शनि की राशि मकर मे गोचर करेगे और 30 जून 2020 को फिर से धनु राशि मे लौटेगे और इस धनु राशि मे 20 नवम्बर तक रहेगे । 20 नवम्बर 2020 को गुरु फिर से मकर राशि मे गोचर करेगे तथा 21 नवम्बर 2021 तक गुरु मकर राशि मे ही रहेगे । अब हम देखेगे की गुरु के राशि परिवर्तन का राशियो पर शुभ या अशुभ क्या असर पड़ेगा । ( आप पढ़ रहे हैं गुरु गोचर 2020-2021 | Guru Gochar 2020-2021 | Jupiter transit 2020 to 2021 )


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का मेष राशि पर क्या प्रभाव रहेगा 

गुरु गोचर 2020

जिन लोगो की राशि मेष है उन पर गुरु का आशीर्वाद और कृपा बनी रहेगी । उनका स्वास्थ्य बहुत ही अच्छा रहेगा तथा उनका मन संतुलित और शांत रहेगा । क्योंकि गुरु साल 2020 में मेष राशि के नवम और बारहवे  भाग का स्वामी होकर गोचर करेंगे । मार्च महीने में गुरु व्यवसाय में भाव में गोचर करेंगे जिससे आपका जो पुराना बिजनेस चल रहा होगा उसमें बढ़ावा होगा आपका बिजनेस दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करेगा और नए बिजनेस की भी संभावना है मतलब आपको नया व्यवसाय शुरू करने का भी मौका मिलेगा । और इस साल में मेष राशि वाले लोगों का जमीन से जुड़ा अधूरा कार्य है , वह पूरा हो जाएगा तथा और जो भी जमीन से जुड़े अन्य कार्य है उन्हें फायदा होगा और निवेश करने से बहुत ही ज्यादा लाभ होगा । हो सकता है आप नहीं जमीन खरीदे या फिर अन्य जो कार्यों से जुड़े हुए थे अभी तक नहीं हो पा रहे हैं वह इस साल के मध्य में पूर्ण होने का संयोग है । यदि मेष राशि का कोई व्यक्ति कोई नया घर बनाने या खरीदने का का सपना देख रहा है तो यह भी सच होगा । गुरु के इस  गोचर में वैवाहिक सुख शांति में वृद्धि होगी । कोई साथी आपके जीवन में आएगा इस टाइप का अकेलापन दूर होगा तथा आप खुश  रहेंगे । इस गोचर में आपका मन आध्यात्मिक कार्यों में लगेगा तथा आप किसी धार्मिक यात्रा पर भी जा सकते हैं । पढ़ने वालों के लिए इस गोचर का सकारात्मक प्रभाव रहेगा। आपकी मेहनत सफल होगी । आपकी इस  क्षेत्र से संबंधित सारी कामनाएं पूर्ण होंगी । और इस साल के आखिर में आपकी आर्थिक स्थिति बहुत ही अच्छी होगी जिससे कि धन की भी बहुत बचत होगी ।

साल 2020 में गुरु का मेष राशि पर कोई अशुभ प्रभाव नही हैं। 


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का लाभ प्राप्त करने तथा इसकी समस्याओं से बचने के उपाय

व्यक्ति को हर रोज अपने मस्तक पर केसर का तिलक अवश्य लगाना चाहिए तथा केले के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए ।  ( आप पढ़ रहे हैं गुरु गोचर 2020-2021 | Guru Gochar 2020-2021 | Jupiter transit 2020 to 2021 )


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का वृषभ राशि पर क्या प्रभाव रहेगा 

गुरु गोचर 2020

गुरु गोचर 2020-2021 (Jupiter transit 2020-2021) के अनुसार गुरु का बृषभ राशि में अष्टम तथा एकादश भाव में बहुत ही प्रभाव रहेगा। क्योंकि इस राशि में गुरु इन्हीं दोनों भावों का स्वामी रहेगा। और इस साल के शुरू में इस राशि में गुरु गोचर अष्टम भाव में ही रहेगा। पिछले साल में इस राशि के लोग कुछ रिसर्च कर रहे थे। इस साल में उनकी सारी मेहनत सफल होगी तथा रिसर्च में अच्छे परिणाम मिलेंगे। आपकी खोज, शोध अवश्य ही पूरे होंगे। जिससे आपको प्रसन्नता मिलेगी।आपका सुकून मिलेगा। तथा गुरु के प्रभाव से आप इस साल 2020 में कहीं विदेश यात्रा भी का सकते है। जोकि आपने बहुत पहले सपना देखा था वो इस साल सच होने का संयोग है। आपकी सारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा तथा आप आसानी से विदेश यात्रा कर सकते है।   

इस साल आपको अपने पिता की प्रॉपर्टी का लाभ प्राप्त होगा। हो सकता है कि आप के पिता आपको अपना बिजनेस संभालने को दे या प्रॉपर्टी आपके नाम कर दे। कुछ ऐसे संयोग बनेंगे की आपको अपने पिता से सम्पत्ति में लाभ जरूर होगा। 

आपको अपनी लापरवाही के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भुगतनी पड़ सकती है । आपके बीमार होने के संयोग हैं । आपको पेट और लिवर की समस्या हो सकती है । अतः आप अपनी सेहत का ख्याल रखे । तथा अपने खान पान का विशेष ध्यान रखें। साल के आखिर तक आपको आध्यात्मिक कार्यों में रुचि प्राप्त होगी तथा आप इसी कारण से किसी धार्मिक यात्रा पर भी का सकते हो।आपका ऐसे कार्यों में और धार्मिक यात्राओं में बहुत ही मन लगेगा। तथा यह साल आपके बिजनेस के लिए बहुत ही शुभ है । इस साल आपको ब्यावसाय में बहुत ही उन्नति प्राप्त होगी । आपका बिजनेस बहुत ही जल्दी ग्रोथ करेगा। लेकिन आप अपने काम में कोई लापरवाही ना करे । अपने प्रोजेक्ट समय पर पूर्ण करे । इस से आपको लाभ तथा नाम दोनों मिलेगा। आप  सभी लोगों के लिए प्रशंसनीय  हो जायेगे। आप इस साल के आखिरी महीनो में धन से सम्बन्धित समस्याओं में घिर सकते हैं। अतः इस मामले में आपको ज्यादा सावधान रहने की  जरूरत है। और आप इन महीनो में कोई भी धन का निवेश ना करे आपको इस में नुकसान होने के संयोग है। आपको अपने परिवार वालो का खास ध्यान रखना होगा हो सकता है आपकी इन लोगों से लड़ाई हो जाए । तो आपको सतर्क रहने की जरूरत है। तथा इस वजह से आपको मानसिक तनाव मिलने की संभावना है।


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का लाभ प्राप्त करने तथा इसकी समस्याओं से बचने के उपाय

व्यक्ति यदि इस वर्ष बृहस्पतिवार के दिन विद्यार्थियों को स्टेशनरी वितरित करे तो इन सभी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। पीपल के वृक्ष को जल चढ़ाने से भी इन समस्याओं से बचा का सकता है।  ( आप पढ़ रहे हैं गुरु गोचर 2020-2021 | Guru Gochar 2020-2021 | Jupiter transit 2020 to 2021 )


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का मिथुन राशि पर क्या प्रभाव रहेगा

गुरु गोचर 2020

गुरु गोचर 2020-2021 (Jupiter transit 2020-2021) के माध्यम से गुरु मिथुन राशि में सप्तम और दशम भाव के स्वामी है। तथा सप्तम भाव में मिथुन राशि पर गोचर का कोई भी अशुभ प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी प्रभाव पूर्णता अच्छे हैं। तथा आपका स्वास्थय बहुत ही अच्छा रहेगा। आप खुद को अच्छा महसूस करेंगे। इस साल आपका बरसों से रुका हुआ काम भी पूरा हो जाएगा । आपके सारे कार्य बिना किसी रुकावट के पूर्ण होंगे । 

यह गोचर 2020 आपके लिए बहुत ही शुभ है। इसमें आपको आर्थिक लाभ मिलने का संयोग है। इस वर्ष आपके  व्यापार में बहुत ही उन्नति होने वाली है । जिससे आपकी आर्थिक स्थिति बहुत ही अच्छी हो जाएगी। इस राशि के लोगों को नई नौकरी मिलने का अवसर है । तथा आपकी प्रोमोशन के लिए यह गोचर बहुत ही अच्छा है l आपका प्रमोशन होने का बहुत ही शुभ संयोग है। और इस वर्ष अचानक ही आपको अपने मित्रों से धन का लाभ होगा तथा बहुत से नए कार्यों में आपकी रूचि बढ़ेगी तथा आप सफलता प्राप्त कर पाएंगे। खासकर आपको किसी महिला मित्र से ही धन प्राप्त होगा। 

वैदिक ज्योतिष के अनुसार आपका वैवाहिक जीवन भी सुखमय रहेगा। तथा वैवाहिक जीवन से संबंधित सारी समस्याएं दूर रहेंगे। आपका तनाव कम होगा। परंतु 14 मई 2020 से गुरु आपकी कुंडली में शुभ नहीं है। इसका प्रभाव आपके वैवाहिक जीवन पर पड़ सकता है। कोई भी पुरानी वजह आपके वैवाहिक जिंदगी में समस्याएं ला सकती है तथा आपको मानसिक तनाव दे सकती हैं। और  सितंबर माह से आपके समस्याएं दूर होंगी तथा आपके स्थिति में सुधार होगा। इसी साल आपका मन किसी रिसर्च पर लगेगा। और आप इसमें बहुत ही आनंदित रहेंगे। तथा आप अपना सारा समय इसी कार्य में लगायेगे। शिक्षा के क्षेत्र में बहुत ही सावधान रहने की आवश्यकता है। आप किसी विषय में बदलाव भी कर  सकते हैं। आपके विदेश जाने के आसार दिख रही है । आप विदेश यात्रा कर सकते है परन्तु आपको यात्रा के समय बहुत ही सतर्क रहें क्युकी अचानक आप दुर्घटना के शिकार बन सकते हैं।  


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का लाभ प्राप्त करने तथा इसकी समस्याओं से बचने के उपाय

आपको सारी समस्याओं के निवारण के लिए शिव जी के सहस्त्र नाम  का  नियमित रूप से पाठ करना चाहिए। तथा गुरु के अशुभ समय से बचने के लिए बृहस्पति के दिन आपको व्रत रखना चाहिए। इससे आपके सारे दुखों का निवारण करना चाहिए । ( आप पढ़ रहे हैं गुरु गोचर 2020-2021 | Guru Gochar 2020-2021 | Jupiter transit 2020 to 2021 )


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का कर्क राशि पर क्या प्रभाव रहेगा 

गुरु गोचर 2020

इस गोचर 2020 में गुरु ग्रह कर्क राशि के छठेऔर नवम भाव के स्वामी हैं। तथा गुरु इस साल के शुरुआत में कर्क राशि के षष्टम भाव में गोचर करेंगे। गुरु गोचर 2020-2021 (Jupiter transit 2020-2021) के अनुसार आपके शरीर में जो भी सारी पुरानी परेशानियां थी, वह दूर हो जाएंगे तथा आपका स्वास्थ्य अच्छा हो जाएगा। परंतु इसके बीच आप किसी नई समस्या के या बीमारी के शिकार हो सकते हैं। यह गोचर आपको नई समस्या में डाल सकता है। अतः आप अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें तथा खाने-पीने में लापरवाही ना करें। आप ऐसी चीजें खाएं  जोकि स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद हो। आप अभी तक कर्ज से परेशान थे उस कर्ज  से आपको मुक्ति मिलेगी। तथा आप किसी व्यवसाय को शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं तो यह गोचर आपके बहुत ही मदद करेगा। तथा आपको आर्थिक स्थिति में लाभ प्रदान करेगा। और आप निवेश करने की सोच रहे हैं तो उसमें भी आपको आर्थिक मदद मिलेगी। 

वर्ष 2020 में हो सकता है आप किसी परिवार जन से लड़ाई हो जाने के कारण आप चिंतित रहें आप आप मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं। आप किसी लड़ाई झगड़े में अदालत के चक्कर लगा रहे हैं। तथा अब तक किसी वाद विवाद में फंसे हुए हैं तो वहां कुछ पैसा खर्च करें और वाद विवाद को सुलझाने की कोशिश करे । तथा आप अपना आपसी तालमेल भी बनानें की कोशिश करे । इस साल में हो सकता है आप और आपके पत्नी के बीच कुछ झगड़े हो जाए जिससे आप दोनों के बीच मतभेद उत्पन्न हो जाए। तो इस प्रकार की वैवाहिक जीवन से जुड़ी हुई समस्याओं से आपको सामना करना  पड़ सकता है। ऐसी समस्याएं आपके वैवाहिक जिंदगी में आ सकती हैं। अगर आप का विवाह अभी नहीं हुआ है तो तो यह गोचर आपके लिए बहुत ही लाभप्रद होगा। इस साल के अंतिम महीनों में आपको आपको अपने पसंद का जीवनसाथी मिलने के संयोग हैं। तथा उसी  जीवन साथी से आपका वैवाहिक जीवन बहुत ही आनन्द से बीतेगा । आपका वैवाहिक जीवन खुशियों से भरपूर और समृद्ध रहेगा। 


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का लाभ प्राप्त करने तथा इसकी समस्याओं से बचने के उपाय

गुरु गोचर का फल प्राप्त करने के लिए तथा आने वाली समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए इस राशि के व्यक्तियों को अपने गले में पीले रंग का पांच मुखी रुद्राक्ष पहनना चाहिए । और हर गुरुवार को नियमित रूप से वृत रहना चाहिए ।  ( आप पढ़ रहे हैं गुरु गोचर 2020-2021 | Guru Gochar 2020-2021 | Jupiter transit 2020 to 2021 )


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का सिंह राशि पर क्या प्रभाव रहेगा 

गुरु गोचर 2020

गुरु गोचर 2020-2021 (Jupiter transit 2020-2021)  अवगत कराता है कि सिंह राशि में गुरु गृह पंचम और अष्टम भाव का स्वामी है। इस साल की शुरुआत में गुरु पंचम भाव में ही गोचर करेंगे। यह समय आप सिंह राशि वाले व्यक्तियों के लिए बहुत ही अच्छा समय है। क्युकी आप इस समय जो भी काम करेगे उसमें आपको जल्द ही सफलता प्राप्त होगी। आपकी शिक्षा के लिए साल का शुरुआती समय बहुत ही शुभ है । सिर्फ आप डटकर मेहनत करे सफलता अापके कदम चूमेगी। आपको इस टाइम मनचाहा परिणाम मिलेगा। आपको शिक्षा और करियर के क्षेत्र का चुनाव करने में सीनियर्स की मदद मिलेगी। आप जो भी उम्मीद करेगे वह सब आपको प्राप्त होने के संयोग है। 

यदि आप विदेश जाकर पढ़ने  की  चाह रखते है तो यह इच्छा आपकी बहुत ही जल्दी पूर्ण होने वाली है। आपका  विदेश जाकर पड़ने का सपना पूरा होने में कोई भी विघ्न नहीं है। क्युकी आपके माता पिता से आपको धन का सहयोग मिलेगा।  आप आराम से विदेश में पढ़ सकते हैं। आपको साल के बीच में नौकरी नहीं छोड़नी चाहिए तथा ना ही कोई  नौकरी में कोई बदलाव करे अन्यथा आप जहां काम कर रहे थे हो सकता है वहां से भी आपको नौकरी से  निकाल  दिया जाए । तो आपको इस विषय पर ध्यान देने की आवश्कता है नहीं  तो आपको इस समस्या से जूझना पड़ सकता है । इस साल आपको किसी पुराने लड़ाई झगड़े की वजह से परेशानी हो सकती है । आपको इस वजह से मानसिक तनाव हो सकता है। अगर आपका कोई विरोधी , पुराना दुश्मन है तो इस से आपको बहुत ही सतर्क रहने की आवश्कता है। अन्यथा आप इस समस्या के शिकार हो सकते हैं । और आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है । अतः आप इस मामले में बहुत ही सावधान रहें। और गोचर 2020 में आपके घर में बहुत ही खुशी का माहौल रहेगा । आपकी जीवन साथी के साथ जो भी मतभेद थे वो दूर हो जायेगे और आप अपने जीवनसाथी के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर भी का सकतें हैं । आपको कर्ज के विषय में बहुत ही सतर्क रहें कि जरूरत है अतः कर्ज के लेन देन में बहुत ही सावधानी बरतें। अन्यथा इसमें आपको किसी भी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। 


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का लाभ प्राप्त करने तथा इसकी समस्याओं से बचने के उपाय

आपको इस गोचर में समस्याओं के समाधान के लिए भगवान शिव की पूजा अर्चना करने चाहिए । तथा भगवान को गेहूं अर्पित करने चाहिएं। और आपको  बृहस्पति के दिन ब्राह्मणों को भोजन इत्यादि करनान चाहिए । इस से भगवान शिव आपकी सारी समस्याओं का निवारण करेगे।  ( आप पढ़ रहे हैं गुरु गोचर 2020-2021 | Guru Gochar 2020-2021 | Jupiter transit 2020 to 2021 )


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का कन्या राशि पर क्या प्रभाव रहेगा

गुरु गोचर 2020

कन्या राशि में गुरु ग्रह चतुर्थ और सप्तम भाव के स्वामी हैं । साल के शुरुआती समय में चतुर्थ भाव में गोचर करेगे। साल  2020  का यह समय कन्या राशि वाले व्यक्तियों के लिए व्यापार का बहुत ही अच्छा समय है। आपका व्यापार बहुत ही उन्नति करेगा इस समय, आपको बिजनेस में निवेश करने से बहुत ही फायदा होने वाला है । अगर आप निवेश करना चाहते है तो यह सबसे उत्तम समय है । आपको बहुत ही लाभ होगा । सिर्फ आप अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करे और संयम से काम ले तथा अपने पार्टनर के साथ तालमेल बनाए रखे। आपका बिजनेस बहुत ही शानदार चलेगा । आप मेहनत करे आपको बहुत ही अच्छी सी नौकरी मिलेगी और आपकी सैलरी भी बहुत अच्छी होगी। आपको बस थोड़ी सी मेहनत करने की जरूरत है आपका आपकी नौकरी में  बहुत  ही जल्दी प्रोमोशन मिलने के संयोग है। आपकी मेहनत रंग लाएगी बस आप पीछे ना हटे । 

यदि आप इस वर्ष जमीन खरीदना चाहते है या जमीन से जुड़ा कोई निवेश करना चाहते है तो आपको इसमें बहुत ही लाभ होने वाला है। और इस गोचर में आपका अपना एक बड़ा सा घर लेने का सपना भी जरूर पूरा होगा । और आप किसी वाहन को लेने में रुपए खर्च कर सकते है। आपका वाहन में रुपया खर्च हो सकता है। अगर आपका किसी से लड़ाई झगड़ा हो गया था। तो आप उसे सुलझाने की कोशिश करें नाकी उसे और बढ़ाने की। यही आपके लिए अच्छा रहेगा । आप को खुद समझना होगा और दूसरो को भी समझाना है। वाद विवाद में सिर्फ नुकसान ही होता है । इस से दोनों पक्षों को नुकसान के अलावा कुछ भी हासिल नहीं होगा । जहां तक है आप तालमेल बनाए रखे यही बेहतर रहेगा। और   इस गोचर में आपके लिए एक खुशखबरी भी है कि आपका कोई बिछड़ा हुआ साथी , जो कभी रूठ कर बिछड़ गया हो वो आपकी जिंदगी में दुबारा लौट कर आएगा।  और आपके जीवन में फिर से खुशियां आयेगी। इस से आपको बहुत ही खुशी और प्यार मिलेगा । और  साल के अंत में आपकी शादी होने का बहुत ही शुभ संयोग है। आपके मनचाहे जीवन साथी से आपका विवाह होगा । जिससे आपको  बहुत  सारी  खुशियां और प्यार मिलेगा । आपका जीवन सुख और धन से भरा रहेगा । अगर आप कोई नया कार्य करना चाहते है जिसके लिए आपको रुपयों की जरूरत हो तो आपको कर्ज भी मिल सकता है। अगर आप कर्ज  लेने की सोच रहे है तो आपको इस बारे में कोई भी समस्या नहीं होगी । कोई भी व्यक्ति आसानी से आपको कर्ज देने के लिए तैयार हो जाएगा।  और आप का काम पूरा होने में कोई अड़चन नहीं आयेगी। तथा इस साल के अंतिम महीनों में आपको संतान की प्राप्ति भी होगी। आपके घर में खुशियां ही खुशियां आयेगी। इस तरह आपके लिए यह  गोचर 2020  बहुत ही शुभ रहेगा । 


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का लाभ प्राप्त करने तथा इसकी समस्याओं से बचने के उपाय

आप रोज गुरुवार के दिन अपने गले में सोने की चैन धारण करे । तथा भगवान विष्णु को बेसन का हलवे का भोग लगावे। तथा सभी लोगो को प्रसाद बांटने के बाद अपने आप भी खाएं। भगवान विष्णु आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी करेगे।  ( आप पढ़ रहे हैं गुरु गोचर 2020-2021 | Guru Gochar 2020-2021 | Jupiter transit 2020 to 2021 )


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का तुला राशि पर प्रभाव रहेगा 

गुरु गोचर 2020

तुला राशि में गुरु ग्रह तृतीय तथा षष्टम भाव के स्वामी है तथा साल के प्रारंभिक महीनों में तृतीय भाव में गोचर करेंगे। यह गोचर 2020 इस राशि के लिए बहुत ही शुभ है। इसके अनुसार इस राशि वाले व्यक्तियों का वैवाहिक जीवन बहुत ही आनंदमय रहेगा । तथा उनके लिए यह गोचर अमृत के समान काम करेगा। और उनके जीवन साथी को कोई भी बड़ी उपलब्धि प्राप्त हो सकती  है । आपके  घर, परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा । तथा आप लोग ऐसे ही हंसते मुस्कुराते रहेंगे। आपके परिवारिक सुख में बहुत ही वृद्धि होगी। अगर आप किसी खेल में रुचि रखते है तो यह गोचर आपके लिए बहुत ही अच्छा है क्युकी आप इस गोचर में मेहनत करके अपने खेल के क्षेत्र में सफल हो सकते हैं । आप अपना कौशल दिखा के खेल के क्षेत्र में बहुत ही उनके स्तर तक जा सकते है। आपको इस काम में कोई भी अड़चन नहीं होगी। आप खुद को प्रसिद्ध के सकते है । 

आपको इस गोचर में बिजनेस से संबंधित कोई समस्या का सामना करना पड़ सकता है। व्यवसाय में आपको चुनौतियों से लड़ना पड़ेगा। आप अगर इसमें धीरज रखेगे तो आपकी यह समस्याएं भी समाप्त हो जाएगी । बस आप  धैर्य से अपना काम करते रहे। धीरे धीरे आपको तरक्की के नए रास्ते मिलेगे। आपकी इस साल के बीच में आर्थिक स्तिथि अच्छी हो जाने के कारण आप कोई भी महंगी और सुन्दर सी वस्तु खरीद सकते है ।  आपकी संतान आपको दुख पहुंचा सकती है। जोकि आपके मानसिक तनाव का कारण बनेगा। आपकी संतान आपको किसी भी बात पर दुखी के सकती है। यह समय आपके लिए कष्टदाई रहेगा। अतः आपको लापरवाही बरतने से बचना चाहिए। आपको इस साल के सितंबर के महीने में धार्मिक यात्रा करने में आपको रुचि बढ़ेगी। और आप आध्यात्मिक कार्यों की ओर रुझान लेंगे। आपका आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा। आपको इस से बहुत ही खशी और आनंद की प्राप्ति होगी। आपको नौकरी के फिल्ड में बहुत ही उन्नति मिलेगी । आपका बहुत ही जल्दी प्रमोशन होने के बहुत ही शुभ अवसर हैं। आपको बहुत ही तरक्की मिलेगी।  बस आप मेहनत से लगे रहें। अगर आप अपने किसी सीनियर से किसी भी तरह का मतभेद ना रखे। आपके लिए यही अच्छा होगा । तभी आप सफल हो पाओगे। 


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का लाभ प्राप्त करने तथा इसकी समस्याओं से बचने के उपाय

आपको गुरुवार के दिन पढ़ने वाले बच्चों को पढ़ने का  सामग्री दान करना चाहिए तथा प्रत्येक गुरुवार को मंदिर में चने की दाल चढ़ानी चाहिए। आप इस तरह इस गोचर का शुभ प्रभाव पा सकते हैं।  ( आप पढ़ रहे हैं गुरु गोचर 2020-2021 | Guru Gochar 2020-2021 | Jupiter transit 2020 to 2021 )


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का वृश्चिक राशि पर प्रभाव रहेगा 

गुरु गोचर 2020

इस राशि में गुरु ग्रह द्वितीय और पंचम भाव का स्वामी है। साल के प्रारंभ में राशि के दूसरे भाव में गोचर करेगा। इस गोचर में  सभी आर्थिक  कार्य पूरे होंगे । आर्थिक कार्यों के लिए यह गोचर बहुत ही शुभ है। आपके धन से जुड़े सारे कार्य पूर्ण होंगे। आप एक अच्छे सलहकर बन सकते हैं आपकी वाणी अमृत के समान हो जाएगी । लोगों को आपकी सलाह बहुत पसंद आयेगी ।  सभी लोग आपसे बहुत ही संतुष्ट रहेंगे । कोई भी आपकी सलाह के विरूद्ध काम नहीं करेगा। परन्तु आप कोई ऐसा वादा ना करे किसी से जो आप पूरा ना कर  सके ।  इस गोचर का आपके बिजनेस में बहुत ही अच्छा प्रभाव रहेगा। आपको इस समय व्यवसाय में बहुत ही लाभ मिलेगा। यह समय आपके लिए सुनहरा अवसर है व्यवसाय करने के लिए । परन्तु साल के मध्य में व्यवसाय करने की कोशिश ना करे नाहिं इसमें निवेश करने की कोशिश करे । इस साल के मध्य में किसी नए प्रोजेक्ट का मौका मिलेगा और आप इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने से आपको बहुत ही प्रंशसा मिलेगी। तथा आपको आगे बढ़ने का मौका भी मिलेगा। आप इस से बहुत ही तरक्की प्राप्त कर सकते हैं । आपको परिवार वालों से कुछ मतभेद हो सकता है तो आपको उनसे कुछ दिनों के लिए दूरी बना के रखना चाहिए । अगर आप कुछ समय के लिए दूरी बनाए रखे तो आपको इस समस्या का समाधान मिल जाएगा । यही आपके लिए बेहतर रहेगा । आपकी सारी समस्याएं गुरु की कृपा से दूर हो जाएगी। आपका वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा । आपका जीवनसाथी आपके वैवाहिक जीवन में खुशियां लाएगा। जिस से आपका जीवन आनंदमय हो जाएगा । और आपका आपसी प्यार भी बड़ेगा। आपको संतान की प्राप्ति हो सकती है । जिस से आपके परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा । आपके लिए यह गोचर बहुत ही शुभ रहेगा। 


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का लाभ प्राप्त करने तथा इसकी समस्याओं से बचने के उपाय

इसके प्रभाव से बचने के लिए भूरे रंग की गाय को आटे की लोई में गुड़ भरकर हल्दी का टीका लगाकर खिलाना चाहिए तथा घर के बुजुर्गों का बहुत आदर सम्मान करना चाहिए ।  ( आप पढ़ रहे हैं गुरु गोचर 2020-2021 | Guru Gochar 2020-2021 | Jupiter transit 2020 to 2021 )


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का धनु राशि पर क्या प्रभाव रहेगा 

गुरु गोचर 2020

इस राशि पर गुरु का अच्छा परिणाम ही होता है क्योंकि गुरु गृह स्वयं इस धनु राशि का स्वामी है । इसके साथ गुरु आपकी राशि में स्थित चतुर्थ भाव के भी स्वामी है । इस साल गुरु का गोचर भी आपकी राशि धनु में ही रहेगा । इसलिए यह समय व्यक्ति के लिए बहुत ही अच्छा रहेगा । यदि व्यक्ति इस समय शिक्षा , ज्ञान , आध्यात्मिक और धर्म में ज्यादा लगाव बनाकर रखेगा तो यह गुरु आपको उत्तम फल देगा । यह गुरु आपको अपनी सेहत ठीक रखने में भी आपकी सहायता करेगा लेकिन गुरु गृह मार्च के अंत में आपकी राशि धनु से दूसरे भाव में गोचर करेगा । जिससे आपकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आयगा और आपकी वाणी भी प्रभावशाली बनी रहेगी । अगर अभी तक व्यक्ति का कोई काम रुका हुआ था या शिक्षा के किसी छेत्र में रुकावट आ रहीं थीं तो इस गोचर के दौरान व्यक्ति की सारी रुकावटें दूर हो जाएंगी और सारे काम भी सुचारू रूप से चलना आरंभ हो जाएंगे । इस गोचर के दौरान धनु राशि के जातक अपने मनचाहे साथी से प्रेम विवाह करने में सफल होंगे । परंतु इस राशि के जातकों के लिए नई नौकरी पाने का समय उत्तम नहीं होगा । व्यक्ति को ऐसे समय में किसी भी काम को बड़ा सोंच समझ कर करना चाहिए । यदि किसी दूसरे व्यक्ति से धन लेना है तो आपको अपनी वाणी में मधुरता लानी होगी तभी आप उससे अपना धन ले पाओगे । व्यक्ति ऐसे समय में कर्ज के मामले में बहुत ही सोच समझ के कदम उठाय । 


गुरु गोचर 2020-2021 (Jupiter transit 2020-2021) का लाभ प्राप्त करने तथा इसकी समस्याओं से बचने के उपाय

ऐसे समय में व्यक्ति अनुकूल परिणाम प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से पुखराज रत्न धारण करना चाहिए । आप इस रत्न को सोने की मुद्रिका यानि कि अंगूठी में बृहस्पतिवार के दिन दोपहर में 12 से 1 बजे के बीच अपनी अनामिका उंगली में धारण कर सकते हैं ।  ( आप पढ़ रहे हैं गुरु गोचर 2020-2021 | Guru Gochar 2020-2021 | Jupiter transit 2020 to 2021 )


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का मकर राशि पर क्या प्रभाव रहेगा 

गुरु गोचर 2020

गुरु ग्रह आपकी राशि मकर से बारहवें और तृतीय भाव का स्वामी हो कर साल की शुरुआत में मकर राशि से बारहवें भाव में गोचर कर रहा है । यह गोचर आपके लिए विदेश यात्रा से लाभ के योग बना रहा है । ऐसे में व्यक्ति की धार्मिक यात्राओं में भी रुचि बनी रहेगी । इस साल गोचर के दौरान एक नया साथी आपके जीवन में आयेगा जो भावनात्मक रुप से आपके साथ जुड़ जाएगा । इस वर्ष मार्च के अंत में गुरु का गोचर आपकी राशि मकर में ही होने से आपका लगाव ज्ञान और शिक्षा से जुड़े कार्यों में अधिक बढ़ जाएगा  जिससे आपकी एक नई पहचान बनेगी और समाज में आपको मान-सम्मान पहले की अपेक्षा अधिक मिलने लगेगा । इस वर्ष व्यवसाय के लिए साल के बीच का समय उत्तम नही है । गुरु गोचर 2020-2021 (Jupiter transit 2020-2021) में ये भी वर्णित है कि किसी तरह के निवेश के बारे में न सोचें और यदि साझेदार से मतभेद हो जाता है तो आपके अपने कार्यों में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है । गुरु के वक्री होने के कारण से आपके वैवाहिक जीवन में भी मतभेद हो सकता है । इसलिए आपको बहुत ही समझदारी से अपने गृहस्थ जीवन का ध्यान रखना होगा । वर्ष के अंत में अपने किसी पुराने मित्र से सावधान रहें । पैसे के लेन देन की वज़ह से विवाद हो सकता है । जिससे पुरानी दोस्ती भी समाप्त हो सकती है ।


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का लाभ प्राप्त करने तथा इसकी समस्याओं से बचने के उपाय

यदि आप देव गुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त करना चाहते हो तो आपको पीपल के वृक्ष की जड़ को धारण करना होगा । आप इस जड़ को पीले रंग के कपड़े अथवा धागे में सिल कर बाज़ू अथवा गले में पहन सकते हैं ।  ( आप पढ़ रहे हैं गुरु गोचर 2020-2021 | Guru Gochar 2020-2021 | Jupiter transit 2020 to 2021 )


यदि आप अपने जीवन से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान चाहते हैं तो हमारे ज्योतिषी आचार्य से परामर्श लें । 


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का कुंभ राशि पर क्या प्रभाव रहेगा 

गुरु गोचर 2020

गुरु इस वर्ष आपकी राशि कुंभ से एकादश और द्वितीय भाव के स्वामी हैं और वर्ष के शुरुआत में आय भाव यानि एकादश भाव में ही गोचर कर रहे हैं । इसलिए व्यक्ति को गोचर के दौरान धन का लाभ होगा और आपके कई सालों से रुके काम बनेंगे । आपको नये मित्रों का साथ मिलेगा जिससे आप उनके साथ अपना कुछ समय बिताने के लिए  बाहर घूमने भी जायेंगे । गुरु गोचर 2020-2021 (Jupiter transit 2020-2021) के माध्यम से मार्च के अंत में यही गुरु आपकी राशि कुंभ से बारहवें भाव में गोचर करेगा और इस दौरान आपको किसी विदेश यात्रा पर जाने का भी अवसर प्राप्त होगा । यदि धन से जुड़ा कोई विवाद तक चल रहा था तो उससे भी इस समय आपको छुटकारा मिलेगा । व्यक्ति के लिए यह समय ज़मीन में निवेश करने के लिए उत्तम है और किसी पुराने निवेश से भी लाभ मिल सकता है । इस वर्ष के अंत में अचानक किसी दुर्घटना होने के संकेत मिल रहे हैं इसलिए वाहन बहुत ही सावधानी से चलायें अन्यथा आप किसी दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं । यदि व्यक्ति ऐसे के नौकरी बदलने की सोच रहा है तो वह ऐसे में अपनी नौकरी छोड़कर दूसरी नौकरी की तलाश में ना जाए क्योंकि यह समय दूसरी नौकरी के लिए अच्छा नहीं है । इसलिए जहां कार्य कर रहे हैं , वही करते रहें । यदि आपको नौकरी पाने का कोई नया अवसर मिल भी रहा है तो सितम्बर के बाद ही शुरुआत करें ।


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का लाभ प्राप्त करने तथा इसकी समस्याओं से बचने के उपाय

ऐसे में व्यक्ति को हर बृहस्पतिवार को पीपल के वृक्ष को छुए बिना जल चढ़ाना चाहिए तथा संभव हो तो पीले चावल बना कर माता सरस्वती को भोग भी लगाएं ।  ( आप पढ़ रहे हैं गुरु गोचर 2020-2021 | Guru Gochar 2020-2021 | Jupiter transit 2020 to 2021 )


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का मीन राशि पर क्या प्रभाव रहेगा

गुरु गोचर 2020

गुरु ग्रह आपकी राशि मीन और आपकी राशि मीन से दशम भाव के स्वामी हैं और इस साल की शुरुआत में गुरु ग्रह आपकी राशि मीन से दशम भाव में ही गोचर कर रहा है । यह गुरु आपको आपके सभी कार्यों में सफलता प्राप्त करने में आपकी मदद करेगा आपको अपने कार्य क्षेत्र में नई पहचान बनाने में भी आपकी मदद करेगा । नये व्यापार को सुरु करने के लिए यह गोचर बेहतर रहेगा और किसी नये प्रोजेक्ट के मिलने से आप व्यस्त भी हो जायेंगे । इस वर्ष के अंत में यही गुरु का गोचर मकर राशि में यानि आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में होगा । इस गोचर के दौरान आपकी आर्थिक स्थिति और धन लाभ में भी बदलाव आएगा जिसके लिए यह समय उत्तम रहेगा । आपके मित्र आपका हर समय सहयोग करने के लिए तैयार रहेंगे । आपको अपनी  संतान पक्ष से भी खुशख़बरी मिल सकती है , जिससे आप अति प्रसन्न हो जाएंगे । यदि आप नौकरी में मनचाही जगह पर तबादला चाहते है तो वह भी इस गोचर के दौरान आपके सीनियर की मदद से मिलेगा । आपके वैवाहिक जीवन में वर्ष के मध्य में किसी तीसरे व्यक्ति के आने से या किसी पुराने मतभेद की वज़ह से आपसी तनाव हो सकता है इसलिए आपको बहुत ही सूझ – बूझ से चलना होगा तो बात अधिक नही बिगड़ेगी । इस वर्ष 2020 में गुरु गोचर 2020-2021 (Jupiter transit 2020-2021) के ये सब प्रभाव मीन राशि पर पड़ेगे ।


गुरु गोचर 2020 (गुरु गोचर 2020-2021 | Jupiter transit 2020-2021) का लाभ प्राप्त करने तथा इसकी समस्याओं से बचने के उपाय

यदि आप गुरु के बुरे प्रभाव से बचना चाहते हैं तो आप हर रोज बृहस्पतिवार के दिन बृहस्पति के गायत्री  मंत्र का जाप करें और ऐसे समय में व्यक्ति को पीले और क्रीम रंग के कपड़े पहनने चाहिए ।( आप पढ़ रहे हैं गुरु गोचर 2020-2021 | Guru Gochar 2020-2021 | Jupiter transit 2020 to 2021 )


मैं आशा करता हूँ की इस साल होने वाला गुरु गोचर 2020 | Guru Gochar 2020 आपके जीवन को खुशहालियों से भर दे और आपको हर छेत्र मे सफलता प्रदान कराए।